My gay sex story in Hindi
एक शाम भ्राता श्री और अमन के साथ
भ्राता श्री द्वारा भेजी गई कहानी पढ़ते हुए इतना आनंद आने लगा था, कि अब मैं उनकी हर कहानी को नंगा हो कर पढ़ता था और उसका विडीओ उनको भेज दिया करता।लेकिन इस बार उनकी अमन चौधरी की कहानी की कुछ बात ही और थी, एक गभरू और बिंदास नौजवान और भ्राता श्री की उसके लम्बे चौड़े औज़ार और हसीन गाँड़ के उपभोग की कल्पना से मेरे मन भी उससे मिलने की बलवती आकांक्षा जग गई थी। फिर इस बार उसकी फ़ोटो के साथ कहानी तनमन में आग लगा रही थी।
तभी एक कॉन्फ़्रेन्स में उनके शहर जाने का सौभाग्य साथ लगा और अमन के मज़े करने का आमंत्रण, शायद मेरे विडीओ को अमन को भी दिखा दिया था, उसकी सहमति लेली थी। अब थ्रीसम मज़े के चान्स से मेरे मन में लड्डू फूट रहे थे। अभी समय था तो मैंने इस बार भ्राता श्री की पसंद झाँटे रखने का मन बनाया, वैसे मैं सफ़ाचट्ट रखता हूँ। फिर वह दिन भी आगया जब मैं उनके शहर मैसुरु पहुँच गया और पहुँचते ही आने की ख़बर पीच वाली इमोजी के साथ भेज दी।तुरंत ही उनका मैसेज आया बाहें फैलाये हुये उनका अवतार और शाम को आने की सूचना।
मेरे पास अभी गेस्ट हाउस मे आराम करने और नहा धोकर तैयार होने केलिए पर्याप्त समय था। फिर दूसरा संदेश मिला कि अमन भी साथ आना चाहता है, फिर तो मेरे मन की पूरी होने के पूरे चान्स हो गए, तो मैंने उन दोनों को गेस्ट हाउस मे ही डिनर करने को कहदिया, जिससे काफी समय का साथ रहे। गेस्ट हाउस का केयरटेकर नागराज तब तक चाय ले आया था, उसे तीन डिनर के लिए बोलदिया।
शाम को 6 बजे भ्राता श्री की कार गेस्ट हाउस के सामने रुकी और उनके साथ एक चिकना सा लड़का हल्की-२ मुंछे, सुनहरे दाढ़ी के बाल, पर चेहरे पर मासूम लौंडा अमन चौधरी था जिसने काली जींस पर पीली शर्ट वही मासुमियत ओढ़े जिसका कहानी मे जिक्र भ्राता श्री ने किया था गाड़ी से उतरते हुये बोला हेलो अंकल। मैंने भी भ्राता श्री के गले मिलते हुये उसे हाय कहा। भ्राता श्री ने मुझे बाहुपाश में भरते हुये मेरे गोल और पहले से बड़े नितंबों का प्राथमिक जायजा लिया और थपथपाया। फिर मैंने अमन को गले लगाया और उसकी आंखो मे आंखे डालकर देखा, जहां एक अलग तरह की खुमारी सी थी।
अब हम अपने कमरे में आगए, अमन और मुझे भ्राता श्री ने ज़ोर से चूमा। बोले अरे अनुज आनलाइन चुदवाते चुदवाते गाँड़ बड़ी मस्त कर ली है, जब भी फ़ोटो देखता हूँ, प्रीकम टपकने लगता है।
भाई सब आपकी कृपा है , आप की कहानी पढ़ के मेरा भी यही हाल हो जाता है। क्यों अमन! अंकल जी मस्त करते हैं, तुम्हारा क्या ख़याल है, अरे तेरा लण्ड तो खड़ा हो गया बच्चा।
अमन मेरे इस अन्दाज़ से शर्म से लाल हो गया, बोला अंकल आप का xहैम्स्टर पर देखा विडीओ याद आगया। अरे वाह रेगुलर देखते हो, मस्त साईट है। इसी वार्ता के साथ भ्राता श्री का हाथ मेरे नितंबो पर फिर रहा था और वह अमन के उभार को देखे जा रहे थे। तब तक डोर बेल बजी और नागराज चाय ले आया था, बोला मैंने सर को आते देखलिया था और मैं चाय ले आया। मैंने कहा थैंक्यू नागराज, बहुत अच्छा।डिनर के लिए मेस में 9 तक हम लोग ख़ुद आ जाएँगे।
उसके जाते ही भ्राता श्री ने अमन को आँख मारी, बेटा! अंकल भी ज़ोआलोजी एक्स्पर्ट हैं, और अपना शर्ट उतारने लगे, अमन की आँखों में चमक आगई और वह एक झटके में अपनी शर्ट, जींस उतार कर उनके पास आगया। यह देख कर मैं नूडिस्ट कब पीछे रहने वाला, पूरी तरह वस्त्र विहीन होगया। मेरी चिकनी गाँड़ और बूब्ज़ को देख कर उन दोनो ने अपने अंडर वियर उतार दिए।
भ्राता श्री ने मुझे अपनी ओर खिंच कर पारखी नज़र एक एक पार्ट पर डाली और छोटी छोटी झाँटे जो क़रीब 15 दिन से उगाई गईं थी पर हाथ फिराते बोले देखो अनुज मैं सही कहता था इनसे लण्ड की सुंदरता बढ़ जाती है और तुम्हारा 13x2.5 cm का होने पर भी अट्रैक्टिव लग रहा है, और मुझे चूम लिया। इस बीच मेरी गाँड़ अमन की ओर थी और उसका 16x3cm का एक दम टनटनाया लण्ड घुसने को बेताब हो रहा था। भ्राता श्री ने उसे खींचा और एक हल्की चपत उसके नितम्बों पर देते कहा अंकल की गाँड़ पर मेरा पहला हक़ है और तेरा मेरी पर । अगर इनकी तू पहले मार लेगा तो मुझे मज़ा नहीं आएगा।मैं उनकी इस युक्ति से प्रभावित हुआ और ख़ुश भी क्योंकि क्रमिक लम्बाई और मोटाई बढ़ते दो लण्ड मेरी हसीन गाँड़ में घुसने वाले थे.
भ्राता श्री के लण्ड को अमन ने पकड़ कर चूसना प्रारम्भ कर दिया बिल्कुल सॉफ़्टी आइस क्रीम को चाटने वाले अन्दाज़ में और उसका साइज़ 14x2.5 सेमी अपने 90 से 110 डिग्री एंगल पर आ गया। अमन का लण्ड पहले से तना था उससे प्रीकम लगभग टपकने वाला था, मेरे मुँह पर लहरा रहा था। मुझे ओरल ख़ास पसंद नहीं है, फिर भी अपनी ज़बान से सॉफ़्ट और शिशनमुण्ड पर प्रीकम के खारे स्वाद को लेतेहुए, चूसना प्रारम्भ किया।प्रीकम का p H क्षारीय (10) होता है, चूत के ऐसिड (p H 3-4) को सामान्य (7 के पास) लाने के लिए, लेकिन गाँड़ में जलन कर सकता है, इस लिए चूसने से कड़ापन लाने के साथ साथ गीला करने में भी मदद मिलती है।
भ्राता श्री का लण्ड अब पूरी तरह तैयार था और मेरी गाँड़ भी उसे अपने में लेने को मचल रही थी, मैं नितम्ब उछालने लगा। भ्राता श्री मुझे कामतिरेक से मचलता पाकर, उठाके बेड पर गिरा दिया और अपने लण्ड और मेरी गाँड़ पर क्रीम लगाने लगे। मुझे पीठ के बल लिटा कर टाँगे ऊपर उठाकर अपने लण्ड का टोपा छेंद पर सेट कर एक धक्का दिया।
लण्ड सीधा फचाक से पूरा अंदर था। मैं इसके लिए तैयार ही था और पहले के अनुभव से पता था मेरी गाँड़ लण्ड खाने में किसी चूत से कम नहीं। फिर दो साल पहले की मोटी टेस्ट ट्यूब फ़सने वाली दुर्घटना से एक फ़ायदा भी हुआ था कि उसने 7 दिन तक लगातार बट्टप्लग से फैलाने वाली लचक प्रदान कर दी है , इससे 20-24 cm और 3.5 cm मोटा मुस्तंड लण्ड भी बिना ख़ून निकाले ऐडजस्ट हो जाता है।
अब भ्राता श्री ताबड़तोड़ धक्के मारे जारहे थे और मैं जन्नत की सैर कर रहा था, मेरे मुँह से वाह भ्राता श्री! गिव में मोर, वाउ, ओ ला ला, और ज़ोर से चोदो की आवाज़ें निकल रही थी।
उधर अमन अपना रगड़ रहा था क्रीम लगा कर, क़रीब 5 min बाद भ्राता श्री ने कहा अमन मेरी गाँड़ में डाल, और मुझे चोदते हुए डॉगमुद्रा में आगये। मैंने उनकी गाँड़ पर दो उँगलियों से क्रीम भर दी। अमन ने अपना लौंडा उनके नितम्बों में फाँस कर धक्का दे दिया। एक आह के साथ भ्राता श्री बीच में सैंडविच बन गए। अब उनको डबल मज़ा आ रहा था। अब मेरे न चाहते हुए भी उनका चरमोत्कर्ष दो मिनट बाद आगया और उनका गर्म गर्म लावा मेरी गाँड़ में भर गया। लण्ड जल्दी ही फिसल कर बाहर आगया। उधर अमन धक्के लगाये जा रहाथा, उनकी पोज़ीशन बदल करके.
लेकिन जल्दी ही उसे चरमआनंद, शारीरिक और कामुक माहौल साथ होने से आगया और उसके लण्ड ने भी लावा भ्राता श्री की गाँड़ में भर दिया। लेकिन नौजवानी का असर, उसका स्खलन के बाद भी 12x2.5 का बाहर आकर फिर से अपने 16-17x3.5 के रूप में फ़नफ़ना उठा।
भ्राता श्री हाँफ रहे थे और बिस्तर पर आराम से लेटकर मेरा और अमन का विडीओ बनाने लगे। अब अमन ने मेरे नितम्ब पकड़ कर मुझे डागी बनाया, मेरा लण्ड एक हाथ से रगड़ते हुए अपने लण्ड को मेरी पहले से थोड़ी फैली गाँड़ में पेल दिया।
इस बार कुछ दर्द का पहले अहसास हुआ, फिर थोड़ी और क्रीम से अजस्ट्मेंट सही होगया और सटासट ऊ आ आ, वाउ, फ़नटास्टिक, फ़च, फ़च की आवाज़ें आने लगीं।
अमन भी वाह, अनुज अंकल बड़ा मज़ा आ रहा है करते लगभग 7 min तक चूदाई की, इस बार उसका निकल नहीं रहा था क्योंकि ठीक पहले भ्राता श्री को भर चुका था।
आख़िर वह पल भी आ ही गया और उसका माल भी मेरी हसीन गाँड़ पी के निहाल हो गई।
इस सब के बीच मेरे लण्ड ने भी भी चार बार तक चरमोत्कर्ष की अनुभूति से लावा उगला, जिससे तौलिए ने सोखा। भ्राता श्री की विदेओग्राफ़ी भी पूरी होगई। इस थ्री सम के बाद, भ्राता श्री का फिर से खड़ा हो गया और अमन की टाइट गाँड़ का सदुपयोग 5 मिनट तक धक्के लगा के किया। उनकी शिक्षा से वह भी कुशल खिलाड़ी बन चुका था।
फिर हम सब ने एक साथ नहाया, एक दूसरे के बूबस और नितम्ब मर्दन किया, नूड सेल्फ़ी ली। रात के 9 बजने वाले थे। मेस में जाकर डिनर किया। भ्राता श्री ने अमन और मुझे सदा सुहागन रहो का आशीर्वाद देते हुए, तथा अमन ने फ़्लाइग किस देते हुए विदाली।
बहुत मज़ेदार अनुभव रहा, आप सभी के लण्ड गीले करने में इस कहानी की भूमिका और प्रतिक्रिया का इंतज़ार रहेगा।
-डॉ कामेश
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भ्राता श्री द्वारा भेजी गई कहानी पढ़ते हुए इतना आनंद आने लगा था, कि अब मैं उनकी हर कहानी को नंगा हो कर पढ़ता था और उसका विडीओ उनको भेज दिया करता।लेकिन इस बार उनकी अमन चौधरी की कहानी की कुछ बात ही और थी, एक गभरू और बिंदास नौजवान और भ्राता श्री की उसके लम्बे चौड़े औज़ार और हसीन गाँड़ के उपभोग की कल्पना से मेरे मन भी उससे मिलने की बलवती आकांक्षा जग गई थी। फिर इस बार उसकी फ़ोटो के साथ कहानी तनमन में आग लगा रही थी।
तभी एक कॉन्फ़्रेन्स में उनके शहर जाने का सौभाग्य साथ लगा और अमन के मज़े करने का आमंत्रण, शायद मेरे विडीओ को अमन को भी दिखा दिया था, उसकी सहमति लेली थी। अब थ्रीसम मज़े के चान्स से मेरे मन में लड्डू फूट रहे थे। अभी समय था तो मैंने इस बार भ्राता श्री की पसंद झाँटे रखने का मन बनाया, वैसे मैं सफ़ाचट्ट रखता हूँ। फिर वह दिन भी आगया जब मैं उनके शहर मैसुरु पहुँच गया और पहुँचते ही आने की ख़बर पीच वाली इमोजी के साथ भेज दी।तुरंत ही उनका मैसेज आया बाहें फैलाये हुये उनका अवतार और शाम को आने की सूचना।
मेरे पास अभी गेस्ट हाउस मे आराम करने और नहा धोकर तैयार होने केलिए पर्याप्त समय था। फिर दूसरा संदेश मिला कि अमन भी साथ आना चाहता है, फिर तो मेरे मन की पूरी होने के पूरे चान्स हो गए, तो मैंने उन दोनों को गेस्ट हाउस मे ही डिनर करने को कहदिया, जिससे काफी समय का साथ रहे। गेस्ट हाउस का केयरटेकर नागराज तब तक चाय ले आया था, उसे तीन डिनर के लिए बोलदिया।
शाम को 6 बजे भ्राता श्री की कार गेस्ट हाउस के सामने रुकी और उनके साथ एक चिकना सा लड़का हल्की-२ मुंछे, सुनहरे दाढ़ी के बाल, पर चेहरे पर मासूम लौंडा अमन चौधरी था जिसने काली जींस पर पीली शर्ट वही मासुमियत ओढ़े जिसका कहानी मे जिक्र भ्राता श्री ने किया था गाड़ी से उतरते हुये बोला हेलो अंकल। मैंने भी भ्राता श्री के गले मिलते हुये उसे हाय कहा। भ्राता श्री ने मुझे बाहुपाश में भरते हुये मेरे गोल और पहले से बड़े नितंबों का प्राथमिक जायजा लिया और थपथपाया। फिर मैंने अमन को गले लगाया और उसकी आंखो मे आंखे डालकर देखा, जहां एक अलग तरह की खुमारी सी थी।
अब हम अपने कमरे में आगए, अमन और मुझे भ्राता श्री ने ज़ोर से चूमा। बोले अरे अनुज आनलाइन चुदवाते चुदवाते गाँड़ बड़ी मस्त कर ली है, जब भी फ़ोटो देखता हूँ, प्रीकम टपकने लगता है।
भाई सब आपकी कृपा है , आप की कहानी पढ़ के मेरा भी यही हाल हो जाता है। क्यों अमन! अंकल जी मस्त करते हैं, तुम्हारा क्या ख़याल है, अरे तेरा लण्ड तो खड़ा हो गया बच्चा।
अमन मेरे इस अन्दाज़ से शर्म से लाल हो गया, बोला अंकल आप का xहैम्स्टर पर देखा विडीओ याद आगया। अरे वाह रेगुलर देखते हो, मस्त साईट है। इसी वार्ता के साथ भ्राता श्री का हाथ मेरे नितंबो पर फिर रहा था और वह अमन के उभार को देखे जा रहे थे। तब तक डोर बेल बजी और नागराज चाय ले आया था, बोला मैंने सर को आते देखलिया था और मैं चाय ले आया। मैंने कहा थैंक्यू नागराज, बहुत अच्छा।डिनर के लिए मेस में 9 तक हम लोग ख़ुद आ जाएँगे।
उसके जाते ही भ्राता श्री ने अमन को आँख मारी, बेटा! अंकल भी ज़ोआलोजी एक्स्पर्ट हैं, और अपना शर्ट उतारने लगे, अमन की आँखों में चमक आगई और वह एक झटके में अपनी शर्ट, जींस उतार कर उनके पास आगया। यह देख कर मैं नूडिस्ट कब पीछे रहने वाला, पूरी तरह वस्त्र विहीन होगया। मेरी चिकनी गाँड़ और बूब्ज़ को देख कर उन दोनो ने अपने अंडर वियर उतार दिए।
भ्राता श्री ने मुझे अपनी ओर खिंच कर पारखी नज़र एक एक पार्ट पर डाली और छोटी छोटी झाँटे जो क़रीब 15 दिन से उगाई गईं थी पर हाथ फिराते बोले देखो अनुज मैं सही कहता था इनसे लण्ड की सुंदरता बढ़ जाती है और तुम्हारा 13x2.5 cm का होने पर भी अट्रैक्टिव लग रहा है, और मुझे चूम लिया। इस बीच मेरी गाँड़ अमन की ओर थी और उसका 16x3cm का एक दम टनटनाया लण्ड घुसने को बेताब हो रहा था। भ्राता श्री ने उसे खींचा और एक हल्की चपत उसके नितम्बों पर देते कहा अंकल की गाँड़ पर मेरा पहला हक़ है और तेरा मेरी पर । अगर इनकी तू पहले मार लेगा तो मुझे मज़ा नहीं आएगा।मैं उनकी इस युक्ति से प्रभावित हुआ और ख़ुश भी क्योंकि क्रमिक लम्बाई और मोटाई बढ़ते दो लण्ड मेरी हसीन गाँड़ में घुसने वाले थे.
भ्राता श्री के लण्ड को अमन ने पकड़ कर चूसना प्रारम्भ कर दिया बिल्कुल सॉफ़्टी आइस क्रीम को चाटने वाले अन्दाज़ में और उसका साइज़ 14x2.5 सेमी अपने 90 से 110 डिग्री एंगल पर आ गया। अमन का लण्ड पहले से तना था उससे प्रीकम लगभग टपकने वाला था, मेरे मुँह पर लहरा रहा था। मुझे ओरल ख़ास पसंद नहीं है, फिर भी अपनी ज़बान से सॉफ़्ट और शिशनमुण्ड पर प्रीकम के खारे स्वाद को लेतेहुए, चूसना प्रारम्भ किया।प्रीकम का p H क्षारीय (10) होता है, चूत के ऐसिड (p H 3-4) को सामान्य (7 के पास) लाने के लिए, लेकिन गाँड़ में जलन कर सकता है, इस लिए चूसने से कड़ापन लाने के साथ साथ गीला करने में भी मदद मिलती है।
भ्राता श्री का लण्ड अब पूरी तरह तैयार था और मेरी गाँड़ भी उसे अपने में लेने को मचल रही थी, मैं नितम्ब उछालने लगा। भ्राता श्री मुझे कामतिरेक से मचलता पाकर, उठाके बेड पर गिरा दिया और अपने लण्ड और मेरी गाँड़ पर क्रीम लगाने लगे। मुझे पीठ के बल लिटा कर टाँगे ऊपर उठाकर अपने लण्ड का टोपा छेंद पर सेट कर एक धक्का दिया।
लण्ड सीधा फचाक से पूरा अंदर था। मैं इसके लिए तैयार ही था और पहले के अनुभव से पता था मेरी गाँड़ लण्ड खाने में किसी चूत से कम नहीं। फिर दो साल पहले की मोटी टेस्ट ट्यूब फ़सने वाली दुर्घटना से एक फ़ायदा भी हुआ था कि उसने 7 दिन तक लगातार बट्टप्लग से फैलाने वाली लचक प्रदान कर दी है , इससे 20-24 cm और 3.5 cm मोटा मुस्तंड लण्ड भी बिना ख़ून निकाले ऐडजस्ट हो जाता है।
अब भ्राता श्री ताबड़तोड़ धक्के मारे जारहे थे और मैं जन्नत की सैर कर रहा था, मेरे मुँह से वाह भ्राता श्री! गिव में मोर, वाउ, ओ ला ला, और ज़ोर से चोदो की आवाज़ें निकल रही थी।
उधर अमन अपना रगड़ रहा था क्रीम लगा कर, क़रीब 5 min बाद भ्राता श्री ने कहा अमन मेरी गाँड़ में डाल, और मुझे चोदते हुए डॉगमुद्रा में आगये। मैंने उनकी गाँड़ पर दो उँगलियों से क्रीम भर दी। अमन ने अपना लौंडा उनके नितम्बों में फाँस कर धक्का दे दिया। एक आह के साथ भ्राता श्री बीच में सैंडविच बन गए। अब उनको डबल मज़ा आ रहा था। अब मेरे न चाहते हुए भी उनका चरमोत्कर्ष दो मिनट बाद आगया और उनका गर्म गर्म लावा मेरी गाँड़ में भर गया। लण्ड जल्दी ही फिसल कर बाहर आगया। उधर अमन धक्के लगाये जा रहाथा, उनकी पोज़ीशन बदल करके.
लेकिन जल्दी ही उसे चरमआनंद, शारीरिक और कामुक माहौल साथ होने से आगया और उसके लण्ड ने भी लावा भ्राता श्री की गाँड़ में भर दिया। लेकिन नौजवानी का असर, उसका स्खलन के बाद भी 12x2.5 का बाहर आकर फिर से अपने 16-17x3.5 के रूप में फ़नफ़ना उठा।
भ्राता श्री हाँफ रहे थे और बिस्तर पर आराम से लेटकर मेरा और अमन का विडीओ बनाने लगे। अब अमन ने मेरे नितम्ब पकड़ कर मुझे डागी बनाया, मेरा लण्ड एक हाथ से रगड़ते हुए अपने लण्ड को मेरी पहले से थोड़ी फैली गाँड़ में पेल दिया।
इस बार कुछ दर्द का पहले अहसास हुआ, फिर थोड़ी और क्रीम से अजस्ट्मेंट सही होगया और सटासट ऊ आ आ, वाउ, फ़नटास्टिक, फ़च, फ़च की आवाज़ें आने लगीं।
अमन भी वाह, अनुज अंकल बड़ा मज़ा आ रहा है करते लगभग 7 min तक चूदाई की, इस बार उसका निकल नहीं रहा था क्योंकि ठीक पहले भ्राता श्री को भर चुका था।
आख़िर वह पल भी आ ही गया और उसका माल भी मेरी हसीन गाँड़ पी के निहाल हो गई।
इस सब के बीच मेरे लण्ड ने भी भी चार बार तक चरमोत्कर्ष की अनुभूति से लावा उगला, जिससे तौलिए ने सोखा। भ्राता श्री की विदेओग्राफ़ी भी पूरी होगई। इस थ्री सम के बाद, भ्राता श्री का फिर से खड़ा हो गया और अमन की टाइट गाँड़ का सदुपयोग 5 मिनट तक धक्के लगा के किया। उनकी शिक्षा से वह भी कुशल खिलाड़ी बन चुका था।
फिर हम सब ने एक साथ नहाया, एक दूसरे के बूबस और नितम्ब मर्दन किया, नूड सेल्फ़ी ली। रात के 9 बजने वाले थे। मेस में जाकर डिनर किया। भ्राता श्री ने अमन और मुझे सदा सुहागन रहो का आशीर्वाद देते हुए, तथा अमन ने फ़्लाइग किस देते हुए विदाली।
बहुत मज़ेदार अनुभव रहा, आप सभी के लण्ड गीले करने में इस कहानी की भूमिका और प्रतिक्रिया का इंतज़ार रहेगा।
-डॉ कामेश
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2年前