Me my boss

रीमा
मेरी ये कहनी कालप्ननक है। इसका काहानी का आधार एक औरत पर है प्िससे
मैंने एक चाट वेब पेि पर कयी बार बात की। उसके साथ कयी बार चाट रुम
मै चुदायी भी कक । मैं उसको मााँ बुलाता हुाँ और वह मुझको बेटा । हम दोनो
अलग अलग शहर मै रहते है और कभी भी ममले नही है । मेरा नाम दीपक है
और मैं २६ साल का हुाँ । मेरे लन्ड का साईि ८ इंच है ।
उसका नाम रीमा है। उसने िो मुझको बताया उसके आनुसार वह एक तालाक
शुदा औरत है । उसकी उमर कोई ४८ साल की है और उसकी किगर ३८ डी ३०
४२ कक है और वह ददल्ली मै रहती है। वह प्िस औिीस मै काम करती है उस
के बॉस के साथ उसके संबन्ध है । उसका बॉस शादी शुदा है और कोइ २६ साल
कक उमर का है । उसको कम उमर के लडको से चुदाने मे बडा मिा आता है ।
उसकी एक नौकरानी भी है िो कोई २० साल की है वह सेक्स मै उसका साथ
देती है । उसको िवान लौन्डौ की कोई कमी नही है । वह अपने बॉस के साथ
बहुत टूर पर िाती रहती और टूर पर वह अपने बॉस और कलाईन्ट के साथ
चुदायी के मिे लेती है ।
हम लोगो एक चाट साईट पर ममले और हम लोगो मे चुदायी कक बातें होने
लगी । मैंने उसको बतया कक मुझे बडी उमर की औरतें बहुत पसन्द है । उसने
मेरे से पूछा कक ककस बडी उमर कक औरत के बारे मे सोच कर मैं हस्थ मैथुन
करता हुाँ । मैने कहा अपनी मााँ के बारे मे । उसने पुछा की मेरी मााँ का नाम
क्या है और वह कैसी ददखती है । मैं बोला कक मेरी मााँ का नाम ननममला है
और उसका रंग गोरा है । उसके नयन और नक्श बहुत ही तीखें हैं । उसकी
किगर ३६ सी ३० और ४० है।
किर हमने इस बारे मे बहुत सारी बातें कक िो आप लोगो को आगे पता
चलेगी। वोह मुझ से चाट कर के बहुत मिा लेती थी। मुझे भी उसके साथ बडा
मिा आता था। एक ददन उसने मुझ से कहा कक वह ररयेल्टी मे मुझ से चुदाना
चाहती है पर मैं बोम्बे मै रहता हुाँ और उसका बॉस का बोम्बे मै कोई टूर नही
होता । प्िसकी विह से हम लोग कभी भी ममल नही पाये थे। पर हम दोनो ने
अपने िोन नम्बर और घर का पता एक दसू रे को बता ददया था। और एक
दसू रे को काड म भी भेिते थे। और हम चाट रुम मे ही चुदायी का मिा लेते थे ।
किर एक ददन िब हम चाट कर रहे थे तो वह बोली उसका बॉस बोम्बे मै एक
नयी ब्रान्च खोलने कक सोच रहा है और इसके मलये वह लोग टूर पर बोम्बे आ
रहे है । और उसने अपने बॉस से बात कक वह टूर समानत होने के बात चार
ददन के मलये बोम्बे मे अकेले रुकना चाहती है होटल मे कम्पनी के खचे पर ।
और उसका बॉस इस बात के मलये रािी हो गया है ।
मैं तो यह खबर सुन कर बहुत खुश हुआ क्योकक अब हम वह सब कर सकते
थे िो कक हमने करने कक चाट रूम मे बात कक थी । उसने कहा कक वह ताि
होटल मे रुकने वाली है और उसका रूम नम्बर वह बाद मे मुझको िोन पर
बतायेगी । उसने कहा वह ४ िरवरी को बोम्बे आ रही है और ८ िरवरी को
मुझको िोन करेगी ।
पर ४ तारीख को उसका िोन आया कक वह बोम्बे पहुाँच गयी है और बाद मैं
मुझ को िोन करेगी । मैंने उसको कहा कक मैं उसके िोन का इंतिार करूगााँ ।
पर ८ तारीख को उसका िोन नही आया । मैंने सोचा कक शायद काम पूरा नही
हुआ होगा । लेककन किर ९ और १० तारीख को भी उसका िोन नही आया अब
तो मैं बहुत ही उतावला हो रहा था । सोचने लगा कक कहीं वह मिाक तो नही
कर रही थी। पर मैं कर भी क्या सकता था उसके िोन के इंतिार के अलावा।
किर अगले ददन बुधवार था दोपहर को करीब एक बिे रीमा का िोन आया
उसकी अवाि सुनते ही मेरा लंड खडा हो गया। मैंने पुछा तुमने िोन क्यो नही
ककया मैं तो सोच रहा था कक तुम िोन ही नही करोगी।
रीमा ने कहा कक ब्रान्च खोलने के बात पक्की हो गयी है इसमलये वह, उसका
बॉस और यहां का मैनेिर ममल कर २ ददन से मौि कर रहे थे। दोनो ने ममल
कर उसको दो ददन तक बहुत िम कर चोदा था। इसमलये दो ददन वह िोन
नही कर पायी आि सुबह ही उसका बॉस वापस ददल्ली गया है। और वह सुबह
से आराम कर रही थी प्िससे की मेरे साथ पूरी तरह से मिा ले सके। लेककन
उसको पहले से ही पता था कक वह मुझको ११ तारीख से पहले िोन नहीं कर
पायेगी। मैने पूछा कक किर तुमने बताया क्यो नही। रीमा बोली कक मैं तुम्को
कुछ देर तडपाना चाहती थी। मुझको िवान लडको को तडपाने मे बडा मिा
आता है। मैंने पूछा अब तो बताओ कक तुम्हारा रूम नंम्बर क्या है। रीमा बोली
मुझ से ममलने के मलये तडप रहे हो। मैंने कहा हााँ।
थीक है बता देती हूाँ तुम्को तुम भी क्या याद करोगे। मेरा रूम नंम्बर ५१४ है।
मैंने कहा थीक है मैं अभी वहााँ पहुाँच रहा हुाँ। रीमा ने कहा वह भी बडी बेसबरी
से मेरा इंतिार कर रही है। और िैसे हो वेसे ही चले आओ क्योकी वेसे भी इन
चार ददनो मे मैं तुमको कोई कपड े तो पहनने दंगू ी नहीं। बस अब चले आओ
दौड कर अपनी मााँ के पास। मैंने कहा थीक है मााँ आता हूाँ अभी। रीमा बोली
कक मैंने अपने रूम के बाहर डू नॉट डडस्टबम का साईन लगा ददया है प्िस से की
िब घंटी बिेगी तो मैं समझ िाऊगीं कक तुम हो। मैंने कह ठीक है। किर मैंने
िोन रख ददया और अपने बॉस के पास गया मैंने छुट्टी के मलये पहले से ही
बोल रखा था इसमलये कोई परेशानी नही हुई। नही तो प्िस तरह की मेरी बॉस
थी छुट्टी ममलना बबल्कुल ही नामुमककन था।
किर िल्दी से मैं टेक्सी पकड कर होटल पहुाँच गया। मेरा ददल धक धक कर
रहा था। मैं आि तक कुवााँरा था आि मेरे इस कुवााँरे लंड को चुदायी चुसायी
का मिा ममलने वाला था। किर मैं मलफ़्ट लेकर पााँचवे माले पर गया िहााँ पर
रीमा का कमरा था। िैसे ही मैं गलीयारे से ननकल कर रीमा के कमरे की तरि
िा रहा था तो दीवार पर लगे साईन को देख कर मैं समझ गया कक उसका
रूम होटल के आलीशान रूम मे से एक था। थोडी देर मे मैं रूम तक पहुाँच
गया। किर मैने धडकते हुये ददल से रूम कक बेल बिायी। अन्दर से रीमा की
आवाि आयी आ रही हूाँ दीपक बेटा। कुछ पल बाद कमरे का दरवािा खुला।
और मेरे सामने रीमा खडी थी।
मैं अभी उसे ठीक से देख भी नही पाया था की उसने मेरा हाथ पकड कर मुझे
अन्दर खीच मलया। और एक झटके के साथ दरवािा बन्द कर ददया। मैं उसकी
इस हरकत से एक दम सकपका गया। रीमा ने कहा अगर मैं तुम्को इस तरह
से अन्दर नही खीचती तो तुम बाहर खडे खडे ही मुझ देखते रहते िो कक मैं
नही चाहती थी। तुम्को मुझको देखना हे तो लो मैं तुमहारे सामने खडी हो िाती
हूाँ िी भर के देख लो। ऐसा कह कर वह मेरे सामने अपने दोनो हाथ कमर पर
रख कर खडी हो गयी। खडी होने से पहले उसने अपनी साडी का पल्लू उतार
कर अपनी कमर से नीचे गगरा ददया। ये सब इतनी ज्लदी मे हुआ था की मुझे
उसको देखने का मौका भी नही ममला था। अब वह मेरे सामने थी और मैं िी
भर कर उसको देख सकता था।
किर मैंने अपनी निर उसपर गढा दी। उसका रंग गोरा था उसने अपनी उमर
मुझको ४८ साल बतायी थी पर वो अपनी उमर से करीब दस साल छोटी ददखती
थी। उसकी आाँखे बडी बडी थी। प्िन मे वासना भरी हुयी थी। उसके होठ बडे
बडे थे। िैसे कक अमभनेत्री सुमन रंगनाथन के हैं। मुझे इस तरह के होठ बहुत
ही पसन्द हैं। उसपर उसने गहरे लाल रंग की मलपप्स्टक लगा रखी थी। िो
उसकी सुन्दरता को और बढा रही थी। उसके चहरे पर एक आमत्रंण का भाव था
िैसे कह रही हो आओ और चुम लो मेरे होठों को।
किर मेरी निर उसके बदन पर गयी बडा ही भरपूर बदन था उसका। उसका
गदराया बदन देख कर मेरा लंड पैन्ट के अन्दर ही उछलने लगा था। उसने
हल्के गुलाबी रंग की साडी पहन रखी थी। उसका ब्लौस स्लीव लेस था। और
उसमे किी गहरा कट था प्िसकी विह सी उसके बडे बडे मम्मे आधे से
ज्यादा ब्लाउस से बाहर झााँक रहे थे। रीमा ने शायद बहुत ही टाईट ब्लाउस
पहन रखा था क्योकी उसके मम्मो की दोनो बडी बडी गोलाईयााँ आपस मैं
गचपक गयी थी। और एक गहरा कट बना रही थी। िो कक बडा ही सेक्सी लग
रहा था। इस निारे को देख कर मैं उत्तेिना से पागल हो रहा था। मेरे लंड का
उभार मेरी पैन्ट से साि ददखायी दे रहा था।
किर मेरी निर उसके पेट पर गयी। उसने साडी अपनी नाभी के कािी नीचे
पहनी थी। प्िस से उसकी गहरी नाभी साि ददखयी दे रही थी। उसकी नाभी
की गहरायी देख कर मेरा मन उसको चूम लेने का हुआ। किर मैं थोडी देर तक
उसको ऐसे ही ननहरता रहा। कुछ देर बाद रीमा ने कहा क्या हुआ बेटे कैसी
लगी तुम्को अपनी मााँ। मैंने कहा बहुत ही अच्छी। रीमा ने कहा वो तो तुम्हारे
पैन्ट मे उभरते तुम्हारे लंड को देख कर पता चल रहा है। मैं उसको देख कर
इतना गमम हो गया था कक मेरा गला सुखने लगा। और मुझ को नयास लगने
लगी।
रीमा मेरे को देख कर शायद समझ गयी की मेरे को नयास लगी है। बोली पानी
चादहये बेटा मेने कहा हााँ। ठीक है अभी लाती हूाँ कह कर उसने अपनी साडी का
आाँचल उठा कर पेटीकोट मे ठूंस मलया और पलट कर पानी लेने चल दी। िैसे
ही वह पल्टी सबसे पहले मेरी निर उसके भारी भरकम चूतडो पर गयी। औरत
के चूतड मेरा सबसे पसन्दीदा अंग है। और रीमा के चूतड तो बहुत ही बडे थे।
उसने ऊाँ ची ऐडी की सडैं ल पहन रखी थी। प्िस की विह स े िब वह चल रही
थी तो उसके चुतड बहुत ही मस्ताने ठंग से मटक रहे थे। िेसे ककसी िैशन शो
मे मॉडल अपने चूतडो को मटका के चलती है वैसे ही।
एक तो उसको आगे से देख कर ही मेरा बुरा हाल था अब तो मैंने उसको पीछे
से मभ देखा मलया था मेरा लंड तो बबलकुल ही आपे से बाहर हो गया। वोह भी
शायद िानती थी की उसके चूतडो का मुझ पर क्या असर होगा क्योकी मैं उस
को बता चुका था की भारी चूतड मुझ को ककतने पसन्द हैं। इसमलये मेि तक
िाने मे िहााँ पर पानी का िग रखा था उसने बहुत देर लगायी प्िस से मैं िी
भर कर उसके चूतड और उनका मटकना देख सकंू ।
किर उसने िग उठाया और मेरी तरि देखते हुये उसने गगलास मे पानी भरना
शुरु ककया। वह मुझ को देख कर मस्ती भरी निरो से मुस्कुरा रही थी। पानी
भरकर वह मेरी तरि चल दी। उसके मस्त बदन ने मेरे उपर ऐसा असर ककया
था कक म ैं अभी तक दरवािे पर ही खडा था। उसने ऊाँ ची ऐडी के सडैं ल पहन
रखे थे और प्िस तरह से वह चूतड मटका के चल रही थी उसकी विह से
उसके बडे बडे मम्मे उसके कसे ब्लाउस मे िंसे हुये िोर िोर से उछल रहे थे।
उसने पुरी तरह से मुझको अपने अधेड उम्र के हुस्न के िाल मे िसााँ मलया था।
लो पानी पी लो कह कर उसने गगलास मेरे हाथ मे थमा ददया। मैं पानी पीने
लगा और पानी पी कर मैंने गगलास उसको दे ददया। िो देखा पसन्द आया मै
मुस्कुरा कर बोला हााँ बहुत पसन्द आया। किर यहााँ क्यो खडे हो चलो अन्दर
बैठते हैं। किर मैं उसके साथ चल ददया अन्दर आ कर मैं सोिे पर बैठ गया।
अन्दर आने से पहले मैंने अपने िूते बाहर ही उतार ददये। रीमा भी मेरे पास
आ कर बेठ गयी।
मैंने उसका हाथ अपने हाथो मे मलया और बोला मााँ तुम बहुत सुन्दर हो। िैसा
तुमने बताया था तो मैने सोचा था कक तुम सेक्सी हो पर तुम तो महा सेक्सी
हो मााँ। मेरा लंड तो तुमको देखते ही खडा हो गया था मााँ। और अभी तक पुरी
तरह टनटनाया हुआ है। देखो कैसे पैन्ट िाड कर बाहर आने को तैयार है। किर
तुमने इसको पैन्ट के अन्दर रखा ही क्यो है पैन्ट उतार कर अपने नयारे लंड
को मुझको ददखाओ। लाओ मैं तुम्हारे कपडे उतरने मे तुम्हारी मदद करती हूाँ।
मैंने कहा नही मााँ मैं खुद ही उतार देता हूाँ। तो वह बोली हर मााँ बचपन मैं
अपने बेटे के कपडे उतारती और पहनाती है। मााँ ही होती है िो बेटे को कपडे
पहनना और उतारना मसखाती है। मुझे तो वो मौका आि ही ममला है तुम इस
तरह से मुझसे ये मौका नही छीन सकते।
रीमा की बात सुन कर मैं बोला ठीक है मााँ तुम ठीक कह रही हो मैं इस तरह
से तुम्हारा हक नही छीन सकता। मैं तैयार हूाँ उतार दो मेरे कपड।े आि स े िब
तक मैं तुम्हारे साथ हूाँ और िब भी हम ममलेंगे मेरे कपडे तुम ही उतारोगी और
तुम ही पहनओगी। यह सुन कर वह बहुत खुश हो गयी और मेरे माथे पर ककस
ककया िैसे एक मााँ अपने बेटे को करती है। किर वह मेरी कमीि के बटन
खोलने लगी। उसके भरी पूरी गोरी बााँहे मुझको बहुत अच्छी लग रही थी। किर
उसने सारे बटन खोल ददये और बोली बेटा खडे हो िाओ प्िस से मैं तुम्हरी
कमीि उतार सकाँू ।
मैं खडा हो गया रीमा भी मेरे साथ खडी हो गयी और पीछे कर के मेरी कमीि
उतार दी। मैंने नीचे बननयान पहन रखी थी। मेरी कमीि उतार कर रीमा मेरी
छाती पर हाथ िेरने लगी। और बोली तुम्हरी छाती ककतनी चौडी है। तुम भी
कोई कम हैडसम नही हो। तुम इतने सालो अपनी मााँ स े दरू रहे हो प्िसकी
विह से तुम्हारी ये मााँ तुमको कुछ नयार भी नंही कर पायी। गचन्ता मत करो
अब तुम मेरे पास आ गये हो अब म ैं तुमको अपना सारा नयार दंगू ी। ऐसा
कहते वक्त उसके आाँखो मे वासना भरी थी। ऐसा कह कर उसने मेरी बनीयान
भी उतर दी।
बननयान उतरते वक्त उसने अपने हाथ उपर ककये उसने स्लीवलैस ब्लाउस पहन
रखा था प्िसकी विह से उसकी कााँख मुझको ददखायी दी। उसकी कााँख के बाल
काले और घने थे। मुझे कााँख के बाल बहुत पसन्द हैं। उसकी कााँख देखकर मेरी
मस्ती और बढ गयी। बननयान उतार कर उसने कमरे के एक कोने मै िें क दी।
अब मेरी छाती पूरी नंगी हो गयी और वो अपने गोरे गोरे हाथ मेरी छाती पर
धीरे धीरे किराने लगी। प्िसकी विह से मेरी उत्तेिना बढने लगी और मेरे
नननपल कडे हो गये।
किर रीमा ने अपनी एक उाँ गली को अपने थूक से गगला करके मेरे बााँये नननपल
पर किरने लगी। और उसका दसु रा हाथ मेरी छाती पर धीरे धीरे चल रहा था।
वोह अच्छी तरह से िानती थी कक ककस तरह मदम को मस्त ककया िाता है।
थोडी देर इसी तरह स े मेरे नननपल पर हाथ िे रने के बाद उसने अपना माँुह मेरे
नननपल पर रख ददया और उसे अपने होंठो के बीच लेकर चुसने लगी। उसके
ऐसा करने स े मेरे माँुह स े एक दम स े एक आह ननकल गयी। इसका सीधा असर
मेरे लंड पर हुआ। वोह मस्ती मे एक दम कडा को गया। अब उसका मेरी पैन्ट
मे रहना बडा ही मुप्ककल था।
वह मेरे दसु रे नननपल को अपने हाथ के नाखून से िोर िोर से कु रेद रही थी।
एक तो नननपल चुसे िाने की मस्ती दसू रा नननपल कु रेदे िाने की विह स े
होता ददम ने मुझे तो स्वगम मे पहुाँचा ददया था। इस बेताह मस्ती के कारण मेरे
माँुह स े आह ओह के आवाि ननकल रही थी। मैने अपने हाथ उसकी पीठ और
एक बााँह पर रख रखा था। एक हाथ से उसकी बााँह मसल रहा था और दसु रे
हाथ उसकी पीठ और कमर पर िेर रहा था। वोह करीब ३-४ ममनट तक ऐसे ही
करती रही किर रीमा बााँयी नननपल छोड कर दााँयी नननपल को चुसने लगी और
बााँयी नननपल को नाखुनो से कुरेदने लगी।
दसु रे नननपल को अच्छी तरह से चुसने के बाद ही उसने मेरे को छोडा। किर
मेरी और देख कर आाँखो मे आाँखे डाल कर पूछा कैसा लगा बेटा मााँ का तुम्हारी
नननपल चुसना। मैं बोला क्या बतााँऊ मााँ बस इतना कह सकता हूाँ कक तुम्हारे
इस बेटे को तुमसे बहुत कुछ सीखना है। सीखाओगी न मााँ अपने इस अनाडी
बेटे को। रीमा बोली िरूर बेटा आखखर मााँ होती ककस मलये है। मााँ का तो ये
कतमव्य है के उसके बेटे की शादी से पहले उसे सेक्स की पूरी मशक्षा दे प्रेप्क्टकल
के साथ प्िससे की उसकी पत्नी सुहाग रात को ये ना कह सके की उसकी मााँ
ने उसको कुछ भी नहीं मसखाया।
उसके मुहाँ से ये बात सुन कर मैं बोला मााँ तुम्हारे ववचार ककतने उत्तम हैं।
अगर तुम िैसी सबकी मााँ हो तो ककसी भी बेटे को रंडी के पास िाने की
िरूरत ही नही। सुन कर उसने मेरे होंठो पर ककस कर मलया और बोली तुम
बबल्कुल मेरे बेटे कहलाने के लायक हो। चलो मैं अब तुम्हारा लंड पैन्ट से बाहर
ननकाल देती हूाँ। ये भी मुझको गाली दे रहा होगा कक बात तो लंड को बाहर
ननकालने की कर रही थी और नननपलस को मिा देने लगी। कह रहा होगा
ककतनी ननदमयी है तुम्हारी मााँ। नंही मााँ मेरा लंड तो बल्की बहुत खुश है की मेरी
मााँ तुम हो।
वह तो कह रहा है की प्िस तरह से तुम मेरी मााँ हो तुम्हारी चुत उसकी मााँ
हुयी ओर िब तुम इतनी मस्त हो तो उसकी मााँ और भी मस्त होगी वोह भी
अपनी मााँ से ममलने और उसकी बााँहो मै िाने के मलये बेचैन है। रीमा बोली
उसके मलये तो उसको थोडा इंतिार करना पडगे ा। पहले म ैं अपने बेटे को और
उसके लंड को तो िी भर के नयार कर लाँ ू और अपने बेटे स े अपने आप को
और लंड की मााँ को नयार करा लाँ ू तब कही िा कर वोह अपनी मााँ स े ममल
सकता हे समझे। मैंने कहा हााँ मााँ तुम ठीक कह रही हो।
इतना कह कर रीमा ने मेरी पैन्ट खोलनी शुरु कर दी। िब रीम मेरी पैन्ट खोल
रही थी तो उसकी निर मेरी तरि थी। वह मेरी तरि देख कर मन्द मन्द
मुस्कुरा रही थी। सबसे पहले उसने मेरी बेल्ट को ननकाल कर िें क ददया। ओर
मेरी पैन्ट का बटन खोलने लगी। बटन ओर चैन खोल कर उसने कमर से पकड
कर एक ही झटके मे मेरी पैन्ट नीचे कर दी और साथ मै खुद भी नीचे बैठ
गयी। मैंने भी अपने पैर उठा कर पैन्ट ननकालने मे उसकी मदद की।
उसने पैन्ट ननकाल कर उसको भी एक कोने मे िें क ददया। मैंने अन्डर वीयर
पहन रखा था। रीमा का माँुह बबल्कु ल मेरे लंड के सामने था। मेरा लंड पूरी तरह
से खडा था िो कक मेरे अन्डर वीयर के उभार से पता चल रहा था। उसने मेरी
तरि देखा और अपनी िीभ बाहर ननकाल कर अपने होठों पर किराने लगी।
िैसे कोई बहुत ही स्वाददष्ठ चीि देख ली हो। और किर एक दम से आगे बढ
कर मेरे लंड को उन्डर वीयर के उपर से ककस करने लगी उन्डर वीयर की
इलाप्स्टक से लेकर नीचे िााँघो के िोड तक। किर रीमा ने मेरे उन्डर वीयर की
को कमर से पकड कर एक ही झटके मैं खीच कर उतार ददया।
मेरा लंड उत्तेिना के कारण मस्त होकर बुरी तरह से खडा हो गया थ। िैसे ही
रीमा ने मेरा उन्डर वीयर उतारा मेरा लंड उसके माँुह के सामने एक लम्बे सााँप
की तरह िुाँ कार मारते हुये नाचने लगा। मेरा लंड देख कर रीमा बोली हाय रे
इतना बडा लंड है मेरे बेटे का। किर उसने मेरे लंड को अपने हाथ मे पकड
मलया। िैसे ही उसने मेरे लंड को अपने कोमल हाथो मे पकडा मुझे ऐसा लगा
४४० वोल्ट का करंट लगा हो। मेरे लंड का हाल तब था िबकी उसने अभी तक
एक भी कपडा अपने बदन से नही उतारा था। मैं सोचने लगा कक िब मैं उसको
नंगा देखुाँगा तो मेरा क्या हाल होगा।
रीमा मेरे लंड को अपनी एक हथेली मे रख कर दसू रे हाथ स े उसको सहला रही
थी िैसे ककसी बच्चे को नयार से पुचकारते हैं। थोडी देर तक इसी तरह मेरे लंड
को पुचकारने के बाद रीमा उठ कर खडी हो गयी और बोली लो ननकाल ददया
मैंने तुम्हारे लंड को बाहर। अब हम चल कर बैठते हैं और थोडी नयार भरी बातें
करते हैं। किर मैं सोिे पर बेठ गया और रीमा से बोला आओ मााँ मेरी गोदी मैं
बैठ िाओ। हम लोग िब चाट ककया करते थे तब भी सबसे पहले मैं रीमा को
अपनी गोदी मे बबठा लेता था। रीमा थोडी सी मुस्कुरायी और आ कर मेरी गोदी
मे बैठ गयी।
रीमा इस तरह से मेरी गोदी मे बेठी थी की मेरा लंड उसकी गााँड की दरार मे
िंसा था। िैसा की मुझको मेरे लंड पर महसूस हो रहा था। उसने अपनी पीठ
मेरे कंधे से लगा ली थी और अपनी गोरी दााँयी बााँह मेरे गले के पीछे से
ननकाल कर दसु रे हाथ स े पकड ली। ओर मैंने पीछे स े अपने हाथ उसके कमर
मे डाल कर उसके नंगे पेट को पकड मलया। उसके इस तरह से बैठने के कारण
उसकी भारी भरकम चूगचयााँ मेरे माँुह के सामने आ गयी। साथ ही साथ उसके
मस्ताने चुतडो का दवाब मेरे लंड पर पड रहा था। मैं अपने आप को बडा ही
खुशककस्मत समझ रहा था इतनी मस्तानी औरत मेरी गोद मे बैठी थी।
मेरी निर उसकी बडी बडी गोलाईयो की तरि थी। चुगचयो के बीच की दरार
ऐसी थी िैसे कक ननमंत्रण दे रही हो कक आओ और घुसा दो अपना माँुह इस
खायी के अन्दर। किर रीमा ने पूछा अब बताओ बेटा कैसी लगी तुमको अपनी
ये बेशमम मााँ। मैंने कहा बहुत ही मस्तानी सेक्सी महा चुदक्कड चुदासी और रस
से भरपूर। इस पर रीमा मुस्कुरा दी और बोली ऐसे शब्द कोई भी औरत ककसी
मदम से अपने बारे मे सुने तो बस ननहाल हो िाये। और तुमने तो ये सब मेरे
मलये कहा अपनी मााँ के मलये, सुनकर मेरा ददल गदगद हो गया। इसका मतलब
है की मैं तुमको ररझाने मे सिल रही।
तुमने मुझको बताया था की तुम्हारी उम्र ४८ साल है पर देखने से तुम उससे
दस साल छोटी ददखती हो। ये तो तुम्हारी मुझे देखने की निर है बेटा नही तो
उम्र तो मेरी ४८ ही है। लेककन तुम्हारे माँुह स े अपनी तारीि सुन कर मुझ े बडा
अच्छा लगा। किर मैं बोला मााँ तुमसे एक बात पूछना चाहता हूाँ। रीमा बोली
पूछो। मैं िब से आया हूाँ मैंने गौर ककया हे की तुम्हारा ब्लाउस कािी तंग है।
प्िसकी विह से तुम्हारी चुगचयााँ ब्लाउस को िाड कर बाहर आने को तैयार है।
लगता है कक एक हफ़्ते बोम्बे मे रह कर चुगचयााँ मसलवाने से बडी हो गयी है
प्िसकी विह से तुम्हारा ब्लाउस छोटा हो गया है।मेरी बात सुनकर रीमा
खखलखखला कर हाँस पडी और बोली नही बेटा ब्लाउस तो मेरा एक दम नया है।
बोम्बे आने से पहले मसलवाया है। मैंने िानबूझ कर एक इन्च छोटा बनवाया
था प्िससे मैं इस तुमको ररझाने के मलये इस्तमाल कर सकाँू । प्िससे मेरी
चुगचयााँ और भी बडी बडी लगे। मुझे पता है की तुमको ब्लाउस मे से छााँकती
चुगचयााँ ककतनी पंसन्द है। इसीमलये गले का कट भी नोममल गहरे कट से थोडा
ज्यादा रखा है। इस ब्लाउस को पहन कर मैं बाहर तो िा ही नही सकती नही
तो लोग मेरा सडक पर ही बालात्कार कर देगें। ये तो स्पेशल ब्लाउस है िोकक
मैने अपने बेटे के मस्ती बढाने के मलये बनवाया है।
ओह मााँ तुम अपने बेटे का ककतना ख्याल रखती हो। रीमा ने कहा अगर मााँ
अपने बेटे का ख्याल नही रखेगी तो कौन रखेगा। किर मैंने कहा कक तुम ठीक
कह रही हो मााँ। मैंने तुम्हारे कााँख के बाल भी देखे ऐसा लग रहा है कक िैसा
तुम १ मदहने पहले छोटे कराने को कह रही थी पर तुमने छोटे ककये नही। रीमा
बोली बेटा मैं छोटे करना तो चाहती थी पर २-३ ददन मेरे बॉस के कुछ कलाइन्ट
आ रहे थे तो मुझे उन को खुश करना था। इसमलये काट नही पायी किर मेरे
बॉस ने बोला कक बोम्बे िाने का प्रोगाम बन सकता है । तो मैंने सोचा कक किर
तुमसे भी ममलना हो सकता है तो क्यो ना और बढा लेती हूाँ। वैसे भी तुम्को
मेरे कााँख के बाल बहुत पंसन्द है और इतने बडे बाल देख कर तो तुम बहुत
खुश होगे। हााँ मााँ मैं बहुत ही खुश हूाँ कक तुमने बाल नही काटे।
मााँ तुम्हारे होंठ भी बडे सुन्दर हैं तुमने कभी बताया नही कक तुम्हारे होंठ बडे
बडे और इतने उभार दार हैं। मुझको इस तरह कक होंठ बहुत पंसन्द हैं। रीमा
बोली मैं सोचती थी सब मदो को पतले होंठ पंसन्द होते है। अगर मैं तुम को
बता दंगू ी तो शायद तुम मुझस े बात करना पंसन्द करो या नही। तुम िैसे बेटे
कहााँ ममलते हैं। मैं तुमको खोना नही चाहती थी इसमलये नही बताया। मैंने पुछा
की यह भी तो हो सकता था कक मैं यहााँ आकर तुम्हारे होठ पंसन्द नही करता
और चला िाता। रीमा ने कहा मुझे उसका थोडा सा डर था इसमलये ही मैंने
तुमको लुभाने के मलये कसा हुआ ब्लाउस बनवाया था। तुमको बुरा लगा क्या
बेटा आई एम सोरी बेटा।
ऐसा कह कर उसने अपनी आाँखे नीची कर ली और उसका चेहरा उदास हो
गया। मैंने कहा मााँ इसमे इतना उदास होने की बात क्या है। तुमको तो खुश
होना चादहये कक मुझे तुम्हारे होंठ पंसन्द आये। उसने मेरी तरि देखा और
मुस्कुरा दी और मुझको गले से लगा मलया। और बोली बेटा तुम्हारी मााँ अपनी
असली प्िन्दगी मैं चाहे प्ितनी भी बडी रंडी हो पर तुमको बहुत नयार करती
है। मेरे अपना तो कोई बेटा है नही लेककन मैंने तुमको ही अपना बेटा माना है।
अपनी मााँ से कभी भी निरत मत करना बेटा। नही मााँ कभी नही कह कर मैंने
भी रीमा को अपनी बााँहो मे िकड मलया। और उसकी पीठ पर हाथ िेरने लगा।
अब तक मैं यही सोच रहा था कक हम दोनो के बीच मसिम वासना का ररकता
पनप रहा है। लेककन मुझे आि पता चला कक चाहे हम दोनो एक दसू रे के पास
वासना कक विह से आये हों पर रीमा सच मे मुझे एक बेटे कक तरह नयार
करने लगी थी। और असली प्िन्दगी मे वह बहुत ही अकेली थी। और अकेली
होने कक विह से ही शायद इस समाि से लडने के मलये वोह अपने बॉस की
रंडी बनी हुयी थी। मैंने भी सोच मलया था की इन चार ददन मैं उसको इतना
नयार दंगू ा कक वोह इन ददनो को कभी भी नही भूल पायेगी।
किर रीमा पहले कक तरह बैठ गयी और बोली मैं भी क्या बात ले कर बैठ गयी
तुमको मेरे होंठ पंसन्द आये मैं बहुत खुश हूाँ। और बतओ मेरे शरीर के बारे मैं
और क्या क्या तुमको अच्छा लगता है। मैंने कहा मााँ मुझे तुम उपर बाल से
लेकर पैरो तक पूरी की पूरी अच्छी लगती हो। रीमा बोली तो किर बताओ हर
अंग के बारे म े तुम्हारे माँुह स े मुझको अपनी तारीि अच्छी लग रही है। तुम्हारी
ये गोरी गोरी मााँसल बााँहे मुझे अच्छी लगती हैं इतना कह कर मैंने उसकी बााँहो
हो कोहनी के उपर स े चूम मलया। ऐसा ही मैंने दसु री बााँह के साथ भी ककया।
मुझे तुम्हारी ये बडी बडी आाँखे अच्छी लगती है। ककतनी गहरी है। और इन
आाँखो मे मेरे मलये नयार और वासना झलकती है। मााँ के नयार के साथ छुपी
हुयी एक अधेड उम्र की औरत की वासना इनको और भी रहस्यमयी बना देती
है। और मेरा मन करता है कक इनको नयार करू। रीमा ने कहा तो कर लो नयार
कौन मना कर रहा है। यह कह उसने अपनी आाँखे बंद कर ली किर मैंने पहले
दााँयी आाँख पर ककस ककया किर बााँयी आाँख पर। और किर रीमा ने अपनी आाँखे
खोली और मेरे गाल पर ककस कर मलया और बोली की तुम बहुत ही नयार बेटे
हो।
किर मैंने कहा मुझे तुम्हारा ये नंगा पेट भी अच्छा लगा क्योकी तुमने साडी
नाभी के नीचे पहनी है और तुम्हारी बडी गहरी नाभी ददखायी दे रही है िो मेरी
मस्ती को और भी बढा रही है। और मेरा लंड तुम्हारी गााँड के बीच मे िंसा
तडप रहा िैसे मछली पानी के बाहर तडपती है। इस पर रीमा ने कहा ओह मेरे
नयारे बेटे मैं तुम्हारे लंड को इस तरह से तडपाना तो नही चाहती पर क्या करू
अभी उसके मिा लेने का वक्त आया नही है। उसे तो अभी तडपना होगा मेरे
मलये क्योकी मेरे को तो अभी अभी ही थोडा थोडा मिा आना शुरू हुआ है।
लेककन अगर तुम कहोगे तो मैं तुम्हारे लंड को तडपााँगी नही। लेककन अगर तुम
मेरे कहे अनुसार चलोगे तो मैं तुमसे वादा करती हूाँ कक तुमको बहुत मिा
आयेगा।
मैंने कहा की मााँ तुमको वादा करने की िरुरत ही नही है मुझको पता है कक
तुम मुझको बहुत मिा दोगी और मुझे उस मे कोई शक नही है। मेरी बात
सुनकर वोह बहुत खुश हुयी। और बोली मुझे खुशी है की तुम इस बात को
समझते हो कक िल्दबािी से ज्यादा मिा देर तक धीरे धीरे नयार करने मे
आता है। चलो शुरू हो िओ किर से। मैं धीरे से मुस्कुराया और बोला मुझे
तुम्हारा इस तरह बेशमी से गंदी गंदी बातें करना भी अच्छा लगता है। इस पर
रीमा ने कहा मेरे बेटे ये बाते गंदी कहााँ है य े तो दनु नया कक सबसे अच्छी बातें
है। अगर दनु नया म े सब लोग सबकु छ भूल कर मसिम सेक्स की बात करे तो ये
दनु नया ककतनी सुखी हो िाये।
पर बेटा तुम गचन्ता मत करो तुम्हारी ये मााँ तुम्को बेशमम बनना मसखा देगी तब
तुम भी ऐसी ही गंदी गंदी बाते कर सकते हो। मााँ मुझे चुदायी करते वक्त
गमलयााँ देना और सुनना पंसन्द है। रीमा बोली बेटा ये तो बहुत ही अच्छी बात
है क्योकी गमलयााँ तो मस्ती मे हम उसी को देते है प्िससे सबसे ज्यादा नयार
करते है। प्ितनी बडी और गंदी गाली उतना ही ज्यादा नयार झलकता है।
समझ गया रंडी की औलाद। उसके मुहाँ से गली सुन कर मेरे लंड ने एक झटका
सा लगा िोकी उसकी चूतडो की दरार के बीच िंसा हुआ था।
किर मैंने कहा मााँ मुझको तुम्हारे शरीर के सारे कपडे भी अच्छे लगते है। रीमा
ने कहा अच्छा बता इनमे भला तुझे क्या अच्छा लगता है। मैंने कहा इनकी
मादक खुशबु। इन कपडो से ननकलने वाली मस्तानी सुगंध। इस सुगंध मे कपडो
की गंध के साथ साथ तुम्हारे बदन और तुम्हारे पसीने की सोंधी गंध भी
शाममल है। िोकी इसको और भी मादक बना देती है।
किर मैंने कहा मुझे तुम्हारे पैरो म े य े उाँची ऐडी के सैडलं भी बहुत अच्छे लगते
है। िब तुम इनको पहन कर चल रही थी तो तुम्हारे भारी भरकम चूतड क्या
मस्त मटक रहे थे और ५ इन्च हील की विह से चूतड और भी उभर कर शरीर
के बाहर की और ननकल आये हैं िो कक इन बडे बडे चूतडो और भी मस्त बना
देते है। प्िसकी विह से ये और भी बडे लगते है। और ऊाँ ची हील कक विह से
चाल और भी मस्तनी हो िाती है। क्योकी तुम्हारे मम्मे इतने बडे है इस मलये
ये हर कदम के साथ उछलते है। और ये दशमय देख कर ककसी मुदे का लंड भी
खडा होने को मिबूर हो िाये।
तुमस े चाट रूम मे ममलने से पहले म ैं उाँची ऐडी के सैडलं नही पहना करती थी।
िब तुमने मुझ े बताया था की तुमको उाँची ऐडी के सैडलं पंसन्द है और अगर
ऐडी करीब ५ या ६ इन्च हो तो क्या कहने। तब पहले तो कुछ ददन तक मैंने
सोचा की इनका सेक्स मैं क्या काम। लेककन मैं एक बार एक शाप पर गयी
और सैडलं देख कर सोचा क्यो न म ैं ट्र्यी करके देखाँू और िब मैंने शीशे म े
अपने चूतड देखे तो मैंने कहा तुम गलत नही हो। मेरे मस्त चूतड और भी
बाहर ननकल आये थे और आस पास के कई मदम मेरे चूतडो को घूर घूर कर
देख रहे थे। तब स े मैंने कई िोडी सैडलं खरीदे है। और म ैं कयी सारे िोडी ल े
कर आयी हूाँ।
किर मैं बोला मााँ सबसे अच्छा अंग तो मुझे तुम्हारे चूतड लगते है। औरत के
चूतड मेरा सबसे पंसन्दीदा अंग है। और तुम्हारे चूतडो के तो क्या कहने। इतने
बडे बडे है और तुम्हारी कमर पतली होने की विह से औरे भी बडे लगते है।
तुमने पेटीकोट भी इतना नीचे पहना है की तुम्हारे चूतडो की दरार कहााँ से शुरू
होती है वो भी ददखायी देती है। और क्या तारीि करु इन चूतडो की ये इतने
सेक्सी है कक मेरे पास कोई शब्द ही नही है। मेरी बात सुन कर रीमा ने कहा
की तुम सही बोल रहे हो या मेरे को रीझाने के मलये ऐसा कह रहे हो मुझे नही
पता पर तुम तारीि करना खूब िानते हो। मैने कहा मै कोई झूठी तारीि नही
कर रहा हूाँ मााँ तुम हो ही इतनी सुन्दर मैने प्ितना भी तुम्हारे रूप के बारे मे
कहा है वह तो तुम्हारी सुन्दरता का मसिम १० प्रनतशत ही है। रीमा ने कहा चल
झूठा कही का। मााँ के साथ खेल करता है।
और ऐसा कह कर रीमा ने एक हल्की सी चपत मेरे गाल पर लगा दी। और
बोली चल बता और क्या क्या अच्छा लगा तुझे तेरी मााँ मे। मैं बोला मैंने सब
कुछ तो बता ददया। और तो कुछ नही बचा। बोली कैसे नही मेरी सबसे कीमती
चीि तो अभी बची है। मैं बोला पर वह तो तुम्हारे कपडो से ढकी है। तो किर
ऐसे देख क्या रहा है उतार दे मेरे कपडे मैंने तुझे मना थोडी ककया है। तूने ही
नही उतारे मेरे कपडे मैंने तो सोचा था िैसे ही आयेगा वैसे ही मेरे रूप को देख
कर मेरे कपडे िाड देगा। मााँ की बात सुन कर मैंने कहा नही मााँ पहले मैं
तुम्हारे होंठो का रस वपयूगां किर तुम्हारे कपडे उतारूगााँ।
रीमा बोली की अरे पहले कपडे उतार के मुझे नंगा कर दे किर मेरे होठों का रस
पी लेना मैं भागी थोडी ही िा रही हूाँ। मैने कहा नही मााँ चाहे थोडी देर ही सही
पर मैं पहले तुम्हारे होंठो कर रस पीयूगााँ। इस पर रीमा ने कहा ठीक है पी ले
मेरे होंठ। मााँ हूाँ क्या करू बेटे की बात माननी ही पडगे ी। म ैं बोला ओह मााँ तुम
ककतनी अच्छी हो। इस पर रीमा बोली के बस ५ ममनट ही। मैंने कहा ठीक है।
किर मैंने अपने होठं रीमा के होठ से लगा ददये और एक ककस ले मलया। किर
म ैं अपने हाथ उसकी गदमन के पीछे ले गया और उसके माँुह को अपनी तरि
खीचा और अपनी िीभ ननकाल कर उसके होंठो पर िीभ किराने लगा। थोडी देर
इसी तरह से िीभ किराने के बाद मैंने उसका ननचला होंठ अपने होंठो के बीच
पकड मलया और किर उस पर िीभ किराने लगा।
उसके होंठो को चुसने से पहले मै गीला कर देना चाहता था। थोडी देर तक इसी
तरह उसके होंठो को गगला करने के बाद मैने उसके होंठ चुसने शुरू कर ददये।
मैं बहुत िोर िोर से उसके होंठो को चूस रहा था। रीमा भी अपनी िीभ
ननकाल कर मेरे उपरी होंठ के उपर किरा रही थी और साथ ही साथ अपना
बहुत सा थूक अपने नीचले होंठ के पास िमा कर रही थी प्िस से मैं ज्यादा से
ज्यादा उसके स्वाददष्ट थूक को पी सकाँू । म ैं भी हर थोडी देर मे नीचले होंठ को
छोड कर उसका थूक अपनी िीभ की मदद से उसके होंठो पर मलने लगता
और अच्छी तरह से मल कर किर से उसके होंठ को चुसने लगता करीब २
ममनट तक मैं ऐसा ही उसके साथ करता रहा। मैं इतनी िल्दी नही छोडना
चाहता था पर क्या करता मेरे पास मसिम ५ ममनट थे और मैं भी रीमा को
िल्दी से िल्दी नंगा कर देना चाहता था।
किर मैंने उसका ननचला होंठ छोड कर उसका उपरी होंठ अपने दोनो होंठो के
बीच पकड मलया। और उसको भी अपने थूक से गीला कर ददया। रीम ने भी
मेरा नीचला होंठ अपने थूक से गगला कर ददया था। थोडी देर तक मैं उसके
होंठ को गीला करता रहा और और चुसता रहा किर एक दम से मैंने अपनी
िीभ को नुकीला कर के उसके दााँतों और होंठो के बीच डाल दी और उसके दााँतों
पर किराने लगा। वोह भी अपनी िीभ को नुकीली बना कर मेरे िीभ के नीचे
गोल गोल घुमाने लगी। प्िससे उसकी िीभ से लार ननकल कर मेरे मुहाँ मे
गगरने लगी और मेरी िीभ के नीचे िमा होने लगी।
थोडी देर इसी तरह से उसके दााँत और होंठ के बीच की और उसके िीभ से
टपकती लार मेरे माँुह म े िमा हो गयी। किर मैंने रीमा के होंठ माँुह म े लेकर
चूसन े लगा तथा साथ ही साथ माँुह के अन्दर िमी स्वाददष्ट लार को भी म ैं पी
गया। ये लार मेरे मलये अम्रत थी। किर थोडी देर तक इसी तरह मैं उसका होंठ
चुसता और लार पीता रहा। और िैसे ही करीब ५ ममनट हुये मैंने आखरी बार
उसके होंठो पर अपने होठ रखे और एक गहरा चुम्बन लेकर उससे अलग हो
गया। किर मैंने पूछा मिा आया मााँ। तो रीमा बोली हााँ बेटा बहुत मिा आया।
तुम तो बहुत ही अच्छी ककस करते हो बेटा। मैं तो सोच रही थी तुमको ककस
करने की भी ट्रेननग देनी पडगे ी लेककन ऐसा लगता तो नही है। मैंने कहा मााँ
ट्रेननग कक िरूरत तो मुझे है क्योकक चाहे प्ितना भी अच्छा ककस मैं करता हूाँ
पर तुमसे अच्छा तो नही हो सकता। रीमा बोली वोह तो तुम ठीक ही कह रहे
हो मेरे रािा बेटा ठीक है मैं तुम को पुरी तरह ट्रेन कर दाँगू ी ठीक है मैंने कहा
हााँ मााँ। किर रीमा बोली चल अब िल्दी से मेरे कपडो को उतार कर िें क दे।
मेरी मस्ती होंठ चूसायी के कारण बढ चुकी है और अब मुझे ये कपडे अपने
बदन पर बहुत ही बुरे लग रहे है। इस पर मैने कहा मााँ तुम मुझको उसी तरह
नंगा नाच कर के ददखाओ िैसा तुमने एक बार बताया था चाट पर। करुाँ गी बेटा
वोह भी करुाँ गी लेककन सबसे पहले मै तेरे हाथो से नंगी होना चाहती हूाँ। प्िससे
तुझे धीरे धीरे मेरे नंगे होते शरीर को देखने का निारा प्िन्दगी भर याद
रहे।बात तो तुम ठीक कह रही हो मााँ। मैं िब तुम्हारे कपडे धीरे धीरे उतारुगााँ
और तुम्हारे बदन का एक एक दहस्सा नग्न हो कर मेरी आाँखो के सामने प्रकट
होगा तो पहली बार उस नग्न दहस्से को देखने मे िो मिा आयेगा उसकी छवव
तो कभी भी मेरी आाँखो से नही िा सकती। रीमा तू बहुत ही समझदार है बेटा
तेरे िैसा बेटा पा कर कोई भी मााँ धन्य हो िाये। उसकी बात सुनकर मैं थोडा
सा शमाम गया। इसपर रीमा ने कहा हाय देखूाँ तो ऐसे शमाम रहा है िैसे कोई
लोडडयं ा हो। चल अब लग िा काम पर और कर दे अपनी मााँ को नंगी। तेरी
इस रंडी मााँ को ककतने ही ग्राहको ने नंगा ककया है तू भी कर दे नंगा।
देखले अपनी रंडी मााँ का नंगा बदन। तेरी इस रंडी मााँ का कोई भी दल्ला नही
है। तेरी मााँ को खुद ही मेहनत करनी पडती है ग्राहको को ढूढने मे। अखखर रंडी
हूाँ एक ददन धंधा ना करू तो चूत की खुिली रात भर सोने नही देती। तो मेरा
दल्ला बनेगा बेटा। मेरी दलाली करेगा। हाय रे क्या मस्त िोडी होगी हमारी रंडी
मााँ और दलाल बेटा। तेरी ये मााँ तुझको दलाली के सारे गुण मसखा देगी। और
तुझको अपनी कमायी का आधा दहस्सा भी दाँगू ी। और तेरे को और नयी नयी
रंडीयो की चूत भी ददलवाऊगी उनकी भी दलाली तू ही करना बेटा। बोल बेटा
बोल करेगा अपनी मााँ की दलाली।
रीमा की इतनी गंदी गंदी बाते सुनकर मेरा लंड मचल उठा था। रीमा किर बोली
बोल रंडी की औलाद भोसडे के पेदायीश हरामी साले तेरी मााँ को दस कुत्तो ने
चोदा तो तु पैदा हुआ बोलता क्यो नही करेगा अपनी इस रंडी मााँ की दलाली।
ये सुनकर मेरी हालत बबल्कुल ही खराब हो गयी पुरा बदन मस्ती मे गरम हो
गया मेरा लंड मस्त हो कर प्रीकम बहाने लगा। और मैंने बोला हााँ मााँ मैं करूगााँ
तेरी दलाली। सुनकर रीमा बहुत ही खुश हुयी और मुझको अपने गले से लगा
मलया और बोली तू सही मे मेरा बेटा होता तो अब तक मैं तुझसे अपनी दलाली
करवा रही होती पर तू गचन्ता मत कर अगर मुझे मौका ममला तो तुझसे अपनी
दलाली िरूर करूाँ गी। किर वोह मुझसे अलग हो गयी और बोली चल अब खडा
खडा क्या देख रहा है उतार मेरे कपडे साले रंडी की औलाद।
मैंने सोचा अब मााँ के भरपूर बदन को नंगा देखने का वक्त आ गया है। मैंने
सोचा रीमा के कपडे उतारने से पहले आखरी बार उसको गमम कर दाँ।ू और यही
सोच कर मैंने रीमा से कहा मााँ तुम वह पहली औरत होगी प्िसको मैं नंगा
देखूाँगा। तुम्हारे भारी चूगचयााँ पहली चूगचयााँ होगी प्िनको मैं मसलूगााँ। तुम्हारी
घुडडयााँ(नननपल्स) पहली घुडडयााँ होंगी प्िनको मैं चूसूगााँ और खीचूगााँ। तुम्हारे
चूतड वह पहले चूतड होंगे प्िन को मैं नयार करूगााँ। तुम्हारी गााँड वह पहली
गााँड होगी प्िसको मारने से पहले म ैं चाट चाट कर गीली कर दगू ााँ। और
तुम्हारी चूत पहली चूत होगी प्िसको मैं चाट चाट कर झडाऊगााँ और किर
उसमे अपना लम्बा लंड डाल कर चोदगू ााँ। और तुम ही वह पहली औरत होगी
िो मेरा कुवााँरापन ले लोगी।
हाय रे मेरे लाल तुने तो मुझको इतना गरम कर ददया है की अगर और कुछ
पल ये कपडे मेरे शरीर पर रहे तो इनमे आग लग िायेगी। बेटा अपनी मााँ को
और मत तडपा पहले ही वह तुझसे इतने सालो दरू रह कर तडपी है। बेटा अब
उतार दे मेरे कपड।े मैंने सोचा अब रीमा के कपड े उतार ही देने चादहये ज्यादा
तडपाना ठीक नही है। कही मााँ अपने कपडे उतार कर खुद ही न िेक दे िो की
मैं नही चाहता था। और अब मेरा लंड भी रीमा को नंगा देखने के मलये बेताब
हुआ िा रहा था। पर साथ ही साथ मुझको ये भी डर था रीमा बहुत ही
मस्तानी औरत है। कही उसके मस्ताने नंगे बदन को देख कर मेरा लंड बबना
छुये ही झड िाये। और मुझे पता था कक इसके मलये मुझे बहुत मेहनत करनी
पडगे ी।
किर मैं आगे बढा और रीमा के हाथ पकड मलये और उठा कर चूम मलये। और
बोल थीक है लाओ मााँ उतार देता हूाँ मैं तुम्हारे कपड।े ये सुन रीमा ने अपना
पल्लू िो कक उसने शुरू मैं अपने पेटीकोट मे खोसं मलया था ननकाला और
मुस्कुराते हुये मेरे हाथ मैं पकडा और शमामते हुये बोली लो बेटा। वोह कुछ इस
तरह से शमामयी थी िैसे की नयी नवेली दल्ु हन हो िो कक सेक्स के बारे
बबल्कुल अंिान है। रीमा सही मे एक खेली खायी औरत थी उसे सब पता था
कब और कैसे मदम के साथ बतामव ककया िाना चदहये। उसके इस शमामने ने मेरे
शरीर मे मस्ती भरा िोश भर ददया।
वैसे भी अब मेरा हाल भी बुरा हो चुका। मुझको इस कमरे मे आये हुये करीब
एक घंटा हो चुका था और तभी से मेरा लंड खडा था। और मेरे आने के थोडी
देर बाद ही रीमा ने मेरे कपडे उतार ददये थे। मैंने उसका पल्लू पकडा और मन
मे यह ननकचय कर मलया था की उसके बदन के साथ पूरा न्याय करूाँ गा और
धीरे धीरे उसका एक एक अंग ननवस्त्र करूगााँ। सबसे पहले मैंने उसका पल्लू
पकड कर सूघं मलया। िैसे की मैं रीमा को बता चुका था कक मुझे कपडो कक
गंध सूंघना पंसन्द है। मैं उसके हर कपडे को उतारते हुये उसकी खुशबु सूंघना
चाहाता था।
उसकी साडी मे से बहुत मादक गंध आ रही थी। इस गंध मे उसकी बदन की
खुशबु और पसीने कक गंध ममली हुयी थी। और किर मैंने उसका पल्लू चूम
मलया। िब मैं उसका पल्लू चूम रहा था तो उसकी आाँखो मैं आाँखो डाल कर
देख रहा था। उसकी आाँखो मे वासना के लाल डोरे ददखायी दे रहे थे। किर मैने
उसका पल्लू छोड ददया और उसके सामने अपने घुटनो के बल बैठ गया और
आगे बढ कर उसकी नाभी का चुम्बन ले मलया। मेरे इस तरह से अचानक
चुम्बन ल े लेने से उसके माँुह से एक मसस्कारी ननकल गयी। उसका पल्ल ू
कालीन पर पडा था और उसके पेटीकोट से िुडा हुआ दहस्से को मैंने अपने हाथ
मे पकड मलया।
उसने साडी मे करीब ८ नलेट डाल रखी थी। मैंने उसका पल्लू पकड कर अपने
बदन के उपर डाल मलया। उसकी साडी नायलॉन की थी मेरे नंगे बदन पर
उसका स्पशम कािी अच्छा लग रहा था। रीमा खडी हुयी मेरे हरकतो को देख
रही थी। किर मैंने धीरे से उसकी साडी को खीचा प्िससे उसकी एक नलेट
ननकल कर बाहर आ गयी मैंने साडी के उस छोटे दहस्से को अपने चहरे पर
रखा और सबसे पहले एक गहरी सााँस ले कर उसे सुंधा किर उसके ३-४ चुम्बन
ले मलये। रीमा मुझको अपने कपडे उतारते हुये देख रही थी। उसके चहरे मे मेरे
मलये वासना और मातृ प्रेम के ममले िुले भाव थे। अब मेरा लंड भी उसकी
साडी से टकरा रहा था प्िसकी विह से प्रीकम से भीगा हुआ मेरा लंड उसकी
साडी को गगला कर रहा था।
मुझको इस तरह कपडे उतरते देख कर रीमा के अन्दर की मस्ती उबाल मार
रही थी और वोह बोली हाय रे मेरे मस्ताने बेटे उतार दे मेरे कपडे मेरी साडी भी
तेरे रस से गीली हो रही है। इस साडी को तो अब पूरी तरह सम्भाल कर रखना
पडगे ा क्योकी इसमे अब तुम्हारे लंड का रस ममल गया है। और ये साडी हमेशा
मेरे पास हमारे पहले ममलन की यादगार बन कर रहेगी। रीमा की बात सुनकर
मेरी मस्ती और बढ गयी और मैंने इसी तरह उसकी साडी को खीचना और
नयार करना िारी रखा और रीमा भी मुझे गंदी गंदी गामलयााँ देती हुयी साडी
उतारने के मलये प्रोत्सादहत करती रही। और इसतरह उसकी साडी की ८ नलेटे
ननकालने मैं मुझे १० ममनट लग गये। और रीमा की साडी कयी िगह से मेरे
लंड रस और मेरे चुमने के करण लगे थूक से गीली हो गयी थी।
साडी की सारी नलेटे ननकाल देने के बाद मैंने साडी को धीरे धीरे खीचना चालू
ककया और रीमा से बोला मााँ तुम धीरे धीरे घूमो प्िस से मैं तुम्हारी साडी
तुम्हारे बदन से अलग कर सकु। रीमा बोली ठीक है बेटा। और उसकी साडी को
खीचते हुये अभी भी मैंने साडी को सूंघना और चूमना िारी रखा था। इसतरह
घूमते घूमते वोह पलट गयी। और मेरी आाँखो के सामने उसके चूतड आ गये।
उसके चूतड देख कर मुझसे रहा नही गया और मैं उसके चूतडो पर टूट पडा।
और उस पर िोर िोर से ककस करने लगा। इस पर रीमा बोली अरे ओ गााँडू
साले मैं कही भागी थोडी ही िा रही हूाँ पहले मुझे नंगा कर किर नयार करना
समझा रंडी की औलाद।
उसकी बात सुनकर मैं किर से उसकी साडी उतारने मे िुट गया। और उसी
तरह सुघंते चुमते और साडी को अपने लंड रस से गीला करते हुये मैंने उसकी
साडी उतार दी। उसकी साडी उतारने मे मुझे पूरे २० ममनट लगे। साडी पूरी उतर
चुकी थी और मेरे शरीर से मलपट गयी थी। मैंने अपने हाथों से साडी का एक
गोला बना कर सोिे पर डाल दी। साडी को सोिे पर रखने के बाद मेरी निर
उसके पेटीकोट पर गयी। उसका पेटीकोट भी गुलाबी रंग का था। पर पेटीकोट
िहााँ पर कमर से बंधा था वहााँ पर िटा हुआ था। उसके छेद का आकार बत्रकोन
था और साईि कमर पर एक िुट और कमर से पैरो की तरि १/२ िुट था।
और उस छेद मे से उसकी पैन्टी साि झलक रही थी।
रीमा ने काले रंग की पैन्टी पहन रखी थी और वह पैन्टी देखने मैं नायलान की
लग रही थी। और उस पर िाहां पैन्टी चूत के सामने होती है उस िगह पर
लाल रंग का ददल बना हुआ था। वह लाल रंग का ददल वास्तव मैं काली पैन्टी
के उपर अलग से मसला गया था। काले रंग की पैन्टी और उस पर लाल रंग का
ददल ठीक चूत के सामने ककसी भी मदम को उत्तेप्ित करने के मलये कािी था
और इसका असर मुझ पर भी हो रहा था। पर इस के अलावा लाल रंग के ददल
पर सिेद रंग से कढा हुआ था िोर यू इस तरह से लग रहा था िैसे उसको
पहनने वाली औरत कह रही हो ओ मेरे ददल के रािा मेरे प्रीतम मेरी ये लाल
लपलपाती चूत तुम्हारे मलये है। मैं चाहती हूाँ की तुम इसको भोग कर चरम
सुख को प्रानत करो।
पहले से ही मेरी हालत खराब थी और इसको देख कर तो मेरे लंड ने १-२
झटके लगाये। और मेरा मन ककया की आगे बढ कर इस चूत को खा िाऊ।
रीमा की हालत भी मस्ती मे बहुत खराब हो रही थी। क्योकी उसकक पैन्टी
उसके चूत से ननकलते रस की विह से पूरी तरह गीली हो चुकी थी। शायद
बहुत देर से उसकी चूत मस्ती भरा रस बहा रही थी। और किर मुझसे बबल्कुल
भी रुका नही गया और मैंने अपने हाथ उसकी िााँघो के दोनो तरि रखे और
उसकी िााँघो को पकड कर अपना माँुह आगे बढा कर उसकी पैन्टी पर एक
गहरा ककस ले मलया। शायद रीमा इस ककस के मलये तैयार नही थी। क्योकी
मेरे ककस लेते ही उसके माँुह से एक मसस्कारी ननकल पडी। म ैं भी बहुत मस्त
था मैंने भी उत्तेिना मे २-४ ककस और ले मलये।
मेरे इस तरह से ककस लेने से वह सी सी करने लगी उसका इसतरह से
मसस्कारना मेरे मलये ककसी मधुर संगीत के समान था। कुछ सैकंड ककस करने
के बाद मैं रुक गया और और इसी तरह उसकी िााँघो को पकडे पकडे मैंने रीमा
की तरि देखने लगा रीमा भी मेरी तरि मस्ती भरी ननगाहो से देखकर मुस्कुरा
रही थी पर उसके चहरे के भाव देख कर लग रहा था िैसे पूछ रही हो कैसी
लगी मेरी इस सेक्सी पैन्टी से छुपी हुयी चूत। उसको इस तरह से मेरी ओर
देखाते देख कर मैं रीमा से बोला मााँ तुम्हारा पेटीकोट िटा हुआ था और उसमे
से तुम्हारी पैन्टी झााँक रही थी िैसे ननमंत्रण दे रही हो कक आओ और मुझे
नयार करो और मुझसे रहा नही गया और मैंने तुम्हारी चूत को ककस कर मलया।
कोई बात नही बेटा मैंने तो बहुत खुश हूाँ प्िस तरह से तुम मेरी पैन्टी पर टूट
पडे मुझे बहुत अच्छा लगा। मैंने रीमा से कहा मााँ तब तो तुमने बहुत अच्छा
ककया िो िटा हुआ पेटीकोट पहना। इस पर रीमा बोली अरे मेरे बुध्दु बेटे तू
अभी तक नही समझा मैं तो सोच रही थी की तू समझ गया होगा। मेरा यह
पेटीकोट तुझको कही पुराना ददखायी देता है। मैंने पेटीकोट को गोर से देखा और
बोला नही ये तो बबल्कुल नया ददख रहा है तो किर ये िट कैसे गया मााँ। इस
पर रीमा ने कहा मेरे नादान बेटे ये पेटीकोट तो मैंने िानबूझ कर िाडा था
प्िस से की तू मेरी पैन्टी देख सके। मुझे पता है कक मदम औरत की पैन्टी देख
कर ककतने मस्त हो िाते है। इसीमलये मैं तुमको अपनी पैन्टी ददखाना चाहती
थी। और तुमहारे चहरे के भाव देख कर मैं बहुत खुश हूाँ कक मैंने ठीक ही ककया
िो अपना पेटीकोट िाड मलया।
मैं रीमा की बात सुनकर बोला मााँ तुम सचमुच िानती हो कक मदम को कैसे
अपने वश मे ककया िाता है। तुम चाहो तो ककसी को भी अपना गुलाम बना
लो। इसपर रीमा मुस्कुरा दी और बोली चल झूठा कही का। मेरे हाथ अभी भी
रीमा की िााँघो पर थे। किर मैं बोल मााँ तुमने पैन्टी भी बहुत मस्त पहनी है।
इसका डडिाईन इस तरह का है की ककसी को भी अपनी तरि आकवषमत कर ले
िाहे वह मदम हो या औरत। इस पर बना यह ददल और मलखा हुआ िोर यू
इसको पहनने वाले की सुन्दरता को और बढा देता है और साथ दह साथ पैन्टी
मे एक शरारत भर देता है। इसको बनाने वाला अगर मुझे ममल िाये तो मैं
उसके हाथ चूम लाँू।
यह सुनकर रीमा ने अपने हाथ आगे बढा ददये और बोली लो चूम लो मेरे हाथ।
इसको बनाने वाली मैं ही हूाँ। मैंने ही अपने हाथो से सबसे पहले इस पर लाल
रंग का ददल बनाया और किर इस पर िोर यू कढा। मुझे अहसास था की अगर
मैं ऐसा करुाँ गी तो तुमको बहुत पंसन्द आयेगा। उसकी बात सुनकर मैं रीमा की
और देखने लगा मैं मन ही मन उसके चुदक्कड ददमाग को सलामी दे रहा था।
मेरे को इस तरह देखते हुये रीमा ने मुस्कुराते हुये अपने चहरे को उपर नीचे
दहलाया और बोली हााँ बेटा ये तेरी इस मााँ का ही कारनामा है। ये सुनकर मैंने
रीमा के दोनो हाथ अपने हाथो मे लेकर चुम्बनो की बोछार कर दी। पुच पुच
पुच की आवाि पूरे रुम मे गूाँिने लगी। और किी देर तक मैं उसके हाथो को
चूमता रहाकिर मैंने अपने हाथो से उसके चुतडो को अपनी बााँहो मे भर मलया
और उसकी पैन्टी का एक चुम्बन लेकर अपना गाल उसकी पैन्टी पर रख ददया।
मेरा गाल गीला हो गया क्योकी उसकी चूत बराबर रस बहा रही थी। मैने रीमा
से कहा मााँ मेरे को अभी यहााँ आये हुये २ घंटे भी नही हुये तो और इस समय
मे तुमने िो अपनी बातो और बदन से िो मुझे मिा ददया है ऐसा मिा मुझे
कभी नही ममला। और िबकी मैंने तुमको अभी तक नंगा भी नही देखा पर तुम
मेरे ददल मे बहुत गहरायी तक बस गयी हो। मुझे लगता है कक मैं तुम्हारे बबना
नही रह सकता। इन चार ददनो बाद िब हम अलग होंगे तो मेरा क्या होगा। मैं
तुम्हारे बबना कैसे रहूाँगा मााँ।
इसपर रीमा मेरे बालो मे हाथ िेरने लगी और बोली मेरे नयारे बेटे मैं तुमसे
अलग कहााँ होगी। आि तुम मुझको नंगा करने के बाद मेरे पुरे बदन को अपने
हाथ से छुओगे और नयार करोगे किर मुझको अपने इस बडे मुसल िैसे लंड से
चोदोगे तो उसके बाद मेरा अंग अंग तुम्हारे अन्दर बस िायेगा तब हम अलग
कहााँ होगें बोलो। मैंने कहा तुम ठीक कहती हो मााँ। इस पर रीमा बोली चल
किर लग िा अपने काम पर उतार मेरे कपडे साले मुझे पता है तू िल्दी से
िल्दी मुझे चोदना चाहता है इसमलये ये सब नाटक कर रहा है। पर मैं भी तेरी
मााँ हूाँ पुरा मिा मलये बबना तुझको चोदने नही दाँगु ी समझा। मैंने कहा हााँ मााँ।
और किर दबु ार उसकी पैन्टी का एक लम्बा ककस ले कर खडा हो गया।
किर मैंने अपना हाथ उसके पेटीकोट के तरि बढाया मैंने पैन्टी कक झलक देख
ली थी अब मैं उसका पेटीकोट उतार कर िल्दी से िल्दी उसकी पूरी पैन्टी
देखना चाहता था। पर िैसे ही मेरा हाथ उसके पेटीकोट पर पडा उसने अपनी
गोरी कलाईयो से मेरा हाथ पकड मलया और बोली नही बेटा पेटीकोट नही पहले
अपनी मााँ का ब्लाउस उतारो तुमने मााँ की पैन्टी तो देख ली है अब उसकी ब्रा
नही देखोगे क्या बोलो। पहले ब्रा देख लो किर पेटीकोट उतारना समझे मेरे रािा
बेटे। रीमा का मस्ती भरा आग्रह सुन कर मैंने कहा तुम ठीक कहती हो मााँ
पहले मैं तुम्हारी ब्रा को देखने का मिा लेता हूाँ किर तुम्हारी पैन्टी देखगााँ। यह
सुनकर रीमा ने अपने हाथ आगे बढा कर मेरी बलाये ले ली और बोली हाय रे
मैं वारी िाऊ क्या आज्ञाकारी बेटा ममला है मुझको।
उसकी बात सुनकर मैं थोडा सा शमाम गया। मुझको शमामता देख कर रीमा बोली
हाय रे किर से शमामया लडककयो की तरह तुझे तो अपने कपडे पहना कर लडकी
बनाना पडगे ा उसकी बात सुनकर म ैं मसिम मुस्कु रा कर रहा गया। और मैंने
अपने काम पर ध्यान देना उगचत समझा। किर मेरी निर उसके ब्लाउस की
तरि गयी वह ब्लाउस सही मे ककसी को मस्त करने के मलये ही बनाया गया
था।
उस ब्लाउस के हुक आगे से लगते थे। आगे और पीछे दोनो तरि का कट
कािी बडा था। पीछे का कट किी बडा था आगे के कट के मुकाबले। पीछे का
कट इतना बडा था की िैसे करीब करीब पूरी पीठ नंगी हो। नीचे से इतना भाग
ही िुडा हुआ था की ब्रा का स्ट्रेप बडी मुशककल से ब्लाउस से नछपा हुआ था।
कंधे पर भी ब्लाउस की चौडायी कुछ इसी तरह थी बहुत छोटी पर ब्रा के स्ट्रेप
उसके नीचे आसानी छुप गये थे। उस ब्लाउस के आगे मसिम ३ हुक थे िबकी
साधारण ब्लाउस मे करीब ४-५ हुक होते हैं। इसी कारण उसका कट भी कािी
था। साथ ही साथ ब्लाउस थोडा उसके साईि से छोटा भी था। प्िसकी विह से
उसके मम्मे आपस मे गचपट कर एक बहुत गहरी और लम्बी खाई बना रहे थे।
इतनी गहरायी का कट होने के कारण उसका एक एक मम्मा १/४ से भी ज्यादा
ब्लाउस से बाहर छााँक रहा था।
उस िन्नत के निारे को देख कर मैं िल्दी से िल्दी उस ब्लाउस को उतार
कर िें क देना चहाता था। मैंने अपने हाथ सबसे पहले ब्लाउस के उपर से उसके
मम्मो पर रखे और उनको महसूस करने लगा। उसके मम्मे दनु नया के सबसे
पहले मम्मे थे प्िन को मैंने महसूस ककया था। मेरा मन उन बडे बडे मम्मो
को मसलने का कर रहा था मैं इस बात का अंदािा लगाना चाहता था की
उसके मम्मे ककतने कडे है। पर मैंने सोचा पहले इसके मम्मो को पूरा नंगा
करुगााँ किर उनको मसल कर उनकी कडायी का पता करुगााँ। िब मैं उसके
मम्मो पर हाथ िेर रहा था तो िब मेरा हाथ उसके मम्मो के बीच मे गया तो
मुझे उसकी घुंडी का अहसास मेरी हथेली पर हुआ।
उसका ब्लाउस बहुत ही पतले कपडे का बना था प्िसकी विह से मुझे पता चल
गया था की उसने ब्रा पहन रखी है। और उसके मम्मो पर हाथ िेरने से मुझे
यह भी लग रहा था की उसकी ब्रा कॉटन की हो सकती है। पर किर भी मैं
उसकी घुंडीयो को अपनी हथेली पर महसूस कर सकता था। मैने सोचा की
शायद मेरे हाथो के स्पशम से रीमा की उत्तेिना बढ गयी है प्िसकी विह से
उसकी घुंडडयााँ इतनी कडी हो गयी हैं। मेरे इस तरह हाथ िेरने की विह से
रीमा उत्तेिना मे मसस्कारीयााँ भर रही थी। उसके माँुह स े आह ओह सी सी की
आवािें ननकल रही थी।
थोडी देर उसके मम्मो पर इसी तरह हाथ िेरने के बाद मैंने अपना बााँया हाथ
उसके मम्मे पर से हटा मलया और अपना माँुह पास ला कर उसका ब्लाउस
सुंघने लगा। उसके ब्लाउस के कपडे की गंघ उसके पसीने के साथ ममल कर
बडी ही मादक हो गयी थी। उसके गमम हो चुके मम्मो के कारण उसकी ये
मादक गंघ भाप बन कर हवा मे ममल रही थी। मैं िब उसके ब्लाउस की गंध
ले रहा था तो मेरी नाक उसके ब्लाउस को छू रही थी और िैसे ही सुंघता हुआ
मैं आगे बढा मेरी नाक उसकी मम्मे पर चलने लगी मेरी इससे उसके शरीर मे
गुदगुदी िैलने लगी। और रीमा कुछ कुछ बकने लगी आह ओह ये क्या कर रहे
हो बेटे सी सऽ ऽऽ ऽऽ सी ओहऽऽऽ सीऽऽऽऽ बहुत गुदगुदी हो रही है। हाय रे
इतनी देर क्यो सीऽऽऽ लगा रहा है तू आहऽऽऽ उतार क्यो नही देता मेरा ब्लाउस
ओहऽऽऽऽ और मत तडपा अपनी मााँ को मेरे लाडले। इन ब्लाउस मे कैद मम्मो
की गमी मेरे सीऽऽऽऽ तनबदन मे आग लगा रही है।
सोच ले अगर तू मुझे इसी तरह तडपायेगा तो मैं आहऽऽऽऽऽऽऽऽऽऽ भी तुझे
बहुत तडपाऊगी समझा। मैंने कहा मााँ मैं तो तुम्हारे ब्लाउस को सुंघ रहा था
तुमको तो पता है की मुझे तुम्हारे कपडो को सुंघने का सोच कर ही इतना मिा
आता है। इस पर रीमा बोली ओह मेरे नयारे बेटे अगर तुझे मेरे ब्लाउस की गंध
का मिा लेना ही है तो पहले इसे उतार दे किर अपने मुहाँ पर रख कर सुंघ
लेना मैं मना थोडी कर रही हूाँ। पहले मेरे इन कबूतरो को इन ब्लाउस के बंधन
से तो आिाद कर दे िाने ककतनी देर से ये इसमे कैद है। तेरी मााँ तुझसे
ववनती करती है बेटा मेरे को इनसे आिाद कर दे।
रीमा की बात सुनकर मैंने कहा ठीक है मााँ पहले मैं तुम्हारा ये ब्लाउस तुम्हारे
बदन से अलग कर के तुम्हारी चुचीयो को ब्लाउस की कैद से आिाद कर देता
हूाँ। किर मैंने आखरी बार उसके दोनो मम्मो पर हाथ िेरा और और दोनो मम्मो
पर एक एक ककस मलया। उसके बाद मैंने अपने हाथ उसके ब्लाउस के हुक पर
रख ददये और रीमा की आाँखो मैं आाँखे डाल कर देखने लगा। रीमा मुझसे
लम्बाई मे छोटी थी पर उसने ५ इन्च की हील वाली सैडलं पहन रखी थी प्िस
की विह से वह करीब करीब मेरे बराबर आ रही थी। मैंने मुस्कुराते हुये उसके
ब्लाउस का एक हुक खोल ददया। उसका ब्लाउस खोलते वक्त उत्तेिना के
कारण मेरे हाथ कााँप रहे थे।
मेर लंड पूरी तरह से मस्त खडा था और उसके पेटीकोट से टकरा रहा था।
प्िस की विह से उसका पेटीकोट मेरे रस से भीग गया था और उसके पेटीकोट
पर मेरे लंड के नयार के ननशान बना रहा था। िैसे ही मैंने उसके ब्लाउस का
एक हुक खोल ददया मेरा लंड बुरी तरह से मस्त खडा था और उसके पेटीकोट
से टकरा रहा था। रीमा बोली हााँ बेटा उतार बेटा उतार अपनी मााँ का ब्लाउस
कर दे अपनी मााँ के िौबन नंगे उठा दे अपनी मााँ की लाि का पदाम मेरे बेशमम
बेटे। ब्लाउस मे नछपी इन गोलाईयो को आिाद कर दे इनको भी कुछ हवा
लगने दे। रीमा का खुला ननमंत्रण सुनकर मैं और भी िोश मे आ गया और
रीमा के मम्मो से बनी गहरी लम्बी खायी को देखने लगा। उसको देखते देखते
मैंने दसु रा हुक भी खोल ददया। दसु रा हुक खोलते ही मुझ े उसकी ब्रा का वह
भाग िहााँ पर ब्रा के दोनो कप नीचे आ कर ममलते हैं ददखायी देने लगा। ब्रा
काले रंग की थी।
अब मसिम एक हुक बचा था मेरे और मम्मो को देखने बीच। मेरे हाथ उसके
तीसरे हुक पर िमे हुये थे। किर मैंने सोचा की अगर मैंने ऐसे ही रीमा के
सामेने खडे हुक खोला तो ब्लाउस खुलते ही मेरी सबसे पहली निर उसके
मम्मो पर िायेगी और मैं अपने आप को रोक नही पाऊगा उसके बडे बडे
मम्मो को नयार करने से। और अगर मैं उसके मम्मो को नयार करने लगा तो
उसके ब्लाउस को नयार नही कर पाऊगा िोकी मैं नही खोना चहाता था। यह
सोच कर एक ववचार मेरे मन मे आया कक क्यो ना मैं उसके पीछे िा कर
अपने हाथ आगे ला कर उसके ब्लाउस का हुक खोलूं प्िससे मैं उसका ब्लाउस
उतार के पहले उसके ब्लाउस से नयार भी कर सकता हूाँ और किर उसके मम्मो
को देखने का मिा उठा सकता हूाँ।
किर मैं रीमा से बोला मााँ तुम्हारा ब्लाउस मैं पीछे से खोलूगााँ। रीमा बोली क्यो
बेटा आगे से क्यो नही। इसपर मैंने अपनी इच्छा उसको बता दी। इसपर रीमा
बोली तू भी बडा हटी है। अपने मिे को कभी भी नही छोडता ठीक है िैसी तेरी
मिी पर तू मुझको बहुत तडपा रहा है। देख बेटा अब तू मैं भी तुझे मिे के
मलये ककतना तडपाती हूाँ। िब मेरे हाथो तडपेगा तब तुझको पता चलेगा की मेरे
उपर क्या गुिर रही है। किर मैं रीमा के पीछे चला गया। और पीछे िाते ही
मेरी निर सबसे पहले उसकी गोरी नंगी पीठ पर गयी िो ब्लाउस के सेक्सी
डडिाईन के कारण बबना ब्लाउस उतरे पूरी नंगी लग रही थी। और पूरी बेशमी
के साथ अपनी नग्नता की नुमाईश कर रही थी।
मैंने सबसे पहले उसकी पीठ को ककस ककया किर अपने दोनो हाथ उसकी बगल
से नीचे ले िाकर उसके ब्लाउस का हुक ढूढने लगा। िब मैं उसके हुक ढुढने
की कोमशश कर रहा था तो मेरे हाथ उसके मम्मो के नंगे दहस्से से टकरा रहे
थे। नंगे बदन के स्पशम से ही मेरे बदन मे करंट दोड गया मेरा लंड तो बराबर
रस की वषाम कर रहा था। और अब पीछे से भी उसके पेटीकोट को गगला कर
रहा था। थोडी देर हुक ढूढने के बाद मुझको उसका हुक ममला गया। इसतरह से
उसके ब्लाउस का हुक पकडने के कारण मैं पहली बार उसके बदन के इतने
करीब था। उसकी बदन से ननकलती वासना की गमी को मैं महसूस कर रहा
था। मेरी कलाईयााँ बगल से उसके मम्मो को छू रही थी।
मैं थोडी देर इसी तरह उसके ब्लाउस के हुक को हाथ मैं मलये हुये खडा रहा।
रीमा भी मेरे बदन की गमी महसूस कर रही थी और वह बोली एक आह भर के
बोली मेरे प्रेमी इतने पास तुम मेरे बदन के पहली बारे आये हो तुम्हारे बदन
की गमी से मेरा बदन िलने लगा है प्रीतम। मैंने उसके कंधे पर एक ककस
करते हुये उसका तीसरा हुक भी खोल ददया। प्िसकी विह से उसके दोनो
मम्मो पर ब्लाउस का दवाब कुछ कम हो गया क्योकी एक तो ब्लाउस उसके
साईि स े छोटा था दसू रा इतनी मस्ती के कारण उसके मम्मे और िु ल गये थे।
एक तो मेरे ककस करने की उत्तेिना दसू री ब्लाउस के की कै द से आिाद हुये
कबुतरो को ममली ठंडी हवा से ममली राहत की विह से पहले रीमा का बदन
कडा हुआ किर उसने एक झटका मारा और रीमा ने आाँखे बंद कर ली और
अपना सर पीछे करके मेरे कंधे पर रख ददया। और एक गहरी सााँस ली प्िस से
उमऽऽऽऽऽऽ कक ध्वनी किी देर तक उसके माँुह से ननकलती रही।
थोडी देर दोनो ऐसे ही खड े रहे करीब १५ सकैं ड बाद उसने अपना सर सीधा
ककया। किर मैंने कहा लो मााँ मैंने तुम्हारे ब्लाउस के सारे हुक खोल ददये हैं और
तुम्हारे मम्मो को ब्लाउस की कैद से मुक्ती ममल गयी है। अब तो तुमको थोडा
आराम ममला होगा बेटा। इसपर रीमा ने कहा हााँ बेटा मुझे बहुत कक राहत ममली
है। लेककन अगर तुम आगे से ही मेरे ब्लाउस को खोलते तो मुझको ये राहत
नही ममलती। मैंने आकचयम से पुछा ऐसा क्यो मााँ। रीमा बोली बेटा तुमने इतनी
देर से अपनी बातों और हरकतो से मुझको इतना गमम कर ददया था की मुझसे
बबल्कुल भी रुका नही िा रहा था और मैं चुदाने के मलये तडप रही थी। और
तुमको बार बार ताना दे रही थी कक मुझे इतना क्यो तडपा रहे हो। मेरे पुरा
बदन नयार की मस्ती मे िल रहा था।
और मेरे शरीर की अप्ग्न मुझको पागल बना रही थी मैं चुदना चाहती थी
झडना चाहती थी चरम सुख पाना चाहती थी। पर प्िस तरह से तुम मेरे बदन
से खेल रहे थे मुझे लगा अगर मैं िल्दबािी म े अभी तुमस े चुदा लाँुगी तो तुम
अभी िल्दी झड िाओगे तो िो मैं तुमको अपने पहले ममलन का मिा देना
चाहती हूाँ वह नही दे पाऊगी। और तुम्हारी पहली औरत भोगने का सुख मैं
तुमको देना चाहती हूाँ ऐसा मिा िो तुमको प्िंदगी भर याद रहे नही ममल
पायेगा। और मैं तुमसे अपने बेटे से वह सुख नही छीन सकती थी। आखखर मैं
तुम्हारी मााँ अपने बेटे से उसका सुख कैसे छीन सकती हूाँ।
इसीमलये मैंने अपने आप को बडी मुशककल से रोका हुआ था। किर िब तुमने
मेरे पीछे से आ कर मेरा ब्लाउस खोलने की बात की तो सुनकर मेरे अन्दर
मस्ती का तूिान आ गया। क्योकी मुझे पता था कक इस तरह अगर तुम मेरे
ब्लाउस को खोलने की कोमशश करोगे तो तुम्हारे हाथ मेरे मम्मो से छुयेंगे और
मुझे अपने आपको रोकना बहुत मुशककल हो िायेगा। पर मुझे मााँ होने के नाते
अपने साथ साथ तुम्हारे मिे का भी ख्याल रखना था मुझे तुम्हारी आाँखो मे
ददख रहा था कक तुम ककस तरह मेरे मम्मो से पहले मेरे ब्लाउस को नयार
करने के मलये लालानयत थे। इसी कारण मैंने तुमको पीछे से ब्लाउस खोलने की
इज्िात दे दी।
और िैसे ही तुमने मेरी पीठ पर ककस ककया मैंने अपने होश खो ददये बडी
मुशककल से मेरा हाथ अपनी चूत तक िाते िाते रुका। पर िब तुमने अपने
हाथ मेरी बाहो के नीचे से ननकाल कर मेरा ब्लाउस पकडने की कोमशश की
मुझसे रहा नही गया और मैंने अपना हाथ अपनी चूत पर अपनी पैन्टी के उपर
से रख ददया और अपनी चूत के दाने पर अपने हाथ किराने लगी मुझे लगा
इसतरह करने से मेरी चूत कुछ रस और बहायेगी तो मुझे कुछ देर के मलये
राहत ममल िायेगी। तुम्हारे हाथ मेरे नंगे मम्मो को छू रहे थे। मम्मो को छुते
वक्त तुम्हारे नाखूाँन भी मेरे मम्मो पर लगे। पर िैसे ही तुमने मेरा ब्लाउस
पकडा और हुक खोलने के मलये िोर लगाया तुम्हारे कालाईयो से मेरे मम्मे थोडे
दब गये। प्िसकी विह से मैंने मस्ती मैं आकर अपनी चूत के दाने को िोर से
दबा ददया। प्िसे मेरी चूत सहन नही कर सकी और उसके सब्र का बााँध टूट
गया और रस की नदी मेरी चूत से बह चली। और मैं ना चाहते हुये भी
कचकचा कर झड गयी।इसी मलये तुम्हारे इस तरह से मेरा ब्लाउस खोलने से
मेरे बडे बडे मम्मो, मेरी चूत और मेरे बदन तीनो को राहत ममल गयी। इस पर
मैंने कहा इसका मतलब तुमको बहुत मिा आ रहा है मेरे साथ। उसने माँुह घुमा
कर मेरी तरि देखा और अपना सर दहला ददया। और बोली तुम सुघंना चाहते
हो मेरे तािे ननकले रस की महक। मैंने कहा क्यो नही मााँ। मेरे हाथ अभी भी
उसकी बाहो के नीचे से िा कर उसकी कमर के ईदमगीद मलपटे हुये थे। किर
रीमा ने अपने हाथ नीचे ले िाकर अपनी पैन्टी की तरि देखते हुये अपनी दो
उगलीयो को अपनी गगली हो चुकी पैन्टी से गगला ककया और और किर मेरी
आाँखो मे आाँखे डाल कर अपनी दोनो उगलीयााँ मेरी नाक के नीचे रख दी।
िैसे ही उसकी उगलीयााँ मेरे नाक के पास आयी रीमा के चूत रस की तीखी गंध
मेरी नाक मे घुस गयी। उसके चूत रस की महक बहुत ही मादक थी। इतनी
मादक के कुछ पल तो मैं उसमे ही खो गया। सोचने लगा की मैं अपने घुटनो
के बल बैठ कर अपनी नाक उसकी पैन्टी पर रखकर सीधे रस के सोत्र से
उसकी गंध को सूंध रहा हूाँ। मेरे को इसतरह खोये हुये देखकर रीमा ने पूछा
कहााँ खो गये मेरे रािा। मैंने कहा तुम्हारे चूत रस मे मेरी रानी। कैसी लगी मेरे
चूत रस की गंध। मैंने कहा मााँ मेरे मलये तो तुम्हारे बदन की गंध बदन से
ननकलने वाले सारे पदामथो के गंध िीवन वायु के समान है। और चूत रस की
गंध तो उनमे सबसे उपर है। बहुत ही मादक मस्ताने सेक्स से भरपूर।
सुनकर रीमा बहुत खुश हुयी। खुशी के भाव उसके चहरे पर साि झलक रहे थे।
मैंने कहा मााँ तुमने अपना मदन रस मुझे सुंघा तो ददया अब क्या इसका स्वाद
मुझको नही चखाओगी मेरी रानी। रीमा मुस्कुराते हुये बोली क्यो नही रािा।
हम दोनो के खडे होने मैं अभी भी कुछ अंतर नही आया था। मेरे हाथ अभी भी
उसके कमर के ईदमगगमद मलपटे थे। और मेरा लंड मदमस्त होकर बराबर रस
बहाते हुये उसके पेटीकोट को गगला कर रहा था। मैं सोच रहा था की अगर मैं
इसी तरह ५-७ ममनट और खडा रहा तो उसका पेटीकोट नीचे से पूरा गीला हो
िायेगा।
रीमा ने किर से अपने हाथ नीचे ले िाकर अपनी उगमलयााँ अपनी पैन्टी पर
लगा दी। पर अबकी बार थोडी देर तक वह अपनी उगलीयााँ अपनी चूत के माँुह
पर चलाती रही प्िससे ज्यादा से ज्यादा रस उसकी उगलीयो पर इक्कठा हो
सके । थोडी देर बाद रस इक्कठा कर के रीमा न े अपनी उगलीयााँ मेरे माँुह के
सामने रख दी। उसकी उगलीयााँ उसके चूत रस से पूरी तरह से गीली थी। यहााँ
तक की उसकी उगलीयो पर उसके मदन रस की बूंदे झलक रही थी। किर मेरी
और देख कर रीमा ना कहा लो बेटा चख लो अपनी मााँ का चूत रस। तुम्हारा
पहला मदन रस। िैसे िब बच्चा छोटा होता है तो मााँ बच्चे को खाना खाना
मसखाती है इसी तरह तुम चुदायी शास्त्र मे अभी बच्चे हो और मैं ये तुम्हारी मााँ
तुमको चुदायी किणा मे उत्पददत रसो का पहला ननवाला तुमको खखला रही हूाँ।
और मैं बहुत खुश हूाँ की मुझे ये सोभाग्य प्रानत हुआ है।
मैने अपना माँुह आगे बढा कर रीमा की उगलीयो को अपने माँुह मे ल े मलया
और अपनी िीभ को उसकी उगलीयो के चारो तरि घुमाने लगा। और थोडी देर
मे ही मैंने अपनी िीभ किरा किरा कर उसके चूत रस को अपनी लार के साथ
ममला मलया प्िस स े म ैं रीमा के चूत रस का स्वाद ल े सकाँू । रस तो लार म े
अच्छी तरह से ममलाने के बाद मैं उसको पी गया। मेरे लार पीने के बाद रीमा
ने अपनी उगलीयााँ मेरे मुहाँ से ननकाल ली। और बोली बोल बेटा बता कैसा लगा
तुझे अपनी मााँ का चूत रस मैं बोला मााँ इतना अच्छा की मैं मसिम तुम्हारा चूत
रस पी कर पूरी प्िंन्दगी बबता सकता हूाँ। मेरी बात सुनकर रीमा का चहेरा
खुशी और मस्ती मे लाल हो गया गवम से चूचीयााँ और िूल कर तन गयी।
रीमा ने कहा बेटा आि मैं बहुत खुश हूाँ। मुझे आि तक ककसी भी मदम ने बबना
मेरी चूत को स्पशम ककये बबना नही झडाया। चूत छू कर झडाने की तो छोडो
कोई भी मेरी चूत बबना चोदे या बबना चाटे मुझे नही झडा पाया। तुम पहले मदम
हो प्िसने मुझे इतना गमम कर ददया की मैं अपनी चूत के दाने को दबाने पर
झड पडी। ककसी ने भी मेरे बदन को इतना नयार नही ककया प्ितना तुमने
ककया मेरे बेटे। हर कोई मेरा मादक बदन देख कर मुझ पर टूट पडता था और
थोडी देर मे ही अपना लंड मेरी चूत मे डाल कर मुझ पर चढ बैठता था। या
मेरी चूत को माँुह म े लेकर चाटने लगता था। कोई भी मेरे बदन के साथ इस
तरह से नही खेला प्िस तरह से तुम खेल रहे हो। िबकी मैं इस तरह अपने
बदन को नयार करवाना ककतना पंसन्द करती हूाँ।
थकैं य ू बेटा मेरे बदन स े इसतरह खेलने के मलये। मैंने कहा मााँ म ैं तो हमेशा
आप की सेवा मे हाप्िर हूाँ। आखखर आपका बेटा हूाँ अपना कतमव्य कैसे भूल
सकता हूाँ। रीमा बहुत खुश हो गयी और अपना माँुह घुमा कर मेरे गाल पर एक
चुम्मा ले मलया। किर मैंने कहा मााँ अगर तुम इस स्थीनत मे पहुाँच गयी थी तो
मुझे बता देती मैं तुम्हारी मस्ती झडा देता। इसके मलये मुझे तुमको चोदना भी
नही पडता। तुमने अपना पेटीकोट को िाड रखा ही है और उससे तुम्हारी पैन्टी
मे छुपी चूत भी निर आ रही है। मैं अभी नीचे बैठ कर तुम्हारी चूत पैन्टी के
उपर से ही चाट कर तुम्हारी मस्ती झडा देता।
रीमा ने कहा तुम बहुत अच्छे बेटे हो मेरे लाल पर मैं उस समय चूत चटा कर
झडना नही चाहती थी। मैं बोला मााँ वह तो ठीक है पर तुम्हारे झड िाने से
तुम्हारा ककतना चूत रस बेकार ही चला गया। रीमा ने कहा बेकार कहााँ गया है
बेटे सारा रस तो मेरी पैन्टी मै समा गया है। मेरी पैन्टी उतारने के बाद उसको
अपने माँुह म ै डाल कर चूस लेना सारा रस। मैंने कहा मााँ अगर तुम मुझस े
चुसवा कर झडवाती तो मुझे सीधे रस मे सोत्र से रस पीने को ममलता और
उसमे ककतना मिा आता। रीमा ने कहा तो इसमे कौन सी बडी बात है मेरा
ब्लाउस और पेटीकोट उतार लेने के बाद पहले चूत चूस कर झडा देना किर मेरी
पैन्टी उतरना ठीक है। मैंने कहा तब ठीक है।
रीमा बोली की तू भी मााँ से बबल्कुल बच्चो की तरह प्िद करता है िैसे छोटे
बच्चे मााँ से बचपन मै लालीपॉप के मलये करते है। तो मैंने कहा मााँ तुम्हारी
चूत मेरे मलये ककसी लालीपॉप से कम नही है। इस पर रीमा मुस्कुरायी और
बोली लालीपॉप तो बेटा तेरे पास है। िो इस समय मेरे पेटीकोट को गीला करने
मैं लगी हुयी है। उसको चुसने का मिा तो मैं लूगी मेरे रािा मेरे पास तो
चटपटी चाट का पत्तल है िो मैं तेरे को चाटने को दाँगू ी। पर अगर तेरे को
लालीपॉप का इतना ही शौक है तो उसका इतिाम मैं कर सकती हूाँ। मैं उसकी
बात मैं नछपे मतलब को समझ कर मुस्कुरा ददया। मैं समझ गया रीमा मेरे
साथ छेड छाड कर रही है।
रीमा ने पूछा बोल चादहये क्या। मैंने कुछ िवाब नही ददया। इस पर रीमा
मुस्कुरा दी और बोली चल बडी देर हो गयी। ऐसे खडे खडे अब मुझे भी झडे
हुये बहुत देर हो गयी है। और मैं किर से गमम होने लगी हूाँ। तू भी अपना काम
बीच मैं छोड कर मिे ले रहा है चल लग िा अपने काम पर अभी तो मेरे बहुत
से कपडे उतारने बाकी हैं। प्ितनी देर करेगा उतनी ही देर मै तुझको मिा
ममलेगा। उसकी बात सुनकर मैं अपने काम पर लग गया ब्लाउस के हुक तो मैं
खोल चुका था पर उसे अभी तक मैंने उतारा नही था। किर मैंने अपने हाथ
उसके कमर से हट के किर से उसके ब्लाउस को पकडने लगा िहााँ पर हुक लगे
होते है। पर अबकी बार मैंने िानबूझ कर उसके नंगे मम्मो को स्पशम ककया
और उनका मिा मलया।
रीमा भी मेरी इस हरकत हो समझ रही थी और मेरी और देख कर मंद मंद
मुस्कुरा रही थी। किर मेरी पकड मे उसके ब्लाउस के दोनो भाग आ गये और
मैं उनको खीच कर उसका ब्लाउस उतारने लगा। मैंने रीमा से कहा मााँ अपने
हाथ उपर कर लो प्िससे मुझको ब्लाउस उतारने मैं आसानी होगी। रीमा बोली
थीक है और उसने अपने हाथ उपर कर मलये। और मैं उपर उठा कर उसका
ब्लाउस उतारने लगा िैसे ही ब्लाउस उसकी कोहनीयो तक आया तो मेरी निर
उसकी कााँख पर गयी। रीमा की कााँख के बाल प्ितना मैं बगल से देख कर
सोच रह था उससे कािी बडे और घने थे। मेरा एक बार मन ककया के उसकी
कााँख मे अपना माँुह घुसा दाँ ू पर मैंने अपने आप को रोक मलया और उसका
ब्लाउस उतार मलया।
ब्लाउस उतारते ही मैंने ब्लाउस को अपने माँुह के उपर डाल मलया मेरी नाक के
उपर उसके ब्लाउस का वह दहस्सा था िो की पीठ पर होता है। किर मैंने गहरे
गहरे सााँस ले कर मैंने सुंघना शुरू कर ददया। उसके बदन कक महक मेरे नाक
के रस्ते मेरे शरीर मे घुल रही थी। थोडी देर इसी तरह मैं उसकी पीठ के दहस्से
वाले ब्लाउस को सुघंता रहा और किर मैंने एकदम से िीभ ननकाल कर उसके
ब्लाउस को चाटना शुरु कर ददया। किर थोडी देर मैं उसके ब्लाउस को सुघंता
और किर चाटता। और इसी तरह करते करते मैंने रीमा का ब्लाउस पीछे से
चाट चाट कर गीला कर ददया।
उसके ब्लाउस को पीठ वाली तरि से अच्छी तरह से साि कर लेने के बाद मैंने
ब्लाउस के दोनो कपो की और ध्यान ददया। ब्लाउस के कप िहााँ पर उसके
दोनो मम्मे आ कर बैठते थे। मैंने उन कपो के िरीये उसके मम्मो का भी
स्वाद लेना चाहता था। रीमा मुझको पीछे मुड कर देख रही थी और मुस्कुरा
रही थी और शायद मन ही मन खुश हो रही थी की उसके बदन की महक का
मेरे उपर ऐसा असर हो रहा है। वह मेरी तरि पलट कर खडी नही हुयी थी।
क्योकी अगर वह पीछे घुमती तो मेरी निर उसके मम्मो पर िाती और वह
अभी यह नही चाहती थी। किर मैंने एक कप पकड कर उसमे अपनी नाक घुसा
दी। और एक गहरी सााँस लेकर उसके ब्लाउस और मम्मो के ममली िुली गंध
कर आनन्द मलया। वह महक ककसी भी इत्र की महक से लाख गुना अच्छी थी।
थोडी देर इसी तरह उसकी महक के मिे मैं लेता रहा साथ दह साथ मैं सोच
रहा था िब उसके ब्लाउस के उसके बदन से लगने के कारण रीमा का ब्लाउस
उसकी महक से इतना सुगंगधत को चुका है तो उसके बदन की महक सीधे
उसके बदन से लेने मे ककतना आंनन्द प्रानत होगा। यही सोचते हुये मैंने उसके
कप पर धीरे धीरे ककस करने लगा। ककस करते वक्त ऐसा महसूस हो रहा था
िैसे मैं उसके नंगे मम्मो को ककस कर रहा हूाँ। प्िन की झलक उसके ब्लाउस
से झााँकते १/४ मम्मो से मैंने ली थी। कुछ देर इसी तरह मैं उसके ब्लाउस के
कप को ककस करता रहा।
मेरी इस हरकत का असर रीमा पर भी हो रहा था उसकी मस्ती भी बढने लगी
थी प्िसके भाव उसके चहरे पर साि निर आ रहे थे। किर मैंने रीमा के तरि
देख कर िीभ ननकाल कर उसके कप को चाटना शुरू कर ददया। उसका स्वाद
बहुत मादक था। पहले २-३ बार मैंने कप को चाटा और थोडी देर रुक कर
उसके स्वाद क मिा मलया। किर अपनी िीभ बाहर ननकाल कर उसके ब्लाउस
के कप पर टूट पडा। और िल्दी िल्दी चाटने लगा। मैं उसका कप इस तरह से
चाट रहा था की िैसे कई ददन के भूखे कुत्ते को हड्डी ममल गयी हो। थोडी देर
मे ही मैंने उसके ब्लाउस के कप को गीला कर ददया। गीला करने के बाद मेरे
थुक की गंध उसके ब्लाउस मे उसके बदन की गंध के साथ ममल कर समा
गयी। मैंने किर से ब्लाउस को नाक पर रख कर गहरी सााँस लेनी शुरू कर दी।
मेरी थूक की महक ने उसके मम्मो कक महक के साथ ममल कर उस ममली
िुली महक को और भी मादक बना ददया था।
किर मैंने दसु रा कप हाथ मै लेकर उसमे अपनी नाक घुसा दी। रीमा स े भी अब
रहा नही िा रहा था। वह मुझको सामने से देखना चाहती थी। उसने सामने
पडी हुयी अपनी साडी उठायी और उसको अपने मम्मो के चारो तरि लपेट ली
प्िससे उसके मम्मे साडी मे नछप गये। और वह मेरी तरि माँुह करके मुझको
देखने लगी। म ैं अभी भी उसके दसु रे कप को संुध रहा था। मुझ े देख कर रीमा
बोली बेटा तेरा लम्बा सुन्दर लंड मेरे बदन और मेरे बदन से मलपटे कपडो को
नयार करते तुम्को देख कर मस्त हो कर लार बहा रहा है। और वह भी मेरे
कपडो का भुखा है। तुम अपने लंड के सुपाड े को मेरे दसु रे कप पर छु आ दो
प्िस से उसका रस मेरे ब्लाउस मे ममल िाये किर उसको सुंघो और चाटो
तुमको एक अलग ही मिा आयेगा।
रीमा की बात सुनकर मैंने सोचा रीमा सही कह रही है। और किर मैं ब्लाउस
का कप अपने लंड के पास ले गया और उसके सुपाडे को अपने हाथ से पकड
कर धीरे धीरे कप पर किराने लगा। मेरे लंड के सुपाडे के ब्लाउस पर लगने से
मेरे शरीर मैं उत्तेिना के कारण कपकपी आ गयी। मैंने ब्लाउस के कप मे ४-५
िगह लंड से बहता रस लगा ददया। िब मेरा प्रीकम ब्लाउस मे अच्छी तरह से
लग गया मैंने उसको उठा कर किर से अपनी नाक उसमे घुसा दी। और एक
गहरी सााँस ली। ओहऽऽऽ म मऽऽऽऽऽऽ रीमा का कहना बबल्कुल थीक था उसकी
गंघ तो बबल्कुल बदल गयी थी और बहुत ही मादक हो गयी थी। रीमा ने
मुझसे पूछा क्यो बेटा कुछ िकम पडा क्या। मैंने कहा हााँ मााँ तुम बबल्कुल थीक
कहती थी। मााँ तो हमेशा ही सही होती है बेटा मााँ की बात मान कर सही से मााँ
से चुदायी शास्त्र की मशक्षा लेगा तो िीवन मैं कभी भी ननराश नही होगा
समझा। मैं कहा हााँ मााँ।
किर मैंने उसके ब्लाउस को सुंघना िारी रखा थोडी देर सुंघ कर मैंने उसको
चुमना और चाटना शुरू कर ददया। इस कप का स्वाद चख कर मुझे लगा मैंने
पहले कप मे क्यो नही अपने लंड का रस ममलाया ममला मलया होता तो उसका
स्वाद भी इतना ही स्वाददष्ठ होता। मेरे लंड का रस ममला लेने की विह से
ब्लाउस क स्वाद और भी मस्त हो गया था। और किर मैंने चाट चाट कर
ब्लाउस के दसु रे कप को भी अपने थूक स े गीला कर ददया। उसके बाद दोनो
कप पर बारी बारी से उस िगह पर ककस ककया प्िस िगह पर मम्मो से बाहर
ननकलती नुकीली घुडडयााँ होती है। ककस करके मुझे लगा िैसे की मैं उसकी
घुडीयो को ककस कर रहा हूाँ।
िब मैं पूरी तरह से मम्मो कक नयार कर चुका और उसका मेरे थूक से सना
ब्लाउस अपने हाथ मै मलया खडा हुआ तो रीमा बोली तो बेटा कैसा लगा तुमको
मेरा सेक्सी ब्लाउस पंसन्द आया। िब मैंने पहन रखा था तो तुम्हारी हालत
खराब थी ये तो मुझको मालूम मैं अब मेरे ब्लाउस को नयार कर के मेरे चूत के
रािा की क्या हालत है। मैं बोला मााँ हालत तो अभी भी खराब है। इतनी मस्ती
भरी थी इस ब्लाउस मैं मुझे मालूम नही था और उस सारी मस्ती को मैं चाट
चाट कर पी गया हूाँ प्िसकी विह से मेरे तन बदन मे मस्ती भरी आग लग
गयी है। ओहऽऽऽ मााँ तुम्हारे बदन की गंध मैं इतनी मादकता है कक ये तुम्हारे
कपडो को चुदास रस से भर देते है। प्िसको पी कर मेरे बदन का तापमान बढ
गया है। अगर मैं तुम्हारे बदन को नयार करुगााँ तो तुम्हारे बदन को छुते ही
मेरी मस्ती झड िायेगी। इसपर रीमा न े कहा नही बेटा म ैं ऐसा नही होने दंगु ी।
तुझस े पहले अपनी िबरदस्त चुदायी कराउगी तभी तुझ े झडने दगू ी समझ। मैंने
उसकी बात सुनकर सर दहला ददया।मैने सर तो दहला ददया था पर मुझे बबल्कुल
भी ववकवास नही था की उसको चोदने तक मैं रुक पाउगााँ मेरा अनुमान था की
उसको ब्रा पैन्टी मैं देख कर बबना छुये ही मेरी मस्ती झड िायेगी। किर मैंने
सोचा चलो देखते है की रीमा क्या करती है। किर रीमा बोली मेरा यह ब्लाउस
हमारे पहले ममलन की ननशानी है। मैं इसको सम्भाल कर रखना चाहती हूाँ।
लेककन मैं चाहती हूाँ कक तुम इसको अपने लंड रस से भर दो। प्िससे मेरे बदन
की गंध के साथ साथ तुम्हारे लंड रस की गंध भी इसमे समा िाये। और िब
तुम मेरे पास ना हो तो मैं अपने ब्लाउस को सुंघ कर उस ममलन की याद को
तािा कर सकाँु ।
मैंने कहा थीक हैं मााँ मैं अपना लंड रस से इस ब्लाउस को गीला कर देती हूाँ
तो रीमा बोली नही बेटा ये काम मुझे करने दे इसको करने का हक मसिम मेरा
है। मैंने कहा थीक है मााँ। और उसका ब्लाउस उसके हाथ मैं दे ददया। हाथ मे
लेकर रीमा बोली तूने तो इसको बबल्कुल ही गगला कर ददया है रे हर छोटी से
छोटी चीि से तेरे को मस्ती चढती है तू तो पक्का से ही रंडी की औलाद है।
ला अब अपना लंड पकडने दे मुझे इसका रस अपने ब्लाउस पर तो मल लाँ ू मैं।
मैंने कहा लो पकड लो मेरा लंड मााँ। रीमा अपने पंिो के बल झुक कर बैठ
गयी। उसका माँुह बबल्कु ल मेरे लंड के सामने था। मेरा लंड हाथ मैं लेकर उसने
उसके सुपाडे को उपर की खाल के अंदर से ननकाला। प्िस से गोल्ि बाल
प्ितना मोटा सुपाडा ननकल कर बाहर आ गया।
रीमा मेरा सुपाडा देख कर बोली बडा मोटा है रे तेरा सुपाडा मैं रंडी हूाँ इतने सारे
लंड खा चुकी हूाँ। कुछ लंड तो तेरे से भी बडे थे पर लगता है की तेरा ये सुपाडा
मेरी चूत तो िाड ही डालेगा आि। उसकी इस बात को मेरी पुरे शरीर मैं एक
मस्ती की लहर दौड गयी। किर रीमा बोली मेरे दााँये कप पर तो तुने अपना
मदन रस लगा ही ददया है अब बाकी का रस मै अपने ब्लाउस के बााँय कप
और वपछले दहस्से म े लगाउगी। य े कह कर उसने मेरे लंड को मेरे सुपाड े के
ननचले दहस्से से पकड और सुपाडे के एक दहस्से के रस को ब्लाउस के बााँये कप
से पोछ ददया। पोछते वक्त उसने थोडा दवाब अपने मुलायम कोमल उगलीयो से
मेरे सुपाड े को ददया। प्िससे मेरे लंड न े एक झटका सा मलया मुझ े लगा म ैं झड
ही िाऊगााँ। पर ऐसा हुआ नही। क्योकक उसका दवाब बबल्कुल नपा तुला था।
प्िससे मेरे शरीर मैं मस्ती का उबाल तो आया पर वह उबाल मुझको झड नही
पाया। किर उसने ब्लाउस को पीठ के दहस्से की तरि से पकडा और सुपाडे के
दसु रे दहस्से को उसी दवाब के साथ पोछ ददया पर इस बार मेरे माँुह स े एक
मससकी ननकल गयी। बेटा अब बस तेरे सुपाडे के सर पर थोडा सा रस लगा
बाकी रह गया है उसको मैं ब्लाउस का गुथा बना कर पोछ देती हूाँ। यह कह
कर उसने मेरा लंड अपनी मुठ्ठी म ै भर मलया और दसु रे हाथ से ब्लाउस का
गुथा बना कर मेरे लंड के सुपाडे पर कस के रगड कर साि कर ददया। ऐसा
करते वक्त उसने मेरे लंड को कस कर अपनी मुठ्ठी मै दबा ददया प्िस से थोडा
सा ददम भी हुआ प्िससे मेरा ध्यान लंड के सुपाडे पर होने वाली सेन्सेशन पर
नही िा सका और सारा ध्यान मेरे लंड मे हुये ददम पर ही केप्न्ित था। अगर
वह ऐसा नही करती तो मैं सुपाडे पर हुयी रगडाहट की विह से मैं िरूर झड
िाता।
रीमा बहुट खेली खायी हुयी औरत थी उसको पता था कक कब ककस समय क्या
ककया िाता है। और इतने सालो मे कई सारे मदो से चुदा कर वह चुदायी शास्त्र
कक महा ज्ञानी हो गयी थी। मैं अपने आप को बहुत धन्य समझ रहा था
क्योकक मैं रीमा की क्षत्र छाया मे चुदायी शास्त्र कक मशक्षा प्रानत कर रहा था।
मेरे लंड से सारा रस रीमा ने अपने ब्लाउस पर पोछ मलया था। उसके बाद रीमा
ने मेरा लंड छोड ददया और अपना ब्लाउस को दोनो हाथ से पकड कर अपनी
नाक के नीचे रख ददया और सुघंने लगी और एक गहरी सााँस लेकर बोली म म
म मऽऽऽऽऽऽ क्या मस्त खुशबू है। मेरे बदन की महक तेरे थूक और लंड रस से
ममल कर बनी यह खुशबू ककसी भी औरत और आदमी को िानवर बना सकती
है।
बेटा तू तो बडा ही रसीला मदम है। बहुत कम मदम मुझे ऐसे ममले हैं अपनी
चुदायी यात्रा मैं प्िने मेरी महक और कपडो से भी नयार हो। और तेरी उम्र
उनमे सबसे छोटी है। और मैं तेरे से बहुत खुश हूाँ मेरे लाडले बेटे चला आिा
तूने ब्लाउस का मिा तो ले मलया अब ब्लाउस मै नछपे मम्मो का मिा भी तो
ले ले। मैंने कहा किर साडी हटाओ और अपने मम्मे मुझे ददखाओ। इसपर रीमा
पलट कर अपने चूतड मटकाते हुये सोिे के पास गयी और सबसे पहले अपना
ब्लाउस उस पर रख ददया। और मेरी तरि अपनी पीठ करके २-४ कदम पीछे
की और चली और किर अपनी साडी अपने उपर से हटा कर सोिे पर िेक दी।
और अपनी हाथ नीचे करके बोली आिा मेरे बेटे तेरी रंडी तैयार है।
मैं रीमा की तरि गया और और अपने हाथ उसकी बगल से नीचे डाल कर
उसके कमर के चारो और लपेट मलये। और उसके गले पर एक ककस कर ददया।
प्िसकी विह से उसने एक बडी मससकी ली। चुम्बन लेने के बाद मेरी निर
उसकी छाती से लटकती ब्रा मैं िंसी चूचीयो पर गयी। ब्लाउस ननकल िाने के
बाद उसकी चूचीयााँ का और भी ज्यादा भाग नंगा हो गया था। और उपर से
उसकी भारी भारी चूचीयााँ और िहााँ वो आपस मैं ममलती है उनके बीच की
खायी को देख कर मेरा लंड ने किर से रस बहाना शुरू कर ददया िबकी थोडी
देर पहले ही रीमा ने मेरा सारा रस पोछ ददया था। तभी मेरी निर उसकी ब्रा
के अग्र भाग पर गयी िहााँ से उसकी घुडडयााँ ब्रा से बाहर ननकल कर झााँक रही
थी।
यह देखकर पहले तो मैं हैरान रह गया किर मैंने सोचा ओह इसका मतलब है
रीमा ने ऐसी ब्रा पहन रखी है प्िस मैं घुडडयो कक िगह पर छेद है। यही कारण
है कक िब मैं उसके मम्मो पर ब्लाउस के उपर से हाथ िेर रहा था तो मुझे
उसकी घुडीयो का अहसास हुआ था। इस तरह से उपर से उसकी चुचीयो का
निारा बहुत ही आकषमक था। ये निारा देख कर मेरे माँुह स े लार टपक पडी।
और मन ककया की िा कर उसकी घुडडयो को चूस कर उनका सारा रस ननचोड
लाँू। रीमा ने मुझ े उसकी चूचीयो को घूरते हुये देख मलया था उसने कहा क्या
हुआ बेटा कैसी लगी मेरी चूचीयााँ बढीया है ना। मैंने कहा हााँ मााँ इनको मैं आगे
से देखना चाहता हूाँ। रीमा ने कहा तो देख ले बेटा मैं मना थोडी न कर रही हूाँ।
मैंने तो तुझे बुलाया ही अपना नंगा बदन ददखाने के मलये है। ताकी तेरा लंड
मेरा नंगा बदन देखकर मस्त खडा हो िाये और तू इस लम्बे लंड से मुझे चोद
कर अपने लंड के साथ कुछ न्याय कर सके।
अगर तू मेरा सगा बेटा होता तो िाने कबका मैंने तेरा लंड अपनी चूत मैं लील
मलया होता चल अब देर मत कर और आिा सामने और देख ले अपनी मााँ के
मम्मे और िल्दी से िल्दी मुझे चोद कर मादरचोद बन िा। रीमा की बात
सुनकर मुझमे किर से िोश आ गया और मैं उसके कंधे पर एक बार और ककस
कर के उसके सामने आ गया। उसकी और पहली बार मैंने अपनी निर उसके
ब्रा मे कैद मम्मो पर दोडायी। उसकी ब्रा काले रंग की थी। और उसके हुक आगे
से लगते थे। नीचे का सट्रेप करीब २ इन्च चौडा था। और कप कुछ इस तरह
से थे के उसके हरेक मम्मा दोनो तरि इस १/४ से ज्यादा नंगा था।ब्रा का कप
नतकोने आकार का था। और नीचे से चौडा था और उपर िा कर ब्रा के कंधे
वाले सट्रेप से ममलता था। कंधे वाला सट्रेप करीब १/२ इन्च चौडा था। और ब्रा
मे िहााँ पर घुडडयााँ होती है वहााँ पर एक बडा से छेद था। छेद इतना बडा था
की उसमे से उसकी घुडडयााँ और उसके चारो और बना गोला साि देखायी दे रहा
थे। उस गोले के ककनारो को काले रंग के धागे के साथ मसला गया था। प्िससे
की वह िट ना िाये। उसकी घुडीयों का रंग गहरे भूरे रंग का था और घुडी के
चारो और के गोले का रंग गोले के ककनारे पर थोडा हल्का था। उसकी ब्रा से
बाहर झााँकती घुडीयााँ ककसी को भी पागल कर सकती थी तो मै क्या चीि था।
उसकी घुडीयााँ मस्त होकर पूरी कडी हो गयी थी। और उसकी ब्रा से बडे गवम के
साथ बाहर झााँक रही थी। ओह मााँ तुम्हारे मम्मे तो गिब के मस्त है। और
क्या बोलू इनके बारे मे। तुमने तो ब्रा भी ऐसी सेक्सी चुनी है कक क्या बताउ।
तुम्हारी ब्रा से छेद से झााँकती घुडीयााँ ने मुझे पागल कर ददया है। मााँ मैं
तुम्हारी चूचीयो को नयार करना चाहता हूाँ। उनको चुसना चाहता हूाँ उनका रस
पीना चाहता हूाँ। इस पर रीमा बोली बेटा तू भी साला कुत्ते का कुता है रहेगा
िहााँ हड्डी देखी नही लगी लार टपकने। इसपर मैंने कहा हााँ मााँ मैं कुत्ता हूाँ
तुम्हारा पालतू कुत्ता नलीि मााँ इस कुत्ते को हड्डी दे दो मााँ तुम्हारा ये कुत्ता
तुम्हारी चूची रुपी हड्डी का भूखा है मााँ।
इस पर रीमा ने कहा थीक है तो किर चल एक कुत्ते की तरह िीभ ननकाल
और आिा अपनी मााँ के पास। तुझे हड्डी चादहये तेरी मााँ देगी तेरी को हड्डी।
चुस ले मेरे मम्मे ननकाल ने इनका रस मेरे लाल आिा। मेरे पास। रीमा की
बात सुनकर मैंने अपनी िीभ बबल्कुल एक कुत्ते की तरह बाहर ननकाल ली
और और रीमा के पास पहुाँच गया। रीमा ने अपने दोनो हाथ अपनी चूचीयो के
नीचे रखे और उनको और उभरते हुये बोली आिा बेटा ले कर ले नयार अपनी
मााँ की चूचीयो के साथ। उसका इसतरह से हाथ रख कर अपनी चूचीयो को मेरे
को चाटने के मलये देना ऐसा लग रहा था कक िैसे नलेट मै सिा कर मुझको
िल चूसने के मलये दे रही हो। मैं भी बडा उत्तेप्ित था बस टूट पडा उसकी
चूचीयो पर।
सबसे पहले मैंने रीमा की घुडीयों को ककस ककया। घुडीयााँ मेरे होठो पर ककसी
तीर के नोक की तरह चुभ रही थी। ककस करने के बाद मैने उसकी चूचीयो के
नंगे भाग की और ध्यान देना शुरू ककया। और उसके नंगे दहस्से पर ककस
करना शुरु ककया। पहले बााँयी चूची को ककस कर ककया किर दााँयी चूची पर
ककस ककया थोडी देर तक मैं ऐसे ही ककस करता रहा। रीमा को शायद अपनी
चूचीयो कर ककस करवाने मे मिा आता था। क्योकी िैसे िैसे मेरे चुम्बन बढते
गये उसके माँुह से आह ओह सी सी कक आवािे ननकलनी शुरू हो गयी। पर
अभी भी मैंने उसकी चूचीयााँ अपने हाथ मे पकड कर नही देखी थी क्योकी मेरा
उनको मसलने का बहुत मन था पर उनको पूरी नंगी कर के ही मैं उनकी
कडायी पता करना चाहता था।
अच्छी तरह से उसके मम्मो को चूमने के बाद मैंने उसके मम्मो को अपनी
िीभ से चाटने लगा उसके मम्मो के नंगे दहस्से पर िीभ घुमाना मुझे बडा
अच्छा लग रहा था। उसकी मस्ती भी बढ गयी थी और वह बडबडा रही थी।
चाट साले चाट गााँडू कही का चाट अपनी मााँ कक चूचीयााँ साले तेरे को क्यो शमम
नही ह ैं मााँ के लोड े चाट ल े इनको साली बडा दखु ी करती हैं मुझ े खा िा इनको
भोसडीके ये तो तेरे मलये ममठायी है रे खा िा मााँ के लाल हाय क्या चुसता है।
मैंने चाटते हुये पूछा बडा गचल्ला रही हो मााँ मिा आ रहा है। रीमा बोली हााँ
बेटा तुझे पता है बेटा चुचीयााँ चूत का सुईच होती है। इनको प्ितना चुसो और
मसलो के उतना ही चूत रस बहाती है। इनको चुसने और मसलने से कोई भी
औरत अपनी टााँगे खोल कर चूत चुदाने को तैयार हो िाये।
रीमा का चुदायी ज्ञान सुनकर मैं और भी िोर शोर से उसकी चूचीयो को चुसने
म ैं चुट गया और बीच बीच म ैं उसकी घुडडयााँ अपने माँुह म े लेकर चुस लेता था।
और मैं करीब १५ ममनट तक उसकी चूचीयो को चाटने और चूसने के मिे लेता
रहा। और चाट चाट कर उसकी चूचीयो को पूरा गगला कर ददया। इस बीच रीमा
ने भी गामलयााँ बक बक मेरा बहुत उत्साह बढाया। िब अच्छी तरह से चाट कर
मैंने उसके मम्मो को छोडा तो रीमा बोली बेटा तूने तो किर से मेरी चूत को
गगला कर ददया मेरे रािा। अभी तो तुने मुझे झडाया था मेरी िान और अब
किर से मेरे अंदर झडने की चाह भर दी। मैंने कहा मााँ तो तुम किर से खेल लो
अपनी चूत से िब तक मैं तुम्हारे मम्मो को नयार करता हूाँ। रीमा बोली नही
बेटा अब तो मेरा पेटीकोट उतार कर ही मेरी चूत हो पैन्टी के उपर से चाट कर
मुझे मिा देना समझा।
मैने कहा ओह मााँ तुम ककतनी अच्छी हो तुमको अपना वादा याद है अपनी चूत
पैन्टी मे से चटाने का। रीमा बोली और क्या बेटा ऐसे कैसे भूल सकती हूाँ वादा
वैसे भी इसमे तो मेरे को ही मिा ममलने वाला है और तुम से मम्मे चटावा
कर तो सोच रही हूाँ कक अच्छा हुआ कक मैंने हााँ कह दी। नही तो झडने के मलये
िाने ककतनी देर तक इंतिार करना पडता। पर मेरे लंड की हालत बहुत बुरी हो
रही थी। वह रह रह कर झटके मार देता था िैसे कहा या तो मुझे झडा तो
नही तो मैं खुद ही झड िाउगााँ प्िस से तुमको बबल्कुल भी मिा नही ममलेगा।
किर रीमा ने कहा आिा मेरे रािा बेटा तूने मााँ के मम्मो का मिा ले मलया
अब पेटीकोट उतार कर मेरी चूत चाट िल्दी से। मे मरी िा रही हूाँ मेरी पैन्टी
मेरे रस से पूरी भीग गयी है।
मााँ की आज्ञा सुनकर मैं बोला मााँ ठीक है उतार देता हूाँ तेरा पेटीकोट पर चूत
तो मैं पेटीकोट को नयार करने के बाद ही चाटूगााँ। रीमा बोली थीक है थीक अब
लग िा काम पर। रीमा मेरे सामने खडी थी। और मै उसके सामने घुटनो के
बल बैठ गया अब उसके पेटीकोट का नाडा बबल्कुल मेरी आाँखो के सामने था।
मेने एक बार रीमा की तरि निर उठा के देख िैसे पूछ रहा हूाँ उतार दाँ ु रीमा
ने मेरी तरि देखकर अपना मसर दहला ददया। किर मैंने अपने हाथ आगे बढा
कर उसके पेटीकोट का नाडा पकड मलया। और किर आगे बढ कर उसकी पैन्टी
पर एक ककस मलया और नाडे के दोनो छोर पकड मलये। अब बस मै उसकी चूत
का घूघंट उठाने ही वाला था।
किर मैंने उसके पेटीकोट का नाडा पकड कर खीच ददया प्िससे उसका नाडा
खुल गया और पेटीकोट ठीला हो गया। किर मैंने अपने हाथो से उसके नाडे की
आखरी गााँठ भी खोल दी। अब उसका पेटीकोट खुल चूका था अगर नाडा मेरे
हाथ मे नही होता तो िाने कब का पेटीकोट िशम पर होता। किर मैंने रीमा की
तरि देखते हुये रीमा के पेटीकोट का नाडा छोड ददया। नाडा छोडते ही उसका
पेटीकोट उसका पेटीकोट कमर से सरक कर िमीन पर गगर पडा। और मेरे
सामने दनु नया का सबसे सेक्सी निारा आ गया। मेरे सामने मेरी रीमा मेरी मााँ
मसिम ब्रा पैन्टी मै खडी थी। प्िसमे उसके चूचीयााँ मेरे थूक से पूरी तरह गीली
थी तथा उसकी पैन्टी उसके रस से गीली होने की विह से उसकी चूत से
गचपक गयी थी।उसकी चुत से गचपकी होने के कारण चूत होने का अहसास
उससे हो रहा था। मै अभी भी नीचे बैठा था। रीमा ने पीछे हट कर अपने पैर
पेटीकोट से ननकाल मलये और बोली ले बेटा मैंने अपने पैर पेटीकोट से ननकाल
मलये है अब तू िल्दी से इससे नयार कर ले किर मेरी चूत चाट मैं मरी िा रही
हूाँ बेटा तेरी िीभ को अपनी चूत पर महसूस करने के मलये। रीमा मेरे सामने ब्रा
पैन्टी और उची ऐडी के सडैं ल मे खडी थी। इस समय मुझ े वह दनु नया की सबसे
खूबसूरत औरत लग रही थी। गोरा गोर भरापूरा बदन भारी भरकम चुचीयााँ िो
उसकी ब्रा को िाड कर उसकी कैद से आिाद होने के मलये बैचेन थी। भारी
चुतड और चूत को छुपाती छोटी से पैन्टी।
गोरी गोरी गचकनी मााँसल िााँघे। और उनको और भी सेक्सी बनाती उसकी उाँ ची
ऐडी की सडैं ल पूरी कयामत लग रही थी रीमा। रीमा बोली ऐसे क्या देख रहा है
बेटा िल्दी से मेरे पेटीकोट को नयार कर ले किर मेरी चूत चाटना बेटा। मैंने
कहा मााँ तुम पलट िाओ पहले मैं तुम्हारे चूतड देखना चाहता हूाँ। रीमा बोली
बेटा क्यो तडपाता है मााँ को चूतड बाद मैं देख लेना पहले मेरी चूत की नयास
तो कुछ कम कर दे। पर मैं तो उसके चूतड देखे बबना और कुछ करने के मूड
मैं नही था मैंने कहा मााँ नही पहले तो मैं तुम्हारे चूतड ही देखूगााँ। रीमा बोली
तू भी मानेगा नही चल मैं घुमती हूाँ तू देख ले चूतड। उसकी बात सुन कर मैं
खुश हो गया।
किर रीमा घूम कर खडी हो गयी और उसके चूतड मेरी आाँखो के सामने आ
गये। उि क्या चूतड थे उसके चौडे कमर से बाहर को ननकले हुये बडे बडे
उनको देखते ही मेरे शरीर मे मस्ती की झुरझुरी दौड गयी। और उसकी छोटी
सी पैन्टी उसके चुतडो को छुपाने मे बबल्कुल नाकाम थी और उसके दोनो चुतडो
के बीच िंसी हुयी थी। थोडी देर रीमा इसी तरह अपने चूतड मुझे ददखाती रही
और मैं उनको ननहारता रहा। किर रीमा पलट गयी और बोली देख मलये मेरे
चुतड मेरे बेटे। पर मेरी निर मैं उसके चूतड ही घूम रहे थे। मेरा लंड आपे से
बाहर हुआ िा रहा था मुझे लगा की अगर यही हाल रहा तो मैं अभी झड
िाउाँ गा।
अब मेरा रुकना बबल्कुल मुप्ककल था। येहे सोच कर मैंने अपनी आाँखे बंद कर
ली और अपने ऑकिस के काम के बारे मे सोचने लगा प्िस से मेरा ध्यान बट
िाये और मैं झडने से बच िााँऊ। रीमा मेरे को इस हालत मे देख कर बोली
क्या हुआ बेटे अपनी आाँखे क्यो बंद कर ली। मैंने कहा मााँ अगर मैं ऐसे ही
तुम्को देखता रहा और नयार करता रहा तो अभी झड िाउाँ गा इसी मलये आाँखे
बंद कर के उनसे ध्यान हटाने की कोमशश कर रहा हूाँ। रीमा बोली ठीक है मैं
तेरी इसमे मदद करती हूाँ अपने बदन पर अपनी साडी डाल लेती हूाँ प्िससे तुम
मुझे नंगा ना देख सको। किर थोडी देर बाद बोली लो बेटा मैने साडी डाल ली
अब अपनी आाँखे खोल सकते हो।
मैने अपनी आाँखे खोल ली रीमा ने अपने पूरे बदन पर साडी लपेट ली थी और
मेरे सामने खडी थी और मैं घूटनो के बल बैठा था। मैने कहा मााँ इसतरह तो
हम नयार नही कर पायेगे तुम मेरा लंड चूस कर झडा दो किर आगे नयार
करेगे। रीमा बोली नही तुमको अभी नही झडना है। मेरे पास एक दसु रा उपाय
है उससे िब तक तुम नही चाहोगे तब तक नही झडोगे। मैंने कहा ऐसा कौन
सा उपाय है मााँ ऐसे उपाय के मलये तो मैं तैयार हूाँ। रीमा बोली अगर तुमको
मंिूर है तो मैं वह उपाय करती हूाँ सोच लो हो सकता है तुमको यह उपाय
पंसन्द ना आये। मैंने कहा मााँ अगर तुम समझती हो की इस उपाय से मैं नही
झडुाँगा और हम दोनो पुरी मस्ती के साथ चुदायी का मिा ले सकें गे तो किर
चाहे ककतना भी मुप्ककल हो मैं तैयार हूाँ।
रीमा मुस्कुरायी और आगे बढ कर मेरे माथे पर ककस कर मलया। किर उसने
अपना पेटीकोट उठाया और उसका नाडा खीच कर ननकाल ददया और बोली बेटा
मैं तुम्हारे लंड पर िहााँ ये तुम्हारे बदन पर िुडा है अपने पेटीकोट का नाडा
बााँध दाँगू ी और तेरी इन लंड की बॉल को भी नाड े से कस कर बााँध दाँगु ी प्िसस े
इनका रस ककतना भी उबाल मारेगा पर लंड से बाहर नही ननकल पायेगा इस
तरह से तु मेरा साथ िो चाहे कर सकता है बबना अपने झडने के डर से। किर
तू मुझे प्ितनी देर िाहे चोद सकता है। मुझे पता है इसमे तेरे लंड को थोडा
ददम होगा क्योकक मैं बहुत कस के बााँधुगी पर बाद मैं तुझको मिा भी आयेगा
बोल बेटा कैसा लगा मेरा उपाय।
मैं बोला बहुत ही अच्छा उपाय है मााँ और तुम्हारे इस मस्ताने बदन के मलये
यह ददम कुछ भी नही है मााँ मैं तैयार हूाँ। किर रीम मेर सामने घुटनो के बल
खडी हो गयी और बोली बेटा तू खडा हो िा प्िस से मुझके नाडा बााँधने मे
आसानी होगी। मैंने कहा थीक है मााँ और मैं उठ कर खडा हो गया मेरा लंड
रीमा के माँुह के सामने िबरदस्त खडा होकर झूल रहा था। उसने बबना मेरा लंड
छुये हुये नाडा मेरे लंड के बेस पर रखा और किर एक गांठ कस कर लगा दी।
इसतरह से कस के नाडा बााँधने से मेरे अंदर ददम की एक लहर दौड गयी। किर
उसने मेरे लंड के ईदमगगदम दो चार और लपेटे घुमा कर नाडे के एक दहस्से को
मेरे बॉल के बेस के चारो और घुमाया तथा दसु रे मसरे को मेरे दोनो बॉल के
बीच मे से ल े िाकर पहले एक बाल के चारो और किर दसु री बाल के चारो और
कस के लपेट कर नाड े के दसु रे दहस्से के साथ पूरी ताकत लगा कर कस कर
बााँध ददया।
किर अच्छी तरह से मेरे मेरे लंड पर नाडा बााँध लेने के बाद रीमा ने मेरे लंड के
सुपाड े को कस कर चूम मलया और बोली मेरे नयारे बेटे का नयारा लौडा। यह
कह कर रीमा खडी हो गयी और बोली लो बेटा मैंने अपना काम कर ददया अब
तुम्हारा लंड नही झडगे ा। किर मैंने रीमा का माँुह अपने हाथो मे लेकर उसके
होठो को चूम मलया। रीमा बोली बेटा अब देर मत कर िल्दी से नयार कर मेरे
पेटीकोट को किर मेरी चूत चूस ले बेटा। ऐसा कह कर मैं किर घुटनो के बल
नीचे बैठ गया और रीमा का पेटीकोट उठा मलया और रीमा के तरि देखा। रीमा
ने अभी भी साडी अपने चारो और लपेट रखी थी। मैंने रीमा से कहा मााँ अब
तुम अपनन साडी उतार दो इसतरह अपने मस्ताने बदन को साडी मे छुपाने कक
अब कोई िरुरत नही है। रीमा मुस्कुरायी और अपनी साडी उतार कर िैं क दी।
किर मैंने पेटीकोट उठाया और उसको नयार करने मे िुट गया। सबसे पहले
उसको पुरा गहरी सााँस लेकर सुंघा और उसकी चूत गााँड और चुतड की ममली
िुली गंध का सेवन ककया। वह गंध इतनी मस्तानी थी की अगर रीमा ने नाडा
नही बांधा होता तो मैं पक्का से झड िाता। थोडी देर पेटीकोट को सुघंने के बाद
मैने उसको चुमना और चाटना शुरु कर ददया और १० ममनट मै पेटीकोट का भी
वही हाल ककया िो ब्लाउस का ककया था पेटीकोट भी मेरे थूक से गगला हो गया
था। किर मैंने पेटीकोट रीमा को दे ददया। रीमा बोली बेटा अब तुमने मेरे
पेटीकोट को चूम चाट कर नयार कर मलया अब आओ बेटा मेरी चूत चाट कर
मेरी मस्ती झडा दो देखो इसने भी रस बहा बहा कर मेरी पैन्टी को ककतना
गीला कर ददया है।
मैंने कहा मााँ तुम्हारी चूत चाट के झडाने से पहले मैं तुम्हारा शुकिया अदा
करना चाहता हूाँ। तुमने िो मेरे लंड को अपने पेटीकोट के नाडे के साथ बााँध
ददया है उसकी विह से मैं िब तक चााँहू तब तक बबना झडे तुम्हारा मिा ले
सकता हूाँ। तुम्हारे इस काम के मलये मैं पहले तुम्हारे चुतडो और गााँड के छेद
पर ककस करना चाहता हूाँ। मेरी बात सुनकर रीमा ने आकचयम से अपने हाथ
अपने माँुह पर रख मलये और बोली। ओह मेरे रािा तू ये क्या कह रहा है। मेर
पूरा बदन तो मस्ती मै भर गया है बेटा। आि से पहले कई लोगो ने मेरे चूतडो
का चुम्बन मलया है। पर ककसी ने भी मेरी गााँड के छेद के साथ नही खेला। तुम
पहले मदम हो िो यह करना चाहता है।
इसपर मैंने कहा मााँ अगर ऐसी ही बात है तो मैं तुम्हारी गााँड को बहुत नयार
करुगााँ अपने माँुह स े पर तुम्हारी चूत को अच्छी तरह स े चुसने के बाद अभी
मसिम एक ककस करुगााँ। रीमा ने आगे बढ कर मुझे गले लगा मलया उसके
घुडडयााँ मेरी छाती से रगड खाने लगी। और बोली बेटा मैं बहुत खुश हूाँ आि मैं
िाने कब से अपनी गााँड ककसी मदम से चटवाना चाहती थी। औरतो ने तो मेरी
गााँड चाटी है पर ककसी मदम ने आि तक नही। तुम आि मेरा यह सपना पूरा
कर सकते हो। पर बेटा मैं तुमसे गााँड चटाउाँ गी पर अभी नही तुम से एक बार
अच्छी तरह से चुदाने के बाद इप्त्मनान से प्िस से तुम अपना सारा ध्यान मेरी
गााँड चाटने मे लगा सको मैंने कहा थीक है मााँ िैसी तुम्हारी मिी।
किर रीमा मेरे गाल पर ककस करके अलग हो गयी और पलट कर खडी हो
गयी। और रीमा का सबसे सुन्दर सबसे मस्त अंग मेरे सामने था उसके चूतड
और उनके बीच िंसी उसकी पैन्टी। मैंने आगे बढ कर पहले उसके बााँये चूतड
पर किर उसके दााँये चूतड पर ककस ककया। किर मैं रीमा से बोला मााँ अब तुम
अपने हाथो से पकड कर अपने चूतडो को िैलाओ प्िस से मैं तुम्हारी गााँड पर
ककस कर सकाँू । रीमा बोली बेटा म ैं िै लाती हूाँ अपनी गााँड पर तू मेरे पैन्टी के
उपर से ही ककस करना पैन्टी उतार कर बाद मे मैं तुमसे ककस कराउाँ गी। मैंने
कहा थीक है मााँ।
किर रीमा ने थोडा सा आगे झुक कर अपने दोनो चूतड पकड मलये और बोली
बेटा तैयार है। मैने कहा हााँ मााँ। किर रीमा ने अपने चूतड खीच कर िैला मलये।
उसकी पैन्टी उसकी गााँड की दरार मैं और घुस गयी। मुझसे बबल्कुल भी नही
रुका गया और मैंने आगे बढ कर िहााँ पर उसकी गााँड होने का मुझे अंदािा था
वहााँ पर मैंने एक गहरा चुम्बन ल े मलया। रीमा के माँुह स े एक बडी आह ननकल
गयी। मैंने रीमा से पूछा मााँ मैंने थीक िगह पर ककस ककया था क्या। रीमा
बोली हााँ बेटा बबल्कुल गााँड के छेद पर। और तुम्हारे ककस करते ही मैं स्वगम मैं
पहुाँच गयी।
किर रीमा उठ कर खडी हो गयी और बोली अब मैने तुम्हारी सारी इच्छाये पूरी
कर दी चलो अब खडे हो िाओ और मेरी चूत चाट कर मेरी मस्ती झडा दो।
मैंने कहा थीक है मााँ। और मैं उठ कर खडा हो गया रीमा अपने चुतड मटकाती
हुयी छोटे वाले सोिे कक तरि चल दी चलने से पहले उसने पीछे मुड कर देखा
और मुस्कुराते हुये अपनी उगली से इशारा करते हुये मुझे अपनी तरि बुलाया।
मैं उसके पीछे चल अपनी आाँखो को उसके चूतड पर दटका कर चल ददया। किर
वह सोिे पर िा कर सोिे के एक दम ककनारे पर अपने चूतड दटका कर और
अपनी पीठ पीछे कर कर सोिे पर सहारा ले कर बैठ गयी।
किर उसने अपनी एक टााँग उठायी और मेरे लंड पर अपनी उाँची ऐडी के सडैं ल
छुआती हुयी बोली तो तैयार है मेरी चूत की सेवा के मलये। मैंने कहा हााँ मााँ।
किर रीमा ने अपनी टााँगे पुरी तरह से चौडी करके िैला ली और उनको सोिे के
हथे रख ददया। प्िससे उसकी टााँगे चौडी हो गयी और उनको सोिे के गद्देदार
हथों पर सहारा भी ममल गया। इस आसन मैं रीमा घंटो तक अपनी चूत चटा
सकती थी बबना ककसी परेशानी के। रीमा बोली आिा बेटा बहुत देर से मुझको
तू तडपा रहा है। अब मेरी बारी है अब मैं तुझको तडपाउाँ गी तब तुझे पता
चलेगा कक मााँ के साथ मस्ती करने से क्या होता है समझा। मैंने कहा हााँ मााँ।
किर रीमा बोमल ले तेरी इस रंडी मााँ ने अपनी टााँगे खोल दी है और मेरी गीली
चूत तैयार है। अब चूस ले इसको और झडा दे मेरा पानी। अब तो िम कर
किी देर तक तेरे से अपनी चूत की सेवा कराउाँ गी ४-५ बार झडुाँगी उसके बाद
ही तुझे कु छ करने दाँगू ी समझा और खबरदा िो तूने अपने लंड को छु ने की भई
कोमशश की। अगर मैंने तुमको अपने लंड से खेलते हुये देख मलया तो किर
आि तो तुम झडने के बारे मे भूल ही िाओ। ना आि पुरे ददन तुम्हारे लंड पर
से नाडा खुलेगा ना तुम झडोगे समझे। अपना सारा ध्यान मेरी चूत और उसमे
से ननकलने वाले रस पर लगा समझ गया रंडी की औलाद। उसकी बात सुनकर
बदन मे झुरझुरी दौड गयी। उसनी यह बात बहुत ही मसरयस होकर कही थी।
बबना झडे एक ददन तक अपने लंड को इस तरह से नाडे मे बधे रहने की बात
सुनकर मैं बहुत घबरा गया और मैंने सोच मलया की सब कुछ भूल कर रीमा
की चूत को चाटने की तरि ध्यान दगू ााँ। मैंने कहा ठीक है मााँ म ैं अपने लंड को
बबल्कुल भी नही छुउाँ गा। सुनकर रीमा िोर से गचल्लायी तो आिा किर सले
खडा खडा देख क्या रहा है मेरी खुली चूत ननमंत्रण दे रही चुस अब इसको।
उसकी बात सुनकर मैं घुटनो के बल नीचे बैठ गया। उसकी रस से भीगी गगली
चूत पैन्टी से ढकी हुयी मेरे सामने थी। सबसे पहले मैंने उसकी िााँघो पर हाथ
रख कर उसकी चूत पर एक गहरा चुम्बन ददया। और किर उसकी िााँघो पर
धीरे धीरे हाथ िेरते हुये उसकी पैन्टी पर चारो तरि गहरे चुम्बन देता रहा।
रीमा ने अपना सर पीछे करके सोिे पर रख ददया और आाँखे बंद करके मेरे
चुम्बनो का मिा लेती रही उसके माँुह स े हल्की हल्की करहाने की आवािे आ
रही थी। थोडी देर उसकी चूत के चुम्बन लेने के बाद मैंने उसकी चूत को
ननहारने का ननकचय ककया। किर मैंने अपने हाथ के उगली उसकी पैन्टी के
ककनारे किराने लगा और उसकी चूत ननहारने लगा बीच बीच मे मैं उसकी चूत
कक ककस करता िा रहा था प्िस से उसको ये ना लगा के मैं अपनी आाँखे सेक
रहा हूाँ। उसकी चूत उसकी काली पैन्टी मैं पुरी तरह से ढकी हुयी थी पर उसकी
पैन्टी से कािी बाल बाहर ननकल रहे थे इसका मतलब उसने अपनी झााँटे नही
काटी थी। और उसकी पैन्टी इतनी ज्यादा गगली हो चूकी थी कक उसकी चूत की
आउट लाईन पैन्टी मे से पता की िा सकती थी।
उसकी चूत से इतना रस बह चुका था की उसकी िााँघो भी उसके चूत रस मे
भीग गयी थी और चूत रस की बूंदे आसानी से उसकी िााँघो पर देखी िा
सकती थी। उसकी इसहालत को देख कर मैंने सोचा रीमा सही मैं बहुत तडपी है
चूत चटाने के मलये अब उसकी इस इच्छा को पूरा कर ही देना चादहये। यह
सोच कर सबसे पहले मैंने उसकी पैन्टी के चारो और ननकल आये उसके रस को
पीना उगचत समझा। किर मैंने अपने हाथो से उसकी िााँघो पर लगा कर उनको
और चौडा कर ददया। किर अपनी िीभ ननकाल कर उसकी पैन्टी के चारो और
का रस चाटना शुरु कर ददया।रीमा तो ककसी और ही दनु नया मे थी और आराम
से लेट कर चूत चटवाने का मािा लेने के किराक मे थी। इस मलये िैसे ही मैंने
उसकी पैन्टी के चारो और का रस को चाटना शुरु ककया तो बोली हाय रे
िामलम अभी भी मुझे तडपा रहा है। चाट ले कुत्ते मेरा रस पी मााँ के लोडे चाट
चल पहले मेरा रस मेरी िााँघो स े ही चाट म ैं भी देख तुझस े पुरा बदला लाँुगी तू
देखता िा। हाय से क्या मस्त चलाता है तू अपनी िीभ मेरी िााँघ पर चाट
और चाट। किर थोडी देर मे मैंने उसकी पैन्टी के आस पास का सारा रस पी
मलया। सारा रस पीने के बाद मैंने मैंने उसकी पैन्टी की और कूच ककया सबसे
पहले अपनी िीभ ननकाल कर उसकी पैन्टी को चाटना शुरु कर ददया िैसे मैं
कई ददनो का भूखा हूाँ।
िैसे से ही मैंने पैन्टी के उपर अपनी िीभ चलानी शरु की रीमा ने मस्ती मैं
करहाना शुरु कर ददया और और उसके माँुह स े आह ओह की आवािे आनी शुरु
हो गयी। थौडी देर उसकी पैन्टी इसी तरह से चाटने के बाद मैंने अपनी िीभ से
नोक बना कर पैन्टी के उपर से चूत की लकीर पर िीभ किरानी शुरु कर दी
उपर से नीचे और नीचे से उपर। इस तरह करने से मैं अपनी िीभ को एक बार
ज्यादा उपर ले गया। प्िससे रीमा एक दम से उछल पडी और बोली हाय से
मार डाला मेरे रािा ओह मेरे चूत के दाने पर क्या रगडी है अपनी िीभ और
रगडो मेरे लाल और रगडो इसी तरह। किर मैंने अपनी िीभ पर और दवाब
देकर िोर िोर से उपर से नीचे तक रगडना शुरू कर ददया। मेरी इस हरकत से
रीमा और मस्ता गयी।
उसकी मस्ती मेरे चूत चाटने से बढती िा रही थी। किर रीमा अपने सर को
इधर उधर पटकने लगी और िोर िोर से गचलाने लगी। ओह हाय से सी सी
ऽऽऽऽऽऽऽऽऽ उम्हहह ऽऽऽऽऽऽऽऽ मार डाला रे क्या मस्त चूसता है रे तू कहााँ से
ट्रेननग ली है रे तूने बहनचोद चला चला ऐसे ही और िोर िोर से हााँ ऐसे दह
मेरे रज्िा तेरे पर वारी िाऊाँ ओहहह ऽऽऽऽऽ हााँ रे मसिम िीभ मत चला मेरे
रािा मेरी चूत को चूस भी हाय से क्या मस्त मदम ममला है इतने ददनो बाद
आि िम कर मिा लूगी। बडा ही नयार है रे तू मााँ का ककतना ख्याल रख रहा
है रे उम्म्म्म ऽऽऽऽऽ। उस्की बात सुनकर मैंने भी उसकी चूत पर िीभ किराते
किराते बीच बीच मे उसकी पैन्टी को चाट भी लेता था। प्िससे िीभ चलाने से
िो रस बाहर ननकलता था चाटने स े वह मेरे माँुह मे चाला िाता था और म ैं
अपनी िीभ को अपने माँुह म े रोल करके उसके रस का मिा लेता था।
किर करीब १० ममनट तक मैं उसकी चूत पर इसी तरह िीभ किराता रहा और
चाटता रहा। इस तरह से करने से उसको मिा तो बहुत आ रहा था पर उसको
झडने मे बहुत समय लग रहा था और इस विह से उसकी हालत बहुत खराब
हो रही थी। मेरा लंड भी मस्ती चाहता था पर मुझे पता था कयाद उसको तो
कािी देर इंतिार करना पड।े किर मैंने उसकी देखकर उसकी पैन्टी को उस
िगह पर िहााँ पर उसके चूत का दाना था िोर स े माँुह म े भर कर चूसना शुरु
कर ददया। शायद मेरा ननशाना सही िगह पर पडा था और उसकी चूत का दाना
मेरे माँुह मे आ गया था। मेरे इस तरह स े उसकी चूत का दाना चूसने स े रीमा
तो बबल्कुल पागल हो गयी।
ओह हााँ मेरे बेटे चूस चूस मेरी चूत के दाने को हााँ बेटा ओहऽऽऽ और िोर से
चूस ले बेटा यही तो तेरी मााँ के मिे का सोत्र है। इसी से तो तेरी मााँ को मिा
ममलता है। चूस ले बेटा खा िा मेरी चूत का दाना साला बडा परेशान करता है
मुझे मेरी नीदं हराम कर दी है इसने रातो को सोने नही देता और बोलता है
मुझे मिा दो। चूस चूस िोर से हााँ ऐसे ही। उसकी हालत बहुत खराब थी और
अब वह कभी भी झड सकती थी। और वह पागलो की तरह िोर िोर से
गचल्ला रही थी। किर उसने अपनी टााँगी उठा कर मेरे कंधो पर रख दी और
मेरा सर पकड कर अपनी चूत पर दबा मलया। और मस्ती मे अपनी टााँगे मेरी
पीठ पर पटकने लगी प्िससे उसकी ऊाँ ची ऐडी की सडैं ल मेरी पीठ पर िोर िोर
से लग रही थी और थोडा ददम भी हो रहा था।
पर मैं पुरे िोश से उसकी चूत चाटने मे िुटा हुआ था मेरा लंड पर नाडा बंधा
था पीठ पर उसकी सडैं लो कक मार पड रही थी और मेरा लंड और पीठ दोनो
ददम कर रहे थे। पर इस ददम मे भी उसकी चूत चाटने से मेरी मस्ती बढती िा
रही थी। अब मैं भी रीमा को झडा देना चहाता था। यह सोच कर मैंने उसकी
चूत के उपरी भाग को माँुह म े भरा और अपने दााँतो के बीच दबा मलया। मेरे
दााँतो के बीच उसकी चूत का दाना आ गया और रीमा एक दम ददम और मस्ती
म े िडिडा उठी। और उसके माँुह स े एक िोरदार चीख ननकल गयी और बोली
हाय रे मार डाला िामलम मै गयी मेरा पानी छुट रहा है रे क्या मस्त काटा रे
मेरे लाल। झड गयी ओह उसके पुरे शरीर मे कपकपी छुट गयी थी।
किर उसने अपने चूतड को उछाल कर उसने और मेरे माँुह स े सटा ददया और
मेरे सर के बाल पकड कर कस कर मेरे माँुह को अपनी चूत पर दबा मलया।
और मेरे मसर को अपनी गोरी गोरी मााँसल िााँघो मे दबा मलया। मेरा गले से
उपर का दहस्सा पूरी तरह से उसकी कैद मे आ गया। मुझे ऐसा लग रहा था
की मेरा दम ही घुट िायेगा। रीमा बहुत िोर से झड रही थी। उसकी चूत से
पानी ननकल कर उसकी पैन्टी को भीगो रहा था। और उस पानी को मैं पी रहा
था। रीमा अपनी आाँखे बंद करके झडने का मिा ले रही थी। और किर हम
दोनो थोडी देर तक ऐसे ही पडे रहे और मैं उसकी चूत का रस पीता रहा। थोडी
देर बाद िब वह पूरी तरह से शांत हुयी और धीरे धीरे उसने अपनी टााँगो कक
पकड ठीली कर दी। तब िाकर मुझे कुछ सााँस आया।
किर हम कािी देर तक इसी तरह से पडे रहे और हम मे से कोई भी कुछ नही
बोला। रीमा की चूत से सारा रस ननकल चुका था और उसको मे पैन्टी के
िररये पी गया था। िब वह पूरी तरह से शान्त हो गयी तो उसने अपन माँुह
उठाया और मेरे तरि देख कर बोली हाय रे मेरे लाल क्या कमाल है तेरे माँुह म े
क्या मस्त झडाया है तुने मैं तो पुरी ननहाल हो गयी रे। बहुत मिा आया रे
िामलम तुझे मिा आया बेटा ये तेरी पहली चूत चटायी थी न। मैंने कहा हााँ मााँ
मुझे मिा आया तुम्हारी चूत का रस तो शरबत है मााँ बडा मिा आया इसको
पीने मे। इस पर रीमा ने कहा हााँ बेटा अभी तो बहुत शरबत बचा है मेरी चूत
म े तेरे मलये गचतं ा मत कर अच्छी तरह स े तुझको खूब शरबत वपलाऊाँ गी।
किर रीमा बोली बेटा सच सच बता अगर तुझे मिा आ रहा है ना मेरे साथ।
मैंने कहा हााँ मााँ। अगर मैं तुझसे पूछूाँ अभी कक अगर तू मेरी चूत किर से
चाटेगा कक मुझे चोद कर चूत कर मिा लेगा तो बता तू क्या पंसन्द करेगा।
मैंने कहा मेरी नयारी चुदक्कड मााँ मैं तुम्हारी चूत चूस कर तुमको मिा देना
पंसन्द करूाँ गा। मेरे बात सुनकर रीमा बहुत खुश हुयी और मेरे माथे पर ककस
कर मलया िैसे एक मााँ नयार से अपने बेटे का चुम्बन लेती है। किर बोली बेटा
मैं बहुत खुश हूाँ कक तुमने अपने मिे से ज्यादा मेरे मिे के बारे मे सोचा। ठीक
हैं आि एक ही बार मैं चूत चटा कर छोड देती हूाँ पर अगली बार पूरी तरह से
कई आसन म े चूत चटा कर पूरा मिा लाँूगी।
मैं अभी भी उसकी टााँगो के बीच बैठा था। रीमा ने कहा मेरे रािा बेटे चल अब
मेरे बाकी के कपडे उतार कर मुझको पूरा नंगा कर दे। और अपने धैयम का
इनाम यानी के मेरा नंगे बदन का भोग कर ले बेटा। किर मैं उठ कर खडा हो
गया और रीमा भी मेरे सामने उठ कर खडी हो गयी और बोली ले बेटा उतार दे
मेरे कपडे कर दे मुझे नंगा। मैंने आगे बढ कर उसके मम्मो की दोनो घूडीयो
को एक एक चुम्बन ददया किर उसके पीछे चला गया और उसकी बााँहो के नीचे
से हाथ डाल कर उसके ब्रा के हुक पकडने की कोमशश करने लगा। इस पर रीमा
बोली बेटा तू बडा ही शैतान है। मेरे मम्मो को महसूस करने के मलये और
अपना लंड मेरी टााँगो से मभडा कर उससे मिा लेने के मलये पीछे से मेरी ब्रा के
हुक खोल रहा है। मैं रीमा की बात सुनकर हंस ददया और बोला हााँ मााँ। किर
रीमा ने मेरे हाथ पकड कर अपनी ब्रा की हुक पर रख ददये।
बोली ले उतार अब इनको बडे नखरे करता है। मैंने पहले उसका एक हूक किर
दसु रा हुक खोल ददया उसकी ब्रा एक झटके स े खुल गयी और उसके कबूतर
वपिरे से आिाद हो गये। मैंने ब्रा के दोनो दहस्से पकड कर उसकी ब्रा उतार दी
उसने भी अपने हाथ उपर उठा कर मुझे ब्रा उतारने मे सहायता की। ब्रा उतार
कर मैंने उसको गहरी सााँस लेकर सुघने लगा उसके दोनो कपो को भी सुंघा किर
उन कपो को एक एक ककस करके रीमा को वापस दे ददया। उसकी पीठ अभी
भी मेरी तरि थी। रीमा बोली बेटा ब्रा को नयार करके अपने थूक से गगला नही
करेगा क्या। मैंने कहा करूाँ गा मााँ पर अभी नही बाद मे। रीमा ने कहा ठीक है।
और उसने ब्रा दसू रे कपडो के पास िें क दी।
अब वह समय आ गया था िब मैं उसके मम्मो को नाप तोल के देखना चाहता
था। उनको दबा कर देखना चहाता था। लेककन सबसे पहले मैं उसके मम्मो को
िी भर के देखना चाहता था। मैंने रीमा से कहा मााँ अब तूम पलट कर खडे हो
िाओ क्योकी मैं तुमहारे मम्मो को िी भर कर देखना चाहता हूाँ। रीमा बोली
ठीक है। किर रीमा ३-४ कदम आगे बढी और किर पलट कर खडी हो गयी।
और मेरी आाँखो के सामने रीमा का दसू रा सबसे सुन्दर अंग आ गया। पहला
सबसे सुन्दर अंग उसके चूतड और उसकी गााँड का छेद था। उसके भारी भरकम
चूचीयााँ मेरे सामने थी। उमर के कारण और इतनी भारी होने के कारण उसकी
चूचीयााँ थोडी लटक गयी थी पर देखने मे बहुत ही कडी लगती थी। उसकी
घुडीयााँ गहरे भूरे रंग की थी और मस्त होकर खडी थी और करीब १ इन्च
लम्बी थी। उसकी घुडीयो के चारो और गहरे भूरे रंग का गोला था और वह
कािी बडा था।
मुझे बडे उम्र की औरत की बडी बडी लटकी हुयी चूचीयााँ बहुत अच्छी लगती है।
तो मेरे मलये तो उसकी चूचीयााँ वरदान थी। एक मीठा िल थी और मैं उस िल
को खाने के मलये बेताब था। किर मैं आगे बढ कर उसके पास चला गया और
रीमा से बोला मााँ तुमने अपना ये ककमती िेवर इतनी देर तक मुझसे क्यो छुपा
कर रखा था। रीमा ने कहा बेटा मैंने थोडी ये िेवर छुपा कर रखा था तुम ही
इसकी तरि नही देख रहे थे। मााँ क्या मैं तुम्हारे इन मस्ताने गोरे गोरे बडे बडे
बॉल्स को अपने हाथो मे लेकर देख सकता हूाँ। हााँ बेटा क्यो नही मेरे इन बॉल्स
पर सबसे पहला हक तुम्हारा है क्योकी तुम मेरे बेटे हो मेर लाल हो।
तुम िब चाहे मेरे ककसी भी अंग को छू सकते हो पर प्िस तरह से तुम पहली
बार मेरे अंग को छूने के मलये इज्िात मााँग रहे हो मुझे बडा अच्छा लगा। मैं
भी यही चाहती थी अपने बेटे से। लेककन पहली बार समझे आगे से हक से िो
चाहे िब चाहे करना समझे मैं कभी भी मना नही करुगी ठीक है बेटा मैंने कहा
हााँ मााँ। किर रीमा ने कहा किर खडा खडा देख क्या रहा है। पकड ले मेरे मम्मे
अपने हाथो मे खेल इनके साथ। किर मेने अपने हाथ सबसे पहले उसकी
गोलाईयो पर किराने शुरु ककये। उसकी गोलाईयााँ बहुत ही गचकनी और मुलायम
थी। मैंने अपने हाथ उसके दोनो मम्मो के बीच मे रखे और धीरे धीरे उसकी
पूरी गोलाईयो के चारो और किराने लगा।
रीमा मेरे को मस्ती भरी ननगााँहो से देख रही थी। उसकी आाँखो मे किर से
वासना के डोरे पडने लगे थे। मैं अभी भी उसकी गोलाईयो पर हाथ िेर रहा था
प्िससे उसकी घुडडयााँ मेरी हथेली से टकरा रही थी। उसकी कडी कडी घुडीयााँ
मेरी मस्ती और बढा रही थी मेरा लंड तो कब से लौहे की रॉड के तरह खडा था
िैसे रीमा सुन्दरता की देवी को सलामी दे रहा हो। किर मैंने अपने अपने हाथो
को उसके मम्मो के नीचे रख ददया और उसके मम्मो को उठा कर उनका वेट
पता करना चाहता था। िैसे ही मैंने उसके मम्मो को अपने हाथो से उठाय तो
मेरे हाथ उसके मम्मो के भार से नीचे हो गये। रीमा ने यह देख मलया और
बोली थोडे भारी है बेटा तुमको पहली बार मे थोडी ददक्कत होगी मैं कुछ मदद
करू क्या इनको उठने मे।मैंने कहा हााँ मााँ तुम्हारे मम्मे तो बहुत भारी है।
तुम्हारा एक एक मम्मा १ ककलो से कम नही होगा। रीमा बोली हााँ बेटा इतने
बडे और भारी हैं तभी तो सबकी निर इन पर रहती। ला बेटा तू पहली बार
मम्मो को छू रहा है इसमलये तु इस काम मे थोडा अनाडी है। २-४ बार मेरे
मम्मो से खेलेगा तो सीख िायेगा भारी मम्मो को उठाना किर तेरी मााँ है ककस
मलये तुझे सीखाने के मलये ही तो। मैं कहा तुम ठीक कहती हो मााँ। रीमा ने बडे
नयार से मेरी तरि देखा िैसे एक मााँ अपने बटे की तरि देखती है और कहा
बेटा ला इन मोटी मोटी गोलाईयो का भार मुझे दे दे। तेरे अनाडी हाथ इनका
बोझ अभी नही उठा सकते। तू पहले देख तेरी ये मााँ कैसे इनको उठाती है और
कैसे इनको अपने हाथो मे सम्भाल कर रखती प्िस देख कर तू भी कुछ ददनो
मैं सीख िायेगा की मेरी मस्त गोलाईयो का भार उठाना।
रीमा का इस तरह से मुझे अनाडी कहना पता नही मुझे क्यो अच्छा लगा। और
बात भी सही थी रीमा इतने सारे लंडो को अपनी चूत मे लील चूकी थी कक उसे
पता था की एक िवान छोकरा पहली बार एक मस्ताने बदन के साथ खेलने मे
क्या क्या गलती कर सकता है। और मे अपने आप को बहूत खुशककसमत
समझ रहा था की रीमा से मुझे चुदायी का ज्ञान ममल रहा है। किर मैंने अपने
अपने हाथ रीमा के मम्मो पर से हटा मलये और मेरे हाथ हटाने से उसके मम्मे
एक झटके के साथ नीचे गगरे। किर रीमा बोली ला बेटा मैं तुमको ददखाती हूाँ
कक मेरी इन बडी बडी गोलाईयो के साथ ककस तरह से खेलते हैं। मेरी आाँखे तो
मसिम उसकी चूचीयो पर ही िमी हुयी थी।
किर रीमा ने अपनी दोनो हथेमलयो को एक दम सीधा कर मलया और उनको
अपनी चूचीयो की गोलाईयो के बबलकुल नीचे रख मलया और किर मेरे तरि
देखते हुये अपनी हथेमलयो के अपनी गोलाईयो को उपर उठा मलया। प्िससे
उसकी थोडी लटकी हुयी चूचीयााँ उपर को उठ कर सीधी हो गयी और उनकी
घुडीयााँ एक दम तन कर नूकीली होकर मेरे तरि शरारत भरी निर से देखने
लगी िैसे कह रही हो देखा रीमा ने ककतने नयार से हमको अपनी हथेमलयो से
सीधा कर ददया। इस समय प्िस तरह से रीमा ने अपनी चूचीयो को अपने
हाथो से उठा रखा था ऐसा लग रहा था िैसे वह अपनी इस मस्त चूचीयो को
थाली मे परोस कर मुझे दे रही है और कह रही हे ले बेटा ये तेरी मााँ तेरी
प्िंदगी का सबसे मस्त खखलौना तेरे मलये लेकर आयी है।
किर रीमा ने कहा देखा बेटा तेरी मााँ ने कैसे इनको अपनी हथेली मे उठा मलया।
हााँ मााँ देखा अगली बार मैं भी ऐसे ही इनको उठाउगााँ। किर रीमा ने कहा ले
बेटा अब मैं इनको इसी तरह उठा कर रखती हूाँ तु मेरी चूचीयो के साथ खेल ले
िैसे खेलना चाहता है। मेरे माँुह स े उसकी चूचीयो को देख कर लार ननकल रही
थी। मेरे सामने गोरी गोरी बडी बडी चूचीयााँ थी प्िन के साथ खेलने के मैंने
ककतने सपने देखे थे क्या क्या करने का सोचा था आि मैं वह सब कर सकता
था। किर मैंने उसकी चूचीयो पर अपने हाथ रख ददये और उनपर अपने हाथ
किराने लगा मेरा मन बहुत उनको मसलने का कर रहा था पर सबसे पहले मै
उसकी चूचीयो पर हाथ िेर कर उनकी गोलाईयााँ नापना चाहता था।
किर मैं इसी तरह उसकी चूचीयो के साथ खेलता रहा रीमा किर से मस्त हो
चली थी। और आाँखे बंद करा कर अपनी चूचीयो कक मुझसे हाथ किरवा रही
थी। रीमा मस्ती मे बोली बेटा तेरे हाथो मै क्या िादू है तूने तो किर से मेरे
बदन मे मस्ती भर दी। लगता है तुझे मेरी चूचीयााँ पंसन्द आयी है। मैंने कहा
हााँ मााँ बहुत। मुझे उसके मम्मो पर हाथ िेरते हुये बहुत देर हो गयी गथ अब मैं
उसके मम्मो को मसल देना चाहता था। रीमा भी अपनी चूचीयो कक कूटायी
करना चाहती थी बोली बेटा अब बहुत देर हो गयी इनपर हाथ िेरते हुये अब
िरा इनको मसल भी मिा ले पूरा इनको मसल कर पता कर ककतनी कडी है
मेरे चूचीयााँ।
हााँ तुम ठीक कहती हो मााँ मेरा भी मन बहुत कर रहा है इनको मसलने का पर
मैं क्या करु इन चूचीयो ने मुझको समोदहत कर मलया है और बस मैं इनकी
सुन्दरता को ही ननहारता िा रहा हूाँ। हााँ मैं समझ सकती हूाँ बेटा एक तो तूने
आि तक चूचीयााँ नही देखी और देखी तो मेरी गोरी बडी भारी चूचीयााँ। मेरी
चूचीयााँ देख कर तो अच्छे अच्छे खखलाडडयो का होश गुम हो िाता है किर तुने
तो इस ववधालय मे अभी दाखखला मलया है। किर रीमा बोली बेटा अब मुझसे
खडा नही हुआ िा रहा है। अब मैं सोिे पर अपनी टााँग िैला कर बैठती हूाँ किर
तू मेरी चूचीयो को मसल और नयार कर। किर वह पलट कर अपनी कमर
दहलाती हुयी सोिे के पास गयी और पलट कर सोिे पर बैठ गयी और किर
उसने अपनी टााँगे िैला ली।
िब वह चल कर िा रही थी तो उसके हौदे िैसे चूतड दहल रहे थे और उसने
अपने हाथ बबल्कुल भी अपनी चूचीयो से नही हटाये थे। इस तरह से बैठने के
बाद रीमा ने कहा आ िा बेटा ले मसल ले मेरे मम्मे अब इसतरह से बैठने से
मुझे थोडा आसानी होगी अपने मम्मो को पकडने मे। मैं रीमा की तरि चल
ददया मेरा लंड मस्ती मे मेरे चलने से दहल रहा था और अब मुझे नाडे के बंधे
होने के कारण हो रहे ददम की आदत हो गयी थी। किर मैं रीमा कक िााँघो के
बीच िा कर बैठ गया और अपने हाथ उसकी िााँघो पर रखकर िेरते हुये आगे
बढ कर उसकी घूडीयो का एक एक चुम्बन मलया। और अपने हाथ उठा कर
उसकी चूचीयो पर रख ददय़्ये।
आि मैं पहली बार ककसी के मम्मो को मसलने िा रहा था। प्िसके सपने मैंने
देखे थे आि वह पूरा होने िा रहा था। किर मैंने उसके एक मम्मे को अपने
हाथ मे मलया और उसको दबाया। आह कक आवाि रीमा के माँुह से ननकल
गयी। मेरे बदन मे भी मस्ती कक लहर दौड गयी। उसकी चूची उमर की विह
से ढीली हो गयी थी पर अभी भी कािी कडी और मााँसल थी। किर ऐसा ही मैंने
उसके दसु रे मम्मे के साथ ककया और किर दोनो मम्मो पर हाथ रखकर धीरे
धीरे उसके मम्मो को मसलने लगा। इसतरह से मैं उसकी चूचीयो को मसलने
का मिा लेता रहा रीमा के उपर भी मेरे इसतरह से मम्मो को मसलने का
असर हो रहा था। उसके माँुह से हल्की हल्की करहाने की आवाि ननकल रही
थी।
मुझे उसके मम्मो को इसतरह हल्के हल्के मसलने मै मिा आ रहा था और मै
कािी देर स े घुटनो के बल बैठ मेरे पैर भी दखु गये थे और अब म ैं आराम स े
बैठ कर उसके मम्मो का मिा लेना चाहता था। यही सोच कर मैंने रीमा से
कहा मााँ अब मैं आराम से बैठ कर तुम्हारे मम्मो को मसल कर गुंथुगा प्िससे
इन मस्ताने मम्मो से कुछ रस ननकाल सकू बहूत देर हो चूकी है मुझे और
मुझे नयास भी लग रही है। मैं इन मम्मो के रस से अपनी नयास बुझाना
चाहता हूाँ। रीमा बोली थीक है बेटा बता क्या है तेरे मन मे। मैंने कहा मााँ अब
मैं सोिे पर बैठता हूाँ और तुम मेरी गोदी मे बैठ िाओ और अपना एक हाथ
मेरी गदमन मे डाल कर मुझसे मम्मे मसलवाने का मिा लो। िब अच्छी तरह
से मसलने के बाद तुम्हारी चूचीयााँ रस से भर िायेगी तब म ैं अपने माँुह स े इस
घुडडयो को चूस कर और अपनी िीभ से इन गोलाईयो को चाट कर तुम्हारा रस
पीयूगााँ।रीमा बोली ठीक है बेटा िैसा तू बोल वैसे भी इसमे मेरा कुछ काम तो
है नही बस मुझे तो आराम से बैठ कर अपने मम्मो को मसलवाना है और
उनका िूस ननकलवाना है। बाकी काम तो तुझे दह करना है। पर नयास तो मुझे
भी लगी है। तो बैठ िा सोिे पर मैं अपने मलये वाईन लेकर आती हूाँ तेरी गोदी
मैं तेरा लंड अपने चूतड के नीचे दबा कर बैठुगी और मम्मे मसलवाते हुये
वाईन पीयूगी और कभी कभी अपने होठों से तुझे भी वपलाउाँ गी। और वैसे भी
तेरी नयास तो मेरे मम्मे बुझा देगें। किर मैं एक आखरी बार उसके मम्मो को
मसल कर उठ कर उसके बगल मे बैठ गया और बोला िाओ मााँ तुम िाकर
वाईन ले आओ मैं सोिे पर बैठता हूाँ। रीमा ने कहा नही मैं तुझे ऐसे अकेला
छोड कर नही िा सकती। कही मेरे पीछे तू अपने लंड से खेलने लगा तो। मैं
नही चाहती तु अपने लंड से खेले। िब तक तू यहााँ है लंड से खेलने का हक
मसिम मेरा है समझे।
मैंने कहा ठीक है मााँ तुम कहती हो तो चलता हूाँ। और किर रीमा ने मेरा लंड
अपने हाथो से पकडा और उसको खीचने लगी। उसके खीचने से मैं िट से उठ
कर खडा हो गया। किर वह मुझे मेरे लंड से पकड कर खीचती हुयी किि की
तरि ले चली। और मैं उसके पीछे पीछे ककसी पालतू कुत्ते की भााँती चल
ददया। किर उसने लकडी के रैक के पास िाकर उसमे से वाईन का गगलास
ननकाला। और बगल मे रखे किि से िूस का डडब्बा ननकाल कर गगलास मे
िूस भरने लगी। मैंने कहा मााँ तुम तो वाईन पीने वाली थी। रीमा बोली बेटा मे
वाईन ही पीयूगी। इस िूस के गगलास से तू एक घूंट पी ले किर मेरे मलये ये
वाईन दह बन िायेगा। मैंने उसके तरि आकचयम से देखा तो बोली अरे बेटा
अगर कोइ प्रेमी या प्रेममका ककसी भी द्र्वव्य को अपनी प्रेमीका या प्रेमी के होठों
से छुआ दे तो उसमे इतना नशा भर िाता है की उससे अच्छी शराब और कोई
हो ही नही सकती। और क्या तू मेरा प्रेमी और मैं तेरी प्रेमीका नही हूाँ क्या।
मैंने कहा हााँ मााँ हम प्रेमी प्रेमीका ही है। गगलास मैं िूस भरने के बाद उसने
िूस का डडब्बा वापस रख ददया और और िूस का गगलास मुझको पकडा ददया
और बोली ले बेटा मेरे इस िूस को शराब बना दे। मैंने रीमा के हाथ से उसके
िूस का गगलास ले मलया और उसमे से एक घूंट िूस पी कर गगलास उसको दे
ददया। रीमा हााँ अब मेरी वाईन तैयार है। किर मैं रीमा से बोला चलो मााँ चल
कर सोिे पर मेरी गोदी मैं बैठो किर मैं तुम्हारे मम्मो की मामलश करता हूाँ।
यह कह कर मैंने अपना हाथ उसकी कमर मे डाल ददया और उसको सोिे की
तरि ले चला िैसे की वह मेरी प्रेमीका हो। मेरा मन तो मेरा हाथ उसके चूतडो
पर रखने का कर रहा था पर मैंने अभी अपने आप को उसके मम्मो पर ही
केप्न्ित रखना उगचत समझा।
किर मैं इसी तरह उसके बदन से अपना बदन सटा कर चलते हुये सोिे के पास
तक आ गया। और किर उसके गाल का चुम्बन लेकर उसकी कमर से हाथ
ननकाल मलया। और किर मैं सोिे पर बैठ गया। मेरा लंड लोहे की रॉड की तरह
सीधा खडा था। उसको देख कर रीमा बोली हाय रे तेरा लंड तो िबरदस्त खडा
है अगर इस पर मैं बैठूगी तो ये मेरी पैन्टी िाड कर मेरी गााँड मे घुस िायेगा
और मेरी गााँड को िाड देगा न बाबा न मैं तो नही बैठती तेरी गोदी मे। मैंने
कहा नही मााँ अगर तुम मेरे लंड को नीचे कर के अपने भारी चूतडो के नीचे
इसको दबा लोगी तो किर ये तुम्हारी पैन्टी नही िाड पायेगा और तुम्हारी गााँड
भी बच िायेगी तुम एक बार बैठ कर तो देखो।
रीमा बोली तू बोलता है तो मैं बैठती हूाँ पर मुझे बहुत डर लग रहा है। अच्छा
ले मेरा गगलास पकड किर मैं बैठती हूाँ। मैंने रीमा के हाथ से गगलास ले मलया
और किर रीमा ने अपने भारी भरकम चूतड मेरी तरि कर ददये और अपने हाथ
से मेरा लंड पकड कर नीचे कक और दबा ददया और मेरी गोदी मे बैठ गयी किर
उसने थोडा बहुत इधर उधर दहल कर मेरे लंड को अपनी आराम के दहसाब से
सेट कर मलया। अब मेरा लंड उसकी गााँड की दरार मे िंस गया था और उसकी
भारी चूतडो के दवाब से नीचे दब गया। उसके मााँसल नंगे गद्देदार गचकने चूतड
मुझे मेरी िााँघो पर महसूस हो रहे थे।
मुझे रीमा के शरीर का भार अपनी िााँघो पर उसके चूतड के िरीये महसूस हो
रहा था। उसके चूतडो के स्पशम से मेरे मस्ती बढ रही थी पर मेरा लंड उसकी
गााँड की दरार मे िंसा िडिडा रहा था। किर इस तरह िब मेरा लंड अच्छी
तरह से उसकी गााँड की दरार मे िंस गया रीमा ने अपनी गचकनी पीठ मेरी
छाती पर दटका दी और बोली हाय रे मेरे लाल तू ठीक कहता था। तेरा लंड तो
बबल्कुल मेरे गााँड से दब गया और मेरे पैन्टी मे छेद भी नही हुआ। किर उसने
अपनी एक बााँह मेरे गले के पीछे डाल दी ऐसा करे से मुझे उसकी कााँख के
काले लम्बे बालो की एक झलक ममली। बालो से भरी उसकी कााँख कक झलक
देख कर मन ककया कक अपना माँुह उसमे घुसा दाँ ू पर मैंने अपने आप को रोक
मलया।
किर रीमा ने कहा ले बेटा बैठ गयी मैं अब तू इप्त्मनान से मेरे मम्मो को दबा
मसल और उन्का िूस ननकाल कर पी ला मेरे िूस का गगलास मेरे को दे दे।
मैंने िुस का गगलास रीमा को पकडा ददया और उसके मम्मो की तरि देखने
लगा। उसके मम्मे अब मेरे और पास आ गये थे और िैसे िैसे उसकी सााँसे
चल रही थी उसके मम्मे उपर नीचे हो रहे थे। मैंने अपना एक हाथ बढा कर
उसकी कमर के इदमगगदम डाल ददया और अपने माँुह कक झुका कर उसके मम्मो
कक दरार पर रख ददया और उसके बदन की गंध लेने लगा। किर एक चुम्बन
उसकी दरार का लेकर मैंने अपना हाथ उसके भारी भरकम १ ककलो के मम्मे
पर रख कर उसको धीरे धीरे मसलने लगा।
रीमा ने अपने िूस का एक मसप मलया और मस्ती भरी ननगाह से मेरे को
उसके मम्मे दबाते हुये देख रही थी। किर रीमा बोली दबा बेटा दबा अपनी मााँ
के मम्मे मिा ले इनका आह ऐसे दह मेरे लाडले ऐसे ही दबा तूने तो मुझे आि
महारानी बना ददया अपनी िााँघ पर बबठा कर क्या मिे दे रहा है मुझे। िोर से
दबा बेटा इस तरह से धीरे धीरे मसलते हुये तेरे को बहुत देर हो गयी है। िरा
इनको िोर से मसल। लगता है तेरे को थोडी ताकत कक िरुरत है मैं देती हूाँ
तेरे को ताकत। तेरे को अभी मैं िूस वपलाती हूाँ अपने माँुह कक लार ममला कर
उससे तुझको ताकत ममलेगी। मैंने कहा हााँ मााँ मुझको तुम्हारे माँुह के िूस की
बहुत िरुरत है। लाओ िल्दी लाओ वपलाओ मुझको अपना िूस।
य े कह कर उसने िूस का एक बडा घंूट भर मलया और अपने माँुह म े लेकर
उसको घुमाने लगी प्िससे उसका लार भी उस िूस मे ममल गयी। किर उसने
मेरे होठों पर अपने होठ रख ददये और अपने माँुह का िूस मेरे माँुह म े अपनी
िीभ की मदद से डालने लगी। मैं उसके लार ममले िूस को धीरे धीरे पीने
लगा। इस तरह करते करते रीमा ने अपने माँुह का सारा िूस मुझको पीला
ददया। किर रीमा बोली अब तो कुछ ताकत आयी तेरे मे दबा मेरे चूचीयो मसल
के रख दे अपने मिबूत हथो से लाल कर दे इनको रगड रगड कर। किर मैंने
अपना हाथ उसके एक मम्मे के सामने रखा प्िससे उसकी घुडी मेरी हथेली के
थीक बीच मे आ गयी और अपने पूर हाथ से उसका मम्मा पकडते हुये अपनी
पूरी ताकत से मसल ददया िैसे मैं कोई बडा सा नीबूं ननचोड रहा हूाँ।
इस पर रीमा गचल्ला पडी और बोली हाय रे मार डाला क्या िोर से मसली है
मेरी चूची। मेरे पुरे मम्मे मे ददम भर ददया हाय रे िामलम इतनी िोर से
मसलते हैं क्या इतना नयारा मम्मा। पर बेटा मुझे बडा मिा आया तू मसल
प्ितनी िोर से मसल सकता है मसल इस ददम मे भी तेरी रंडी मााँ को मिा आ
रहा है। ये हुयी न कुछ मदो वली बात इतनी देर से क्या बच्चो कक तरह मसल
रहा था मेरी चूचीयााँ। और मसल िोर िोर से रुक क्यो गया मसल इनको साली
बडा परेशान करती है रोि आि ममला है कोई पक्का हरामिादा िो इनकी सही
से कुटायी कर सकता है। हााँ बेटा मसल डाल इनको ननकाल दे इनकी सारी
मस्ती। आि पता चलेगा इनको मुझे तंग करने कक सिा कया होती है। रोि
मुझसे मेरी चूचीयााँ कहती रहती है कक मुझे मसलो मुझे मसलो। आि मेरा बेटा
आ गया है और इन चूचीयो को कस के कुटायी करेगा और इनको मसल मसल
कर पुरा बदला लेगा इन साली हरामी चूचीयो से अपनी मााँ को तंग करने का।
किर मेरी और देख कर बोली लेगा न बेटा बदला इनसे मुझको तंग करने का।
मैं चूचीयो को उसी तरह से कस कस के मसल रहा था। मैंने कहा हााँ मााँ िरुर
लाँूगा बदला इनसे मााँ। इन साली चूचीयो के इतनी दहम्मत कक मेरी मााँ कक
परेशान करे इनको तो मसल मसल कर म ैं लाल कर दाँगु ा। रीमा बोली हााँ बेटा
मसल और मसल केवल दबा ही नही इस घुडीयो को पकड कर इनके साथ भी
खेल। इनको भी थोडा मसल और खीच िोर िोर से उखाड कर िें क दे इनको
मेरे मम्मो के उपर से। यही तो सारी िसाद की िड है। इनको मस्ती चढती है
तो साली चूचीयो मे खुमारी भर देती हैं और तन कर खडी हो िाती है। काट ले
इनको अपने दााँतो से खा िा। रीमा के बााँते मेरी मुझे उसकी चूचीयो के साथ
बेददी का बतामव करने के मलये उकसा रही थी और मैं भी उसके मम्मो को
अच्छी तरह से मसल कर पूरा मिा लेना चाहता था।
किर मैंने उसकी घुडी अपनी उंगलीयो के बीच मे पकडी और कस के मसल दी।
और रीमा मस्ती और ददम मे िोर िोर से गचल्लाने लगी और अपनी बातो से
मुझे िोर से उनको खीचने और मसलने के मलये कहने लगी। मैं भी िोर िोर
से उसकी चूची मसल रहा था और साथ ही साथ उसके घुंडी को भी मसल रहा
था बीच बीच मे उसकी घुडी को पकड कर बाहर की तरि खीच देता था प्िससे
उसकी घुडी िो मस्ती मे खडी होकर करीब १ इन्च कक हो गयी थी मेरे खीचने
स े उसकी लम्बाई डढे इन्च हो िाती थी। घंुडी के खीचने स े उसका बडा मम्मा
भी उसके साथ चला आता था। प्िससे मम्मा थोडा उठ िाता था। थोडी देर
उसको मैं ऐसे ही रखता था और किर एक झटके के साथ छोड देता था। प्िससे
उसका मम्मा एक झटके के साथ नीचे गगरता था।
किर कभी उसकी घुडी को मैं अपने अंगुठे और उंगली के बीच पकड कर कस के
दबा कर पूरी ताकत के साथ घुमा देता था ऐसा करने स े उसके माँुह स े चीख
ननकल िाती थी पर वह मुझे और उकसाती थी ऐसा करने को। और मैं भी
पागलो की तरह उसकी चूचीयो के साथ खेल रहा था। उसकी गोरी गोरी चूचीयााँ
मेरे मसलने के कारण गुलाबी होना शुरु हो गयी थी। उसकी ये हालत देख कर
मैंने उससे पूछा मााँ मैं इतनी िोर िोर से तुम्हारी चूचीयो को मसल रहा हूाँ
तुमको बहुत ज्यादा ददम तो नही हो रहा। रीमा ने कहा बेटा क्या बताऊ ददम तो
बहूत हो रहा है पर इनको मसलवाने मे िो मिा आ रहा है उसके सामने ददम
कुछ भी नही है। और तुझे भी बडा मिा आ रहा है तेरी आाँखे और तेरा लंड िो
मेरे चूतड के नीचे दबा है मुझे सब बता रहा है।
और मैं तेरी मााँ हूाँ तेरे मिे के मलये अगर मुझे ददम भी हो रहा होता तो भी मैं
ये ददम सह लेती समझा अब सोच मत और लगा रहे अपने काम पर िब तक
चाहे तब तक मिा ले मेरे मम्मो का। बस मुझे और क्या चादहये था किर मै
पुरे िोर शोर से उसके मम्मे की कुटायी करने मे िूट गया। बीच बीच मे रीमा
मुझ े अपने माँुह से िूस भी वपलाती िा रही थी। अभी तक मैंने उसके मसिम एक
मम्मे को मसला था। किर मेरा मन ककया कक मैं उसके मम्मे को चूसू यह सोच
कर मैंने उसका एक मम्मा मसलते हुये अपना माँुह नीचे कर के उसके दसु रे
मम्मे की घुडी को अपने होठो के बीच पकड मलया और उनपर अपनी िीभ
किराने लगा।
इस पर रीमा ने कहा हाय रे िालीम ये क्या करने लगा मेरे मम्मो को चूसना
भी शुरु कर ददया। मादरचोद तेरा मम्मे मसलना तो मुझसे बडी मुशककल से
सहा िा रहा था अब तूने मेरे मम्मे भी पीने शुरु कर ददये। पीयो पीयो तुम्हारे
बाप का ही माल है चूसो मेरे मम्मे। किर मेरा हमला दोनो मम्मो पर हुआ।
एक मम्मा म ैं मसल रहा थ और दसु रे को अपने माँुह म े लेकर िोर िोर स े चूस
रहा था कभी कभी अपनी िीभ ननकाल कर उसका मम्मा चाट भी लेता। इस
तरह १५ ममनट तक मैंने रीमा के एक मम्मे की िम कर कु टायी की और दसु रे
की िम कर चुसायी और चटायी की। उसका एक मम्मा मेरे मसलने के कारण
लाल रंग का हो गया था तथा दसु रा मम्मा मेरे चाटने के कारण मेरे थूक स े
सन गया था और लाईट मैं चमक रहा था।
किर मैंने रीमा से कहा ओह मेरी नयारी चुदक्कड मााँ अब म ैं तुम्हारी दसु री चूची
को मसलाँूगा और इस चूची को चूम चूस चाटूाँगा प्िससे इसको थोडा आराम
ममल सके। रीमा ने कहा ठीक है बेटा िैसा तू कहे। किर मैंने रीमा से कहा मााँ
तुम्हारा एक मम्मा मेरे थूक से गीला हो चूका है तुम अपना ब्लाउस उठा कर दे
दो प्िससे म ै इसको पोछ सकाँू नही तो मुझको इसको मसलने म े परेशानी होगी
और इसको मसलने मे मेरे हाथ किसल िायेगें। रीमा ने अपना िूस का गगलास
मुझे पकडा ददया और पास मे ही पडा हुआ ब्लाउस उठा कर मुझे दे ददया। वह
ब्लाउस इतनी देर पहले चुस चाट कर मैंने थूक से गीला ककया था पर अब कई
िगह से वह सूख चुका था। मैंने किर से िूस का गगलास रीमा को वापस दे
ददया और ब्लाउस ले कर उसके मम्मे को कस कस कर रगडने लगा।
मैं उसको िोर िोर से रगड कर साि कर रहा था िैसे की उस मम्मे को बता
रहा हूाँ अब मैं कैसे तेरी कुटायी करने वाला हूाँ। इस तरह िोर िोर से उसके
मम्मो की सिायी करने के कारण उसके दोनो मम्मे उछल रहे थे और िो
मम्मा मैंने मसल कर लाल कर ददया था वह मम्मा गगले मम्मे से टकरा रहा
था। िैसे उसको बताने के कोमशश कर रहा हो की मैंने उसकी क्या हालत
बनायी है और वही हालत अब उसकी भी होने वाली है। थोडी देर उसके मम्मे
को रगड कर साि करने के बाद मैंने ब्लाउस बगल मे रख ददया और सबसे
पहले रीमा के माँुह स े किर एक बार िूस वपया ऐसा करते करते एक बार और
उसके होठो का भी रस पीया।
िुस पीने के बाद मैंने रीमा से बोला मााँ अब तुम अपने इस हाथ को ननकाल
लो और दसु रे हाथ को मेरे गले म ैं डालो प्िससे मुझको एक साथ चूसन े और
मसलने मे आसानी होगी। रीमा ने अपना हाथ पीछे से ननकाल कर िूस उस
हाथ मे पकड कर दसु रा हाथ मेरे गले म े डाल मलया। अब सबसे पहले मैंने
प्िस मम्मे को चूस चाट कर गगला ककया था उस पर टूट पडा। और उसको
अपने हाथ मे पकड कर बेरहमी के साथ मसलने लगा। रीमा किर िोर िोर से
गचल्लाने लगी और मुझे गामलयााँ बकने लगी। उसको गामलयााँ बकने का बहुस
शौक था। वह बक रही थी और मे उसके मम्मे के साथ वही बतामव कर रहा था
िो मैंने उसके पहले मम्मे के साथ ककया था। थोडी देर उसके मम्मे को मसलने
के बाद मैंने उसके दसु रे मम्मे को चूसना और चाटना शुरु कर ददया।किर १०-१५
ममनट बाद दोनो मम्मो की हालत वही थी िो पहली बार हुयी थी। रीमा की
हालत भी करीब आधा घंटे मम्मे मसलवा कर बबगड गयी थी। उसकी चूत किर
से रस बहाने लगी थी और उसक रस बह बह कर उसकी पैन्टी को पूरी तरह
भीगो चूका था। वह अपनी टााँगो को िोड कर एक दसू रे स े कस कस कर मसल
रही थी। प्िससे वह अपने चूत के दाने को रगड कर अपनी काम वासना को
शांत कर सके पर अभी तक उसमे सिल नही हुयी थी। उसका चूत रस उसकी
पैन्टी से ननकल कर मेरी िााँघो को भीगो रहा था। प्िसकी विह से मेरी सारी
िााँघ गीली हो गयी थी।
मुझे उसके मम्मे मसलते और चूसते हुये कािी देर हो गयी थी। मैंने रीमा से
कहा मााँ अब बहुत देर तक मैंने तेरे एक एक मम्मे की नघसायी कर ली। अब
मैं तुम्हारे दोनो मम्मो को एक साथ बेरहमी से मसलूगााँ। रीमा बोली बेटा मसले
मै मना थोडी ही कर रही हूाँ पर मेरी चूत का भी कुछ कर ये तो किर मस्त हो
गयी है और झडना चाहती है। मैंने कहा मााँ तुम्हारी चूत तो बबल्कुल रंडी की
चूत है इतना झड कर भी इसका मन नही भरा। ठीक है मााँ तुम्हारे मम्मो को
मसलने का मिा लेने के बाद इनका भी कुछ करता हूाँ। ठीक है बेटा िैसा तू
कहे बोल क्या करना है मुझे। मैंने कहा रुको बताता हूाँ। किर मैंने ब्लाउस बगल
से उठा कर उसके गीले वाले मम्मे को साि करना शुरु कर ददया। मेरे चूमने
चाटने से उसके इस मम्मे को थोडा तो आराम ममला था पर अभी भी मेरी
कुटायी से हुयी हालत के कारण उसका रंग लाल ही था।
मैंने किर ब्लाउस से कस कस के मसल कर उसके मम्मे को साि कर ददया।
िोर से मसल कर साि करने के कारण इस मम्मे कक हालत दसु रे मम्मे की
िैसी हो गयी थी। किर मैंने ब्लाउस बगल मे रख कर रीमा से बोला मााँ अब
तुम अपनी गचकनी पीठ पूरी तरह मेरी छाती से लगा कर बैठ िाओ मैं पीछे से
हाथ डाल कर तुम्हारे मम्मो को मसलूगााँ। रीम बोली ठीक है बेटा। किर रीमा ने
अपना हाथ मेरे गले से ननकाल मलया और अपनी पीठ मेरी छाती से लगा कर
बैठ गयी। प्िससे उसका माँुह मेरे माँुह के बराबर म ैं आ गया। किर मैंने उसके
होठ अपने माँुह मे लेकर एक ककस्स कर ददया। और अपने हाथ उसके बगल स े
ननकाल कर उसके मम्मो पर रख ददये।
किर मैंने उसके होठों को माँुह मे लेकर उसके होठों पर िीभ किराना शुरु कर
ददया और उसकी नंगी गचकनी पीठ का मिा लेते हुये उसके मम्मो को कस कर
अपने हाथो मे पकड कर मसल ददया और िोर िोर से मसलने लगा। थोडी देर
उसके होठों को चाटने के बाद उसके होठों को चूसना शुरु कर ददया। किर इसी
तरह उसके होठ अपने होठों से चूसते हुये उसके मम्मो को बेरहमी के साथ
मसलने लगा। उसके माँुह से कराह ननकल रही थी पर मेरे होठों से िुड े होने के
कारण वह बाहर नही ननकल पा रही थी और गो गो की आवाि ननकल रही
थी। उसमे मम्मे मसलते हुये उसकी घुडीयो पर भी पूरा ध्यान दे रहा था। और
उनको बेददी के साथ मसल और खीच रहा था मेरा लंड तो पूरा मस्त हो रखा
था और रीमा के मस्त चूतडो से लग कर उनका मिा ले रहा था।
मेरा लंड बहुत रस बहा रहा था और रीमा की पैन्टी से ननकलते रस के साथ
ममल कर मेरी िााँघो और उसके चूतडो को पुरा भीगो ददया था। रीमा को भी
इस बेरहमी से मम्मे मसलवाने मे मिा आ रहा था। वह मेरे लंड पर बैठे बैठे
अपने चूतडो को िोर िोर से दहला रही थी। वह चाह रही थी ककसी तरह मेरे
लंड उसकी चूत से रगड खाये और वह मिे ले सके। पर इस तरह करने से मेरा
लंड उसके चूतडो की लकीर ले बीच नघसायी कर रहा था। प्िस उसकी उत्तेिना
तो बढ रही थी पर उसकी चूत को कोई राहत नही ममल रही थी और वह बहुत
तडप रही थी। हमारे होठ अभी भी िुड े हुये थे और हम एक दसु रे का माँुह का
रस पी रहे थे।
किर करीब १० ममनट तक मैं उसके साथ यही बतामव करता रहा और उसके होठ
चुसता रहा। किर मैंने उसका होठ छोड ददया और पूछा मााँ मिा आ रहा है
मम्मो की मसलवायी करवाने मे। रीमा बोली बेटा बहुत मिा आ रहा है। मेरे
मम्मो की कुटायी तो ककतने ही लोगो ने की है पर इतनी देर और इतनी
बेरहमी से ककसी ने नही की। सच बताऊ बेटा तो मेरे मम्मे इस समय ददम से
बबलबबला रहे है और मुझसे कह रहे है कक हमे इस बेरहम के हाथो से बचा लो।
पर इनके ददम से एक लहर ननकल कर सीधे मेरी चूत तक िा रही है िो मेरी
चूत मे मस्ती भर कर मेरी चूत से रस बहाये िा रही है और मेरी चूत का रस
बहाना मुझे अपने मम्मो के ददम से ज्यादा पंसद है इसमलये तुम इसी तरह पूरी
बेददी से मेरे मम्मो को मसलते रहो।
मैं तो बहूत ददनो से अपने मम्मो की िबरदस्त कुटायी कराना चाहती थी पर
आि मुझे वह मौका ममला है और मैं उस मौके को नही खोना चाहती। मसल दे
बेटा इस मादरचोद चूचीयो को और मुझे मिा दे मेरे लाल। उसके बाद मे
उसकी चूचीयो को और भी ताकत से िोर िोर से मसलने लगा और रीमा भी
मेरे लंड को अपने चूतडो मे दबाये िोर िोर से उछलती रही। इस तरह करीब ५
ममनट तक उसके मम्मे मसलने के बाद रीमा बोली बेटा अब बहुत देर हो गयी
है मेरी चूचीयो की कुटायी करते हुये अब तो कुछ रहम कर दे इन बबचारीयो पर
देख तेरे मसलने से कैसी लाल हो गयी है और िूल कर ककतनी बडी हो गयी
है। अब तो कािी रस इनमे िमा हो गया है बेटा अब मेरी चूचीयो को चूस चूम
और चाट कर इनकी गमी को थोडी राहत पहुाँचा दे बेटा। इनका रस पी ले बेटा
तेरी मााँ तुझसे ववनती करती है बेटा चूस ले मेरे मम्मे मेरी गोलाईयााँ बेटा।
रीमा कक ववनती सुनकर मैंने कहा ठीक है मााँ तुम कहती हो तो छोड देता हूाँ
तुम्हारी इन चूचीयो को। किर मैंने आखरी बार कस के उसकी चूचीयो को मसल
कर छोड ददया और बोला लाओ मााँ अब तुम मेरे उपर से उठ कर बगल मे बैठ
िाओ प्िससे मैं तुम्हारी चूचीयो को चूम और चूस कर कु छ ठंडक पहुाँचा सकंू ।
मैंने अपने हाथ उसके बगल से ननकाल मलये और रीमा उठ कर खडी हो गयी।
उसके खडे होते ही मेरे सामने उसके चूतड आ गये उनको देख कर मुझसे रहा
नही गया और मैंने आगे बढ कर उसकी कमर को िहााँ पर उसकी पैन्टी थी का
चुम्बन ले मलया। मेरी हरकत देख कर रीमा बोली बेटा मुझे पता है तुझे मेरे
चूतडो स े ककतना नयार है। गचन्ता मत कर म ैं तुझको पूरा मौका दगू ी चूतडो को
नयार करने का।किर मेरी निर उसके चूतडो के नंगे भाग पर गयी िो कक मेरे
लंड और उसकी पैन्टी से ननकले उसके रस से भीग कर गीला हो चूका था।
रीमा बैठने ही वाली थी कक मैंने रीमा से कहा मााँ रुको तुम्हारे चूतड का नंगा
भाग मेरे और तुम्हारे रस से भीग गया है और मैं नही चाहता कक तुम बैठ
िाओ और इतना ककमती रस सोिे पर लग कर बबामद हो िाये। तुम ऐसे ही
खडी रहो और मैं तुम्हारे चूतड चाट कर इस रस को पी िाता हूाँ। रीमा बोली
तुम ठीक कहती हो बेटा मैं भी नही चाहती के रस की एक बूंद भी बबामद हो।
मैं खडी होती हूाँ तू चाट कर पी िा सरा रस।
किर रीमा की बात सुनकर मैंने उसकी कमर को अपने हाथो से पकड मलया
और अपनी िीभ ननकाल कर उसके चूतडो के नंगे भाग को िो कक पैन्टी से
ढका नही था चाटने लगा। मेरे चाटने से चप चप की आवाि कमरे मे गुिंने
लगी। मेरे लंड का प्रीकम और उसके चूत के रस से बना वह रस ककसी भी रस
से मीठा रस था। मैं उसका पूरा स्वाद लेकर रस को पी रहा था। इस तरह चाट
चाट कर उसके चूतड पर लगे सारे रस को मे पी गया और उसके चूतडो को
अपने थूक से गीला कर ददया। रीमा बोली चाट मलया बेटा सारा रस तु तो
लगता है मेरे बदन को चाटने का इतना ददवाना है कक तुझसे एक बार आराम
से बैठ कर सारा बदन चटवाना पडगे ा।
चल अब मैं बैठती हूाँ और तुम चूम चाट कर मेरे मम्मो को थोडी ठंडक पहुाँचा।
ऐसा कह कर रीमा मेरे बगल मे बैठ गयी और मैं आकर उसके पैरो के बीच
घूटनो के बल बैठ गया। किर उसका एक मम्मा अपने हाथ मे लेकर पूरे मम्मे
पर चुम्बनो की बोछार कर दी। अच्छी तरह से उसके मम्मे को चुमने की बाद
इसी तरह उसके दसु रे मम्मे के साथ ककया। किर अपनी िीभ ननकाल कर
उसके मम्मो को चाटना शुरु कर ददया। रीमा बोल पडी हााँ बेटा ऐसे ही चाट मेरे
मम्मो को बडी ठंडक ममल रही है मुझे तेरे चाटने से मेरी चूचीयााँ भी कुटायी
करा के लाल हो गयी थी बेटा अब इन पर िरा अपने थूक का मरहम लगा दे
तो इनको शान्ती ममल िायेगी। चाट चाट कर अपने माँुह स े अच्छा चमका दे
इनको गीला कर दे अपने थूक से रािा हााँ ऐसे ही बेटा ऐसे ही। घुडीयो को
पकड कर माँुह म े चूस ल े बेटा पूरा मिा ल े मेरे बदन का।
किर मैं पुरी तरह से उसकी चूचीयो को चूमने चाटने मे िुट गया और तब तक
उसकी चूचीयो को चाटता रहा िब तक वह मेरे थूक से गीली नही हो गयी और
उन पर चूची कुटायी से हुयी लाली कम नही हो गयी। पर मेरे इस तरह से
करने से उसकी पहले से मस्त लार बहा रही चूत और भी मस्त हो गयी और
और भी िोरो से लार बहाने लगी। िब मैं उसकी चूचीयााँ चाट कर उठा तो रीमा
बोली हाय रे मेरे लाल तूने तो सही मे चमका दी मेरी चूचीयााँ। अब मैं तुझे
इसका इनाम दगू ी। मेरे पास दो तरीके है एक तो मुझ े चोद कर अपनी मस्ती
झडा ले दसु रा मेरी चूत चाट कर उसे झडा दे। बोल बेटा तुझ े क्या इनाम
चादहये िो तू कहेगा वही इनाम ये तेरी मााँ तुझको देगी। बता बेटा सोच क्या
रहा है।
रीमा कक बात सुनकर मेरा मन ककया की कह दाँ ू की म ैं तुम्हारी चूत चोदना
चाहता हूाँ पर मुझे पता था रीमा चाहती थी की मैं उसकी चूत चाट कर उसको
झडाऊ। पता नही क्यो पर उसकी चूत चाटने की इच्छा मेरे मन मे ज्यादा थी
और यही इच्छा रीमा की भी थी बस यही सोच कर मैं बोला मााँ मैं तुम्हारी चूत
चाटने का इनाम लेना चाहता हूाँ। मेरा लंड चीख चीख कर कह रहा था कक मुझे
मिा दो मुझे मिा दो पर किर भी उसकी चूत चाटना इस समय चोदने से
ज्याद पंसन्द था। रीमा ने आगे बढ कर मेरे माथे को चूम मलया ये हुयी ना
कुछ रीमा रंडी के बेटे वाली बात।
रीमा बोली बेटा तू मेरा सगा बेटा नही है पर आि िो थोडी देर मे तूने मुझे िो
मिा ददया है और अभी िैसे मेरे मन की बात पढ ली के मैं अपनी चूत चटाना
चाहती हूाँ मन करता है कक तू मेरा सगा बेटा होता तो ककतना अच्छा होता।
चल बेटा अब म ैं तुझ े कु छ आराम देती हूाँ। तूने बडी देर तक घूटनो के बल बठैं
कर मेरे बदन की सेवा की है। अब तु थोडा आराम कर आिा यहााँ कालीन पर
आराम स े लेट िा अब म ैं तेरे माँुह पर अपनी चूत रख कर तुझस े अपनी चूत
चटवाउगी। मैंने कहा िैसे तुम्हारी मिी मााँ। किर मैं कालीन पर गचत लेट गया
अपने पैर और हाथ मैंने िैला मलये प्िससे मेरे बदन को थोडा आराम ममले।
किर रीमा मेरे सर के दोनो और अपने पैर रख कर खडी हो गयी। उसके पैरो मे
उची ऐडी के सैडल बहुत ही सेक्सी लग रहे थे। उसकी गोरी गोरी मााँसल गचकनी
िााँघे बहुत मस्त थी। उसकी चूत पैन्टी मे से अभी भी रस बहा रही थी। और
बह कर उसकी िााँघो आ रहा था। उसकी बडी बडी थोडी लटकी हुयी चूचीयााँ दो
बडे बडे मस्ती के गोले लग रहे थे िो मेरे थूक से सने हुये थे और लाईट मे
चमक रहे थे। उसके चहरे पर से वासना टपक रही थी। इस तरह मेरे उपर खडी
होकर वह कोई वासना की देवी लग रही थी िो अपने परम भक्त हो अपने चूत
रस का प्रसाद देने वाली थी। और उसका भक्त उसके कदमो मे पडा अपनी देवी
कक सुन्दरता से भरपूर चूत कक पुिा करने के मलये बेताब है। और सीधा उसकी
चूत से अपना प्रसाद प्रानत करना चाहता है।
रीमा अपना भरा पूरा बदन लेकर नीचे बैठ गयी और अपने घुटने मेरे सर के
दोनो और रख ददये और अब उसकी पैन्टी मे छुपी चूत मेरे सामने थी। मैं
उसकी चूत को एक बार चाट कर झडा चूका था पर अभी तक उसके दशमन मुझे
नही हुये थे। पर पहले मैं उसकी चूत को झडा कर उसका रस पीना चाहता था।
किर रीमा ने पास के सोिे पर पडा कुशन उठा कर मुझसे बोली बेटा इसको
अपने मसर के नीचे लगा ल े प्िससे तेरा माँुह मेरी चूत तक पहुाँच िायेगा और
हम दोनो बबना ककसी परेशानी के चूत चटायी का मिा ले सकते हैं। उसकी बात
सुनकर मैंने अपना सर उठा ददया और रीमा ने कुशन मेरे सर के नीचे रख
ददया प्िस स े मेरे माँुह ठीक उसकी पैन्टी के सामने आ गया।किर रीमा बोली
अब ठीक है अब म ैं आराम स े तुम्हारे माँुह पर अपनी चूत रख कर मि े से
अपनी चूत चटा सकती हूाँ। किर रीमा मेरे माँुह पर अपनी चूत रख कर बैठ गयी
और अपने बदन रे माँुह को दबा ददया और बोली बेटा पहले थोडी देर तेरे माँुह
पर अपनी चूत रगड लू किर तुझसे चूत चटाती हूाँ। ऐसा बोल कर िोर िोर से
अपनी पैन्टी स े छु पी चूत मेरे माँुह पर रगडने लगी। आह ओह उम्ह ऽऽऽ
ओहऽऽऽऽ मिा आ गया कह कर रीमा न े अपनी चूत मेरे माँुह पर स े उठा ली
और मेरे होठों स े १ सेन्टीमीटर की दरू ी पर रोक ली और बोली ले बेटा चाट ल े
मेरी चूत ले ले अपना इनाम।
मैंने अपनी िीभ बाहर ननकाल कर उसकी पैन्टी के उपर से उसकी चूत पर
किराने लगा। रीमा ने अपने हाथ अपने मम्मो पर रख मलये और धीरे धीरे
उनके साथ खेलने लगी। उसके हाथ मम्मो पर से बार बार किसल रहे थे
क्योकी उसकी चूचीयााँ मेरे थूक स े बुरी तरह गीली थी। उसके माँुह स े हल्की
हल्की करहाने की आवाि आ रही थी। आह उम्हऽऽऽऽ ओहऽऽऽऽऽ
सीस्सऽऽऽऽऽऽऽऽ। मैं अपनी िीभ से लगातार उसकी चूत चाट रहा था। रीमा को
भी धीरे धीरे मस्ती बढ रही थी उसने अपने चूतड गोल गोल चक्की की तरह से
घुमाने शुरु कर ददये थे। और आाँख बंद करके अपने मम्मो पर हाथ िेरते हुये
मिे से अपनी चूत चटा रही थी। मेरी हरकतो से वह बहुत मस्त हो गयी थी।
रीमा चूत चटाते हूये बोली हाय रे बेटा तेरी िीभ म े न िाने क्या िाद ू है। क्या
चूत चाटता है तू। मस्त कर ददया तूने तो मुझे मन करता है कक तेरी िीभ पर
इसी तरह बैठी रहू और अपनी चूत चटाती रहूाँ। तुझे भी लगता है मेरा बदन
बहुत मस्त लगा है। िब से आया है मेरे बदन को चाटने मे लगा है। लगता है
तुझे मेरी चूत चाटना बहुत अच्छा लगता है तभी तो तूने चूत चटायी इनाम मे
मांगी। मेने कहा मााँ मैं बहूत बडा चूत चटोरा हूाँ ककसी भी मस्त औरत को देख
कर सबसे पहले उसकी चूत चाटने के बारे मे ही सोचता हूाँ। चूत चाटने के बारे
मे सोच कर मुठ मारने मे मुझे बहुत मिा आता है।
ओह बेटा चाटता िा मेरी चूत रुक मत मेरे लाल हाय रे। अब उसकी कमर िोर
िोर से घुमने लगी थी। और कभी कभी अपनी चूत कस कर मेरे माँुह पर दबा
देती थी। अब वह अपनी चूचीयााँ िोर िोर से मसल रही थी। और अपनी घुडीयो
को भी खीच रही थी। मैंने अपनी िीभ को कडा करके सीघा कर मलया था और
रीमा उस पर अपनी चूत रगड रगड कर चूत चटायी के मिे ले रही थी। किर
उसने अपने चुतड घुमाना छोड कर मेरी िीभ पर िोर िोर अपनी चूत उछालनी
शुरु कर दी प्िससे मेरी िीभ उसकी पैन्टी के साथ उसकी चूत मे घुस रही थी।
और वह िोर िोर से गचल्ला रही थी। आह ओह क्या िीभ है तेरी साले मिा
आ गया। किर थोडी देर मेरी िीभ पर उछलने के बाद उसने किर से अपने
चूतडो को गोल गोल घुमाना शुरु कर ददया।
इस तरह कुछ देर तक चूत चटाते चटाते रीमा थक गयी और रुक गयी और
आगे को झुक कर कालीन पर लेट गयी। इसतरह से उसकी चूत अभी भी मेरे
माँुह के सामने थी और उसका पेट मेरे सर पर दटक रहा था। इस तरह से म ैं
उसके शरीर के उपरी भाग को नही देख सकता था। मैंने अपनी िीभ उसकी
चूत पर चलानी िारी रखी। पर अभी तक मैंने अपनी िीभ उसकी चूत के दाने
पर नही चलायी थी। किर ऐसे लेट कर रीमा न े अपने चूतड मेरे माँुह के उपर
उछालने शुरु कर ददये। मैंने भी अपने हाथ उसके चुतड पर रख ददया और धीरे
धीरे दोनो चुतडो को मसलता हुआ उसकी चूत कक चटायी मे िुट गया।
इस तरह से चूत चटायी मे रीमा को और मिा आने लगा और वह बकने लगी
हाय रे मेरे बेटे तेरी िीभ ने तो मेरे उपर िाद ू कर ददया है। मन करता है इसी
तरह तेरी माँुह पर चूत रख कर चटाती रहूाँ। ककतना नयार करता है तु अपनी मााँ
की चूत से मेरे बेटा चाटे िा बहनचोद खा िा मेरी चूत हाय मार डाला रे इस
हरमी ने मेरी चूत चाट चाट कर। उसकी चूत तो रस का खदान थी दो बार झड
चूकी थी और इतना रस बहा चूकी थी पर किर भी उसकी चूत से बराबर रस
बह रहा था। और उसके चूत रस की तीखी मस्तानी गंध मेरे नाक के िरीये मेरे
शरीर मे समा रही। रीमा के बदन न े मुझ पर इतना िाद ू कर ददया था की वह
िो भी कहती मैं मान लेता।
मैंने उसकी चूत को चाटना िारी रखा और अब मैंने उसके चूत के दाने पर भी
िीभ रगडनी शुरु कर दी। रीमा अब बबल्कुल पागल हो चुकी थी और िोर िोर
स े अपने चूतड उछाल कर मेरे माँुह पर पटक रही थी। उसे अब बबल्कु ल भी होश
नही था। अब वह झडने के बबल्कुल करीब थी। मैं सर भी उसके बदन के भार
से दबा िा रहा था। किर मैंने उसके चूतड कस बाहो मेर भर कर पकड मलये
प्िससे वह ज्यादा उछल ना सके और उसके चूत के दाने पर अपनी िीभ की
नोक रगडनी शुरु कर दी। मेरे इस तरह के आिमण को रीमा की चूत नही झेल
रही और वह िोर िोर से गचलाते हुये झड गयी। रीमा ने अपनी पूरी ताकत से
अपनी चूत मेरी िीभ पर दबा दी। मेरी नाक भी उसके पेट पर दब गयी मुझे
ऐसा लगा की मेरी सााँस घुट िायेगी। वह इतनी िोर से झडी थी ऐसा लग रहा
था की उसकी सााँस ही रुक गयी है और उसका पुरा बदन बहुत कडा हो गया
था।
मेरी नाक दब िाने के कारण मै बडी मुप्ककल से सााँस ले पा रहा था मुझे लगा
वह कुछ देर ऐसे ही पडी रही तो मे मर ही िाऊगा। पर धीरे धीरे रीमा का
बदन ढीला पड रहा था। और वह नाममल हो रही थी। थोडी देर बाद उसने अपने
बदन को बबल्कुल ढीला छोड ददया। किर कािी देर तक हम दोनो ऐसे ही पडे
रहे। और मेरे हाथ उसके मस्त भारी चूतडो पर चलते रहे। किर मैंने रीमा से
कहा मााँ मिा आया चूत चटाने मे रीमा बोली हााँ बेटा मैं तो बस ननहाल हो
गयी इतना मिा ददया है तुने मुझे थोड े स े समय मे। तू गचतं ा मत कर मैं भी
तुझे पुरा मिा दगू ी अपने बदन का। तेरे सामने चूतो कक लाइन लगा दंगू ी। तेरे
हाथ मेरे चूतडो पर बहुत अच्छे लग रहे है। इतने िबरदस्त झडने के बाद तेरे
हाथो ने मुझको शांत कर ददया है।
बेटा मुझे पता है कक तू नीचे दब गया होगा पर थोडी देर और इसी तरह मेरे
चूतडो पर हाथ िेर दे किर मैं उठ िाती हूाँ। मैंने कहा थोडी देर क्या मााँ प्ितनी
देर तुम चाहो पडी रहो मैं ऐसे ही तुमको मिा देता रहूाँगा। थोडी देर और अपने
चूतडो को मसलवाने के बाद रीमा उठ कर मेरी छाती पर बैठ गयी उसके मोटे
मोटे भारी चूतड मेरी छाती पर उसके भार के कारण धंस गये थे। किर मेरे
बालो मे हाथ िेरते हुये बोली तो मेरा बेटा चूत चटोरा है। मैंने कहा हााँ मााँ मेरे
दहसाब स े चूत से स्वाददष्ठ इस दनु नया म े कु छ भी नही है। किर रीमा उठ कर
खडी हो गयी और मैं भी उठ कर बैठ गया और उसकी िााँघो का चुम्बन ले
मलया।
किर मै उठ कर खडा हो गया और उसकी नंगी कमर मे हाथ डाल ददया मेरा
मस्त लंड उसकी पैन्टी से टकरा रहा था। रीमा बोली बेटा चल अब अपनी मााँ
को पूरा नंगा कर दे अब इस पैन्टी को कोई िरुरत नही है। अपनी अपनी मााँ
कक चूत की लाि का घूघंट उठा दे। तेरा भी मन कर रहा होगा अपनी मााँ की
चूत देखने का। मैंने रीमा को और अपनी तरि खीच मलया और मेरे हाथ उसके
चूतडो पर चल रहे थे। मेरे होठं रीमा के होठों के कािी करीब था। चल अब देर
क्यो कर रहा है इस छोटी से पैन्टी की अब हमारे बीच कोई िरुरत नही है।
वैसे भी पैन्टी कािी गीली हो गयी है और गीले कपडे नही पहनने चादहये नही
तो ठंड लग िाती है।
मैं रीमा की बात सुनकर मुस्कुरा ददया और बोला िब तुम्हारे बेटे के पास ये
गरम लौडा है तो तुमको ठंड कैसे लगेगी। और आगे बढ कर उसके होठों का
एक चुम्बन ले मलया। और बोला ठीक है मााँ उतार देता हूाँ तुम्हारी पैन्टी वैसे मैं
भी अब चूत देखने को मरा िा रहा हूाँ। किर मैंने अपने हाथ उसकी कमर से
ननकाल कर नीचे झुक कर कुशन उठा कर सोिे पर रख ददया। और घुटनो के
बल नीचे बैठ गया। और अपने हाथो से कमर पर उसकी पैन्टी पकड ली। किर
अपनी आाँखे बंद कर ली क्योकी मैं पैन्टी उतार कर पुरे इप्त्मनान से उसकी
चूत देखना चाहता था।
और मैंने उसकी पैन्टी उतारनी शूरु कर दी। उसकी पैन्टी नायलान की थी। िैसे
ही मैंने उसके कमर से पैन्टी को नीचे ककया उसकी पैन्टी उसके चूतड मे िंस
गयी। क्योकी उसके चूतड बहुत भारी इस मलये पैन्टी उसके चूतड से ननकल
नही रही थी। मैंने किर िोर लगा कर उसकी पैन्टी को खीच ददया और एक
झटके के साथ उसकी पैन्टी उसके चूतड से अलग हो गयी। किर मैंने पैन्टी
बबल्कुल नीचे तक खीच दी अव वह उसके पैरो पर पडी थी। मेरी आाँखे अभी भी
बंद थी और पैन्टी मैंने अपने हाथो मे पकड रखी थी। रीमा ने अपने पैर उठा
कर पैन्टी मे से ननकाल मलये। मैंने अपना सर नीचे करके अपनी आाँखे खोल ली
और पैन्टी को उठा कर अपनी नाक पर रख मलया।
उसकी पैन्टी की महक क्या मादक थी। उसको सुघंते ही मेरे लंड ने एक
िबरदस्त झटका मारा। उसकी पैन्टी उसके चूत रस की महक से भरी हुयी थी।
रीमा ने मुझे इसतरह से अपनी पैन्टी से खेलते देखा तो बोली बेटा हमारे पहले
ममलन के समय पहने गये मेरे कपडे मैं अपने पास रखूंगी पर ये पैन्टी तू रख
सकता है। आखखर तेरे पास भी तो कुछ होना चादहये। मैंने किर रीमा की पैन्टी
लेकर उससे अपने लंड से बहते रस को साि कर ददया। और किर उस पैन्टी
को और कपडो के साथ रख ददया।
मेरा माँुह अभी भी नीचे था मैंने रीमा स े कहा मााँ अब म ैं सोिे पर बैठता हूाँ और
तुम मेरे सामने आकर खडी हो िाओ प्िससे मे िी भर कर तुम्हारी चूत ननहार
सकंू । रीमा बोली ठीक है बेटा और मैंने अपनी आाँखे बंद की और उठ कर सोिे
पर बैठ गया। रीमा किर मेरे सामने आ गयी और बोली लो बेटा देख ले अपनी
मााँ की चूत। मैंने अपनी आाँखे किर खोल ली। रीमा ने अपने पैर थोडे से खोल
मलये थे और अपने हाथ अपने चूतडो पर रख मलये थे और तन कर खडी थी
प्िससे उसकी चूचीयााँ बाहर को ननकल रही थी। और रीमा कक मस्ती का
खिाना उसकी चूत मेरी आाँखो के सामने थी।
अब मै पहली बार रीमा को पूरा नंगा देख रहा था। पूरी नंगी होकर रीमा ककसी
अनसरा से कम नही थी। मेरी निर उसकी चूत पर गयी। उसकी चूत बहुत ही
सुन्दर थी। उसकी चूत के आस पास बहुत घने काले घुंघराले बाल थे। पर उसने
अपनी चूत की िांको के आसपास के बाल साि कर रखे थे। उसकी चूत कुछ
िूली हुयी थी और इतनी चटायी कराने के कारण गीली हो गयी थी। उसकी चूत
के दोनो िांके थोडी खुली हुयी थी। प्िस मे से उसकी चूत का दाना बाहर झांक
रहा था। उसकी चूत का खुला माँुह इस तरह स े लग रहा था िैसे कह रहा है
आओ रािा तुम्हारे लंड के मलये मेरा माँुह खुला है घुसा तो अपना मुसल इसमे
और कर दो इसकी कुटायी।
उसकी चूत मुझे चूदायी का खुला ननमंत्रण दे रही थी। मैं थोडी देर उसकी चूत
ननहारता रहा किर बोला मााँ मैंने तुमको अब नंगा करके तुम्हारी चूत देख ली
अब मुझको अपने नंगे चूतडो के भी दशमन करा दो। रीमा बोली ले बेटा कर ले
दशमन चूतडो के कह कर रीमा घूम गयी और उसके होदे िैसे चूतड मेरी आाँखो
के सामने थे। उसने अपने हाथो को चूतडो से हटा कर अपनी कमर पर रख
मलया था। उसके चूतड कुछ इस तरह से लग रहे थे िैसे दो रबर के बडे बडे
गोलो को सटा कर रख ददया गया हो। उनके बीच की दरार मे रीमा कक गााँड
का छेद छुपा था। उसके चूतड उसकी कमर से ऐसे बाहर ननकले थे िैसे कोई
पहाड की हो। और उस पर उनक सिेद संगमरमरी रंग उसकी सुन्दरता को चार
चााँद लगा रहा था। उसके चूतड इतने गचकने थे कक कोई भी देखे तो किसल
िाये।
उसके चूतडो के नीचे से झााँकती उसकी चूत ऐसी लग रही थी िैसे कह रही हो
रािा अगर चूतड इतने सुन्दर है तो मैं भी कुछ कम नही। और उनमे से
ननकलती उसके चूत रस और बदन की ममली िुली गंध ककसी को भी मदहोश
बना दे। मेरी हालत धीरे धीरे खराब हो रही थी। किर मैंने कहा मााँ अपने चूतड
तो ददखा ददये अब अपनी गााँड भी ददखा दो। रीमा बोली मेरी गााँड देखेगा अपनी
मााँ की गााँड देखेगा मेरा लाल ले देख ले ददखा देती हूाँ तुझे। यह कह कर रीमा
थोडा आगे झुकी और अपने हाथो से अपने चूतड पकड कर उनको खीच कर
अलग कर ददया। उसके इस तरह से आगे झुकने से उसकी चूत पूरी तरह से
पीछे से ददखायी देने लगी।
मेरी निर अब उसकी गााँड पर थी। उसकी गााँड का छेद उसकी चूतड खीचने के
कारण कािी खुल गया था और उसके अंदर का लाल लाल भाग ददख रहा था।
उसकी गााँड के आसपास का रंग थोडा गहरा भूरा था इसका मतलब था उसकी
गााँड कयी बार चुदी है। और चुद चुद कर उसका छेद बडा हो गया था। उसकी
चूत नीचे से झााँक रही थी और ऐसा लग रहा था िैसे कह रही हो तो तुमको
मेरी बहन गााँड से भी नयार मुझे इससे कोई िकम नही पडता िब तक तुम मुझे
और मेरी बहन को चोद चोद कर पूरा मिा देते रहो। हम दोनो बहनो मे बहुत
नयार है तभी तो हम दोनो हमेशा इतनी पास पास रहती है।थोडी देर मैं उसकी
गााँड को ननहारता रहा। रीमा ने इसी तरह खडे खडे पीछे मुड कर देखा और
बोली बोल बेटा कैसी लगी तुमको अपनी नंगी मााँ। मैंने कहा आओ मााँ मेरी
गोदी मे बैठो बताता हूाँ। रीमा ने खडी होकर आकर मेरे लंड को हाथ से पकड
पर नीचे ककया और उसे अपने चूतड से दबा कर मेरे गले मे अपनी गोरी गोरी
बाहो का हार डाल कर बैठ गयी। मैंने अपनी बाहे उसकी कमर मे डाल कर
उसके गचकने बदन पर किराने लगा और बोला मााँ मेरी प्रेममका मेरी रानी मैंने
तुम्हारी कोख से िन्म नही मलया पर मन करता है कक काश मैंने तुम्हारी कोख
से िन्म मलया होता तुम्हारी िैसी सुंदर मााँ कौन नही चाहता।
मेरी बात सुनकर रीमा बोली लगता है मेरे लाल को अपनी नंगी मााँ बहुत पंसद
आयी। तुम्हारी चूत बहुत सुन्दर है तुम्हारे मम्मो का उभार कानतलाना है।
तुम्हारी नंगी गचकनी टांगे मस्त है। और सबसे सुन्दर तुम्हारे चूतड है। तो मेरे
बेटे को मााँ के चूतडो से नयार हो गया है। मैंने कहा हााँ मााँ बहुत। ठीक है कभी
तेरे को पुरे ददना अपने चूतड से खेलने दगू ी तब मस्त होकर नयार कर लेना
उनसे। अब बोल क्या इरादा है। नंगा तो कर मलया अपनी मााँ को आगे क्या
करेगा। मैंने बोला मााँ मुझको अब तुम्हारी चूत चोदनी है अपनी पहली चूत अब
मुझसे बबल्कुल भी नही रहा िा रहा।
रीमा बहुत बडी रंडी थी उसको पता था कब क्या करना है। उसने मेरे से कहा
बेटा तेरा लंड तो इतनी देर से खडा है इसमलये गुस्से मे आ गया है और िूल
कर कािी मोटा हो गया है। अगर मैंने इससे चुदवाया तो मेरी तो चूत िट
िायेगी मैं तो नही चुदवाउगी इससे। मैंने कहा मााँ ऐसे मत कहो देखो मे तुमको
इतनी देर से मिा दे रहा हूाँ अब तुम भी तो मुझे मिा दो। बेटा मैं भी चाहती
हूाँ कक मैं तुझको मिा दू पर क्या करू तेरा मुसल देख कर मुझे डर लग रहा
है। मैंने कई मदो से चुदवाया है पर ककसी का भी लंड को इतनी देर तक खडा
नही रखा तेरा तो लोहे की रॉड हो गया है इस गमम रॉड से चुदा मलया तो मेरी
चूत के तो गचधडे उड िायेगे बेटा।
मााँ मुझे ऐसे मत तडपाओ अपने बेटे की हालत पर तुमको बबल्कुल भी तरस
नही आता। रीमा बोली ठीक है बेटा तेरे मलये मैं अपनी चूत कुबामन कर देती हूाँ।
लेककन तेरा लंड एकदम सुखा है पहले इसका कुछ करना होगा तू यही बैठ मै
तेल लेकर आती हूाँ तेरे लंड पर तेल लगा दंगू ी तो थोडा गचकना हो िायेगा किर
शायद मेरी चूत िटने से बच िाये। मैंने कहा हााँ मााँ लगा तो तेल एकदम
गचकना कर दो इसको म ैं तुम्को अपने गचकने लंड से धीरे धीरे चोदगू ां तुम्हारी
चूत िटने नही दगू ां। किर रीमा ने मुझको गाल पर चूम मलया और उठ कर
बेडरुम कक तरि चल दी। उसके उठने से मेरा लंड एकदम प्स्प्रगं की तरि
उछल कर खडा हो गया। रीमा अपने चूतड मटकाते हुये चली गयी। और थोडी
देर बाद तेल कक शीशी लेकर बाहर आ गयी।
किर मेरे पास आकर बोली ला बेटा तेरे लंड पर तेल लगा कर इसको थोडा
गचकना कर देती हूाँ। और मेरी टांगो के बीच घुटनो के बल बैठ गयी। तेल कक
शीशी खोल कर उसने थोडा तेल अपने हाथ मे मलया और शीशी नीचे रख दी।
अपने हाथ के तेल को उसने िमकर मल मलया और आगे बढ कर पहले मेरे
मदमस्त लंड का एक चूम्बन ले मलया। किर उसने अपने हाथ बढा कर मेरा लंड
अपने हाथ मे मलया। उसके कोमल और मुलायम हाथो मे आते ही मेरा लंड
उछलने लगा। मेरे लंड पर अभी भी पेटीकोट का नाडा बंधा था नही तो कबका
झड गया होता। रीमा ने मेरे लंड को अपने एक हाथ म े पकड मलया और दसु रे
हाथ से उसको पुचकारने लगी। ऐसा करके वह अपने हाथ मे लगा तेल मेरे लंड
पर लगाने लगी। उसके हाथो के नयार भरे स्पशम और ठंडे तेल की विह से मेरे
लंड को थोडा आराम ममला।
एक हाथ से पुचकारते हुये रीमा ने लंड के एक तरि पूरी तरह से तेल लगा
ददया। किर लंड को दसु रे हाथ स े पकड मलये और पुचकारते हुये लंड के दसु री
तरि भी तेल लगा ददया। रीमा लंड पर तेल लगाते हुये बोली अब इस पर तेल
लग िायेगा तो बडा गचकना हो िायेगा किर शायद मेरी चूत िटने से बच
िाये। थोडी देर पुचकारते हुये तेल लगाने के बाद रीमा ने एक हाथ मे मेरे लंड
को पकड कर पुरे लंड पर किसलते हुये तेल लगाने लगी और किर दसु रे हाथ स े
भी ऐसा ही करती। इस तरह से तेल लगाने से लंड की गमी और बढ गयी और
मेरा लंड रीमा के हाथो मे और िूलने लगा। मेरे लंड की सारी नसे ददख रही
थी। मेरे लंड कक हालत ऐसी थी िैसे ककसी गुस्सैल सांड की होती है।
रीमा मेरे लंड को िुलते देख कर बोली हाय रे मेरे हाथो से खेल कर तेरा लंड
तो और भी बडा हो गया। लगता है आि मेरी चूत िट ही िायेगी लगता है
इस पर और तेल लगाना पडगे ा कह कर उसने और तेल अपने हाथ म े ले मलया
और उसे मेरे लंड पर चुपडने लगी उसके हाथ मेरे लंड पर िादू कर रहे थे और
अब मै बबल्कुल भी नही रुक सकता था और उसको िम कर चोदना चाहता
था। रीमा ने मेरे लंड की उपर की खाल उतार कर उसका सुपाडा बाहर ननकाल
मलया और उस पर भी तेल चुपडने लगी। किर रीमा तेल चुपडते हुये बोली
अच्छा हुया बेटा तु पहली बार मेरी चूत मे लंड डालेगा अगर ककसी कममसन को
चोदता तो वह तो मर ही िाती। अब अगर आि मेरी चूत बच गयी िटने से
तो म ैं तेरे को सब कु छ मसखा दंगू ी। मैंने रीमा से कहा मााँ अब तो तेल पुरी
तरह से लग गया है मेरे लंड पर अब तो मुझे चोदने दो तुम्हारी चूत अब
मुझसे बबल्कुल नही रहा िा रहा।
ठीक है बेटा अब चोद ले मााँ को और बन िा मादरचोद। कह कर मेरे लंड को
एक आखरी बार तेल लगाया और उठ कर खडी हो गयी। मैंने अपने लंड के
नाडे को खोलने की कोमशश करने लग क्योकी िब तक नाडा बंधा था मे झड
नही सकता था। पर डबल गांठ लगी होने के करण नाडा खुल नही रहा था।
रीमा ने मुझे नाडा खोलने की कोमशश करते हुये देख मलया और बोली बेटा ये
क्या कर रहा है इस अभी बंधा रहने दे और मुझे चोद िब तु अच्छी तरह से
एक घंटा मुझे चोद लेगा उसके बाद मैं खुद इसको उतार दंगू ी। इसको खोल
देगा तो िल्दी झड िायेगा और चुदायी का पूरा मिा नही ले पायेगा। मैंने कहा
तुम ठीक कहती हो मााँ। किर रीमा ने तेल की शीशी उठा कर मेि पर रख दी।
किर मैंने रीमा से कहा मााँ तुम कालीन पर लेट िाओ अब म ै तुमको चोदगू ााँ।
रीमा बोली नही बेटा तू यही सोिे पर बैठ िा मैं खुद तेरे लंड पर बैठ कर धीरे
धीरे तेरे लंड को अपने अंदर लीलूगीं। इतना मोटा लंड है धीरे धीरे अपनी चूत
के अंदर लूगी और चुदाने से पहले एक एक इन्च लंड का पूरा मिा लूंगी। किर
मैं सोिे पर अपनी टााँगे िोड कर बैठ गया और रीमा अपनी दोनो मेरी टााँगो के
दोनो तरि करके खडी हो गयी प्िससे मेरी टााँगे उसकी टााँगो के बीच आ गयी।
मेरी निर तो उसकी चूतडो पर थी रीमा ने झुक कर अपनी टााँगो के बीच से
हाथ डाल कर मेरा लंड पकड मलया और मुझे रीमा की गााँड ददखायी देने लगी।
मैंने झट से आगे बढ कर उसकी गााँड को चूम मलया। मेरे चूमते ही रीमा के
माँुह स े एक आह ननकल गयी और वह बोली बेटा अगर तुम इसी तरह मेरी गााँड
को नयार करते रहोगे तो मैं तुमहारे लंड से नही चूदा पाउंगी पहले मेरी चूत
चोद कर इसका मिा ले लो किर मेरी गााँड के भी मिे ले लेना मैं कही भगी
थोडी िा रही हूाँ।रीमा कक बात सुन कर मैंने अपना माँुह रीमा की गााँड स े हटा
मलया। और अपनी पीठ सोिे पर लगा कर बैठ गया। रीमा ने मेरा लंड की
खाल को पीछे कर के अपनी चूत का माँुह मेरे लंड पर रख ददया। उसकी चूत
बहुत ही गमम थी। किर उसने अपना सर पीछे घुमाया और बोली बेटा अब तेरा
लंड तेरी पहली चूत मे िाने के मलये तैयार है तू आराम से बैठ और चूत के
मिे ले। कह कर रीमा ने अपने चूतडो को थोडा सा दवाब ददया प्िससे मेरे
आधा सुपाडा चूत के अंदर घुस गया। मेरे मलये तो यह बबल्कुल नया अनुभव
था। उसकी चूत की गमी मुझे पागल कर ददया था। किर उसने अपने चूतडो को
थोडा और िोर से दबाया प्िससे मेरा पूरा सुपाडा उसकी चूत मे घुस गया।
रीमा बोल पडी हाय रे बडा मोटा सुपाडा है रे तेरा। उसकी चूत भी बहुत गमम थी
मुझ े ऐसा लगा ही मेरा सुपाडा ककसी तंदरू पर रख ददया गया हो। किर रीमा
धीरे धीरे अपने चूतडो को दबाते हुये मेरे लंड पर बैठने लगी। और एक एक
इन्च करके मेरे लंड को अपने अंदर लेने लगी। रीमा के माँुह से बराबर करहाने
की आवाि ननकल रही थी। एक हाथ स े रीमा ने मेरा लंड पकड रखा था दसु रे
हाथ से अपनी चूत की िााँको को िैला कर मेरे लंड हो लील रही थी। िब मेरा
आधा लंड उसकी चूत मे घुस गया तो रीमा रुक गयी और बोली बडा मोटा है रे
तेर लंड मेरे रािा मैं इतनी बडी रंडी इतने लंड लील चूकी हूाँ पर किर भी तेरा
लंड मेरी चूत मे ककतना िंस िंस के िा रहा है। मुझे ऐसा लग रहा है िैसे
कोई मेरी चूत पकड कर खीच रहा हो िैसे िाड ही डालेगा।
अच्छा हुआ मैंने तेल चुपड ददया था तेरे लंड पर नही तो ये मुसल तो मेरी चूत
िाड ही डालता। मैं रीमा की बात सुनकर मस्त हो रहा था। उसकी चूत की
गमी मेरे लंड हो िला रही थी पर मस्ती मे भरा मैं उसकी ओखली मे अपना
मुसल देने को तैयार था। रीमा ने मेरे लंड को अभी भी पकड रखा था और
अपने चूतडो को धीरे धीरे दहला रही थी। प्िससे मेरा लंड िंस कर उसकी चूत
के अंदर बाहर हो रहा था। इससे मुझे थोडा मिा आ रहा था पर मैं अपना पूरा
लंड उसकी चूत मे डाल कर िोर िोर से उसको चोदना चाहता था। मैंने अपने
हाथ रीमा की कमर पर रख ददये और बोला मााँ पूरा लंड अपनी चूत मे डाल
लो। यह कह कर मैं भी अपने हाथो से िोर लगा कर अपना लंड उसकी चूत मैं
डालने की कोमशश करने लगा।
रीमा बोली रुक िा बेटा डालती हूाँ बाकी का लंड भी कह कर उसने किर धीरे
धीरे अपने चूतडो को दबाना शुरु कर ददया और मेरा लंड उसकी चूत मे घुसने
लगा िब २ इन्च लंड बाहर रह गया रीमा ने अपना हाथ मेरे लंड से हटा कर
मेरे पैरो पर रख ददया और कसके पकड कर एक िोरदा धक्का अपने चूतडो से
मारा। मेरा लंड एकदम से उसकी चूत म े घुस गया और उसके माँुह स े चीख
ननकल गयी और बोली हाय रे मर गयी। मैंने पुछा क्या हुया मााँ रीमा ने कहा
लगता है िट गयी मेरी चूत बेटा कह कर रीमा ने अपना हाथ लंड और चूत
िहााँ पर ममल रहे थे लगा कर देखा बोली खून नही है बच गयी।
मुझे पता था की रीमा यह सब मुझे और भी उत्तेप्ित करने के मलये कर रही
है। किरे रीमा ने अपनी पीठ मेरी छाती पर दटका दी और अपना सर घुमा कर
अपने होठ मेरे होठो पर रख ददये और उनको चुमने लगी। मेरा लंड पूरा उसकी
चूत मे समा चुका था और उसकी चूत ने कस के मेरे लंड को िकड मलया था।
उसकी चूत इतनी बार चुद चुकी थी पर मेरे को बहुत कसी लग रही थी। मैं
रीमा की कमर पकड कर उसके होठ चूसे िा रहा था। थोडी देर मस्त चुम्बन
लेने के बाद रीमा ने पूछा बोल बेटा कैसा लग रहा है अपना लंड मेरी चूत मे
घुसा कर। बहुत अच्छा लग रहा है मााँ अब चोदो मुझे। कह कर मैंने अपने हाथ
उसकी बांहो के नीचे से डाल कर उसके मम्मे पकड मलये। रीमा ने अपनी कमर
को धीरे धीरे घुमाना शुरु कर ददया प्िस कक विह से मेरा लंड उसकी चूत की
ददवारो से रगड खाने लगा और एक अिीब मस्तानी थी सन्सेसन होने लगी।
मैंने भी उसके मम्मो पर धीरे हाथ किराते हुये मसल रहा था। मेरे मम्मो के
मसलने से और मेरे लंड की रगडाहट से रीमा की मस्ती बढ गयी थी और
उसकी चूत ने किर स े रस के बााँध का माँुह खोल ददया था। और उसकी चूत
किर से गीली हो चली थी। उसकी चूत के गगले होने से मेरे लंड और उसकी
चूत की ददवार के बीच का घषमण कुछ कम हो गया था। और उसकी कमर भी
िोर िोर स े चल रही थी और उसके माँुह स े करहाने की आवाि आने लगी थी।
किर मैंने उसकी घूंडी पकड कर खीच दी। रीमा एक दम ददम से बबलबबला उठी
बोली हाय रे क्या करता है बेटा लगता है तुझे मेरी चूचीयां इतनी पंसद है की
इनको उखाड ही लेगा। मााँ अब और मत तडपाओ चोदो ना मुझे अब मुझसे
बबल्कुल भी नही रहा िा रहा।
रीमा बोली क्यो बेटा िब मुझको तडपा रहा था तो कुछ नही अब अपनी बारी
आयी है तो रो रहा है। तू मुझे ऐसे ही चोदेगा िैसे मे चाहुाँगा समझ गया बैठ
रह चुपचाप िरा इस मोट लंड को मेरी चूत से थोडी बातें तो कर लेने दे
आखखर मेरी चूत और तेरा लंड भी मााँ बेटे है इतने ददनो बाद ममले है दोनो को
िी भर के िरा गले तो ममल लेने दे किर ये दोनो भी िम कर चुदायी करेंगे।
वैसे भी मुझे ऐसे अपनी चूत मे तेरा लंड लेकर रगडने मे मिा आ रहा है। तेरे
लंड का सुपाडा मेरी चूत मे रगड कर मुझे बहुत मिा दे रहा है। वैसे भी तीन
बार झड चूकी हूाँ और अबकी बार करीब १ घंटा चुद कर चुदायी का मिा लूगी
उसके बाद ही तुझे मिा देने का सोचूगी। अब मेरी बारी है तेरे को तडपाने की
पूरा गगन गगन कर बदला लूंगी तुझसे।उसकी बात सुनकर तो मेरे होश ही उड
गये पहले ही करीब ढायी घंटे हो चुके थे मेरे लंड को इसीतरह खडे हुये और १
घंटे के बात सुनकर मैंने सोचा मैं पागल ही हो िाउंगा। पर मैं कर भी क्या
सकता था अब मेरा लंड रीमा की महरबानी पर था। मैंने सोचा अगर िल्दी से
झडना है तो पहले रीमा को झडाना पडगे ा और इसके मलये उसकी और गमम
करना िरुरी था किर उसको गमम करने के मलये मैंने उसके मम्मे दोनो हाथो से
कस कर मसलते हूये उसकी गदमन पर चुम्बनो की बरसात कर दी। मेरे ऐसा
करने से उसकी मस्ती बढने लगी और उसने अपने चूतड िोर िोर से घुमाने
शुरु कर ददये उसके चूतड घुमाने से उसके चूतडो की बडी बडी गोलाइयााँ मेरे पेट
और िांघो से टकरा रही थी।
और कभी कभी रीमा अपने चूतड रोक कर िोर से नीचे दबा देती थी प्िससे
उसके चुतडो के संपोि मेरे बदन से गचपक कर िैल िाते थे। उसे भी शायद
अपने चूतड मेरे बदन से रगडने मे मिा आ रहा था शायद मैं पूरा मस्त हो
रखा था। िब से रीमा ने अपने चूतडो को घुमाने की रितार बढा दी थी तब से
मुझे भी उसकी चूत मे होने वाली रगडाहट से मिा आने लगा था। रीमा ने िोर
िोरे गचल्लाना शुरु कर ददया था। हाय रे बेटा तेरा लंड रगडने बहूत मिा आ
रहा है मेरी गीली चूत मे तेरा लंड क्या गोल गोल घूम रहा है। हााँ साले दबा
इसी तरह मेरे मम्मो इनको बहुत िरुरत है इसकी। मसल डाल इनको मेरा
लाल किर से लाल कर दे इनको मसल कर। बहुत खुिली होती है मेरी चूत मे
इनको मसलवाने से।
लगा रह इसी तरह मेरे बदन के साथ। गदमन भी चूमने लगा हरामी मार डालने
का इरादा है क्या अपनी मााँ को मस्ती मैं िो भी कर ले तेरे से १ घंटे चुदवाये
बबना मैं तेरा को झडने नही दंगू ी। उसकी बात सुनकर म ैं समझ गया रीमा मुझ े
अच्छी तरह स े तडपाये बबना नही छोडगे ी अगर ऐसा है तो क्यो ना मिा मलया
िाये िैसे वो मुझको देना चाहती है। ये सोच कर मैंने रीमा से कहा मैं वही
करूगां िो तुम कहोगी मुझे भी अब तुम्हारे इस खेल मे मिा आ रहा है और
मुझ े पता है की तुम िो भी करोगी मिेदार ही होगा। तु गचतं ा मत कर बेटा िो
भी मैं करूगीं उसमे मुझे मिा ही आयेगा। और उसने यह कर अपने चूतडो को
रोक कर उसके घुमाने की ददशा बदल दी। पहले दााँये से बााँये घुमा रही थी अब
बााँये से दााँये घुमाने लगी।
अब मैंने भी उसके पूरे बदन को अपने हाथे से छूना चाहता था इसमलये उसकी
पीठ और गदमन का चुम्बन लेने के साथ साथ मैंने एक हाथ मैंने उसकी कमर
पर किराना शूरू कर ददया। एक हाथ अभी भी मम्मो पर था। उसके चूतडो के
घुमने से मूझे ऐसी मस्ती चढी की मैंने उसकी कमर के मााँस को हाथ मे लेकर
कस कर मसल ददया। रीमा चीख पडी और बोली हाय रे क्या करता है रे बेटा
मम्मो के साथ साथ मेरे बदन के का भी भुताम बनायेगा क्या। कर कर और कर
मुझे भी इन सब मैं बहूत मिा आता है। पूरा मिा ले मेरे बदन का नही तो
बाद मे कहेगा मााँ ने पूरा मिा भी नही ददया और तेरे लंड की मााँ भी मुझे
गमलयां देगी।
अभी भी अपने बेटे से ममल कर देख ककतना भाव ववभोर हो रही है। उसक
आाँसू पानी बन कर चूत से ननकल रहे है। रीमा कक बांते बहुत मस्तानी थी और
मै उसके मस्तानी बाते सुनता हुआ उसके मस्ताने बदन को टटोल रहा है। मेरे
हाथ उसके बदन पर चल रहे थे रुक रुक कर मैं उसके बदन का कोई भी
दहस्सा पकड कर मसल देता था। मेरी मस्ती चरम सीमा पर थी पर मुझे पता
था की मैं अभी झड नही सकता धीरे धीरे इस हालत मे मुझे मिा आने लगा
था। इस तरह रीमा को चूतड घुमाते कािी देर हो गयी थी और कई बार वह
अपने चूतड घूमाने की ददशा बदल चूकी थी। उसकी चूत भी अब रस से भर
चुकी थी और उसका चूत रस मेरे लंड पर से बहता हुआ मेरे बॉल्स और िााँघ
को भीगो रहा था।
रीमा बोली बेटा अब बहुत देर ममल मलये ये मााँ बेटा अब मेरे को भी इस लंड
के धक्के खाने का मन कर रहा है। चोदो ना किर उछल उछल कर चोदो अपनी
चूत को मेरे लंड से ठी है बेटा तू मेरी चूचीयां मसल मैं तेरे लंड से चूदाती हूाँ।
किर रीमा ने एक आखरी चक्कर लगा कर अपने चूतड को दबा ददया और मैंने
भी अपने हाथ उसके मम्मो पर रख ददये और नयार से उसे सहलाने लगा। रीमा
मस्ती मे थी बोली साले गााँडू सहला नही मसल डाल इनको कह कर रीमा ने
धीरे धीरे मेरे लंड पर उछलना चालू कर ददया। उपर नीचे करते हुये मेरा लंड
उसकी चूत के आंदर बाहर होने लगा और यह अहसास मेरे मलये अब तक का
सबसे अच्छा था। ये मेरी सबसे पहली चुदायी थी और वह भी ऐसी औरत से
प्िसे मैं मााँ कहता हूाँ।
पर ये सोच कर की मैं अपनी मााँ को चोद रहा हूाँ ने मेरी मस्ती और बढा दी
और मुझसे रहा नही गया और मैने अपनी पूरी ताकात से उसकी चूचीयााँ पकड
कर मसल डाली। हााँ ऐसे ही मेरे रािा ये हुयी ना कुछ बात। अब रीमा ने
अपनी स्पीड थोडी सी बढा दी और उछल उछल कर मेरे लंड को अंदर ले रही
थी उसके चूतड उछालने से चूतड मेरी िााँघो पर िोर िोर से लग रहे थे प्िससे
िट िट की आवाि हो रही थी। उसने अपना एक हाथ उठा कर मेरे गले मे
लपेट मलया प्िससे उसकी गचकनी पीठ मेरी छाती से रगड खाने लगी। उसकी
गचकनी मााँसल पीठ मेरे से रगड खा रही थी।
उसकी गचकनी पीठ की रगड से होती सनसनाहट और उसके चूतडो के मेरी िाघाँ
से टकराने के कारण होती िट िट की आवाि से गूंिता चूदायी संगीत मेरे को
मदहोश कर रहा था। किर मैंने अपने होठ उसके होठों पर लगा ददया और
उनको चूसने लगा उसके होठो का रस बहुत ही मीठा था। होठ चुसाने के बाद
रीमा बोली बेटा मिा आ रहा है मााँ से चुदायी कराने मे ये तेरी पहली चुदायी है
और ये तेरी मााँ इसको यादगार बनाना चाहती है। रीमा की बात सुनकर मेरी
मस्ती और भडक उठी और मैंने उसके होठ अपने होठों बे दबाये और उनको
चूसत े हुये मम्मो की िबरदस्त कु टायी िारी रखी। रीमा भी अपने माँुह की लार
मुझे पीलाती हुयी िोर िोर से अपने चूतडो को उछाल रही थी।
उसकी चूत चूची मदमन और होठों को चूसने के कारण किर से मदमस्त हो चुकी
थी और रस की धारा बहा रही थी। उसकी चूत गीली हो िाने की विह से मेरा
लंड उसकी चूत मे आसानी से आ िा रहा था। िैसे तेल लगा वपस्टन आसानी
से किसलता है। मैं भी कभी कभी अपने चूतड िोर से उपर उछाल देता था
प्िससे उसके चूतड और भी िोर से मेरी िााँघो से टकराते थे िो मुझे बहुत
अच्छा लगता। किर हम दोनो ने चुदायी इसी तरह िारी रखी हम दोनो चुदायी
की मस्ती मे चूर थे। बीच बीच मे रीमा अपना होठ छुडा लेती और और िोर से
मुझे मम्मो को मसलने के मलये उकसाती और िोर से बेटा मसल डाल उखाड
ले इनको मेरे बदन से रािा। और किर से अपने होठ मेरे होठो मे दे देती और
मैं उसके होठों को िीभ से चाटने और चूसने मे लग िाता।
हमारी चुदायी इसी तरह कुछ १०-१५ ममनट तक चलती रही। रीमा के मम्मे
कुटायी करा कर पुरे गुलाबी रंग ले हो गये थे। रीमा और मै दोनो पसीने मे तर
हो गये थे। उसके पसीने की गंध मुझे और पागल बना रही थी। किर रीमा ने
कहा बेटा अब इस तरह चुदायी और चूची मसलवायी कराते हुये बहुत देर हो
गयी है चलो अब कु छ दसु री तरह स े चूदायी करते है। अब म ैं सीधी हो कर
तुम्हारे लंड पर बैठती हूाँ प्िससे तुम मेरे मम्मो को चुसते हुये मेरी चुदायी कर
सकते हो। कह कर रीमा ने आखरी चुम्मा मलया और उठ कर खडी हो गयी।
उसके चूत का रस उसकी चूत से ननकल कर उसकी िााँघो पर बह रहा था। िैसे
ही रीमा पलटी तो उसकी गीली चूत प्िसका माँुह चुदायी के कारण खुला हुआ
था और उसका रस उसकी भारी मााँसल िााँघो पर बह रहा था ददखायी पडा।
मुझसे बबल्कुल भी रुका नही गया और मैं रीमा से बोला मााँ मुझे अपने इस रस
को चाट कर पी लेने दो किर चुदायी करगें। मैं इसको इसतरह बबामद नही होने
देना चाहता।
रीमा ने कहा ले बेटा कर चाट ले मेरा रस कर ले अपनी इच्छा पूरी। इसके बाद
रीमा मेरे सामने अपने हाथ अपने चूतडो पर रख कर खडी हो गयी और अपनी
टााँगो को थोडा सा िैला मलया। मैंने आगे बढ कर अपने हाथ उसकी गचकनी
मााँसल िााँघो पर रख दी और अपना माँुह उसकी िााँघो के बीच घुसा ददया और
सबसे पहले उसकी चूत का एक चुम्बन मलया। किर अपनी िीभ ननकाल कर
उसकी िााँघो पर लगा चूत रस चाटने लगा। रीमा नयार से अपने एक हाथ से
मेरे बालो को सहलाने लगी। थोडी देर मे मैंने उसकी दोनो िााँघो से रस चाट
कर साि कर ददया और चूत पर भी िीभ किरा कर उस पर लगा रस भी पी
गया। चूत पर िीभ लगाने स े रीमा के माँुह स े मससकारी ननकल गयी।
अच्छी तरह से चूत रस पी लेने के बाद मैंने रीमा से कहा मााँ आओ बैठ िाओ
मेरे लंड पर रीमा बोली बेटा अगर इसी तरह हम दोनो का रस बहता रहा तो
सोिे पर ननशान पड िायेगा। ला तु मुझे मेरा पेटीकोट दे दे मैं इसको बबछाती
हूाँ तू इसपे बैठ िाना प्िससे सोिे पर ननशान नही पडगे ा। मैंने रीमा को
पेटीकोट उठा कर दे ददया। और रीमा के बगल मे खडा हो गया। रीमा उसकी
तह बनाने लगी और मैंने अपने हाथ उसके चूतडो पर रख कर उनको सहलाने
लगा। रीमा ने तह बना कर सोिे पर रख ददया और बोली बेटा अब चूतड छोड
और आकर बैठ िा और मााँ की चूत का मिा ले। मैं सोिे पर आ कर बैठ
गया। रीमा ने अपने पैर मेरे पैरो के दोनो और िमाये और मेरा लंड पकड कर
थोडा झुक कर अपनी चूत के मुहाने पर रख ददया।
रीमा ने अपने हाथो से मेरे लंड के सुपाडे को थोडा दबा कर अपनी चूत मे िंसा
मलया। और अपने घुटने उठा कर सोिे पर रख ददये। मैंने उसकी कमर पकड
कर िोर से उसके चूतडो को दबा ददया। मेरा लंड सट के साथ उसकी चूत मे
घुस गया। चूत बहुत गीली थी इसमलये बडी आसानी से चूत मे घुस गया। उसने
अपनी टााँगो को और िैला मलया प्िससे मेरा लंड पूरा उसकी चूत मे घुस गया।
मैंने अपना एक हाथ उसकी कमर मे लपेट कर उसकी कमर और चूतडो पर
किराने लगा। दसु रे हाथ स े उसकी चूची पकड कर मसलने लगा। रीमा ने धीरे
धीरे अपने चूतड दहलाने शुरु कर ददये प्िससे मेरा लंड अंदर बाहर होने लगा।
रीमा ने किर अपने चूतड उछालने शुरु कर ददये और बोली बेटा अब िरा मरी
इन चूचीयो को चूस ले तेरी कुटायी से बेचारीयों की हालत खराब है।
मैंने कहा मााँ मुझे चुदायी करते वक्त तुम्हारी चूचीयो को मसलने मे मिा आ
रहा है। इनको मसलने दो न मााँ। रीमा बोली ठीक है बेटा मसल ले पर िब मैं
तुझे झडा दगू ी उसके बाद चुम और चाट कर मेरे मम्मो को नयार करना नही
तो आगे से इनको हाथ नही लगाने दाँगू ी। मैंने किर उसकी चूची को मसलते हुये
दसु रे हाथ स े उसकी कमर और चूतड मसलने शुरु कर ददये। रीमा न े अपन पेट
कर कर मेरे पेट से सटा कर िबरदस्त चुदायी शुरु कर दी। ऐसा करने से
उसकी चूत का दाना मेरी झााँटो से रगड खाने लगा। इससे रीमा की हालत
बबगड गयी और िोर िोर से गामलयााँ बकते हुये अपने चूतड उछालती रही।
इस िबरदस्त रगडायी चूतड मसलवायी और चुत के दाने की रगडायी होने के
कारण रीमा अपने होश खो बैठी और झडने के करीब आ गयी। और िोर िोर
से गचल्लाते हुये बोली हो मेरे रािा हाय रे मैं तो किर से झडने पर आ गयी से
लाल मसल दे मेरा बदन बस अब गगरने वाला है मेरा बस अब मैं छुटने वाली
हूाँ। और िोर िोर से उछलने लगी। मैंने भी उसके चूतड अपने दोनो हाथो मे
पकड मलये और िोर िोर से उन्हैं अपने लंड पर पटकने लगा। मेरे लंड भी चूत
की ददवारो से रगड रगड कर लाल हो गया था और खलास होना चाहता था।
हाय रे बेटा मैं झडने वाली हूाँ बेटा मेरा पानी ननकल रहा है रे मेरे लाल मुझे
अपनी बहों मे भर ले बेटा कह रीमा ने एक आखरी धक्का और मारा और कस
कर मुझको अपनी बाहों मे िकड मलया। मेरा सर उसने अपनी चूचीयो मे दबा
मलया और मैंने भी उसकी चुतडो के अपनी बाहों मे िकड मलया।
रीमा बहुत ही िबदमस्त झड रही थी। और उसकी आाँखे बबल्कुल बंद थी और
उसके चूतड धीरे धीरे झडने का मिा लेते हुये दहल रहे थे। उसकी सााँस ऐसा
लग रहा था की िैसे रुक गयी हो। रीमा इसी तरह मुझको िकडे हुये कुछ देर
तक पडी रही और किर धीरे धीरे उसका बदन ढीला पड गया। और उसने मुझे
अपनी पकड से आिाद कर ददया। उसके झडने से मेरी पुरी िांघ उसके रस से
भींग गयी और रीस कर पेटीकोट तक िा रही थी। उसके चूत से ननकला रस
और हमारे पसीने कक ममली िुली गंध वातावरण को मादक बना रही थी। िब
थोडी देर बाद वह शांत हुयी तो मैंने कहा मााँ अबकी बार तो तुम बहुत िबदमस्त
झडी हो। रीमा बोली हााँ बेटा बहुत मिा आया और कह कर मेरे पूरे माँुह पर
चुम्बनो की बरसात कर दी।हाय रे बेटा आि तो बहुत ददनो बाद तेरी मााँ को
इतना मिा आया है। मैंने कहा मााँ मेरे को भी तुमको चोदने मे बहुत मिा आ
रहा है। रीमा ठीक है बेटा अब एक दसु रे आसन म े म ैं तुझस े चूदाती हूाँ। कह
कर रीमा मेरे उपर से खडी हो गयी और मेरे लंड को देखने लगी। मेरे लंड का
सुपाडा इतनी देर तक खडा रहने के कारण थोडा बैगनी रंग का हो गया था पर
एक दम पत्थर की तरह खडा था। मेरे लंड रीमा के रस से भीगा हुआ था। रीमा
ने मेरे लंड को देख तो बोली बेटा तेरे लंड रस से सना हुआ है ला इसको चाट
कर म ैं साि कर दाँ।ू कह कर रीमा मेरे सामने घुटनो के बल बैठ गयी और
अपने दोनो हाथ मेरी िांघो पर रख कर अपनी िीभ ननकाल कर मेरे लंड को
चाटने लगी।
उसके इसतरह मेरे लंड को चाटाने से उसकी चूचीयां लटक गयी थी और उसकी
घुडीयां मेरी िााँघो पर रगड खा रही थी। मैं अपनी आाँखे बंद कर के लंड चाटे
िाने का मिा ले रहा था। रीमा ने इसी तरह अपनी चूचीयां मेरे उपर रगडते
हुये मेरे लंड को चाट कर पुरा रस को पी मलया। रीमा बोली बेटा अब मैं नीचे
लेटती हूाँ और तुम मुझ पर चढ कर मुझको चोदो। कह कर रीमा मेरे सामने
नीचे कालीन पर लेट गयी और अपने पैर उठा कर उपर कर मलये अपने हाथ
िााँघो से पकड उनको चौडा कर मलया प्िससे रीमा की सुन्दर गोरी चूत पूरी
तरह खुल कर मरे सामने आ गयी। उसकी चूत का माँुह खुला हुआ था और
अंदर का लाल भाग साि ददखायी दे रहा था। मेरे को यह पुरा खुला ननमंत्रण
था।
उसकी चूत के नीचे उसके हौदे िैसा चूतड िैल कर और चौडा हो गया था और
उसकी गुलाबी गााँड नीचे से ददखायी दे रही थी। रीमा बोली आ बेटा आ अब
चोद दे अपनी मााँ को मादर चोद कही का। ले मैं अपने हाथो से अपनी चूत की
िांके खोलती हूाँ तु घुसा दे अपना लंड इसमे और िाड दे मेरी चूत चोद चोद
कर। कह कर रीमा ने अपने हाथ अपनी चूत पर रखे और अपनी चूत के मलनस
अपने हाथो मे पकड कर खोल ददये प्िससे उसकी मस्त गुलाबी चूत साि
ददखायी देने लगी। ये निारा देख कर मुझसे बबल्कुल नही रहा गया और मैं
अपने घुटने उसके चूतडो के दोनो और िमा कर अपना लंड हाथ मे लेकर
उसकी चूत के मुहाने पर लगा ददया।
रीमा बोली बेटा अब आगे बढ कर मेरी चूची पकड कर लगा दे धक्का और
अपना लम्बा लंड मेरी गहरी चूत मे उतार दे। मैंने आगे बढ कर रीमा की दोनो
बडी बडी चूचीयां अपने हाथो मे पकड कर अपने घुटनो को थोडा और आगे बढा
कर उसके चुतडो के दोनो और िमाते हुये अपने चूतड दहला कर एक िोरदार
धक्का दे मारा। मेरा धक्का इतना करारा था कक एक ही वार मे मेरा लंड उसकी
चूत की िड तक उतर गया। हाय रे धीरे बेटा इतनी िोर से धक्का मरा रे तुने
दखु ता है बेटा धीरे धीरे करो। तेरा लंड तो एक दम मुसल है माना म ैं रंडी हूाँ
और इतने लंड खा चुकी हूाँ पर रोि रोि तेरे िैसे मुसल थोडी ही ना ममलते है।
धीरे धीरे चोद कर मााँ की चूत का मिा लो बेटा।
मैंने कहा ठीक है मााँ धीरे धीरे करुंगा। रीमा ने अभी भी अपने हाथो से अपनी
चूत के द्वार खोल रखे थे। मैंने कहा मााँ अपने हाथ हटा लो प्िससे मैं तुम्हारी
चूदायी कर सकंू । रीमा ने अपने हाथ अपनी चूत स े हटा कर अपनी िााँघो को
पकड मलया। अब मेरा पूरा लंड उसकी चूत की िड तक समा गया था और मेरी
िााँघे उसके चूतडो से टकरा रही थी और मेरी बाल्स उसकी गााँड से लग रही
थी। मैंने कहा मााँ तुम इस पोि मे ककतनी सुंदर लग रही हो तुम्हारा गोरा बदन
मुझको मस्त कर रहा है। हााँ बेटा पर अब मेरा मन चुदने को कर रहा है चोद
डाल बेटा मुझे मेरे बदन को बाद मे ननहार लेना। मैंने रीमा के मम्मे पकडे
पकडे अपने चुतड दहलाने शुरु कर ददये और मेरा लंड उसकी चूत मे अंदर बाहर
होने लगा।
मैंने रीमा के मम्मो को मसलते हुये उसकी चुदायी चालू कर दी। मेरा लंड का
सुपाडा इतनी देर से खडे रहने के कारण और मस्त चुदायी के कारण बहुत ही
सेन्सदटव हो गया था और चूत की ददवारो से रगड खाने के कारण मेरे अंदर
ददम और मिे कक एक लहर दौड रही थी िबकी उसकी चूत बहूत गीली थी
प्िसकी विह से घषमण बहुत कम था। मेरी निर उसके चहरे पर थी। रीमा भी
मेरी तरि देख रही थी। और चुदाते हुये अपनी िीभ अपने होठों पर किरा रही
थी। और मेरे हर घक्के पर आह ओह उम्हऽऽ की आवाि ननकाल ननकाल कर
मुझे और मस्त कर रही थी। इस आसन मे उसकी टााँगे मेरे कंधे पर रखी हुयी
थी और उसकी उंची ऐडी की सैडलं हर धक्के के साथ दहल रही थी।
उसका गोरा पेट और गहरी नाभी उसका इस तरह आवाि ननकालना होठ पर
िीभ किराने उसकी उंची ऐडी कक सैडलं , रीमा न े वासना के सारे हगथयार मेरे
उपर मेरे उपर एक साथ चला ददये थे। अब मुझसे भी नही रहा गया और मैंने
अपनी चुदायी की रफ्तार को बढा ददया। किर मेरी निर उसकी गोरी मााँसल
टााँगो पर गया। उसकी सुंदर टांगे देख कर मुझसे रहा नही गया और मैंने अपने
होठं उसके पैरो पर िामा ददये। और उनको चुमने लगा। रीमा बोली हाय रे बेटा
ये क्या कर रहा है बडी गुदगुदी होती है बेटा। उम्हऽऽऽ चोद बेटा चोद अपनी मााँ
को ओह सीसऽऽऽ आह और स्पीड बढा बेटा िोर िोर से चोद मााँ को। मााँ चूत
खोल कर तेरे सामने है िाड दे मेरी चूत मेरे लाल। उसकी बात सुनकर मैंने
एक दो बडे करारे धक्के लगाये हाय रे हााँ ऐसे ही बेटा िोर से।
मैंने उसके मम्मे अभी भी अपने हाथो मे पकड रखे थे और उसके पैरो को
चूमता हुआ िबदमस्त चुदायी कर रहा था। रीमा भी मस्त थी और खुद अपने
हाथ अपने चूतडो पर किराने हुये चुदायी करा रही थी। पर इस तरह से चुदायी
करने मे मुझे थोडी से तकलीि हो रही थी। उसका कारण यह था की उसकी
चूत और मेरा लंड एक ही उंचायी पर नही थे। इसमलये मैं एक दम से रुक गया
मेरे रुकते ही रीमा ने पूछा रुक क्यो गया बेटा। मैंने कहा कुछ नही मााँ और
पीछे मुड कर सोिे पर पडा कुशन उठ मलया और बोला मााँ तुम अपने चुतड
कुछ उपर उठाओ मैं कुशन नीचे रख देता हुाँ प्िससे तुम्हारे चूत और मेरा लंड
एक ही लेवल पर हो िांयेगे तो मुझको चोदने मे आसानी होगी। रीमा बोली
ठीक है बेटा मैं अपने चूतड उठाती हूाँ तु कुशन लगा दे।यह कह कर रीमा ने
अपने चूतड उठा ददये और मैंने उसने नीचे कुशन लगाने की कोमशश की लेककन
उसके चूतड बहुत भारी थे और उसक चूत मे मेरा लंड िंसा हुआ था प्िस की
विह से रीमा अपने चूतड ज्यादा नही उठा पा रही थी और उसके नीचे िगह
नही बन रही थी। कम िगह मे से कुशन चुतडो के नीचे डालना मुशककल था।
िब थोडी देर कोमशश के बाद मैं कुशन नही डाल पाया रीमा बोली बेटा तू
अपना लंड ननकाल ले किर कुशन आसानी से चला िायेगा। बात तो रीमा की
सही थी पर मैं लंड ननकालना नही चाहता था पर कर भी क्या सकता था। मन
मार कर मैंने अपना लंड ननकाल मलया।
हम दोनो के रस मे भीगा लंड चूत मे से बाहर ननकल आया। रीमा ने किर
अपने पैर िमीन पर दटका कर अपने चूतड उंचे उठा ददये मैंने उसके नीचे
कुशन लगा ददया। अब रीमा के चूदड थोडे उपर हो गये। रीमा ने अपनी टााँगे
िैला ली और मैं उनके बीच आकर बैठ गयी और अपना लंड पकड कर उसके
चूत के मुहाने पर रगडने लगा। किर उसके चूतडो पर हाथ लगा कर अपना लंड
उसकी चूत पर दबा ददया। लंड करीब आधा उसकी चूत मे घुस गया। किर मैंने
रीमा के पैर पकड चौडे कर ददये। और थोडा आगे खखसक कर अपना चूतड
दहला कर एक िोरदार धक्का मारा। लंड पूरा उसकी चूत की िड तक समा
गया।
रीमा ने कहा हाय रे बेटा तू तो मेरी चूत को बबामद कर के रहेगा बेटा थोडा धीरे
डाला कर अपना लंड मेरी चूत मे चल अब देख क्या रहा है मार धक्के। किर मैं
ऐसे ही उसके पैरो को पकडे पकडे धक्के लगाने लगा। इस तरह से चूदायी करने
मे मुझे अपना लंड रीमा की चूत मे िाता हुआ ददखायी दे रहा था। और मैं
उसके पैरो को पकड कर अपने चूतड दहलाता हुआ रीमा की चूत की िबदमस्त
चुदायी कर रहा था। रीमा भी अपने चूतड दहलाते हुये मेरे हर धक्के का िवाब
धक्के से दे रही थी साथ ही साथ वह अपने चूतड गोल गोल घुमा रही थी। और
अपनी बडी चूचीयो को मसलते हुये चूदायी का मिा ले रही थी।
मैं भी अब अपनी आाँखे बंद ककये हुये चुदायी ककये िा रहा था। थोडी देर इसी
तरह चूदायी करने के बाद रीमा बोली बेटा आ िा मेरे पास बेटा मेरे गले रे लग
िा अब तुझसे बबल्कु ल भी दरू नही रहा िा रहा बेटा। आ मेरे गले लग िा
और किर मेरी चूदायी कर। मैंने रीमा के पैर छोड ददये और रीमा के उपर लेट
गया। रीमा ने मुझे अपनी बाहो मेर भर मलया और मेरे चहरे पर चुम्बनो की
बरसात कर दी। और अपने हाथ मेरी पीठ पर किराने लगी। मैंने अपने हाथ
उसकी कमर पर लगा कर अपने लंड की पोप्िशन को ठीक ककया और किर से
अपने चूतड दहलाने शूरु कर ददये। रीमा ने बडी बडी कडी चूचीयां मेरी छाती मे
धंस गयी। और उसकी घुडीयां नुकीली खडी हो कर मेरे सीने मे छेद बनाने को
तैयार थी।
मैं भी उसकी गदमन और चहरे के चुम्बन ले रहा था। मैंने अपना सारा बोझ
उसके बदन के उपर डाल रखा था। रीमा के पैर अभी भी उपर कर रखे थे और
हर धक्के के साथ दहल रहे थे। इस तरह से चुदायी करने मे मेरा लंड उसकी
चूत मे पूरा अंदर िा रहा था। किर रीमा ने अपने पैरो को साहरा देने के मलये
मेरे कमर के चारो और लपेट मलया और अपने दोनो पैरो से कैची बना कर मुझे
उसके अंदर पकड मलया। मैं भी िोर िोर से धक्के मार रहा था। रीमा भी अपने
पैरो का इस्तमाल बहुत सही ढंग से कर रही थी। िब मे उसकी चूत मे लंड
घुसाता तो रीमा अपने पैर दबा कर मेरे लंड को और भी अंदर कर देती किर
िब मे लंड बाहर ननकालता तो अपने पैर पीछे कर देती प्िससे मे ज्यादा से
ज्यादा लंड बाहर ननकाल संकू।
मेरे चुतड रीमा ने पैरो कर लग रहे थे कभी कभी उसकी उंची ऐडी की सैडलं भी
मेरे चूतडो पर लग िाती थी। इस तरह से उसके पैरो का स्पशम मुझे अपने
चूतडो पर बडा अच्छा लग रहा था। मेरे धक्को की स्पीड बहूत तेि चल रही
थी। रीमा भी पूरी मस्ती मे गचल्लाते हुये अपने चूत की चुदायी करा रही थी।
चोद बेटा हाय रे तेरा लंड मेरे चूत के दाने पर रगड खा रहा है रे िामलम मार
ले मेरी मेर रािा घुसा दे अपना लंड मेरे पेट तक। हम दोनो पसीने मे पूरे तर
बतर हो चुके थे। पसीने की गंध मुझे पागल बना रही थी। मैंने अपना हाथ बढा
कर उसके चौडे चूतडो के नीचे अपने हाथ घुसा ददये और उनको पकड कर
िबदमस्त चुदायी चालू कर दी। िबदमस्त धक्को चुतडो पर मेरे हाथ और उसके
चूत के दाने पर रगडता मेरा लंड रीमा बबल्कुल भी बदामशत ना कर सकी और
झडने के करीब आ गयी।
हाय रे बेटा और िोर िोर से चोद अपनी मााँ को मैं किर से झडने वाली हूाँ मेरे
लाल। हाय रे तुने तो कुछ ही घंटो मे मेरी चूत की नब्ि पहचान ली और मुझे
धडा धड झडा रहा है। हााँ ऐसे ही और िोर से हााँ उम्हऽऽऽ हाय रे.. मैं िाने
वाली हूाँ। मेरा पानी छूट रहा है। हाय रे र र र ऽऽऽऽऽऽऽ मै गयी ईईईईईईईईई
ऽऽऽऽऽऽऽऽऽऽऽऽऽऽ। और रीमा ने मुझे बहुत कस कर िकड मलया मेरा बदन
उसकी बांहो मे कैद था और मेरे चूदड उसके पैरो मे। उसने इतनी िोर से
िकडा था की मैं बबल्कुल भी नही दहल सकता था। रीमा की आाँखे बंद थी।
रीमा ने मुझे थोडी देर इसी तरह पकडे रखा लेककन उसके चूतड कािी देर तक
धीरे धीरे उछलते रहे। करीब २ ममनट बाद वह शांत हुयी और उसकी पकड कुछ
ढीली हो गयी।
हाय रे बेटा क्या मिा ददया तूने मेरी तो करीब करीब िान ही ननकाल दी। पूरी
लस्त हो गयी हूाँ मैं अब और नही झड सकती। मेरी चूत और उसका दाना अब
और तेरी िीभ और लंड को नही झेल सकते। बडा मिा आया रे मेरे बेटे। तेरे
बदन को अपने बदन से गचपटा कर चुदाने मे तो एक अलग ही सुख ममला।
मैंने कहा मााँ पर मैं तो अभी तक सुखा हुाँ अगर तुम चुदा नही सकती तो मेरे
लंड का क्या होगा। अरे बेटा घबराता क्यो है मैं हूाँ ना अभी तेरी मस्ती झडा
दंगू ी। कह कर रीमा न े अपनी टााँगे मेरी कमर से हटा ली और बोली बेटा अब
िरा हट तो मै तुझे झडाती हूाँ।मैं उठ कर कालीन पर बैठ गया। रीमा ने उठने
की कोमशश की पर उठ नही पायी। बोली बेटा मुझे उठ िरा तूने तो िबदमस्त
चुदायी कर के मेरा सारा बदन ही तोड कर रख ददया है। मैं उठ कर रीमा के
बगल मे गयी और अपने कंधे का साहारा देकर उसको उठने मे मदद की। और
मैंने उसके चुतडो के नीचे से कुशन भी ननकाल ददया। रीमा अब कालीन पर
बैठी थी और मे खडा हो गया था। रीमा ने मेरा लंड अपने हाथ मे मलया और
बोली हाय देखूं तो मेरे बेटे का लंड ककतना सूि गया है। आिा बेटा अब मैं तेरे
इस लंड को झडाउंगी। मेरा माँुह चोदेगा बेटा मााँ का माँुह चोद कर मिा ले गा
बेटा मैं तो माँुह चुदवाने म े मादहर हूाँ। आि तुझसे अपना माँुह चुदवाऊगी।
किर रीमा ने मेरे लंड का एक चुम्बन मलया और सोिे का साहारा लेकर कालीन
पर बैठ गयी। किर उसने अपना सर पीछे करके उसको सोिे पर दटका ददया।
बोली आिा बेटा तेरा मााँ तैयार है आकर चोद ले मेरा माँुह। म ैं रीमा ने पास
गया और उसके कंधे के दोनो और अपने पैर करके खडा हो गया। मैंने कहा मााँ
अब मैं नाडा खोल दाँ।ू रीमा बोली नही बेटा पहले मेरे माँुह को चोदने का मिा
ल े ल े किर म ैं खुद नाडा खोल कर तुझे झडा दंगू ी। मैंने कहा ठीक है मााँ। मेरा
लंड तन कर सीधा खडा होकर रीमा के चहरे के उपर झूल रहा था। मैंने थोडा
सा झुक कर अपने घुटनो को सोिे पर दटकाते हुये अपना लंड रीमा के होठों पर
रख ददया।
रीमा ने अपना एक हाथ ननकाल कर मेरा लंड नीचे से पकड मलया और उस पर
अपनी िीभ किराने लगी। और मेरे लंड के सुपाडे पर िीभ किरा कर उसको
चूस मलया। उम्हऽऽऽ अब तक सबसे स्वाददष्ट लंड है ये। इतने लंड चूसे हैं मैंने
पर इससे मीठा लंड कोई भी नही। पहले इसको चूस कर गीला कर देती हूाँ नही
तो मेरा गला और तेरा लंड दोनो नछल िायेंगे। सबसे पहले रीमा न े मेरे सुपाड े
को माँुह मे लेकर अपनी िीभ मे थूक भरकर मेरे सुपाड े पर लपेटना शूरु कर
ददया। उसका माँुह मुझको एक गीली चूत की तरह लग रहा था। और धीरे धीरे
रीमा ३ इंच लंड अपने माँुह म े ले मलया और उसे अपने थूक से गगला कर ददया।
प्िस तरह से रीमा अपनी िीभ से मेरे लंड के साथ खेल रही थी मैं तो स्वगम
मे पहुंच गया था और आाँखे बंद कर के मिा ले रहा था। रीमा ने किर धीरे
धीरे अपने माँुह को मेरे लंड पर आगे पीछे चलाना शुरु कर ददया। रीमा का एक
हाथ मेरे चूतडो पर चल रहा था और वह मेरे चूतडो को धीरे से मसलते हुये
दोनो चूतडो पर अपना हाथ किरा रही थी। करीब ४ इंच लंड रीमा के माँुह म े
आसानी से िा रहा था और उसके थूक से भीग चूका था। किर रीमा ने
अचानक अपना रुक कर धीरे धीरे मेरे लंड को अपने गले मे उतारना शूरु कर
ददया। मेरा लंड १ एक सेंटीममटर करके उसके गले मे उतरना शुरु कर ददया।
रीमा लंड मललने मे बहूत मादहर थी और आसानी से मेरे लंड को धीरे धीरे
अपने गले मे लील रही थी।
मेरे लंड के सुपाडे पर भी उसके गले का दवाब बढ रहा था प्िससे मेरे पुरी
शरीर मे एक अिीब सी झुरझुरी उठ रही थी। िब करीब मेरा ६ इंच लंड रीमा
के माँुह म े समा गया रीमा ने अपना चहरा उठा कर मेरी तरि देखा और मेरी
आाँखो से आाँखे ममला कर लंड को लीलना िारी रखा। अपना हाथ मेरे लंड से
हटा कर मेरे चूतडो पर रख ददया और उसे अपनी बाहों मे भर कर मेरे चूतडो
के िररये लंड का दवाब अपने गले पर बढाने लगी और मेरे लंड उसके गले की
गहरायी मे उतरने लगा। उसका गला मेरे लंड के कारण िूल गया। और थोडी
देर मे मेरा पूरा लंड उसके गले मे उतर गया।
उसने मेरे चूतडो को मसलते हुये मेरी तरि देखा उसकी आाँखो मे ऐसे भाव थे
िैसे कह रही हो लो बेटा अब चोद दो मााँ का गला और इसके साथ वैसा ही
बतामव करना िैसा मेरी चूत के साथ ककया था। मैंने भी रीमा की बात मानते
हुये धीरे धीरे अपने चूतड दहलाने शुरु कर ददये। मेरा लंड उसके गले मे आगे
पीछे होने लगा उसका गला ककसी अनचुदी चूत के समान कसा हुआ था और
इतना गीला होने के बाद भी मेरा लंड बहुत िंस िंस कर िा रहा था। रीमा भी
अपने हाथ चूतडो पर रख कर मुझको धक्का लगाने मे मदद कर रही थी। मैंने
उसके सर को पकड कर अपने धक्को के रफ्तार थोडी बढा दी। रीमा के माँुह स े
गो गो की आवाि आ रही थी।
रीमा ने मेरे चूतडो को अपने हाथो से अव िोर िोर से मसलना शुरु कर ददया
था। उसके हाथो से मेरे को इतनी मस्ती चढी मैं िोर िोर स े उसके माँुह को
चोदने लगा। एकदम से हुये इस हमले रे रीमा भी एक दम सकपका गयी पर
थोडी ही देर मे उसने अपने गले को मेरे धक्को की मार के मलये तैयार कर
मलया। अब मैंने उसके सर को पकड मलया और िबदमस्त धक्के लगाता रहा।
हाय रे मााँ तेरा माँुह तो बहुत दह टाईट है रे। पूरा उतार मलया तूने मााँ। बडा
मिा आ रहा है मााँ तेरा माँुह चोदने मे। तेरी गमम सांसे मेरी झांटो कर लग रही
है री रंडी साली पागल कर ददया रे तुने मुझे। आि तो म ैं तेरा माँुह चोद कर
तेरे गले की धज्िीयााँ उडा दंगू ा क्या मस्त गला है रे तेरा इसमे तो चूत स े भी
ज्यादा मिा आ रहा है रे।
रीमा की हालत मेरे इस आिमण के कारण खराब हो रही थी। उसको माँुह
चुदाने के आदत थी शायद तभी तो मेरा लंड अभी भी उसके गले मे था नहीं तो
कब का वह बेहोश हो चुकी होती। पर उसके भी इसतरह से गला चुदाने मे बहुत
ददक्कत हो रही थी उसकी आाँखो मे पानी भर आया था पर उसकी आाँखे ऐसी
लग रही थी िैसे कह रही हो और चोदो बेटा बडा मिा आ रहा है। और मैंने
भी उसकी कोई परवाह ककये बबना उसका गला चोदना िारी रखा। रीमा ने अब
मेरे चूतडो को कस के अपने हाथो मे पकड मलया था और उनको बेरहमी से
मसल रही थी। उसका इस तरह चूतड मसलना मुझे बहुत अच्छा लग रहा था।
मैंने कभी सोचा भी नही था की चूतड मसलवाने मे इतना मिा आ सकता है।
म ैं इसी तरह रीमा का माँुह करीब १० ममनट तक चोदता रहा मुझ े इतना मिा
आ रहा था की मैं उसके गले से लंड ननकालने के मलये तैयार ही नही था। पर
रीमा की हालत अब बहुत बबगड चुकी थी उसके आाँखो से लगातार आंसू बह रह
थे। रीमा ने किर मेरी कमर पकड कर मेरा लंड अपने गले से ननकाल ददया।
रीमा बोली बेटा आि तो तुने मेरी िान ही ननकाल दी मेरे गले कक हालत
खराब कर दी। पर मिा भी बहुत आया माँुह चुदाने मे। चल बेटा अब बहूत देर
हो गयी तेरे को चोदते हुये अब तेरी मााँ तुझे झडायेगी और तेरा वीयम पेयेगी। मैं
उठ कर खडा हो गया और रीमा ने सोिे पर से दो कुशन उठाया और उसका
तककया बना कर कालीन पर लेट गयी। और बोली बेटा आिा आकर मेरी
चूचीयो पर बैठ िा मैं तेरा लंड चूस कर तुझे झडाती हूाँ।
रीमा की बात सुनकर मुझे बढा अच्छा लगा क्या मस्त आसन चुना थी उसने
मुझे झडाने के मलये। उसके मस्त गद्देदार मम्मो को बैठ कर लंड चुसायी। और
मे िाकर उसकी चूचीयो पर बैठ गया। मैंने अपनी टांगे उसके सर के दोनो और
रख दी। मैंरे बोझ से रीमा के मम्मे एकदम वपचक गये। पर उनपर बैठ कर
मुझे बडा मिा आ रहा था। मेरे लंड रीमा के माँुह से सामने लहरा रहा था। रीमा
न े मेरे लंड का सुपाडा अपने माँुह म े लेकर उस पर अपनी िीभ किराते हुये मेरा
लंड चुसने लगी। उसके दोनो हाथ मेरे लंड पर बनी पेटीकोट के नाडे पर पहुंचे
और उसको खोलने लगी। अब वह पुरा िोर लगा कर मेरे लंड को चूस रही थी।
और साथ दह साथ मेरा लंड पर बंधा नाडा भी खोल रही थी। उसने अपनी मेरी
आाँखो मे डाल रखी थी।
िैसे िैसे मेरे लंड पर नाडे का दवाब कम हो रहा था। और उसके चुसने की
रफ्तार भी बढ रही थी। किर रीमा ने मेरे लंड का नाडा खोल ददया और मेरे लंड
मे एकदम से खून का दौरान बढ गया। नडा खोलते ही रीमा ने एक हाथ से
मेरा लंड पकडा और िोर िोर से चुसने लगी िैसे बच्चे को लालीपाप ममल
गयी हो। खून का दौरान बढने से मेरे लंड के सुपाडे पर किर से मस्ती लोट
आयी। और प्िस रफ्तार से रीमा मेरा लंड चूस रही थी मै और ज्यादा देर नही
ठहर सकता था। मैं ठहरना चाहता भी नही था। उसके कुशल हाथ मेरे िीभ मेरे
लंड पर िादू कर रहे थे। ओह मााँ अब मैं नही रुक सकता मेरा ननकलने वाला
है मााँ मेरा रस छुटने वाला है। हाय रे मैं गया मााँ।
मेरे को इस तरह स े गचल्लाता देख कर रीमा न े मेरा लंड अपने माँुह स े ननकाल
ददया और उसको एक हाथ मे पकड कर मुठ्ठ मारने लगी। हााँ बेटा तू झडना
चाहता है ल े मेरे माँुह पर झड बेटा। मेरे चहरे को अपने रस से गीला कर दे बेटा
भर दे मेरे चहरे को अपने वीयम से मेरे लाल। उसके हाथ मेरे लंड पर िोर िोर
से चल रहे थे। मैं कभी भी झड सकता था। मेरे मुह से करहाने की आवाि
ननकल रही थी। आह ओह ओहऽऽऽऽ मााँ मै गया कह कर मेरा बदन एक्दम से
कडा हो गया। और मेरे लंड से वीयम के एक िबदमस्त धार ननकली और िा कर
उसके बालो और माथे पर पडी। और मेरा लंड झटके मार मार कर झडने लगा।
मेरे लंड से वीयम की धार ननकल ननकल कर रीमा के चहरे का श्रंगार करने
लगी।
रीमा का सारा चहरा मेरे वीयम मे सन गया। आखरी की दो धार उसके होठो पर
पडी। धीरे धीरे मेरा शरीर शांत होने लगा। रीमा का हथ अभी भी मेरे लंड पर
झड चूका था पर अभी भी कडा था। रीमा के चहरे पर तृप्नत के भाव थे। किर
रीमा ने मेरा लंड अपने माँुह म े डाल मलया और उसपर लगा वीयम चात कर पीने
लगी। और थोडी देर मे मेरे लंड को चाट चाट कर साि कर ददया। और तब
तक नही छोडा िब तक लंड बबल्कुल छोटा नही हो गया। उसके बाद रीमा ने
अपनी उंगलीयो से अपने चहरे पर पडा वीयम उठया और अपनी उंगमलयााँ चाट
चाट कर अपने चहरे को पूरा साि कर ददया। उसका चहरा मेरे वीयम और उसकी
उगलीयो से लगे थूक के कारण चमक रहा था।
किर मैं उठ कर खडा हो गया और रीमा भी उठ कर खडी हो गयी और मैंने
अपने हाथ उसकी कमर मे डाल कर अपनी तरि खीच मलया। और उसके
मसताने होठों पर अपने होठं रख ददये और चुमने लगा। उसके होठों का स्वाद
कुछ नमकीन था और मे उसके चहरे पर अपने वीयम की गंध महसूस कर
सकता था। और थोडी देर चूमने के बाद उसको अपने बदन से सटा मलय। मेरे
हाथ उसकी कमर मे डाल ददये और रीमा ने अपने हाथ मेरे कंधो पर रख ददये।
मेरा लंड लटक गया था और उसकी चूत पर दटका हुआ था। मेरे और उसकी
झांटे एक दसु रे से बातें कर रही थी। रीमा बोली बता बेटा मिा आया मााँ को
चोद कर।
बहुत मााँ मै ककतने सालो कर चुदायी के मि े स े दरू था और अपना लंड दहला
कर मिा लेता था आि मुझको पता चला की असली मिा कया है। मैं बहुत
खुश हूाँ कक तुझको मिा आया चल अब आिा बैठ कर आराम करते है तू भी
इतनी देर महेनत करके थक गया होगा। किर मैं िाकर सोिे पर बैठ गया और
रीमा आकर मेरी गोदी मे बैठ गयी।
発行者 manaliheel
12年前
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