Rekha **** ki malayi
बात उन दिनों की है जब मै स्कूल में पढता था! मेरे साथ मेरा मित्र सुधीर भी था! हम दोनों एक्साम्स के दिनों में एकसाथ रात-रात भर एक दुसरे के घर पर पढाई किया करते थे!कभी वो मेरे घर पर आता था कभी मै उसके घर चला जाता था! सुधीर की एक बड़ी बहन रेखा थी! वो कॉलेज में पढ़ती थी! वो हम दोनों को मुश्किल सवालों का हल बताया करती थी! हम अक्सर अपनी प्रोब्लम उनसे ही हल करवाते थे!
सुधीर के मामा की शादी थी!वो अपने पापा-मम्मी के साथ ननिहाल चला गया! रेखा दीदी को कोलाज का कोई प्रोजेक्ट पूरा करना था सो वो रुक गयी,शादी में बाद में जाने के लिए! मुझे मेथ्स के कुछ सवाल समझ नहीं आ रहे थे, मेने सोचा क्यु नही रेखा दीदी से ही पूंछ लूँ ..?
उस दिन सन्डे था! मै सुबह करीब १० बजे उनके घर पहुच गया! मेने उनके घर की बेल बजाई, तो दरवाजा नहीं खुला! कई बार बेल बजाने पर दीदी ने दरवाजा खोला! बोली मै नहा रही थी! उन्होंने टॉवेल के कपडे का बना हुआ पिंक कलर का गावुन पहन रखा था! गावुन में वो पूरी तरह ढकी हुई थी!
दीदी बोली क्या हुआ ..?
मेने कहा दीदी कुछ सवाल समझ नहीं आ रहे है, आप समझा दोगे ..?
दीदी- पर अभी..?
मैंने बोला -प्लीज़
दीदी- पर...अभी मै अपना प्रोजेक्ट का काम करुँगी, कल समिट करना है!
मेने कहा- प्लीज़,थोड़े से ही हैं! आप जल्दी समझा दोगे!
दीदी -ठीक है आजाओ
मै दीदी के साथ अन्दर आ गया! वो मुझे अपने बेडरूम में ही ले गयी, बोली चलो वँही पढ़ा दूंगी! मै उनके बेड पर बैठ गया और वो स्टूल ले कर मेरे पास बैठ गयीं! तब मै १५ साल का था पर सेक्स के बारे में कुछ भी नहीं जानता था! वो मुझे सवाल समझाने लगी! सवाल समझाते वक्त वो आगे झुकी तो उनके स्तन आगे निकल कर आ गए! तब मेने पहली बार किसी लड़की के स्तन इतनी नजदीक से देखे! मै कुछ समझा नहीं,पर देखने में अच्छे लग रहे थे! दीदी का गावुन आगे से खुला था जिसे उन्होंने लपेट रखा था! दीदी ने अपनी टांगे एक के उपर एक करी तो वो गावुन से बाहर निकल आई, एक दम मलाई की तरह गोरी, टांगे देख कर पलही बार मुझे कुछ अजीब सा लगा, कुछ अच्छा, सरीर में एक ठंडी हवा सी दोड़ गयीं!
मेरा मन अब पढाई में नहीं लग रहा था, दीदी के बदन को देखना अच्छा लग रहा था! मेरे लिंग में भी कुछ कुछ होने लगा था! पर दीदी इस बात से बे-खबर मुझे सवाल समझाने में लगी थी! एका-एक दीदी का ध्यान मेरी ओर गया
बोली - क्या कर रहे हो..? क्या पढाई में दिमाग नहीं लग रहा..? मेने अभी तुमसे कुछ पूंछा..?
वास्तविकता यह थी कि दीदी के गोरे बदन को देखने में मै इतना खो गया कि पता ही नहीं रहा कि दीदी मुझसे कुछ पूंछ रही है!
मै चोंक कर बोला - नहीं
दीदी - क्या नहीं..? कुछ नहीं खाना..? मै तो अभी नहा कर आई हूँ, मुझे भूंक लग रही है!
मै बोला- हाँ, भूंक तो मुझे भी लग रही है!
दीदी - तुम बैठो, मै अभी कुछ लाती हूँ!
दीदी रसोई में कुछ लेने चली गयीं, मेरा अब किसी काम मै मन नहीं लग रहा था, बस दीदी के मलाई से गोरे बदन को पूरा देखने कि इच्छा होने लगी! यह सोच कर मै भी उनके पीछे-पीछे चल दिया और रसोई के गेट पर खड़ा हो गया!
दीदी - कुछ चाहिए ..?
मै - हाँ, पानी पीना है.
दीदी - तो ले लो उस फ्रिज से!
मै फ्रिज से बोतल निकल कर पानी पीने लगा, पर मेरा ध्यान दीदी के ऊपर ही था! दीदी ने जेसे ही ऊपर की दराज़ से कुछ सामान निकला, हाथ ऊपर करने से उनका गावुन आगे से खुल गया, मेने देखा वो पूरी नंगी थी, केवल एक ब्लैक कलर की पेंटी पहन राखी थी! दीदी के पूरे गोरे बदन को देखते ही मेरे पूरे बदन में सिहरन सी दोड़ गयीं! मेने पहली बार यह नज़ारा देखा था, लगा अभी इस चाँद को पकड़कर अपनी बांहों में भर लूँ!
दोस्तों अभी वक्त की कमी है ....सो इस कहानी को यंही रोकता हूँ !
अगली बार आगे की पूरी बात बताऊंगा .....
सुधीर के मामा की शादी थी!वो अपने पापा-मम्मी के साथ ननिहाल चला गया! रेखा दीदी को कोलाज का कोई प्रोजेक्ट पूरा करना था सो वो रुक गयी,शादी में बाद में जाने के लिए! मुझे मेथ्स के कुछ सवाल समझ नहीं आ रहे थे, मेने सोचा क्यु नही रेखा दीदी से ही पूंछ लूँ ..?
उस दिन सन्डे था! मै सुबह करीब १० बजे उनके घर पहुच गया! मेने उनके घर की बेल बजाई, तो दरवाजा नहीं खुला! कई बार बेल बजाने पर दीदी ने दरवाजा खोला! बोली मै नहा रही थी! उन्होंने टॉवेल के कपडे का बना हुआ पिंक कलर का गावुन पहन रखा था! गावुन में वो पूरी तरह ढकी हुई थी!
दीदी बोली क्या हुआ ..?
मेने कहा दीदी कुछ सवाल समझ नहीं आ रहे है, आप समझा दोगे ..?
दीदी- पर अभी..?
मैंने बोला -प्लीज़
दीदी- पर...अभी मै अपना प्रोजेक्ट का काम करुँगी, कल समिट करना है!
मेने कहा- प्लीज़,थोड़े से ही हैं! आप जल्दी समझा दोगे!
दीदी -ठीक है आजाओ
मै दीदी के साथ अन्दर आ गया! वो मुझे अपने बेडरूम में ही ले गयी, बोली चलो वँही पढ़ा दूंगी! मै उनके बेड पर बैठ गया और वो स्टूल ले कर मेरे पास बैठ गयीं! तब मै १५ साल का था पर सेक्स के बारे में कुछ भी नहीं जानता था! वो मुझे सवाल समझाने लगी! सवाल समझाते वक्त वो आगे झुकी तो उनके स्तन आगे निकल कर आ गए! तब मेने पहली बार किसी लड़की के स्तन इतनी नजदीक से देखे! मै कुछ समझा नहीं,पर देखने में अच्छे लग रहे थे! दीदी का गावुन आगे से खुला था जिसे उन्होंने लपेट रखा था! दीदी ने अपनी टांगे एक के उपर एक करी तो वो गावुन से बाहर निकल आई, एक दम मलाई की तरह गोरी, टांगे देख कर पलही बार मुझे कुछ अजीब सा लगा, कुछ अच्छा, सरीर में एक ठंडी हवा सी दोड़ गयीं!
मेरा मन अब पढाई में नहीं लग रहा था, दीदी के बदन को देखना अच्छा लग रहा था! मेरे लिंग में भी कुछ कुछ होने लगा था! पर दीदी इस बात से बे-खबर मुझे सवाल समझाने में लगी थी! एका-एक दीदी का ध्यान मेरी ओर गया
बोली - क्या कर रहे हो..? क्या पढाई में दिमाग नहीं लग रहा..? मेने अभी तुमसे कुछ पूंछा..?
वास्तविकता यह थी कि दीदी के गोरे बदन को देखने में मै इतना खो गया कि पता ही नहीं रहा कि दीदी मुझसे कुछ पूंछ रही है!
मै चोंक कर बोला - नहीं
दीदी - क्या नहीं..? कुछ नहीं खाना..? मै तो अभी नहा कर आई हूँ, मुझे भूंक लग रही है!
मै बोला- हाँ, भूंक तो मुझे भी लग रही है!
दीदी - तुम बैठो, मै अभी कुछ लाती हूँ!
दीदी रसोई में कुछ लेने चली गयीं, मेरा अब किसी काम मै मन नहीं लग रहा था, बस दीदी के मलाई से गोरे बदन को पूरा देखने कि इच्छा होने लगी! यह सोच कर मै भी उनके पीछे-पीछे चल दिया और रसोई के गेट पर खड़ा हो गया!
दीदी - कुछ चाहिए ..?
मै - हाँ, पानी पीना है.
दीदी - तो ले लो उस फ्रिज से!
मै फ्रिज से बोतल निकल कर पानी पीने लगा, पर मेरा ध्यान दीदी के ऊपर ही था! दीदी ने जेसे ही ऊपर की दराज़ से कुछ सामान निकला, हाथ ऊपर करने से उनका गावुन आगे से खुल गया, मेने देखा वो पूरी नंगी थी, केवल एक ब्लैक कलर की पेंटी पहन राखी थी! दीदी के पूरे गोरे बदन को देखते ही मेरे पूरे बदन में सिहरन सी दोड़ गयीं! मेने पहली बार यह नज़ारा देखा था, लगा अभी इस चाँद को पकड़कर अपनी बांहों में भर लूँ!
दोस्तों अभी वक्त की कमी है ....सो इस कहानी को यंही रोकता हूँ !
अगली बार आगे की पूरी बात बताऊंगा .....
14年前