Bhabi ki chudai part 2
भाभी- आप चिंता ना करें.. अब से ये खूब पढ़ेगा।
भैया- ठीक है रेणु.. अब तुम ही संभालो इसको.. मैं अब इससे 12 वीं के बाद ही बात करूँगा।
एक घंटे की डांट-फटकार के बाद मैं अपने कमरे में आकर किताब खोल कर बैठ गया। अब मैं थोड़ा रिलॅक्स हुआ.. भाभी के प्रति मेरे सारे गंदे विचार निकल चुके थे। रात को भैया के सोने के बाद मैंने भाभी के नम्बर पर मैसेज किया।
मैं- सॉरी भाभी..
भाभी का तुरंत जबाव आया- इटस ओके..
मैं- थैंक्स फॉर सेविंग मी फ्रॉम भैया..
भाभी- गुड नाइट.. सुबह बात करते हैं।
इसके बाद मेरे चेहरे पर पूरे एक महीने बाद मुस्कान आई।
सुबह भैया ऑफिस और पापा फैक्ट्री जा चुके थे, भाभी मुझे उठाने आईं.. मैंने ‘गुड-मॉर्निंग’ बोला और स्माइल दी.. भाभी ने वापिस स्माइल दी।
मैं- सॉरी अगेन भाभी..
भाभी- मैं वो सब भूल चुकी हूँ.. अब तुम भी वो सब भूल कर बस पढ़ाई पर ध्यान दो।
मैं- मुझे लगा था कि आप भैया को सब बता देंगी।
भाभी- बोल देती.. लेकिन मुझे लगा कि तू दोबारा नहीं करेगा।
मैं- थैंक यू भाभी..
भाभी- चल अब छोड़ उस बात को.. अब केवल पढ़ाई पर ध्यान दे.. तेरी ज़िम्मेदारी अब मैंने ले ली है। तुझे अब तेरे भैया को नम्बर ला कर दिखाना ही पड़ेगें। मुझे बोर्ड्स में तेरे 80% से ऊपर नम्बर चाहिए।
मैं- हलवा है क्या भाभी 80%? मेरे तो पास होने के ही लाले पड़ रहे हैं।
भाभी- मैं कुछ नहीं जानती.. मुझे तेरे बोर्ड्स में 80% चाहिए.. मैं चाहती हूँ कि तेरा एडमिशन एक अच्छे इंजीनियरिंग कॉलेज में हो।
मेरी भाभी की कातिल जवानी की यह मस्त कहानी आपको हिला कर रख देगी.. बस आप मुझे अपने ईमेल से लिखते रहिएगा.. मेरा उत्साह बढ़ेगा।
कहानी जारी है।
contact : dickoscopy@gmail.com
भैया- ठीक है रेणु.. अब तुम ही संभालो इसको.. मैं अब इससे 12 वीं के बाद ही बात करूँगा।
एक घंटे की डांट-फटकार के बाद मैं अपने कमरे में आकर किताब खोल कर बैठ गया। अब मैं थोड़ा रिलॅक्स हुआ.. भाभी के प्रति मेरे सारे गंदे विचार निकल चुके थे। रात को भैया के सोने के बाद मैंने भाभी के नम्बर पर मैसेज किया।
मैं- सॉरी भाभी..
भाभी का तुरंत जबाव आया- इटस ओके..
मैं- थैंक्स फॉर सेविंग मी फ्रॉम भैया..
भाभी- गुड नाइट.. सुबह बात करते हैं।
इसके बाद मेरे चेहरे पर पूरे एक महीने बाद मुस्कान आई।
सुबह भैया ऑफिस और पापा फैक्ट्री जा चुके थे, भाभी मुझे उठाने आईं.. मैंने ‘गुड-मॉर्निंग’ बोला और स्माइल दी.. भाभी ने वापिस स्माइल दी।
मैं- सॉरी अगेन भाभी..
भाभी- मैं वो सब भूल चुकी हूँ.. अब तुम भी वो सब भूल कर बस पढ़ाई पर ध्यान दो।
मैं- मुझे लगा था कि आप भैया को सब बता देंगी।
भाभी- बोल देती.. लेकिन मुझे लगा कि तू दोबारा नहीं करेगा।
मैं- थैंक यू भाभी..
भाभी- चल अब छोड़ उस बात को.. अब केवल पढ़ाई पर ध्यान दे.. तेरी ज़िम्मेदारी अब मैंने ले ली है। तुझे अब तेरे भैया को नम्बर ला कर दिखाना ही पड़ेगें। मुझे बोर्ड्स में तेरे 80% से ऊपर नम्बर चाहिए।
मैं- हलवा है क्या भाभी 80%? मेरे तो पास होने के ही लाले पड़ रहे हैं।
भाभी- मैं कुछ नहीं जानती.. मुझे तेरे बोर्ड्स में 80% चाहिए.. मैं चाहती हूँ कि तेरा एडमिशन एक अच्छे इंजीनियरिंग कॉलेज में हो।
मेरी भाभी की कातिल जवानी की यह मस्त कहानी आपको हिला कर रख देगी.. बस आप मुझे अपने ईमेल से लिखते रहिएगा.. मेरा उत्साह बढ़ेगा।
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10年前