My sex diary
चूत और लंड की आवाज से माहौल सेक्सी होता जा रहा था.
कमरे में फच्च फच्च की आवाज गूंज रही थी.
स्नेहा की सेक्सी कामुक सिसकारियां सुनकर मुझे भी जोश चढ़ने लगा और मैं पूरी ताकत से लंड को उसकी चूत के अन्दर बाहर करने लगा.
तभी स्नेहा अकड़ने लगी और बोली- और जोर से बेबी … और दम लगाओ.
मैं बोला- चोद तो रहा हूँ भोसड़ी की … ले और ले रंडी.
उसे गाली सुनकर और जोश चढ़ने लगा. वो कहने लगी- आह बेबी फाड़ दो मेरी चूत को … आह आज इसका भोसड़ा बना दो.
मैं भी बोला- ले रंडी … ले तेरी मां की चूत मारूं … और ले साली.
मैंने लंड को उसकी जड़ तक पेल दिया. हम दोनों गाली देकर चुदाई करने लगे.
तभी स्नेहा का शरीर ऐंठने लगा और वो मेरी पीठ को अपने नाखूनों से नोंचने लगी.
वो कराहती हुई बोली- और तेज चोद भोसड़ी के … बस मेरा होने वाला है … आआह उफ्फ्फ.
वो स्खलन के वक्त जैसी आवाजें निकालने लगी और थरथराहट के साथ झड़ने लगी.
मुझे मेरे लंड पर पानी की बौछारें महसूस होने लगीं.
स्नेहा झड़ चुकी थी, मग़र मेरा अभी लंड झड़ना बाकी था क्योंकि मैं गोली खा चुका था.
मैंने कुछ पल रुक कर उसे डॉगी स्टाइल में किया और पीछे से उसकी चूत में लंड पेल दिया.
मैं उसे चोदता रहा.
इस तरह से मैंने उसे पूरे 25 मिनट तक चोदा; इस दरम्यान वो 3 बार डिस्चार्ज हो चुकी थी.
अंत में मैंने अपना वीर्य उसकी चूत में ही डाल दिया और हम दोनों चिपक कर अपनी सांसें नियंत्रित करने लगे.
उस पूरी रात में हम दोनों ने 5 बार चुदाई की. मैंने स्नेहा की 2 बार गांड भी मारी.
फिर अगले छह दिनों तक मैंने स्नेहा की बुर का मलीदा बना दिया; वो मेरे लंड की रंडी बन गई थी.
इसी दौरान मैंने उसे बता भी दिया था कि मैंने तुझे पटा कर चोदने की शर्त लगाई थी.
ये सुनकर वो बहुत हंसी और मेरे लंड को चूम कर बोली- चलो तुम्हारे दोस्त से पार्टी लेते हैं.
मैंने तुरंत फोन लगा कर अपने उस दोस्त के सामने स्नेहा की बात कराई और अपनी शर्त जीतने की पार्टी पक्की कर ली.
कमरे में फच्च फच्च की आवाज गूंज रही थी.
स्नेहा की सेक्सी कामुक सिसकारियां सुनकर मुझे भी जोश चढ़ने लगा और मैं पूरी ताकत से लंड को उसकी चूत के अन्दर बाहर करने लगा.
तभी स्नेहा अकड़ने लगी और बोली- और जोर से बेबी … और दम लगाओ.
मैं बोला- चोद तो रहा हूँ भोसड़ी की … ले और ले रंडी.
उसे गाली सुनकर और जोश चढ़ने लगा. वो कहने लगी- आह बेबी फाड़ दो मेरी चूत को … आह आज इसका भोसड़ा बना दो.
मैं भी बोला- ले रंडी … ले तेरी मां की चूत मारूं … और ले साली.
मैंने लंड को उसकी जड़ तक पेल दिया. हम दोनों गाली देकर चुदाई करने लगे.
तभी स्नेहा का शरीर ऐंठने लगा और वो मेरी पीठ को अपने नाखूनों से नोंचने लगी.
वो कराहती हुई बोली- और तेज चोद भोसड़ी के … बस मेरा होने वाला है … आआह उफ्फ्फ.
वो स्खलन के वक्त जैसी आवाजें निकालने लगी और थरथराहट के साथ झड़ने लगी.
मुझे मेरे लंड पर पानी की बौछारें महसूस होने लगीं.
स्नेहा झड़ चुकी थी, मग़र मेरा अभी लंड झड़ना बाकी था क्योंकि मैं गोली खा चुका था.
मैंने कुछ पल रुक कर उसे डॉगी स्टाइल में किया और पीछे से उसकी चूत में लंड पेल दिया.
मैं उसे चोदता रहा.
इस तरह से मैंने उसे पूरे 25 मिनट तक चोदा; इस दरम्यान वो 3 बार डिस्चार्ज हो चुकी थी.
अंत में मैंने अपना वीर्य उसकी चूत में ही डाल दिया और हम दोनों चिपक कर अपनी सांसें नियंत्रित करने लगे.
उस पूरी रात में हम दोनों ने 5 बार चुदाई की. मैंने स्नेहा की 2 बार गांड भी मारी.
फिर अगले छह दिनों तक मैंने स्नेहा की बुर का मलीदा बना दिया; वो मेरे लंड की रंडी बन गई थी.
इसी दौरान मैंने उसे बता भी दिया था कि मैंने तुझे पटा कर चोदने की शर्त लगाई थी.
ये सुनकर वो बहुत हंसी और मेरे लंड को चूम कर बोली- चलो तुम्हारे दोस्त से पार्टी लेते हैं.
मैंने तुरंत फोन लगा कर अपने उस दोस्त के सामने स्नेहा की बात कराई और अपनी शर्त जीतने की पार्टी पक्की कर ली.
3年前