ए सी बस में कपल के साथ चुदाई
दोस्तों आपके सामने मैं एक बार फिर हाजिर हूँ अपनी एक सच्ची घटना और अनुभव के साथ । दोस्तों आपको मैं अपना परिचय एक बार फिर से दे देता हूँ मेरा नाम राजेश है मैं राजस्थान में भरतपुर में बयाना के पास का रहने वाला हूँ ।अभी मेरी उम्र 32 साल है ।कद काठी अच्छी है हाइट पाँच फुट और नौ इंच है वजन 68 किग्रा है और बॉडी स्लिम है ।और मस्त लण्ड के बारे में बता देता हूँ ,दोस्तों मेरे मस्त लण्ड मतलब मेरा लण्ड 7 इंच लम्बा और 2.8इंच मोटा है और मुझे चूत चाटने और चूसने का बहूत शौक है ,मैं चुदाई से पहले चूत को अच्छे से चाटता हूँ ,पर इसके लिये चूत एक दम क्लीन शेव और चिकनी और साफ सुथरी होनी चाहिए । मैं ज्यादातर कपल यानि की शादीशुदा लोगों के साथ ही मस्ती करता हूँ । पति के सामने उसकी बीवी को चोदना और उसकी चूत चाटना मुझे बहूत पसन्द है ,कपल में उम्र मेरे लिए कोई मायने नही रखती। अब आपको मैं मेरे जिस अनुभव के बारे में बताने जा रहा हूँ वो बात आज से सात साल पहले की है 2009 में मैं गुजरात गांधीनगर में एक प्राइवेट सिक्योरिटी में काम करता था।उस समय में प्राइवेट तरीके से जिगोलो सेवा भी देता था ,पर अब मैंने वो बन्द कर दी है अब मेरी सरकारी नौकरी है। मस्ती तो अब भी करता हूँ पर बस मस्ती के लिए पर जो कपल मस्ती के लिए बुलाता है सभी खर्चे वही करता है जैसे मेरे आने जाने का । उस समय मेरी आर्थिक हालत अच्छी नही थी तो मैं कभी कभी ऑनलाइन अपना न्यूड कैम शो करके भी पैसा कमाता था । ये बात अगस्त 2009 की है बरसात के दिन थे और मुझे राखी पर घर आना था तो मैं अहमदाबाद बस स्टैंड पर था स्लीपर बस के टिकट पता किया तो पता चला सभी बस फुल है राखी की वजह से रात 9 बजे की ए सी स्लीपर में एक सीट मिली मुश्किल से तो मैंने वो ले ली उसका किराया उस समय 600रुपये था जयपुर तक का । मैंने टिकट ले ली अभी 7.30बजे थे तो मैं वहीं बस का इंतज़ार करने लगा ,धीरे धीरे लोग आने लगे ,मैं अपना नेट चलाने लगा और फेसबुक पर दोस्तों से चैट करने लगा आठ बज गये थे ,मेरा एक कपल दोस्त ऑनलाइन हुआ जिस से मैंने पिछले शनिवार को ही कैम ब्रॉडकास्ट करते समय फोन सेक्स और कैम सेक्स किया था पर उन लोगों ने अपना चेहरा नही दिखाया पर बॉडी फिगर से वो लोग जवान थे उन लोगों ने अपनी उम्र 28 आदमी की और 22 औरत की बताई थी और उनकी शादी को अभी एक साल ही हुआ था उन लोगों ने अपना नाम रोहन(काल्पनिक) और रश्मि(काल्पनिक) बताया था । वो दोनों एक एम एन सी कंपनी में काम करते थे दोनो शनिवार मतलब वीक एन्ड पर ही फ्री होते थे और मस्ती करते थे , उन कपल ने मुझे गुड इवनिंग मेसेज दिया तो मैंने भी गुड़ इवनिंग लिखा ।अब आपको हमारी चैट सुनाता हूँ। रोहन से मेरी चैटिंग हुई जो निम्न प्रकार है।
रोहन: हेलो राजेश,कैसे हो?"
राजेश: मस्त हूँ यार रोहन तुम सुनाओ तुम लोग कैसे हो?"
रोहन: हम भी मस्त है ,घर जा रहे हैं दिल्ली ,तुम सुनाओ तुम क्या कर रहे हो?"
राजेश: मैं भी यार राखी पर घर जा रहा हूँ , अभी जयपुर की स्लीपर बस का ही इंतज़ार कर रहा हूँ ।"
रोहन: यार राजेश हम भी जयपुर होकर ही दिल्ली जा रहे है।और हम भी बस का ही इंतज़ार कर रहे हैं, काश! आप हमारे साथ हमारी बस में चलते तो मजा आ जाता, वैसे एक बात कहूँ, रश्मि डार्लिंग को तेरा मस्त लण्ड बहूत पसन्द है , वो कहती है कि दिल करता है सारे दिन और रात मस्त लण्ड को चूसती और चुदवाती रहूं ।"
राजेश: यार बड़ी मुश्किल से ए सी स्लीपर में सीट मिली है ।
रोहन: कितने बजे जायेगी तुम्हारी बस?"
राजेश: नौ बजे।और आपकी बस कितने बजे की है?
रोहन: नौ बजे की ही है ,क्या हम लोग मिल सकते है?
राजेश: हाँ मिल सकते है (और राजेश ने ट्रेवल एजेंसी का नाम उनको बता दिया )
रोहन: यार हम भी इसी बस से जा रहे हैं और हमारा स्लीपर बी2 है ।अभी तुम कहाँ हो?
राजेश: मैं तो बाहर ही बैठा बस का इंतज़ार कर रहा हूँ।
रोहन: यार तुमको बाहर रंगीला भटूरे वाले नाम का ठेला दिखाई दे रहा है हम वहीं आ रहे हैं वहीं कोल्ड ड्रिंक पियेंगे।
राजेश: ठीक है मैं भी आ रहा हूँ।
फिर मैं उस ठेले के पास पहुंच गया ।दो मिनट बाद एक जवान कपल आया उसने ठेले वाले से तीन पेप्सी की बोतल ली और मेरे पास आकर बोला," आप राजेश ही है ना । " तो मैंने जवाब दिया हाँ ,आप ? तो उसने बताया मैं रोहन हूँ जिस से अभी आपकी फेसबुक पर चैट हो रही थी और ये मेरी वाइफ रश्मि। तो रश्मि ने मुझे हाथ जोड़कर नमस्ते कहा तो मैंने भी हाथ जोड़कर नमस्ते किया। रोहन बोला उधर कुर्सी पर बैठ कर बातें करते हैं उसने एक कोने में रखी चार कुर्सियों की तरफ इशारा किया ।हम जाकर कुर्सियों पर बैठ गए ।सबसे बायें रोहन फिर रश्मि और फिर मैं यानि की राजेश। मैं आप लोगों को रोहन और रश्मि की उम्र के बारे में बता दिया अब उनके कद काठी के बारे में बता दूं ।रोहन की हाइट मेरे बराबर थी और बॉडी भी मेरे जैसी ही थी और रोहन ने नीली धारीदार शर्ट और डार्क ब्लू जीन्स पहनी थी । रश्मि की हाइट करीब 5.5फुट होगी ।और उसका फिगर था 34-32-36 । रश्मि ने सूट सलवार पहना था और हल्का मेक अप भी किया हुआ था ।
रोहन: यार हम जैसे ही यहां आये तो रश्मि डारलिंग को तुम दिखाई दिए थे ,हम दोनों ने तुमको कैम पर देखा था इसलिए ये तुझे पहचान गयी ,वैसे भी ये तुमको कैम पर न्यूड देख कर बहूत उत्तेजित हो जाती है ।
रश्मि: आप भी ना क्या बकते रहते हो , जगह भी नही देखते।
रोहन: यार राजेश मैं झूँठ नही बोल रहा पर ये तुम्हारे मस्त लण्ड की बड़ी फैन है । पिछले शनिवार को ही तो कैम देखा था उस दिन मेरी जान बहूत जोश मे थी और माँ कसम कहने लगी की यदि राजेश यहां होता तो उसको सारी रात सोने नही देती ।पूरी रात खूब (धीरे से) चुदवाती।
रश्मि: कभी तो शर्म कर लिया करो हर जगह बेशर्मी अच्छी नही लगती।
रोहन: अच्छा एक बात बताओ तुमने कैसे पहचान लिया राजेश को मैंने तो पहचाना नही मैंने भी तो कैम पर देखा था।
राजेश: यार छोड़ो ये सब , और सुनाओ फिर कैसा लगा तुमको मेरा कैम शो ।
रोहन: वो इतना मस्त था कि आज रश्मि डार्लिंग का बस में लाइव शो देखने का इरादा है।
राजेश: वो तो ठीक है पर मेरा स्लीपर नही है सीट है तो कैसे ?
रोहन : यार उसका तरीका है मेरे पास ,आप और रश्मि दोनों बस के स्लीपर में पति पत्नि बन कर जाना और आपकी सीट पर मै बैठ जाऊंगा ,बस तुम मेरी डार्लिंग को खुश कर देना और तुम अपनी टिकट मुझे दे दो और हमारी टिकट डारलिंग के वैनिटी बैग में है।
राजेश: वो तो ठीक है पर रश्मि जी अभी इतना शर्मा रही है तो फिर कैसे वो पूरा आनंद ले पाएंगी इस खेल में तो दोनों पक्षो को पूरा बेशर्म होना पड़ेगा तभी तो पूरा मजा आएगा दोनों को।
मैंने अपनी टिकट रोहन को दी इतने में बस आ गयी तो मैंने अपना बैग उठाया और मैं और रश्मि दोनों स्लीपर में चढ़ गए इस बस के स्लीपर में प्लाईवुड का दरवाजा था वैसे आमतौर पर बस के स्लीपर में पर्दे ही लगे होते है प्राइवेसी के लिए पर इस स्लीपर में प्राइवेसी की अच्छी सुविधा है और रोहन मेरी सीट पर बैठ गया ।थोड़ी देर में कंडक्टर आकर टिकट चेक करके चला गया और हमने स्लीपर की खिड़की बन्द करके पर्दे लगा दिए । मैं और रश्मि आमने सामने बैठ गए रश्मि धीरे से बोली," तुम कैम शो में मस्त सेक्सी लगते हो और आपका मस्त लण्ड तो जबरदस्त लगता है।" और रश्मि ने अपना पैर मेरे पैरों के बीच में रखा और मेरे लण्ड को पैर से पैंट के ऊपर से सहलाने लगी । मेरा पैर भी अब रश्मि की चूत के पास था तो मैंने अपने अगूंठे से रश्मि की चूत को सलवार के ऊपर से सहलाने लगा। और एक दूसरे को देख के मुसकुराने लगे। मैं मुस्कुराते हुए बोला," रश्मि जी यदि आप चाहो तो जो आपने कैम शो में देखा वो आप रियल में भी देख सकती है ।" रश्मि बोली," नेकी और पूछ पूछ ,दिखाओ न यार ,राजेश ये तुम मुझे रश्मि जी कहना बन्द करो तुम मुझे या तो रश्मि डारलिंग कह सकते हो या सिर्फ रश्मि या डार्लिंग।" और इतना सुनते ही मैंने अपने पैंट का हुक खोला तो रश्मि ने अपने पैर के अंगूठे और ऊँगली से ज़िप पकड़ के नीचे खींच दी ।और मैंने अपने कूल्हे उठा कर पैंट घुटने तक उतार दी । तो रश्मि ने अपने हाथों से पेंट पकड़ कर पूरी उतार दी ।अब मैं जॉकी में था तो रश्मि अपने पैर से मस्त लण्ड को जॉकी के ऊपर से सहलाते हुए बोली," यार इसको भी उतारो ना।" तो मैं बोला," अब आपका काम है डार्लिंग आगे का ।" तो रश्मि मुस्कुराते हुए अपने पैर के अंगूठे और ऊँगली को जॉकी की इलास्टिक में फंसा के नीचे खींचने लगी तो मस्त लण्ड के खड़े होने की वजह से नीचे नही कर पाई। तो रश्मि थोड़ी आगे खिसकी और अपने हाथों से मेरी जॉकी नीचे की मैंने कूल्हे उठाये और उसने मेरी जॉकी निकाल कर अलग रख दी और अपने पैर के अंगूठे से लण्ड को सहलाने लगी। मैं भी रश्मि की चुंचियों को सूट के ऊपर से सहलाकर बोला," डारलिंग तुम भी कैम शो में बिना कपड़ों के थी तो आज .."रश्मि मेरे लण्ड को सहलाते हुए बोली जब मैंने मस्त लण्ड को नँगा कर लिया तो तुम भी कर लो " तो मैंने रश्मि को मेरी तरफ खींचते हुए उसके सूट को उतार दिया और उसकी 34 इंच की बड़ी चुंचियों पर कसी हुई जालीदार काली ब्रा भी खोल दी। और फिर सलवार भी उतार दी और साथ ही काली जालीदार पैंटी । जैसे ही मैंने पैंटी उतार कर सूंघी तो रश्मि की चूत की खुश्बू आ रही थी और रश्मि की चूत के रस उसकी पैंटी भीगी हुई थी ,जिसे मैंने सेक्सी अंदाज में आँख मारते हुए रश्मि को दिखाते हुए चाट ली ।तो रश्मि ने मस्त लण्ड को अपने दोनों हाथों में लेके सहलाते हुए बोली," पैंटी से रस चाट रहे हो सीधे रस की कटोरी के मुँह लगा लो।" इतना सुनते ही मैंने रश्मि को पीछे की तरफ धकेल कर उसकी चिकनी साफ सुथरी बिना बालो वाली चूत पर मुँह टिका दिया तो रश्मि के मुँह से सिसकारी निकल गई मैंने अपनी जीभ की नोक से रश्मि की चूत के दाने को सहलाने लगा। और फिर धीरे धीरे जीभ से चूत के बाहरी लिप्स को चाटने लगा ।और रश्मि ने मेरे सिर के बालों में ऊँगली फिराना शुरू किया और मजे लेते हुए सिसकारी भरते हुए धीरे धीरे बोलने लगी," आहह..सी.सी..सी....राजेश बहूत मस्त चाट रहे हो ह्म्म्म....आहह...हाँ थोड़ा ऊपर की तरफ भी चाटो । ओह्ह...बहूत मजा आ रहा है ह्म्म्म....तुम मस्त चाटते हो ओह्ह.सी..सी.... हाँ मेरी कमीनी चूत के किनारों को ऐसे ही चूसो ओह्ह....आहह...ऐसा लग रहा है जैसे मैं उड़ रही हूँ आहह...चाटते रहो...।" और अपनी कमर को ऊपर उठा कर मेरे मुह पर रगड़ते हुए अपने हाथ से मेरे सिर को अपनी चूत पर दबाने लगी।और मैं अब रश्मि की चूत के किनारों को चूसते हुए उसकी चूत के दाने को भी मुँह में लेके चूसने लगा ।तो रश्मि की आहों की स्पीड बढ़ गयी। और फिर दस मिनट बाद रश्मि ने अपनी कमर को मेरे मुँह पर जोर से रगड़ते हुए बड़बड़ाने लगी," आहह....चाटो और जोर से चूसो आहह...ओह्ह...मेरी चूत साली कमीनी चूत को चूस जाओ खा जाओ आहह...मैं झड़ी ओह्ह.. मेरी चूत झड़ी।" और रश्मि ने अपने दोनों हाथों से मेरे सिर को पकड़ कर अपनी चूत पर जोर से रगड़ते हुए झड़ गई और अपनी चूत का कसैला सा नमकीन रस मुझे पिला दिया और एक दम शिथिल पड़ गई। मैंने उसकी चूत को चाट चाट कर साफ़ किया ।फिर जब मैं चूत को साफ़ करके बैठा और उसकी तरफ देखा तो मेरी तरफ मुस्कुराते हुए बोली," डार्लिंग कसम से मजा आ गया क्या चूत चाटते हो अंग अंग में मस्ती भर देते हो ।तो मैं अपने होठों पर जीभ फिराते हुए बोला," सच में रश्मि तेरी चूत बड़ी रसीली है मजा आ गया चाट के ।" अचानक बस रुकी तो देखा की चिलोड़ा बस स्टैण्ड आ गया है मैंने रश्मि से पूछा ," कुछ लेना है क्या "तो रश्मि मुस्कुराते हुए बोली, "मस्त लण्ड लेना है तेरा " फिर रश्मि ने मेरे मस्त लण्ड को देखा जो अब उसको सलामी दे रहा था ।तो मैंने रश्मि को अपने लण्ड की तरफ देखने पर कहा," ये आपसे विनती कर रहा है कि प्लीज मुझे भी अपने प्यारे और नाजुक मुख से प्यार करो।" तो रश्मि बोली," आजा मेरे योगी राजा मैं तुझे प्यार करती हूँ " और ये कहते हुए उसने अपने घुटनों पर बैठ कर झुकते हुए लण्ड को किस किया और फिर जीभ से चाटा और अपने हाथ से पकड़ कर लण्ड के टोपा को चाटने लगी ।मैंने उसकी झूलती हुई चुंचियों को दोनों हाथों से पहले सहलाया और फिर धीरे धीरे मसलने और दबाने लगा ।तो रश्मि भी मेरे लण्ड को मुँह में लेके कुल्फी की तरह चूसने लगी।अब मैंने एक हाथ से उसकी चुंची दबाते हुए दूसरे हाथ से उसके कूल्हों और गान्ड को सहलाने लगा और अपने घुटनों पर खड़ा होकर रश्मि के मुँह को चोदने लगा और फिर दोनों चुंचियों को जोर से दबाने लगा तो रश्मि भी मेरे लण्ड को डीप थ्रोट मतलब लण्ड को गले तक लेके चूसने लगी जिस से लण्ड पर रश्मि का थूक लिथड़ गया और जैसे ही रश्मि लण्ड को मुँह से बाहर निकालती थूक लण्ड से टपकने लगता ।फिर मैं रश्मि की चुंचियों को सहलाते हुए बोला," डारलिंग मेरा दिल फिर से तेरी रसीली चूत चूसने का हो रहा है ,हम दोनों 69 में हो जाते है जिस से तुम मेरा लण्ड चूसना और मैं तेरी चूत। फिर मैं लेट गया और रश्मि मेरे मुँह पर चूत टिका कर झुक गई और लण्ड को चूसने लगी।मैं सीट से पीठ लगा कर अधलेटा ही हुआ था जिस से रश्मि घुटनो पर ही झुकी हुई थी और उसकी गान्ड मेरी तरफ उठी हुई थी मैंने दोनो हाथो से उसकी गान्ड को सहलाते हुए चूत चाटने लगा ।तो मुझे सामने रश्मि की गान्ड का भूरा छेद दिखाई दिया मैंने उस पर ठेर सारा थूका और अपने हाथ की बड़ी ऊँगली को उसमे धीरे धीरे घुसाते हुए उसकी चूत चाटने लगा ।रश्मि ने ऊँगली का स्पर्श अपनी गान्ड के छेद पर पाकर गान्ड हल्की सी ढीली की और ऊँगली अंदर चली गई अब मैं उसकी गान्ड में ऊँगली करते हुए चूत चाटने लगा तो रश्मि भी गान्ड को मुँह पर हिला हिला कर लण्ड चूस रही थी फिर मैंने एक अँगूठा उसकी चूत में घुसा दिया और अब अगूंठा और ऊँगली को आपस में अंदर रगड़ते हुए अंदर बाहर करते हुए चूत चाटने लगा तो रश्मि को काफी मजा आने लगा और अब वो मेरे लण्ड को जोर से चूसते हुए उँहः आहह..करते हुए अपनी गान्ड भी हिलाने लगी और फिर अचानक उसने अपनी गान्ड मेरे मुँह से हटाई और मेरी तरफ मुड़ कर अपने वैनिटी बैग से स्ट्राबेरी फ्लेवर का मूड डॉटेड कंडोम पैकेट निकाला और फाड़ा और कंडोम निकाल कर लण्ड पर चढ़ाया और फिर मेरे लण्ड पर बैठते हुए और हाथ से लण्ड को चूत पर सेट करके लण्ड को चूत में लेके मेरे गले में बाहें डालकर मेरे होठो को चूसते हुए बोली," अब मेरी इस कमीनी चूत से रहा नही जा रहा ,अब मैं तेरे लण्ड को चोदे बिना नही छोडूंगी।और मेरे होंठों को चूसते हुए मेरे लण्ड पर उछलने लगी कि अचानक बस ने ब्रेक मारा और लण्ड रश्मि की चूत में पूरा बैठ गया और रश्मि की चुंचियाँ मेरे सीने से दब गई। देखा तो हिम्मतनगर आ गया था। मैंने रश्मि को थोड़ी देर रुकने को कहा कि बस चलने दो तो रश्मि मेरे ऊपर ही लेट गयी और मैं भी सीधा लेट गयाऔर रश्मि की चुंचियाँ मेरे सीने पर दब रही थी और रश्मि मुझ से लिपट कर मेरे होंठो को चूस रही थी । इतने में रोहन का फोन आया रश्मि के मोबाइल पर रश्मि ने उठाया और धीरे से बोली हेलो डार्लिंग तो उधर से रोहन ने पूछा क्या चल रहा है तो रश्मि मुस्कुराते हुए बोली," आहह..सी..सी...मस्त लण्ड की सवारी हो रही है । " रोहन बोला," कैसा है मस्त लण्ड ?" रश्मि बोली," आहह... कसम से बहूत टाइट है बड़ा मजा आ रहा है तुम भी आ जाओ।" रोहन बोला," ठीक है खिड़की खोलो।" रश्मि बोली," यार हम दोनों नँगे है " रोहन बोला," कुछ कपड़ा डाल लो और साइड में हो जाओ और खोलो मैं आता हूँ।" रश्मि मेरे बोली," रोहन आ रहा है कैसे खोले खिड़की?" राजेश," मेरे बैग में एक चददर रखी है मैं चददर निकाली और हम दोनों के ऊपर डाल ली ..।" वैसे खिड़की की तरफ हमारे पैर थे तो खिड़की खोल दी पर हम दोनों उसी पोजीशन में लेटे रहे। रोहन अंदर आ गया और खिड़की बन्द करके सिटकनी लगा दी । रोहन ने हम दोनों पर से चददर खींच ली तो रश्मि मेरे लण्ड पे सवार थी। रोहन ने अपनी ज़िप खोली और लण्ड निकालकर हिलाते हुए बोला ," डार्लिंग रुक क्यों गयी ,हो जाओ शुरू तुम लोगों की लाइव चुदाई देखने आया हूँ। जैसे ही बस हिम्मतनगर से चली तो रश्मि की मस्त लण्ड की सवारी शुरू हुई। रोहन भी मेरी बगल में आकर लेट गया और मेरे साथ रश्मि की चुंचियों को दबाने लगा ।और रोहन ने भी अपनी पैंट और अंडरवियर उतार दी ।और रश्मि ने रोहन के लण्ड को हाथ से हिलाते हुए मेरे लण्ड पर उछल उछल के चुदवाने लगी।मैं रश्मि की चुंचियों को चूसते हुए उसकी गान्ड को दोनों हाथों से पकड़ते हुए उसे चुदवाने में मदद कर रहा था ।रोहन अब घुटनों के बल बैठ गया और रश्मि के मुँह को अपने लण्ड पर टिका कर बोला," जाने मन मस्त लण्ड की सवारी करते हुए मेरे लण्ड की चुसाई का आनन्द लो।" तो रश्मि मस्त लण्ड की सवारी करते हुए रोहन के लण्ड को चूसने लगी और मैं और रोहन दोनों उसकी चुंचियों से खेलने लगे।
रोहन: यार देखा मेरी चुदक्कड़ बीवी को कैसे लण्ड चूसते हुए चुदवा रही है ,मैं कह रहा था कि मेरी बीवी बेड पर धमाल मचा देती है बेड पे पूरी बेशर्म होकर चुदाई का मजा लेती है मेरी ये सेक्सी डार्लिंग।
राजेश: हाँ यार मुझे तो पहले लगा की ये इतना शर्मा रही है तो कैसे चुदाई का खुल के मजा लेगी पर सच में ये बेड में पूरी रंडी बन जाती है
रश्मि मेरे लण्ड पे उछलते हुए और रोहन का लण्ड चूसते हुए मेरी तरफ नजर उठा कर मुस्कुराने लगी ।अब मैंने रश्मि की गान्ड को दोनों हाथों से पकड़ कर लण्ड से नीचे से ही जोरदार स्पीड में चोदने लगा।और उधर रोहन ने रश्मि के सिर को पकड़ कर उसके मुंह को चोदना शुरू किया ।रश्मि के मुह से गूँ गूँ गूँ... की आवाज ही आ रही थी और उसकी चूत चुदाई के मजे से गीली हो गई जिस से चूत से फच फच फच....की आवाज आ रही थी ।मेरी जोरदार चुदाई से शायद रश्मि झड़ने के कगार पर पहुंच गई थी और शायद झड़ने लगी क्योंकि रश्मि का जिस्म अकड़ने लगा और लण्ड पर चूत रस की फुहार महसूस हुई ।अब मेरा लण्ड भी उत्तेजना से फटने लगा तो मेरी चुदाई की स्पीड बढ़ गयी उधर रोहन ने रश्मि के मुँह में ही पिचकारी छोड़ना शुरू कर दिया और झड़ गया । जिसे रश्मि ने बाद में अपने रुमाल में उगल दिया और रोहन के रुमाल से मुँह पोंछते हुए बोली," राजेश डारलिंग मुझे वीर्य पीना अच्छा नही लगता पर अपनी चुंचियों पर गिराना अच्छा लगता है जब तुम झड़ने को हो तो लण्ड निकाल लेना और मेरी चुंचियों को नहला देना । " मैंने थोड़ी देर बाद रश्मि को ऊपर से हटाया और मैं घुटनो के बल बैठ गया और रश्मि मेरे लण्ड के नीचे लेट गयी और मेरे आंडो को चाटने लगी और एक हाथ से लण्ड की मुठ मारने लगीऔर मैंने रश्मि के दोनों बूब्स को मिला कर उसके बूब्स को चोदने लगा तो रश्मि ने मुठ मारना बन्द कर दिया दो मिनट में ही मेरे लण्ड ने रश्मि की चुंचियों में पिचकारी मारनी शुरू की जिस से कुछ वीर्य रश्मि की नाभि में भी भर गया। और मैं साइड में बैठ गया रोहन ने रश्मि की चुंचियों की मेरे वीर्य से मालिश की । डूंगरपुर आ गया था ।रात के 1 बज गए थे बस एक ढाबे पर रुकी खाने के लिए तो रोहन बोला ,चलो यार खाना खा लेते है हल्का सा फिर मैं नीचे सीट पर आराम करूँगा ।तुम चाहो तो चुदाई का मजा लेना ।" रश्मि बोली," ठीक है राजेश खाने के बाद अगले राउंड करेंगे ,चलो अब कुछ खा लेते हैं चुदाई के बाद वैसे भी भूख बहूत लगती है ।" और हम दोनों को किस किया ।उधर बाहर कन्डक्टर भी लोगों से कह रहा था कि बस आधा घण्टा रुकेगी जिसे खाना खाना है खा सकता है । हम लोगों ने कपड़े पहने और पहले रोहन नीचे उतरा और रश्मि ने मुझे एक बार फिर किस किया और मस्त लण्ड को पकड़ कर धन्यवाद बोला और कहा कि अगली चुदाई के लिए तैयार हो जाओ ।और नीचे उतर गई सबसे आखिर में मैं उतरा तो रोहन ने एक कोने की टेबल पर बैठ गया और खाना भी ऑर्डर कर दिया । हहमने खाना खाया और पानी की दो बिसलेरी की बोतल ली और बिल रोहन ने भरा और रोहन रश्मि से बोला," तुम चलो हम आ रहे है ।" रश्मि बोली," मुझे पेशाब करना है " तो मैं और रोहन उसको लेडीज टॉयलेट ले गए रश्मि टॉयलेट मे घुस गई हम दोनों बाहर थे तो रोहन ने मुझे 6000रुपये दिए और बोला ,यार सच में बड़ा मस्त लण्ड है तेरा और चोदता भी मस्त है सुबह तक रश्मि की इतनी चुदाई कर की जयपुर से दिल्ली तक तक के सोती ही जाये।" मैंने रुपये पॉकेट में रख लिए इतने में रश्मि टॉयलेट से बाहर आ गयी और हम बस में आ गए रोहन मेरी सीट पर बैठ गया और मैं और रश्मि स्लीपर में चढ़ गए। बस में चढ़ते ही रश्मि ऑफ मैं दोनों नँगे हो गए और फिर से एक दूसरे से चिपक गये और फिर 69 में आ गए और फिर मैंने रश्मि को घोड़ी बना कर चोदना शुरू कर दिया और फिर हमने जयपुर तक तीन बार चुदाई की जिसमे दो बार रात में और एक बार सुबह 7 बजे। सवा नौ बजे हम लोग जयपुर पहुंचे । रश्मि ने लास्ट में किस करके धीरे से कान में बोला," तेरा ये मस्त लण्ड है बहूत दमदार मजा आ गया वैसे तुम्हारे मस्त लण्ड का नाम नारी सेवक होना चाहिए ।" मैं बोला," इसका नाम मस्त लण्ड भी आपकी जैसी एक छमिया ने रखा है अब बार बार नाम नही बदलना है वैसे नारी सेवक तो ये है हु आपकी भी तो सेवा की है ।" फिर रोहन और रश्मि ने मुझे साथ में दिल्ली चलने को कहा और बोले की दो दिन हम लोगो के साथ रुकना फुल मस्ती करेंगे और तुम्हारा चार्ज भी देंगे ।पर अगले दिन राखी थी इस वजह से मैंने जाने से इंकार कर दिया तो उन लोगो ने मुझे फिर मिलने का वादा किया और वो लोग दिल्ली चले गए और मैं बयाना अपने घर आ गया ।उसके बाद उन लोगों से एक बार दिल्ली में ही मिला उनके बुलाने पर ।उस घटना के बारे में मैं आपको फिर बताऊंगा ।आपको मेरा अनुभव या कहानी कैसी लगी जरूर लिखना और जो कपल मेरे साथ मस्ती करना चाहें वो भी लिखे उम्र मेरे लिए कोई मायने नही रखती पर आपको मेरे आने जाने और रहने का बंदोबस्त करना होगा और मेरी प्राइवेसी सुरक्षित रखनी होगी । मेरे सभी पाठक पाठिकाओं को मेरा दुआ सलाम , कहानी में हुई किसी भी लेखन त्रुटि के लिए मुझे क्षमा करना और आप मुझसे फेसबुक पर भी जुड़ सकते हो और मुझे मेल कर सकते हो मेरा इ मेल आई डी है rajedhbull30@gmail.com, rajeshbull30@gmai.com
रोहन: हेलो राजेश,कैसे हो?"
राजेश: मस्त हूँ यार रोहन तुम सुनाओ तुम लोग कैसे हो?"
रोहन: हम भी मस्त है ,घर जा रहे हैं दिल्ली ,तुम सुनाओ तुम क्या कर रहे हो?"
राजेश: मैं भी यार राखी पर घर जा रहा हूँ , अभी जयपुर की स्लीपर बस का ही इंतज़ार कर रहा हूँ ।"
रोहन: यार राजेश हम भी जयपुर होकर ही दिल्ली जा रहे है।और हम भी बस का ही इंतज़ार कर रहे हैं, काश! आप हमारे साथ हमारी बस में चलते तो मजा आ जाता, वैसे एक बात कहूँ, रश्मि डार्लिंग को तेरा मस्त लण्ड बहूत पसन्द है , वो कहती है कि दिल करता है सारे दिन और रात मस्त लण्ड को चूसती और चुदवाती रहूं ।"
राजेश: यार बड़ी मुश्किल से ए सी स्लीपर में सीट मिली है ।
रोहन: कितने बजे जायेगी तुम्हारी बस?"
राजेश: नौ बजे।और आपकी बस कितने बजे की है?
रोहन: नौ बजे की ही है ,क्या हम लोग मिल सकते है?
राजेश: हाँ मिल सकते है (और राजेश ने ट्रेवल एजेंसी का नाम उनको बता दिया )
रोहन: यार हम भी इसी बस से जा रहे हैं और हमारा स्लीपर बी2 है ।अभी तुम कहाँ हो?
राजेश: मैं तो बाहर ही बैठा बस का इंतज़ार कर रहा हूँ।
रोहन: यार तुमको बाहर रंगीला भटूरे वाले नाम का ठेला दिखाई दे रहा है हम वहीं आ रहे हैं वहीं कोल्ड ड्रिंक पियेंगे।
राजेश: ठीक है मैं भी आ रहा हूँ।
फिर मैं उस ठेले के पास पहुंच गया ।दो मिनट बाद एक जवान कपल आया उसने ठेले वाले से तीन पेप्सी की बोतल ली और मेरे पास आकर बोला," आप राजेश ही है ना । " तो मैंने जवाब दिया हाँ ,आप ? तो उसने बताया मैं रोहन हूँ जिस से अभी आपकी फेसबुक पर चैट हो रही थी और ये मेरी वाइफ रश्मि। तो रश्मि ने मुझे हाथ जोड़कर नमस्ते कहा तो मैंने भी हाथ जोड़कर नमस्ते किया। रोहन बोला उधर कुर्सी पर बैठ कर बातें करते हैं उसने एक कोने में रखी चार कुर्सियों की तरफ इशारा किया ।हम जाकर कुर्सियों पर बैठ गए ।सबसे बायें रोहन फिर रश्मि और फिर मैं यानि की राजेश। मैं आप लोगों को रोहन और रश्मि की उम्र के बारे में बता दिया अब उनके कद काठी के बारे में बता दूं ।रोहन की हाइट मेरे बराबर थी और बॉडी भी मेरे जैसी ही थी और रोहन ने नीली धारीदार शर्ट और डार्क ब्लू जीन्स पहनी थी । रश्मि की हाइट करीब 5.5फुट होगी ।और उसका फिगर था 34-32-36 । रश्मि ने सूट सलवार पहना था और हल्का मेक अप भी किया हुआ था ।
रोहन: यार हम जैसे ही यहां आये तो रश्मि डारलिंग को तुम दिखाई दिए थे ,हम दोनों ने तुमको कैम पर देखा था इसलिए ये तुझे पहचान गयी ,वैसे भी ये तुमको कैम पर न्यूड देख कर बहूत उत्तेजित हो जाती है ।
रश्मि: आप भी ना क्या बकते रहते हो , जगह भी नही देखते।
रोहन: यार राजेश मैं झूँठ नही बोल रहा पर ये तुम्हारे मस्त लण्ड की बड़ी फैन है । पिछले शनिवार को ही तो कैम देखा था उस दिन मेरी जान बहूत जोश मे थी और माँ कसम कहने लगी की यदि राजेश यहां होता तो उसको सारी रात सोने नही देती ।पूरी रात खूब (धीरे से) चुदवाती।
रश्मि: कभी तो शर्म कर लिया करो हर जगह बेशर्मी अच्छी नही लगती।
रोहन: अच्छा एक बात बताओ तुमने कैसे पहचान लिया राजेश को मैंने तो पहचाना नही मैंने भी तो कैम पर देखा था।
राजेश: यार छोड़ो ये सब , और सुनाओ फिर कैसा लगा तुमको मेरा कैम शो ।
रोहन: वो इतना मस्त था कि आज रश्मि डार्लिंग का बस में लाइव शो देखने का इरादा है।
राजेश: वो तो ठीक है पर मेरा स्लीपर नही है सीट है तो कैसे ?
रोहन : यार उसका तरीका है मेरे पास ,आप और रश्मि दोनों बस के स्लीपर में पति पत्नि बन कर जाना और आपकी सीट पर मै बैठ जाऊंगा ,बस तुम मेरी डार्लिंग को खुश कर देना और तुम अपनी टिकट मुझे दे दो और हमारी टिकट डारलिंग के वैनिटी बैग में है।
राजेश: वो तो ठीक है पर रश्मि जी अभी इतना शर्मा रही है तो फिर कैसे वो पूरा आनंद ले पाएंगी इस खेल में तो दोनों पक्षो को पूरा बेशर्म होना पड़ेगा तभी तो पूरा मजा आएगा दोनों को।
मैंने अपनी टिकट रोहन को दी इतने में बस आ गयी तो मैंने अपना बैग उठाया और मैं और रश्मि दोनों स्लीपर में चढ़ गए इस बस के स्लीपर में प्लाईवुड का दरवाजा था वैसे आमतौर पर बस के स्लीपर में पर्दे ही लगे होते है प्राइवेसी के लिए पर इस स्लीपर में प्राइवेसी की अच्छी सुविधा है और रोहन मेरी सीट पर बैठ गया ।थोड़ी देर में कंडक्टर आकर टिकट चेक करके चला गया और हमने स्लीपर की खिड़की बन्द करके पर्दे लगा दिए । मैं और रश्मि आमने सामने बैठ गए रश्मि धीरे से बोली," तुम कैम शो में मस्त सेक्सी लगते हो और आपका मस्त लण्ड तो जबरदस्त लगता है।" और रश्मि ने अपना पैर मेरे पैरों के बीच में रखा और मेरे लण्ड को पैर से पैंट के ऊपर से सहलाने लगी । मेरा पैर भी अब रश्मि की चूत के पास था तो मैंने अपने अगूंठे से रश्मि की चूत को सलवार के ऊपर से सहलाने लगा। और एक दूसरे को देख के मुसकुराने लगे। मैं मुस्कुराते हुए बोला," रश्मि जी यदि आप चाहो तो जो आपने कैम शो में देखा वो आप रियल में भी देख सकती है ।" रश्मि बोली," नेकी और पूछ पूछ ,दिखाओ न यार ,राजेश ये तुम मुझे रश्मि जी कहना बन्द करो तुम मुझे या तो रश्मि डारलिंग कह सकते हो या सिर्फ रश्मि या डार्लिंग।" और इतना सुनते ही मैंने अपने पैंट का हुक खोला तो रश्मि ने अपने पैर के अंगूठे और ऊँगली से ज़िप पकड़ के नीचे खींच दी ।और मैंने अपने कूल्हे उठा कर पैंट घुटने तक उतार दी । तो रश्मि ने अपने हाथों से पेंट पकड़ कर पूरी उतार दी ।अब मैं जॉकी में था तो रश्मि अपने पैर से मस्त लण्ड को जॉकी के ऊपर से सहलाते हुए बोली," यार इसको भी उतारो ना।" तो मैं बोला," अब आपका काम है डार्लिंग आगे का ।" तो रश्मि मुस्कुराते हुए अपने पैर के अंगूठे और ऊँगली को जॉकी की इलास्टिक में फंसा के नीचे खींचने लगी तो मस्त लण्ड के खड़े होने की वजह से नीचे नही कर पाई। तो रश्मि थोड़ी आगे खिसकी और अपने हाथों से मेरी जॉकी नीचे की मैंने कूल्हे उठाये और उसने मेरी जॉकी निकाल कर अलग रख दी और अपने पैर के अंगूठे से लण्ड को सहलाने लगी। मैं भी रश्मि की चुंचियों को सूट के ऊपर से सहलाकर बोला," डारलिंग तुम भी कैम शो में बिना कपड़ों के थी तो आज .."रश्मि मेरे लण्ड को सहलाते हुए बोली जब मैंने मस्त लण्ड को नँगा कर लिया तो तुम भी कर लो " तो मैंने रश्मि को मेरी तरफ खींचते हुए उसके सूट को उतार दिया और उसकी 34 इंच की बड़ी चुंचियों पर कसी हुई जालीदार काली ब्रा भी खोल दी। और फिर सलवार भी उतार दी और साथ ही काली जालीदार पैंटी । जैसे ही मैंने पैंटी उतार कर सूंघी तो रश्मि की चूत की खुश्बू आ रही थी और रश्मि की चूत के रस उसकी पैंटी भीगी हुई थी ,जिसे मैंने सेक्सी अंदाज में आँख मारते हुए रश्मि को दिखाते हुए चाट ली ।तो रश्मि ने मस्त लण्ड को अपने दोनों हाथों में लेके सहलाते हुए बोली," पैंटी से रस चाट रहे हो सीधे रस की कटोरी के मुँह लगा लो।" इतना सुनते ही मैंने रश्मि को पीछे की तरफ धकेल कर उसकी चिकनी साफ सुथरी बिना बालो वाली चूत पर मुँह टिका दिया तो रश्मि के मुँह से सिसकारी निकल गई मैंने अपनी जीभ की नोक से रश्मि की चूत के दाने को सहलाने लगा। और फिर धीरे धीरे जीभ से चूत के बाहरी लिप्स को चाटने लगा ।और रश्मि ने मेरे सिर के बालों में ऊँगली फिराना शुरू किया और मजे लेते हुए सिसकारी भरते हुए धीरे धीरे बोलने लगी," आहह..सी.सी..सी....राजेश बहूत मस्त चाट रहे हो ह्म्म्म....आहह...हाँ थोड़ा ऊपर की तरफ भी चाटो । ओह्ह...बहूत मजा आ रहा है ह्म्म्म....तुम मस्त चाटते हो ओह्ह.सी..सी.... हाँ मेरी कमीनी चूत के किनारों को ऐसे ही चूसो ओह्ह....आहह...ऐसा लग रहा है जैसे मैं उड़ रही हूँ आहह...चाटते रहो...।" और अपनी कमर को ऊपर उठा कर मेरे मुह पर रगड़ते हुए अपने हाथ से मेरे सिर को अपनी चूत पर दबाने लगी।और मैं अब रश्मि की चूत के किनारों को चूसते हुए उसकी चूत के दाने को भी मुँह में लेके चूसने लगा ।तो रश्मि की आहों की स्पीड बढ़ गयी। और फिर दस मिनट बाद रश्मि ने अपनी कमर को मेरे मुँह पर जोर से रगड़ते हुए बड़बड़ाने लगी," आहह....चाटो और जोर से चूसो आहह...ओह्ह...मेरी चूत साली कमीनी चूत को चूस जाओ खा जाओ आहह...मैं झड़ी ओह्ह.. मेरी चूत झड़ी।" और रश्मि ने अपने दोनों हाथों से मेरे सिर को पकड़ कर अपनी चूत पर जोर से रगड़ते हुए झड़ गई और अपनी चूत का कसैला सा नमकीन रस मुझे पिला दिया और एक दम शिथिल पड़ गई। मैंने उसकी चूत को चाट चाट कर साफ़ किया ।फिर जब मैं चूत को साफ़ करके बैठा और उसकी तरफ देखा तो मेरी तरफ मुस्कुराते हुए बोली," डार्लिंग कसम से मजा आ गया क्या चूत चाटते हो अंग अंग में मस्ती भर देते हो ।तो मैं अपने होठों पर जीभ फिराते हुए बोला," सच में रश्मि तेरी चूत बड़ी रसीली है मजा आ गया चाट के ।" अचानक बस रुकी तो देखा की चिलोड़ा बस स्टैण्ड आ गया है मैंने रश्मि से पूछा ," कुछ लेना है क्या "तो रश्मि मुस्कुराते हुए बोली, "मस्त लण्ड लेना है तेरा " फिर रश्मि ने मेरे मस्त लण्ड को देखा जो अब उसको सलामी दे रहा था ।तो मैंने रश्मि को अपने लण्ड की तरफ देखने पर कहा," ये आपसे विनती कर रहा है कि प्लीज मुझे भी अपने प्यारे और नाजुक मुख से प्यार करो।" तो रश्मि बोली," आजा मेरे योगी राजा मैं तुझे प्यार करती हूँ " और ये कहते हुए उसने अपने घुटनों पर बैठ कर झुकते हुए लण्ड को किस किया और फिर जीभ से चाटा और अपने हाथ से पकड़ कर लण्ड के टोपा को चाटने लगी ।मैंने उसकी झूलती हुई चुंचियों को दोनों हाथों से पहले सहलाया और फिर धीरे धीरे मसलने और दबाने लगा ।तो रश्मि भी मेरे लण्ड को मुँह में लेके कुल्फी की तरह चूसने लगी।अब मैंने एक हाथ से उसकी चुंची दबाते हुए दूसरे हाथ से उसके कूल्हों और गान्ड को सहलाने लगा और अपने घुटनों पर खड़ा होकर रश्मि के मुँह को चोदने लगा और फिर दोनों चुंचियों को जोर से दबाने लगा तो रश्मि भी मेरे लण्ड को डीप थ्रोट मतलब लण्ड को गले तक लेके चूसने लगी जिस से लण्ड पर रश्मि का थूक लिथड़ गया और जैसे ही रश्मि लण्ड को मुँह से बाहर निकालती थूक लण्ड से टपकने लगता ।फिर मैं रश्मि की चुंचियों को सहलाते हुए बोला," डारलिंग मेरा दिल फिर से तेरी रसीली चूत चूसने का हो रहा है ,हम दोनों 69 में हो जाते है जिस से तुम मेरा लण्ड चूसना और मैं तेरी चूत। फिर मैं लेट गया और रश्मि मेरे मुँह पर चूत टिका कर झुक गई और लण्ड को चूसने लगी।मैं सीट से पीठ लगा कर अधलेटा ही हुआ था जिस से रश्मि घुटनो पर ही झुकी हुई थी और उसकी गान्ड मेरी तरफ उठी हुई थी मैंने दोनो हाथो से उसकी गान्ड को सहलाते हुए चूत चाटने लगा ।तो मुझे सामने रश्मि की गान्ड का भूरा छेद दिखाई दिया मैंने उस पर ठेर सारा थूका और अपने हाथ की बड़ी ऊँगली को उसमे धीरे धीरे घुसाते हुए उसकी चूत चाटने लगा ।रश्मि ने ऊँगली का स्पर्श अपनी गान्ड के छेद पर पाकर गान्ड हल्की सी ढीली की और ऊँगली अंदर चली गई अब मैं उसकी गान्ड में ऊँगली करते हुए चूत चाटने लगा तो रश्मि भी गान्ड को मुँह पर हिला हिला कर लण्ड चूस रही थी फिर मैंने एक अँगूठा उसकी चूत में घुसा दिया और अब अगूंठा और ऊँगली को आपस में अंदर रगड़ते हुए अंदर बाहर करते हुए चूत चाटने लगा तो रश्मि को काफी मजा आने लगा और अब वो मेरे लण्ड को जोर से चूसते हुए उँहः आहह..करते हुए अपनी गान्ड भी हिलाने लगी और फिर अचानक उसने अपनी गान्ड मेरे मुँह से हटाई और मेरी तरफ मुड़ कर अपने वैनिटी बैग से स्ट्राबेरी फ्लेवर का मूड डॉटेड कंडोम पैकेट निकाला और फाड़ा और कंडोम निकाल कर लण्ड पर चढ़ाया और फिर मेरे लण्ड पर बैठते हुए और हाथ से लण्ड को चूत पर सेट करके लण्ड को चूत में लेके मेरे गले में बाहें डालकर मेरे होठो को चूसते हुए बोली," अब मेरी इस कमीनी चूत से रहा नही जा रहा ,अब मैं तेरे लण्ड को चोदे बिना नही छोडूंगी।और मेरे होंठों को चूसते हुए मेरे लण्ड पर उछलने लगी कि अचानक बस ने ब्रेक मारा और लण्ड रश्मि की चूत में पूरा बैठ गया और रश्मि की चुंचियाँ मेरे सीने से दब गई। देखा तो हिम्मतनगर आ गया था। मैंने रश्मि को थोड़ी देर रुकने को कहा कि बस चलने दो तो रश्मि मेरे ऊपर ही लेट गयी और मैं भी सीधा लेट गयाऔर रश्मि की चुंचियाँ मेरे सीने पर दब रही थी और रश्मि मुझ से लिपट कर मेरे होंठो को चूस रही थी । इतने में रोहन का फोन आया रश्मि के मोबाइल पर रश्मि ने उठाया और धीरे से बोली हेलो डार्लिंग तो उधर से रोहन ने पूछा क्या चल रहा है तो रश्मि मुस्कुराते हुए बोली," आहह..सी..सी...मस्त लण्ड की सवारी हो रही है । " रोहन बोला," कैसा है मस्त लण्ड ?" रश्मि बोली," आहह... कसम से बहूत टाइट है बड़ा मजा आ रहा है तुम भी आ जाओ।" रोहन बोला," ठीक है खिड़की खोलो।" रश्मि बोली," यार हम दोनों नँगे है " रोहन बोला," कुछ कपड़ा डाल लो और साइड में हो जाओ और खोलो मैं आता हूँ।" रश्मि मेरे बोली," रोहन आ रहा है कैसे खोले खिड़की?" राजेश," मेरे बैग में एक चददर रखी है मैं चददर निकाली और हम दोनों के ऊपर डाल ली ..।" वैसे खिड़की की तरफ हमारे पैर थे तो खिड़की खोल दी पर हम दोनों उसी पोजीशन में लेटे रहे। रोहन अंदर आ गया और खिड़की बन्द करके सिटकनी लगा दी । रोहन ने हम दोनों पर से चददर खींच ली तो रश्मि मेरे लण्ड पे सवार थी। रोहन ने अपनी ज़िप खोली और लण्ड निकालकर हिलाते हुए बोला ," डार्लिंग रुक क्यों गयी ,हो जाओ शुरू तुम लोगों की लाइव चुदाई देखने आया हूँ। जैसे ही बस हिम्मतनगर से चली तो रश्मि की मस्त लण्ड की सवारी शुरू हुई। रोहन भी मेरी बगल में आकर लेट गया और मेरे साथ रश्मि की चुंचियों को दबाने लगा ।और रोहन ने भी अपनी पैंट और अंडरवियर उतार दी ।और रश्मि ने रोहन के लण्ड को हाथ से हिलाते हुए मेरे लण्ड पर उछल उछल के चुदवाने लगी।मैं रश्मि की चुंचियों को चूसते हुए उसकी गान्ड को दोनों हाथों से पकड़ते हुए उसे चुदवाने में मदद कर रहा था ।रोहन अब घुटनों के बल बैठ गया और रश्मि के मुँह को अपने लण्ड पर टिका कर बोला," जाने मन मस्त लण्ड की सवारी करते हुए मेरे लण्ड की चुसाई का आनन्द लो।" तो रश्मि मस्त लण्ड की सवारी करते हुए रोहन के लण्ड को चूसने लगी और मैं और रोहन दोनों उसकी चुंचियों से खेलने लगे।
रोहन: यार देखा मेरी चुदक्कड़ बीवी को कैसे लण्ड चूसते हुए चुदवा रही है ,मैं कह रहा था कि मेरी बीवी बेड पर धमाल मचा देती है बेड पे पूरी बेशर्म होकर चुदाई का मजा लेती है मेरी ये सेक्सी डार्लिंग।
राजेश: हाँ यार मुझे तो पहले लगा की ये इतना शर्मा रही है तो कैसे चुदाई का खुल के मजा लेगी पर सच में ये बेड में पूरी रंडी बन जाती है
रश्मि मेरे लण्ड पे उछलते हुए और रोहन का लण्ड चूसते हुए मेरी तरफ नजर उठा कर मुस्कुराने लगी ।अब मैंने रश्मि की गान्ड को दोनों हाथों से पकड़ कर लण्ड से नीचे से ही जोरदार स्पीड में चोदने लगा।और उधर रोहन ने रश्मि के सिर को पकड़ कर उसके मुंह को चोदना शुरू किया ।रश्मि के मुह से गूँ गूँ गूँ... की आवाज ही आ रही थी और उसकी चूत चुदाई के मजे से गीली हो गई जिस से चूत से फच फच फच....की आवाज आ रही थी ।मेरी जोरदार चुदाई से शायद रश्मि झड़ने के कगार पर पहुंच गई थी और शायद झड़ने लगी क्योंकि रश्मि का जिस्म अकड़ने लगा और लण्ड पर चूत रस की फुहार महसूस हुई ।अब मेरा लण्ड भी उत्तेजना से फटने लगा तो मेरी चुदाई की स्पीड बढ़ गयी उधर रोहन ने रश्मि के मुँह में ही पिचकारी छोड़ना शुरू कर दिया और झड़ गया । जिसे रश्मि ने बाद में अपने रुमाल में उगल दिया और रोहन के रुमाल से मुँह पोंछते हुए बोली," राजेश डारलिंग मुझे वीर्य पीना अच्छा नही लगता पर अपनी चुंचियों पर गिराना अच्छा लगता है जब तुम झड़ने को हो तो लण्ड निकाल लेना और मेरी चुंचियों को नहला देना । " मैंने थोड़ी देर बाद रश्मि को ऊपर से हटाया और मैं घुटनो के बल बैठ गया और रश्मि मेरे लण्ड के नीचे लेट गयी और मेरे आंडो को चाटने लगी और एक हाथ से लण्ड की मुठ मारने लगीऔर मैंने रश्मि के दोनों बूब्स को मिला कर उसके बूब्स को चोदने लगा तो रश्मि ने मुठ मारना बन्द कर दिया दो मिनट में ही मेरे लण्ड ने रश्मि की चुंचियों में पिचकारी मारनी शुरू की जिस से कुछ वीर्य रश्मि की नाभि में भी भर गया। और मैं साइड में बैठ गया रोहन ने रश्मि की चुंचियों की मेरे वीर्य से मालिश की । डूंगरपुर आ गया था ।रात के 1 बज गए थे बस एक ढाबे पर रुकी खाने के लिए तो रोहन बोला ,चलो यार खाना खा लेते है हल्का सा फिर मैं नीचे सीट पर आराम करूँगा ।तुम चाहो तो चुदाई का मजा लेना ।" रश्मि बोली," ठीक है राजेश खाने के बाद अगले राउंड करेंगे ,चलो अब कुछ खा लेते हैं चुदाई के बाद वैसे भी भूख बहूत लगती है ।" और हम दोनों को किस किया ।उधर बाहर कन्डक्टर भी लोगों से कह रहा था कि बस आधा घण्टा रुकेगी जिसे खाना खाना है खा सकता है । हम लोगों ने कपड़े पहने और पहले रोहन नीचे उतरा और रश्मि ने मुझे एक बार फिर किस किया और मस्त लण्ड को पकड़ कर धन्यवाद बोला और कहा कि अगली चुदाई के लिए तैयार हो जाओ ।और नीचे उतर गई सबसे आखिर में मैं उतरा तो रोहन ने एक कोने की टेबल पर बैठ गया और खाना भी ऑर्डर कर दिया । हहमने खाना खाया और पानी की दो बिसलेरी की बोतल ली और बिल रोहन ने भरा और रोहन रश्मि से बोला," तुम चलो हम आ रहे है ।" रश्मि बोली," मुझे पेशाब करना है " तो मैं और रोहन उसको लेडीज टॉयलेट ले गए रश्मि टॉयलेट मे घुस गई हम दोनों बाहर थे तो रोहन ने मुझे 6000रुपये दिए और बोला ,यार सच में बड़ा मस्त लण्ड है तेरा और चोदता भी मस्त है सुबह तक रश्मि की इतनी चुदाई कर की जयपुर से दिल्ली तक तक के सोती ही जाये।" मैंने रुपये पॉकेट में रख लिए इतने में रश्मि टॉयलेट से बाहर आ गयी और हम बस में आ गए रोहन मेरी सीट पर बैठ गया और मैं और रश्मि स्लीपर में चढ़ गए। बस में चढ़ते ही रश्मि ऑफ मैं दोनों नँगे हो गए और फिर से एक दूसरे से चिपक गये और फिर 69 में आ गए और फिर मैंने रश्मि को घोड़ी बना कर चोदना शुरू कर दिया और फिर हमने जयपुर तक तीन बार चुदाई की जिसमे दो बार रात में और एक बार सुबह 7 बजे। सवा नौ बजे हम लोग जयपुर पहुंचे । रश्मि ने लास्ट में किस करके धीरे से कान में बोला," तेरा ये मस्त लण्ड है बहूत दमदार मजा आ गया वैसे तुम्हारे मस्त लण्ड का नाम नारी सेवक होना चाहिए ।" मैं बोला," इसका नाम मस्त लण्ड भी आपकी जैसी एक छमिया ने रखा है अब बार बार नाम नही बदलना है वैसे नारी सेवक तो ये है हु आपकी भी तो सेवा की है ।" फिर रोहन और रश्मि ने मुझे साथ में दिल्ली चलने को कहा और बोले की दो दिन हम लोगो के साथ रुकना फुल मस्ती करेंगे और तुम्हारा चार्ज भी देंगे ।पर अगले दिन राखी थी इस वजह से मैंने जाने से इंकार कर दिया तो उन लोगो ने मुझे फिर मिलने का वादा किया और वो लोग दिल्ली चले गए और मैं बयाना अपने घर आ गया ।उसके बाद उन लोगों से एक बार दिल्ली में ही मिला उनके बुलाने पर ।उस घटना के बारे में मैं आपको फिर बताऊंगा ।आपको मेरा अनुभव या कहानी कैसी लगी जरूर लिखना और जो कपल मेरे साथ मस्ती करना चाहें वो भी लिखे उम्र मेरे लिए कोई मायने नही रखती पर आपको मेरे आने जाने और रहने का बंदोबस्त करना होगा और मेरी प्राइवेसी सुरक्षित रखनी होगी । मेरे सभी पाठक पाठिकाओं को मेरा दुआ सलाम , कहानी में हुई किसी भी लेखन त्रुटि के लिए मुझे क्षमा करना और आप मुझसे फेसबुक पर भी जुड़ सकते हो और मुझे मेल कर सकते हो मेरा इ मेल आई डी है rajedhbull30@gmail.com, rajeshbull30@gmai.com
8年前