गर्भवती सम्मेलन
कुछ मर्द गर्भवती - - - कन्या,बालिका,लड़की,युवती,महिला या बुड्ढी तक - - - को चोदना पसन्द करते हैं।मेरी कामलोलुप पुरुष मंडली में अलग-अलग उम्र के बालक,युवक,अधेड़,वृद्ध अलग-अलग उम्र की गर्भवतियों से सम्भोग-रमण-चोदनमर्दन कर अपने खून में गर्भस्थ जीव की आत्मा पेलना चाहते हैं।उन्हें इस प्रकार का सुख-स्वाद परोसने के लिये मैंने नौ मास तक कठिन तपस्या की।उपरान्त कुछ सद्यो- -रजोदर्शन -कन्याओं को लपेटा-चपेटा।खुद पर प्रयोग किये,दूसरी कामशरीर वाली वासना की पुतलियों को झंझोड़ा।तब जाकर इस गर्भसम्मेलन का खाका तैय्यार हो सका।कुछ विद्वानों की सलाह के अनुसार हमने ध्यान दिया कि हमारे गर्भवती-मंडल की गर्भवतियां-सतियां अपने-अपने पति्यों से सिंचित वीर्य से गर्भवती न हों बल्कि हमारे द्वारा पाले गये सुकुमार युवकों और बलिष्ठ मल्ल-पुरुषों के सुंदर और अमोघ वीर्य के फव्वारे से, अथवा अगम्यागमन, या यथा-आवश्यक नियोग प्रथा से हों।इस प्रकार से हुई गर्भवती रमणी/रमणियों को सम्भोग और दुराचार-व्यभिचार के लिये सुलभ किया जाता है।यह कार्य धर्म सम्मत है क्योंकि इसमें
वाममार्ग की प्रेतात्मा का प्रवेश है,इसके अलावा इसमें अनेक तरह के कामसूत्रों का घोटमघोट छौंक भी है।
गर्भधारण करवाने के लिये हमारे शिविर में सदैव कामी नर-नारियों का जमावड़ा रहता है।जिसे गर्भ धारण करना है या जिसका गर्भधारण करवाना है उसे हम अपनी कूटनीतिक भाषा में '' माल '' ( fuck meat ) कहते हैं।माल को रगड़-पकड़,कुचल-उछल,कूदफांद कर तब तक चोदा जाता है जब तक कि गर्भाशय में गर्भधारण न हो जाय। अगम्यागमन में बेटा अपनी मां को, भाई अपनी बहन को,और बाप अपनी बेटी को गर्भधारण करवाने का सुख और आनन्द प्रदान करता है। नियोग में पति के सामने ही उसकी धर्मपत्नी को चोद-चोद गर्भवती करते हैं,इस पवित्र कार्य में उसके पतिदेव तन व मन से सहायता करते हैं।
तब तक चोदा जाता है जब तक कि गर्भ न ठहर जाय; सावधानी के खातिर '' माल '' (कन्या या रमणी ) को पांच बार पांच अलग-अलग मर्द चोदते हैं।
गर्भवती-चोदन शिविर अलग होता है, इसमें कामुक,विलासी,व्यभिचारी मर्द तीन से सात महीने के गर्भवाली कन्या या रमणी को मजा ले-ले कर चोदते हैं।
वाममार्ग की प्रेतात्मा का प्रवेश है,इसके अलावा इसमें अनेक तरह के कामसूत्रों का घोटमघोट छौंक भी है।
गर्भधारण करवाने के लिये हमारे शिविर में सदैव कामी नर-नारियों का जमावड़ा रहता है।जिसे गर्भ धारण करना है या जिसका गर्भधारण करवाना है उसे हम अपनी कूटनीतिक भाषा में '' माल '' ( fuck meat ) कहते हैं।माल को रगड़-पकड़,कुचल-उछल,कूदफांद कर तब तक चोदा जाता है जब तक कि गर्भाशय में गर्भधारण न हो जाय। अगम्यागमन में बेटा अपनी मां को, भाई अपनी बहन को,और बाप अपनी बेटी को गर्भधारण करवाने का सुख और आनन्द प्रदान करता है। नियोग में पति के सामने ही उसकी धर्मपत्नी को चोद-चोद गर्भवती करते हैं,इस पवित्र कार्य में उसके पतिदेव तन व मन से सहायता करते हैं।
तब तक चोदा जाता है जब तक कि गर्भ न ठहर जाय; सावधानी के खातिर '' माल '' (कन्या या रमणी ) को पांच बार पांच अलग-अलग मर्द चोदते हैं।
गर्भवती-चोदन शिविर अलग होता है, इसमें कामुक,विलासी,व्यभिचारी मर्द तीन से सात महीने के गर्भवाली कन्या या रमणी को मजा ले-ले कर चोदते हैं।
10年前