My nabour MEGHAA
यह बात उस समय की है जब हमारे पड़ोस में एक लड़की अपने मामा के यहाँ रहने आई। उसका नाम मेघा था। वो बारहवीं क्लास की स्टूडेंट थी। मेरी और उसके मामा की अच्छी दोस्ती थी। उसके मामा ने मुझसे मेघा को गणित पढाने का आग्रह किया……………
मेघा सांवले रग की सुन्दर लडकी थी, उसके स्तन एकदम सेब की तरह टाइट थे उसके कूल्हे बहुत ही मस्त थे, इकहरा बदन था उसका। मेघा को देखते ही मेरे पूरे शरीर मे सिहरन सी दोड गयी,सोचने लगा अगर ये लडकी एक बार मुझसे चिपक जाये तो मेरा जीवन सफ़ल हो जाएगा, मैने मेघा को पढाने के लिये तुरन्त हाँ कह दिया।
अगले दिन से वो अपनी बुक्स लेकर मेरे घर पर पढ्ने आने लगी। मेरी नजरें सिर्फ़ उसके कूल्हों पर ही रहती थी। उसके स्तन उसकी चोली को फाड़ कर बहर निकलने के लिये बेताब होते नजर आते थे। उसको पढाते समय मेरा ध्यान उसके बूब्स पर ही होता था। उसको देख कर मेरा मन उसको चोदने का करने लगा|
एक दिन पापा के दोस्त के लड्के की शादी में शामिल होने हमारे घर के सभी लोग गये थे।मै बहाना करके घर पर ही रुक गया। मैं अपने घर में बिलकुल अकेला था सो इंगलिश ब्लू मूवी देखने बैठ गया, मेघा पढने के लिये मेरे घर आयी तो चुपचाप आकर मेरे पीछे खड़ी हो गई मैंने उसे नहीं देखा, मूवी में चुदाई का सीन आ रहा था, लड़का अपना लंड लड़की की गांड में दे कर चुदाई का मजा लूट रहा था। मैं भी अपने मोटे लंड को हाथों में लेकर सहला रहा था, मेरा लौड़ा टाइट होता जा रहा था, अचानक पीछे रखे गिलास के लुढ़कने की आवाज आई, मैंने घूम कर देखा तो मेघा मेरे पीछे खड़ी मूवी को बड़े ध्यान से देख रही थी, उसकी आंखें बिल्कुल लाल हो रही थी। मैने तुरन्त अपने लण्ड को कच्छे मे छिपा लिया।
मैंने उसको अपने पास बैठने के लिये बोला, वो एकदम सकपका सी गई,
मैंने पूछा - तुम कब आई…?
मेघा - (झिझकते हुए बोली)……… जब हीरो हिरोइन को किस कर रहा था … … … तब !
मैं समझ गया, इसने पूरी चुदाई देखी है। मैने उसे अपने पास बिठा लिया। मैंने उसके हाथ को छुआ तो वो कांप सी रही थी, मेरे हाथ पकड़ने का उसने कोई विरोध नहीं किया। शायद फ़िल्म देखते - देखते वो भी उत्तेजित हो रही थी, मैं समझ गया कि आज तो जिंदगी का मजा लूटा जा सकता है। मेरा लौड़ा चोदने के लिये बेकरार हो रहा था, मेघा ने लाल रंग की गहरे गले की चोली पहन रखी थी, उसके स्तन ऊपर से बाहर झांक रहे थे, नीचे काले रग की स्कर्ट पहन रखी थी,उसकी मोटी और चिकनी जांघे साफ़ दिख रहीं थी। वो बहुत सेक्सी लग रही थी।
मैं उसके खाने के लिये फ़्रिज से स्वीट्स और नमकीन ले आया, और पास आकर बैठ गया। मैंने टीवी का चैनल नहीं बदला था। थोड़ी देर बाद फिर चुदाई का दृश्य आया तो मैं उसकी तरफ़ देखने लगा, उसकी आंखें सेक्स से भरी नजर आ रही थी।
हीरो ने जैसे ही अपना लण्ड बाहर निकाला तो मेघा के मुँह से उफ निकल गया। मेरा लौड़ा भी टाइट होता जा रहा था, मैंने उसके कंधे पर अपना हाथ रखा तो वो बिल्कुल मेरे करीब आ गई। मेरी हिम्मत और बढ़ गई, मैं अपने हाथ को धीरे-धीरे उसके बोबो के ऊपर ले गया और उनको सहलाने लगा। उसके मुँह से मीठी-मीठी आवाजें आने लगी। मैंने उसके कुरते को धीरे से ऊपर सरकाना शुरु कर दिया। नीचे उसने ब्रा भी नहीं पहन रखी थी। उसने कोई विरोध नही किया, वो मस्त होती जा रही थी।
मेघा- मुझे डर लग रहा है !
मैं- क्यों … … … जान?
मेघा- मैंने आज तक सेक्स नहीं किया है !
मैं - डरो मत … … मैं सिखा दूंगा।
मैंने स्कर्ट के ऊपर से ही उसकी चूत पर अपना हाथ रख दिया तो देखा कि उसकी चूत ने पानी छोड़ रखा था। मैं धीरे-धीरे उसकी चूत को सहलाने लगा। उसने मुझे बाहों में भर लिया। मैने उसके गालो पर चुम्मन की वर्शा कर दी, और हाथ से बोबे दबाने लगा। उसकी स्कर्ट के अन्दर हाथ डाल कर मैंने उसकी कच्छी को उतार दिया, वो शरमा गई।
मैंने अपने लंड को चड्डी से आजाद कर लिया। वो मेरे लंड को प्यासी नजरों से देखने लगी
बोली - यह तो बहुत मोटा है ?
मैं - रानी … यह तुझे जवानी के मजे देगा !
मेघा - अब मैं क्या करूं ?
मैं- जिस तरह फ़िल्म की हिरोइन कर रही थी, वैसे ही करो !
उसने मेरे लंड को अपने हाथों में ले लिया और हिलाने लगी, फिर धीरे से लौड़े को अपने मुँह में लेने लगी। मेरा लंड इतना मोटा हो गया था कि उसके मुँह में नहीं आ रहा था, वो उसे चाटने लगी। मेरा लंड बार-बार हिल रहा था। उसको लंड चाटने में मजा आ रहा था … … … … …
मेघा- यह इतना मस्त लग रहा है … … … … दिल कर रहा है कि इसको खा जाऊं !
मैं- जान…. अगर तो इसको खा जायेगी … … … … … मैं तुझे चोदूंगा कैसे … … … जवानी का मज़ा नहीं लेना क्या…… ?
मेघा - हा … हा … हा … हा
धीरे-धीरे मेघा ने लंड के टोपे को अपने मुँह में ले ही लिया और लॉलीपॉप की तरह चूसने लगी। मैं उसकी चूत में अपनी उंगली डालने के लिये चूत पर घुमाने लगा। उसकी चूत पर छोटे-छोटे बाल थे, उसकी चूत बिल्कुत उभरी हुई थी। मैं बहुत खुश था, आज तो कुंवारी चूत की सील तोड़ने का मौका मिल ही गया।
मैंने उसको बाहों में उठा लिया और बेडरूम में ले गया, उसको बड़े प्यार से बेड पर लिटा दिया। उसकी स्कर्ट को मैने एक झटके से खींच कर उतार दिया। क्या मस्त फ़िगर था … … एकदम चिकनी और मोटी - मोटी जांघे, लाल चूत, उसपर भूरे-भुरे बाल, क्या गजब ढा रही थी, उसके कूल्हे वास्तव में जैसे बाहर से दिखते थे उससे भी कहीं ज्यादा गोल और कसे थे। मै उसके ऊपर छा जाने को बेताब हो रहा था। मैने अपने ऊपर की बनियान हटा दी। अब मै बिल्कुल नंगा था।
मैंने कहा- अपनी टांगें चौड़ी कर ले !
उसने वैसा ही किया। मेघा की चूत का द्वार मुझे स्वर्ग का द्वार नजर आ रहा था। मेरा लौड़ा उसकी सील तोड़ने के लिये मस्त हो चला था।
मैंने अपने लंड को आगे किया और कुंवारी चूत से भिड़ाया, वो मस्ती से हिल पड़ी। मैं शॉट लगाने को बिल्कुल तैयार था, मैंने अपने लौड़े को उसकी चूत पर थोड़ा सा रगड कर अन्दर किया तो वो चिल्ला पड़ी…… हाय ! मेरी चूत फट जायेगी !
मैंने अपने लंड को हटा लिया, उस पर क्रीम लगाई, और वापस लौड़ा उसकी चूत में डालने लगा तो वो दर्द से तड़प उठी, अपने कूल्हों को हिलाने लगी
मैं - जान……बस एक बार थोड़ा सा दर्द होगा, फिर जिंदगी भर तुम लंड के मजे ले सकोगी
मेघा - बहुत दर्द हो रहा है…… !
मै - जान् … … … … बस एक बार की तकलीफ़् … … और जिन्दगी भ्रर का आराम……आओ मुझसे पुरी नंगी हो कर चिपक जाओ …
मैने उसकी लाल कुर्ती को हटा दिया, उसका फ़िगर किसी अप्सरा सा था, मै तो मदहोश हो गया।
मेघा ने मुझे अपनी बाहों में भर लिया, मै मेघा के शरीर के साथ खेलने लगा। मेरा लौड़ा आठ इंच का है, मैंने धीरे-धीरे लण्ड को चूत में डालना शुरू किया, दो धक्के मारने पर लंड का टोपा उसकी मस्त चूत में घुस गया। वो दर्द से तड़प उठी, दो मिनट के लिये मैं वैसे ही थोडा सा लण्ड अन्दर डाले लेटा रहा। मेघा ने अपनी चूत को जैसे ही थोड़ा ढीला किया, मैंने एक जोर का झटका मारा तो मेरा लंड उसकी चूत को फाड़ता हुआ पूरा अन्दर तक घुस गया।
मेघा बुरी तरह चिल्ला उठी - हाय … … मार डाला … … … फ़ट गयी मेरी … … . आ … आ … आ !
उसकी चूत से गरम-गरम खून की कुछ बुंदै निकलने लगी, मैं कुछ देर रुक गया। थोड़ी देर में उसने अपने कूल्हे हिलाने शुरू कर दिये, मैं समझ गया शायद अब दर्द कुछ कम हो रहा है। बस… फिर मैं अपने लंड को हिलाने लगा, उसकी चूत में मेरा लंड टकराने लगा। वो अपनी चूत को कस-कस कर लंड का स्वाद लेने लगी। मैं बीस मिनट तक उसकी चूत को अपने लंड से रगडता और चोदता रहा।
अब वो भी पूरे रंग मे आ रही थी, मेरा लंड टाइट चूत में टकरा - टकरा कर घायल हो गया। उसकी मस्त चूत ने पानी छोड़ना शुरू कर दिया, मेघा की चुदाई में मुझे बहुत मजा आ रहा था, मेरा लंड उसकी चूत को अपने गरम लावे से नहलाने को तैयार था। मेरे लंड की तेज पिचकारी ने उसकी चूत को पूरा भर दिया, उसने अपनी टांगें जब तक ढीली नहीं की जब तक मेरे वीर्य की आखिरी बूंद तक नहीं निकल गई। वो बहुत खुश नजर आ रही थी।
मेघा - (मेरे होंठों पर चूम कर)…… राजा…… आज तुमने मुझे लड़की होने का एहसास करा दिया ……
मैं - तेरी सील बहुत टाइट थी … जान् … पर मेरे इस लंड ने आखिर उसे फाड़ ही दिया।
मेघा - ये तुम्हारा लंड नहीं…… यह तो हथौड़ा है, दीवार में भी छेद कर दे……… यह तो मेरी कुंवारी चूत थी। … … क्या तुम आज एक बार और मुझे इस आनन्द का एहसास करा सकते हो … … ?
मै - क्यूँ नहीं … पर थोडी ताकत तो दिलाओ …
मेघा मेरे घर की रसोई में जाकर फ़्रिज़ से दूध ले आई, हम दोनों ने दूध पिया। मैं बाथरूम में जाकर अपने लंड को धो लाया, आज मैं बहुत खुश था। वापस आते ही मेघा ने मेरे लंड को अपने मुँह में ले लिया,
बोली- आज इसने बहुत मेहनत की है, देखो … कितना लाल हो गया है, और फ़िर मेरे लण्ड को लौली्पौप की तरह चूसने लगी ………
थोड़ी देर में मेरा लंड मेघा के मुह की गरमी से फिर चुदाई के लिये तैयार हो गया। इस बार मैंने मेघा को कुतिया बना कर चोदा।
वो आज बहुत ज्यादा खुश थी …..…
मेघा सांवले रग की सुन्दर लडकी थी, उसके स्तन एकदम सेब की तरह टाइट थे उसके कूल्हे बहुत ही मस्त थे, इकहरा बदन था उसका। मेघा को देखते ही मेरे पूरे शरीर मे सिहरन सी दोड गयी,सोचने लगा अगर ये लडकी एक बार मुझसे चिपक जाये तो मेरा जीवन सफ़ल हो जाएगा, मैने मेघा को पढाने के लिये तुरन्त हाँ कह दिया।
अगले दिन से वो अपनी बुक्स लेकर मेरे घर पर पढ्ने आने लगी। मेरी नजरें सिर्फ़ उसके कूल्हों पर ही रहती थी। उसके स्तन उसकी चोली को फाड़ कर बहर निकलने के लिये बेताब होते नजर आते थे। उसको पढाते समय मेरा ध्यान उसके बूब्स पर ही होता था। उसको देख कर मेरा मन उसको चोदने का करने लगा|
एक दिन पापा के दोस्त के लड्के की शादी में शामिल होने हमारे घर के सभी लोग गये थे।मै बहाना करके घर पर ही रुक गया। मैं अपने घर में बिलकुल अकेला था सो इंगलिश ब्लू मूवी देखने बैठ गया, मेघा पढने के लिये मेरे घर आयी तो चुपचाप आकर मेरे पीछे खड़ी हो गई मैंने उसे नहीं देखा, मूवी में चुदाई का सीन आ रहा था, लड़का अपना लंड लड़की की गांड में दे कर चुदाई का मजा लूट रहा था। मैं भी अपने मोटे लंड को हाथों में लेकर सहला रहा था, मेरा लौड़ा टाइट होता जा रहा था, अचानक पीछे रखे गिलास के लुढ़कने की आवाज आई, मैंने घूम कर देखा तो मेघा मेरे पीछे खड़ी मूवी को बड़े ध्यान से देख रही थी, उसकी आंखें बिल्कुल लाल हो रही थी। मैने तुरन्त अपने लण्ड को कच्छे मे छिपा लिया।
मैंने उसको अपने पास बैठने के लिये बोला, वो एकदम सकपका सी गई,
मैंने पूछा - तुम कब आई…?
मेघा - (झिझकते हुए बोली)……… जब हीरो हिरोइन को किस कर रहा था … … … तब !
मैं समझ गया, इसने पूरी चुदाई देखी है। मैने उसे अपने पास बिठा लिया। मैंने उसके हाथ को छुआ तो वो कांप सी रही थी, मेरे हाथ पकड़ने का उसने कोई विरोध नहीं किया। शायद फ़िल्म देखते - देखते वो भी उत्तेजित हो रही थी, मैं समझ गया कि आज तो जिंदगी का मजा लूटा जा सकता है। मेरा लौड़ा चोदने के लिये बेकरार हो रहा था, मेघा ने लाल रंग की गहरे गले की चोली पहन रखी थी, उसके स्तन ऊपर से बाहर झांक रहे थे, नीचे काले रग की स्कर्ट पहन रखी थी,उसकी मोटी और चिकनी जांघे साफ़ दिख रहीं थी। वो बहुत सेक्सी लग रही थी।
मैं उसके खाने के लिये फ़्रिज से स्वीट्स और नमकीन ले आया, और पास आकर बैठ गया। मैंने टीवी का चैनल नहीं बदला था। थोड़ी देर बाद फिर चुदाई का दृश्य आया तो मैं उसकी तरफ़ देखने लगा, उसकी आंखें सेक्स से भरी नजर आ रही थी।
हीरो ने जैसे ही अपना लण्ड बाहर निकाला तो मेघा के मुँह से उफ निकल गया। मेरा लौड़ा भी टाइट होता जा रहा था, मैंने उसके कंधे पर अपना हाथ रखा तो वो बिल्कुल मेरे करीब आ गई। मेरी हिम्मत और बढ़ गई, मैं अपने हाथ को धीरे-धीरे उसके बोबो के ऊपर ले गया और उनको सहलाने लगा। उसके मुँह से मीठी-मीठी आवाजें आने लगी। मैंने उसके कुरते को धीरे से ऊपर सरकाना शुरु कर दिया। नीचे उसने ब्रा भी नहीं पहन रखी थी। उसने कोई विरोध नही किया, वो मस्त होती जा रही थी।
मेघा- मुझे डर लग रहा है !
मैं- क्यों … … … जान?
मेघा- मैंने आज तक सेक्स नहीं किया है !
मैं - डरो मत … … मैं सिखा दूंगा।
मैंने स्कर्ट के ऊपर से ही उसकी चूत पर अपना हाथ रख दिया तो देखा कि उसकी चूत ने पानी छोड़ रखा था। मैं धीरे-धीरे उसकी चूत को सहलाने लगा। उसने मुझे बाहों में भर लिया। मैने उसके गालो पर चुम्मन की वर्शा कर दी, और हाथ से बोबे दबाने लगा। उसकी स्कर्ट के अन्दर हाथ डाल कर मैंने उसकी कच्छी को उतार दिया, वो शरमा गई।
मैंने अपने लंड को चड्डी से आजाद कर लिया। वो मेरे लंड को प्यासी नजरों से देखने लगी
बोली - यह तो बहुत मोटा है ?
मैं - रानी … यह तुझे जवानी के मजे देगा !
मेघा - अब मैं क्या करूं ?
मैं- जिस तरह फ़िल्म की हिरोइन कर रही थी, वैसे ही करो !
उसने मेरे लंड को अपने हाथों में ले लिया और हिलाने लगी, फिर धीरे से लौड़े को अपने मुँह में लेने लगी। मेरा लंड इतना मोटा हो गया था कि उसके मुँह में नहीं आ रहा था, वो उसे चाटने लगी। मेरा लंड बार-बार हिल रहा था। उसको लंड चाटने में मजा आ रहा था … … … … …
मेघा- यह इतना मस्त लग रहा है … … … … दिल कर रहा है कि इसको खा जाऊं !
मैं- जान…. अगर तो इसको खा जायेगी … … … … … मैं तुझे चोदूंगा कैसे … … … जवानी का मज़ा नहीं लेना क्या…… ?
मेघा - हा … हा … हा … हा
धीरे-धीरे मेघा ने लंड के टोपे को अपने मुँह में ले ही लिया और लॉलीपॉप की तरह चूसने लगी। मैं उसकी चूत में अपनी उंगली डालने के लिये चूत पर घुमाने लगा। उसकी चूत पर छोटे-छोटे बाल थे, उसकी चूत बिल्कुत उभरी हुई थी। मैं बहुत खुश था, आज तो कुंवारी चूत की सील तोड़ने का मौका मिल ही गया।
मैंने उसको बाहों में उठा लिया और बेडरूम में ले गया, उसको बड़े प्यार से बेड पर लिटा दिया। उसकी स्कर्ट को मैने एक झटके से खींच कर उतार दिया। क्या मस्त फ़िगर था … … एकदम चिकनी और मोटी - मोटी जांघे, लाल चूत, उसपर भूरे-भुरे बाल, क्या गजब ढा रही थी, उसके कूल्हे वास्तव में जैसे बाहर से दिखते थे उससे भी कहीं ज्यादा गोल और कसे थे। मै उसके ऊपर छा जाने को बेताब हो रहा था। मैने अपने ऊपर की बनियान हटा दी। अब मै बिल्कुल नंगा था।
मैंने कहा- अपनी टांगें चौड़ी कर ले !
उसने वैसा ही किया। मेघा की चूत का द्वार मुझे स्वर्ग का द्वार नजर आ रहा था। मेरा लौड़ा उसकी सील तोड़ने के लिये मस्त हो चला था।
मैंने अपने लंड को आगे किया और कुंवारी चूत से भिड़ाया, वो मस्ती से हिल पड़ी। मैं शॉट लगाने को बिल्कुल तैयार था, मैंने अपने लौड़े को उसकी चूत पर थोड़ा सा रगड कर अन्दर किया तो वो चिल्ला पड़ी…… हाय ! मेरी चूत फट जायेगी !
मैंने अपने लंड को हटा लिया, उस पर क्रीम लगाई, और वापस लौड़ा उसकी चूत में डालने लगा तो वो दर्द से तड़प उठी, अपने कूल्हों को हिलाने लगी
मैं - जान……बस एक बार थोड़ा सा दर्द होगा, फिर जिंदगी भर तुम लंड के मजे ले सकोगी
मेघा - बहुत दर्द हो रहा है…… !
मै - जान् … … … … बस एक बार की तकलीफ़् … … और जिन्दगी भ्रर का आराम……आओ मुझसे पुरी नंगी हो कर चिपक जाओ …
मैने उसकी लाल कुर्ती को हटा दिया, उसका फ़िगर किसी अप्सरा सा था, मै तो मदहोश हो गया।
मेघा ने मुझे अपनी बाहों में भर लिया, मै मेघा के शरीर के साथ खेलने लगा। मेरा लौड़ा आठ इंच का है, मैंने धीरे-धीरे लण्ड को चूत में डालना शुरू किया, दो धक्के मारने पर लंड का टोपा उसकी मस्त चूत में घुस गया। वो दर्द से तड़प उठी, दो मिनट के लिये मैं वैसे ही थोडा सा लण्ड अन्दर डाले लेटा रहा। मेघा ने अपनी चूत को जैसे ही थोड़ा ढीला किया, मैंने एक जोर का झटका मारा तो मेरा लंड उसकी चूत को फाड़ता हुआ पूरा अन्दर तक घुस गया।
मेघा बुरी तरह चिल्ला उठी - हाय … … मार डाला … … … फ़ट गयी मेरी … … . आ … आ … आ !
उसकी चूत से गरम-गरम खून की कुछ बुंदै निकलने लगी, मैं कुछ देर रुक गया। थोड़ी देर में उसने अपने कूल्हे हिलाने शुरू कर दिये, मैं समझ गया शायद अब दर्द कुछ कम हो रहा है। बस… फिर मैं अपने लंड को हिलाने लगा, उसकी चूत में मेरा लंड टकराने लगा। वो अपनी चूत को कस-कस कर लंड का स्वाद लेने लगी। मैं बीस मिनट तक उसकी चूत को अपने लंड से रगडता और चोदता रहा।
अब वो भी पूरे रंग मे आ रही थी, मेरा लंड टाइट चूत में टकरा - टकरा कर घायल हो गया। उसकी मस्त चूत ने पानी छोड़ना शुरू कर दिया, मेघा की चुदाई में मुझे बहुत मजा आ रहा था, मेरा लंड उसकी चूत को अपने गरम लावे से नहलाने को तैयार था। मेरे लंड की तेज पिचकारी ने उसकी चूत को पूरा भर दिया, उसने अपनी टांगें जब तक ढीली नहीं की जब तक मेरे वीर्य की आखिरी बूंद तक नहीं निकल गई। वो बहुत खुश नजर आ रही थी।
मेघा - (मेरे होंठों पर चूम कर)…… राजा…… आज तुमने मुझे लड़की होने का एहसास करा दिया ……
मैं - तेरी सील बहुत टाइट थी … जान् … पर मेरे इस लंड ने आखिर उसे फाड़ ही दिया।
मेघा - ये तुम्हारा लंड नहीं…… यह तो हथौड़ा है, दीवार में भी छेद कर दे……… यह तो मेरी कुंवारी चूत थी। … … क्या तुम आज एक बार और मुझे इस आनन्द का एहसास करा सकते हो … … ?
मै - क्यूँ नहीं … पर थोडी ताकत तो दिलाओ …
मेघा मेरे घर की रसोई में जाकर फ़्रिज़ से दूध ले आई, हम दोनों ने दूध पिया। मैं बाथरूम में जाकर अपने लंड को धो लाया, आज मैं बहुत खुश था। वापस आते ही मेघा ने मेरे लंड को अपने मुँह में ले लिया,
बोली- आज इसने बहुत मेहनत की है, देखो … कितना लाल हो गया है, और फ़िर मेरे लण्ड को लौली्पौप की तरह चूसने लगी ………
थोड़ी देर में मेरा लंड मेघा के मुह की गरमी से फिर चुदाई के लिये तैयार हो गया। इस बार मैंने मेघा को कुतिया बना कर चोदा।
वो आज बहुत ज्यादा खुश थी …..…
14年前