फ़ौजी फ़ौज़ में

हम मौज़ में--फ़ौजी फ़ौज़ में


मेरे पड़ोस में मेरे ताऊ का लड़का रहता है जिसकी पहली बीवी मर चुकी थी, भाई की दूसरी शादी 5 साल पहले हुई थी, तब मुझे सेक्स के बारे में सब कुछ पता था। भाई शादी के बाद एक महीने बाद फ़ौज़ में ज़म्मू चले गये भाभी साथ नहीं जा सकती थी क्योंकि वो खुद भी कंपनी में जॉब करती थी। उनकी बोली बहुत मीठी थी, वो मुझसे बहुत अच्छे से बात करती। मैं अक्सर भाभी के यहाँ जाता रहता था और ताई और भाभी से खूब बात करता।

भाई-भाभी की शादी को तीन साल हो गये पर बच्चे की कोई उम्मीद नहीं लग रही थी। भाई जब भी छुट्टियों में आते दिन रात दारू पीते और भाभी से लड़ाई करते थे और बहुत गालियाँ देते थे।


भाभी की उमर 32 साल, उनका बदन 38-30-36 है, गोरी और बहुत ही सेक्सी गाण्ड है, उनकी चाल हिरनी की तरह है बहुत सेक्सी !

मैं तो उनको पहले दिन से चोदना चाहता था पर कभी मौका नहीं मिला।

होली से कुछ दिन पहले भाभी और ताई कुछ बात पर लड़ाई हो गई थी तो ताई और उनका छोटा लड़का अलग घर में रहने लगे जो भाभी के घर से दूर था। तो मैंने सोचा कि होली के दिन भाभी के साथ कुछ करने का मौका मिल सकता है।

होली का दिन भी आ गया और मैं कैपरी और टी-शर्ट पहन कर भाभी के घर होली खेलने चला गया। मैंने दरवाजा खोला तो भाभी रसोई में समोसे बना रही थी। भाभी ने सफ़ेद रंग का कमीज़ और सलवार पहनी हुए थी।

मैं धीरे-धीरे रसोई में गया और पीछे से भाभी के गालों पर रंग लगा दिया।

भाभी चौंक गई और जब पीछे देखा तो बोली- मैं तो डर गई थी !

भाभी के गाल लाल हो गये थे, उनकी चूचियों पर भी रंग गिर गया था तो मैंने भाभी से कहा- भाभी, छोड़ो न काम ! आओ रंग से होली खलते हैं।

भाभी मान गई।

मैंने भाभी पर पानी की बाल्टी उलट दी। भाभी का सूट बिल्कुल उनके गोरे बदन से चिपक गया और भाभी ने ब्रा भी नहीं पहनी थी। भाभी की चूचियाँ बिल्कुल साफ दिख रही थी, उनके चुचूक भी दिख रहे थे।

मैं तो देखता ही रह गया उनकी चूचियों को !

वो चुन्नी से उन्हें छुपाने की कोशिश क़र रही थी, मैं उनके पास गया और हाथों में रंग ले क़र उनके मुंह पर मलने लगा। वो बच कर भागने की कोशिश क़र रही थी पर मैंने उन्हें क़स क़र पकड़ लिया और पूरे बदन पर रंग लगाने लगा। वो पूरी लाल रंग में नहा चुकी थी और उनकी काले रंग की पैन्टी भी दिखने लगी थी सफ़ेद सलवार में !

मेरा 7 इंच का लण्ड कैपरी में जाग चुका था और मैं भाभी के पीछे से उन्हें रंग लगा रहा था तो मेरा लण्ड उनकी गाण्ड पर छूने लगा था तो वो कहने लगी- छोड़ दे देवर ! छोड़ दे !

वो बोली- मैंने आज तक कभी ऐसे होली नहीं खेली थी पर आज तुम्हारे साथ होली में तो बहुत मजा आ रहा है।

वो बिल्कुल नंगी ही लग रही थी सफ़ेद सूट के कारण।

होली में मजा करने के बाद भाभी कपड़े बदलने चली गई, वो नहा क़र आई, उसने मैक्स़ी पहनी हुई थी।

भाभी मेरे और अपने लिए समोसे और चाय ले क़र आई और हम दोनों चाय पीते-पीते गजनी फिल्म की बात क़र रहे थे।

फिर भाभी का समोसा गिर गया तो वो जैसे ही नीचे झुकी तो उनके स्तन दिख गये, मेरा लण्ड खड़ा हो गया और मैं अभी तक गीला था मेरा लण्ड खड़ा होने के कारण मैं उसे टांगों के बीच छिपा रहा था भाभी ने मुझे देख लिया, बोली- क्या हुआ? ठण्ड लग रही है क्या?

मैंने कहा- नहीं बस ऐसे ही !

वो बोली- तुम बाथरूम में कपड़े निकाल क़र तौलिये से शरीर पौंछ लो नहीं तो ठण्ड लग सकती है।

मैं जब उठा तो भी मेरा लण्ड खड़ा था, उनको मेरा लण्ड दिख गया था, मैं सीधा बाथरूम में गया।

बाथरूम में मुझे भाभी की काली पैन्टी दिखी। मैंने कपड़े उतारते-उतारते भाभी की पैन्टी उठा ली और उसकी मादक सुगंध को सूंघने लगा। मेरा लण्ड खड़ा था ही।

मैं तौलिये में बाथरूम से बाहर आ गया और भाभी के सामने बैठ गया।

भाभी लैपटॉप पर काम क़र रही थी तो मैंने भाभी को शादी के फोटो दिखाने को कहा।

भाभी ने फोटो वाली फाइल खोली और मेरे पास सट क़र बैठ गई, भाभी की चूची मेरे हाथ को छूने लगी, मेरा बुरा हाल हो रहा था, मुझे पसीना आ रहा था।

भाभी बोली- क्या हुआ? तुम्हें तो पसीना आ रहा है?

मैने कहा- कुछ नहीं, ऐसे ही गर्मी लग रही है बस।

भाभी बोली- मैं तुम्हारे लिए जूस लाती हूँ।

वो मेरे लिए जूस लेने चली गई मैने पंखा चला दिया।

मैं तौलिये में था, मैं टांगें फैला क़र बैठ गया, मुझे धयान नहीं रहा कि मैंने नीचे कुछ नहीं पहना था।

भाभी जूस लेकर आई और मेरे सामने वाले सोफे पर बैठ गई।

मैं जूस पीने लगा, वो मुझे देख रही थी पर मैं उनसे नजर नहीं मिला रहा था और लैपटॉप में देख रहा था। फिर मैंने जूस खत्म किया और भाभी की तरफ देखा तो भाभी मेरे तौलिये में देख रही थी। मैंने घबरा कर अपनी टांगें बंद क़र ली। फिर भाभी ने नजरें हटा ली।

मैंने फिर जानबूझ कर एक फोटो को देख क़र भाभी से पूछा- भाभी, यह कौन है?

भाभी मेरे बिल्कुल पास में आकर सट क़र बैठ गई, बोली- यह मेरे मामा की लड़की है, तुम्हें कैसी लगी?

मैंने कहा : पटाका है भाभी।

भाभी खिलखिलाकर हँसने लगी और मैं भी।

भाभी ने कहा- तेरी शादी करवा दूँ क्या इससे?

मैंने कहा- अभी नहीं।

वो बोली- ओके !

फिर भाभी ने मेरे से पूछा- तुम कितने साल के हो गये हो?

मैंने कहा- 27 साल

भाभी बोली- ओह जवान हो गये हो !

मैं शरमा गया।

भाभी बोली- कोई लड़की दोस्त है?

मैंने कहा- नहीं !

झूठ बोल रहा है?

मैंने कहा- नहीं है भाभी, कोई नहीं है।

वो बोली- ओके, कोई बात नहीं, बन जायगी।

वो मुझसे लैपटॉप ले रही थी तो उनका हाथ शायद जानबूझ कर मेरे लण्ड को छू गया। मेरा लण्ड फिर खड़ा हो गया। मैं भाभी के खुले बालों की महक को सूंघ रहा था।

मैंने हिम्मत क़रके भाभी से कह दिया- भाभी, मुझे आप बहुत अच्छी लगती हो !

भाभी मेरी तरफ देखने लगी !

मैं डरा हुआ था, मैंने पहले किसी को ऐसी बात नहीं कही थी, मेरी धड़कन बहुत तेज हो गई थी कि कहीं भाभी घर पर न बता दें?

भाभी ने मेरा हाथ पकड़ लिया, भाभी मुझसे लिपट गई और बोली- मैं भी तुम्हें पसंद करती हूँ पर कह नहीं पाई।

भाभी की चूचियाँ मेरी छाती से लग रही थी, मैंने अपना हाथ उनकी चूची पर रख दिया और धीरे-धीरे दबाने लगा तो भाभी गर्म होने लगी थी।

भाभी को मजा आ रहा था, भाभी मुझसे लिपटी हुए थी, मैंने भाभी को उठाया तो वो रो रही थी। मैंने भाभी के आँसू पौंछे।

वो बोली- तुम्हारे भाई को तो बस दारू पीने से मतलब है, वो मुझे ढंग से प्यार भी नहीं करते, न ही मुझे संतुष्ट क़र पाते हैं।

मैंने कहा- कोई बात नहीं भाभी ! मैं आ गया हूँ ना, तुम्हें बहुत प्यार दूँगा मैं।

इतना कहते ही मैंने अपने होंट उनके होंटों पर रख दिए और उन्हें चूसने लगा। वो भी मेरा पूरा साथ देने लगी। मैं एक हाथ से उनकी चूची को दबा रहा था।

फिर भाभी ने कहा- चलो, अन्दर चलते हैं।

हम दोनों बेडरूम में चले गये। भाभी बेड पर लेट गई मैं भी उनके पास जाकर लेट गया और उनकी टांगों को सहलाता हुआ उनकी चूत के दर्शन करने लगा।

क्या कमाल की चूत थी ! वाह ! मैंने पहेले कभी एसी चूत नहीं देखी थी, एक भी बाल नहीं था उनकी चूत पर।

वो बोली- आज ही काटी हैं मैंने अपने झांटें।

उनकी चूत बिलकुल चमक है रही थी।

भाभी बोली- तुम्हारे भाई को तो बस दारू चाहिए ! कभी सेक्स नहीं क़र पाता ढंग से ! मैं तो प्यासी रह जाती हूँ, फिर ऊँगली से प्यास बुझाती हूँ। मेरे प्यार देवर, आज मेरी प्यास को बुझा दो डार्लिंग।

मैंने भाभी की मैक्स़ी उतार दी और भाभी के बदन को देखने लगा।

भाभी बोली- क्या हुआ सेक्सी?

मैंने कहा- मैंने रंडियों की चूत तो देखी थी पर वो अपने सारे कपड़े नहीं उतारती, पहली बार किसी औरत को नंगी देखा है।

मेरा लण्ड खम्बे की तरह खड़ा था, भाभी ने मेरे तौलिये को हटाया और मेरा लण्ड को देख क़र बोली- हाय राम ! इतना बड़ा लण्ड मैंने आज तक नहीं देखा ! बहुत खुश रहेगी जिसकी तुम्हारे साथ शादी होगी।

मैंने कहा- अभी तो मैं आपको खुश करूँगा सेक्सी।

मैं उनकी चूत को चाटने लगा तो उनके मुँह से वासना भरी आवाज आने लगी- आ....आह.....स्स........... सीईई....ईईई....

मैं 5 मिनट तक करता रहा, उनका बदन अकड़ने लगा और उनकी चूत से वीर्य जैसा निकलने लगा। मैंने पहली बार लड़की की चूत से वीर्य निकलता देखा, मैंने पूछा- भाभी, औरतों के भी वीर्य निकलता है?

वो बोली- हाँ मेरे प्लेबॉय ! जब औरत को सेक्स में मजा आता है तब निकलता है, यह अमृत है मेरे कालबॉय ! इसे पी जा डार्लिंग !

मैं उनके सारे वीर्य को पी गया, मजा आया मुझे।

अब वो मेरे लण्ड पर आ गई और मेरे 7 इंच के लण्ड को मुँह में लेकर चूसने लगी। मेरा लण्ड चूस रही थी। मैं अपने आपको संभाल नहीं पा रहा था और 5 मिनट में मेरा सारा वीर्य उनके मुँह में भर गया और वो सारा पी गई।

मैं उनके पास बिस्तर पर लेट गया। मैंने भाभी से पूछा- आपको बच्चा कब होगा?

भाभी बोली- तेरे भाई से तो नहीं हो पायेगा ! वो तो नामर्द है मादरचोद ! उसका 5 इंच का लण्ड ना तो ढंग से खड़ा होता है, और होता भी है तो 10-12 झटकों में झड़ जाता है।

भाभी के मुँह से ऐसी बातें सुनकर मेरा फिर खड़ा हो गया। मैं भाभी की टांगो के बीच में आ गया और अपना लण्ड उनकी चूत की दरार पर रख एक झटका मारा तो मेरा 3 इंच लण्ड अंदर गया। उनकी चूत का छेद संकरा था। मेरे पहले झटके में भाभी के मुँह से चीख निकल गई, वो बोली- आराम से डार्लिंग ! बहुत दिनों बाद चुद रही हूँ।

मैंने दूसरा झटका दिया तो मेरा 5 इंच लण्ड अंदर गया।

"मर गई ! आह.....अई.....आ.....अह !" भाभी के मुँह से आवाज निकली।

मैंने ध्यान नहीं दिया और एक और झटके में पूरा लण्ड चूत में घुसा दिया। वो मुझसे बच क़र निकलने की नाकाम कोशिश क़र रही थी पर मैं उनके होंठ चूसने लगा। वो धीरे-धीरे सामान्य हो गई।

मैंने झटके देने शुरु किये, मेरा लण्ड भाभी की चूत में अंदर-बाहर हो रहा था। यह तो शुरुआत थी !

भाभी भी मेरा पूरा साथ देने लगी और नीचे से झटके मारने लगी। मुझे अच्छा लग रहा था।

वो मेरा पूरा उत्साह बढ़ाने लगी, वो बोल रही थी- जोर से ! और जोर से ! मेरे कालबॉय ! मेरे प्लेबॉय !

मैं जोर जोर से झटके मर रहा था, वो अपने मुँह से आह.....अई.....आ.....अह..की आवाज क़र रही थी, मैं पूरे जोर से झटके दे रहा था। 15 मिनट के बाद उनका बदन अकड़ने लगा, वो फिर से झड़ गई पर मेरा अभी नहीं हुआ था, मैं उन्हें लगातार चोद रहा था, पूरे कमरे में पच-पच की आवाज आने लगी। मैं आह आह क़रके पूरे जोर से चोद रहा था।

दस मिनट बाद हम दोनों एक साथ झड़ गये। मैं उनके उपर ही लेटा रहा और उनके ऊपर ही सो गया।

मैं दो घंटे बाद उठा तो भाभी मेरे बालों में हाथ फिरा रही थी। मैंने भाभी को बालो से पकड़ कर अपनी तरफ़ खींचा और क़स के एक चुम्बन लिया।

फ़िर हम दोनों ने नाश्ता किया और फिर मैंने दोबारा भाभी की चुदाई की और गाण्ड मारी।

भाभी मुझे अपना कालबॉय बुलाने लगी थी।

भाभी ने अपने पर्स से 2000 रूपये निकाले और मुझे दिए।

मैंने कहा- यह किस लिए हैं भाभी?

वो बोली- तू मेरा कालबॉय है आज से ! ठीक है?

मैंने सर हिला दिया।

भाभी बोली- तुझे और काम चाहिए तो बोल?

मैंने हाँ क़र दी।

भाभी ने मुझे एक महीने बाद अपनी सहेली से मिलवाया।

उनकी फ्रेंड बोली -यह तो बच्चा है?

भाभी बोली- यह बच्चा नहीं, मेरे बच्चे का बाप बनने वाला है। और इसका जुगाड़ बहुत बड़ा है।

मैंने फ़िर उनकी चार सहेलियों को चोदा।

आज मैं एक कालबॉय हूँ, एक नाजायज बच्चे का बाप हूँ में एक कालबॉय बन चुका हूँ।

भाई ने रिटायरमेंट ले ली है तो मैं अब कभी कभार ही भाभी को चोदता हूँ, पर वो खुश है मेरे बच्चे के साथ। मैं भी यही चाहता हूँ कि वो खुश रहे।

आप को मेरी कहानी कैसी लगी, मुझे जरूर मेल करें।

sexyboydelhi61@gmail.com
13年前
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